Submit your post

Follow Us

विद्या बालन की 'शेरनी' के ट्रेलर की ये ख़ास बातें नोट की क्या?

विद्या बालन की नई फ़िल्म ‘शेरनी’ का ट्रेलर आया है. ट्रेलर में वो अपने पिछले किरदारों से एकदम अलग अवतार में दिख रही हैं. क्या है अमेज़न की इस नई ‘शेरनी’ की ख़ास बातें, आइये जानते हैं.

#कहानी Sherni की

किसी इलाके के जंगल में टाइगर का आतंक बढ़ रहा है. आए दिन टाइगर पास के गांव के लोगों को ले जाकर मार रहा है. ऐसे में महिला फ़ॉरेस्ट अफ़सर विद्या बालन के किरदार का ट्रांसफ़र इस जंगल में होता है. लेकिन यहां विद्या को सिर्फ जानवरों से नहीं जूझना है. बल्कि साथी अफ़सरों की लो लेवल पुरुषवादी सोच से भी भिड़ना है. जो हर पल उसे कम आंक रही है. महिला अफ़सर के आने पर बाकी के स्टाफ़ में खुसर-पुसर शुरू हो जाती है. इधर गांव वाले एक के बाद एक टाइगर द्वारा की जा रही हत्या से परेशान हैं. उनका ये गुस्सा फ़ॉरेस्ट डिपार्टमेंट के अधिकारीयों पर फूट पड़ता है. भीड़ मिलकर स्टाफ़ की गाड़ियां जला देती है. कुछ दिनों बाद एक टाइगर को मार गिरा दिया जाता है. लेकिन अब नए सवाल उठ खड़े होते हैं. क्या मारा गया टाइगर वाकई आदमखोर था, या उसे सिर्फ प्रमोशन पाने और भीड़ का गुस्सा शांत करने के लिए बलि चढ़ा दिया गया है. ऐसे ही अनेकों सवालों के साथ ‘शेरनी’ का ट्रेलर समाप्त होता है.

#क्या है Sherni की ख़ास बातें

फ्रेश. आज के टाइम पर सबसे दुर्लभ चीज़ है ‘फ्रेश कंटेंट’. यूपी बैकड्राप, माफ़ियाबाज़ी, उड़ती कारों के बिना कुछ आता है, तो मुझे पहले ही 50 परसेंट इंटरेस्ट आ जाता है. ‘शेरनी’ में पहली बार हमें फ़ॉरेस्ट डिपार्टमेंट ग्राउंड लेवल पर कैसे काम करता है, ये देखने को मिलेगा. वो भी महीन बारीकियों के साथ. फ़िल्म का चित्रण बहुत वास्तविक लग रहा है. कुछ फ़िल्मी नहीं लग रहा है. और फ़िल्म का फ़िल्मी ना लगना ही सबसे महत्वपूर्ण होता है.

बाकी राकेश हरिदास की सिनेमैटोग्राफी ट्रेलर में दिखे कुछ सीन्स में अच्छी दिख रही है. हालांकि इसका श्रेय मध्यप्रदेश के बालाघाट के जंगलों की प्राकृतिक खूबसूरती को भी जाता है, जहां इस फ़िल्म का ज्यादातर हिस्सा शूट हुआ है. जंगलों, रेगिस्तानों की ख़ास बात यही है. किसी भी एंगल से कैमरा पैन करो, बेहतरीन शॉट निकल ही आता है. रोमांच के लिए रखा गया ‘बंदिश प्रोजेक्ट’ बैंड का ‘बंदरबांट’ गाना फ़िल्म की थीम के साथ अच्छा एडजस्ट होता है. फ़िल्म में स्पेशल इफेक्ट्स और VFX भी फ़िल्म को बेहतरीन बनाने में योगदान दे रहे हैं.

'शेरनी' का मनमोहक सीन.
‘शेरनी’ का मनमोहक सीन.

#कौन-कौन है

‘शेरनी’ की कास्ट फुल डायमंड स्टडेड है. महिला फ़ॉरेस्ट अफ़सर के रोल में हैं विद्या बालन. विद्या फ़िल्म में नॉन-ग्लैमरस लुक में हैं. उन्हें इस रोल में देख कहीं से भी बनावट का अहसास नहीं होता. वो बाकी फ़िल्मों की मुख्य फीमेल लीड की तरह एविएटर लगाकर सिक्स पैक में एकदम स्क्रीन पर सबको डोमिनेट करने पर उतारू नहीं है. वो बस हैं. जैसे सब हैं. जैसे सब होते हैं असल में. साथ में हैं शरत सक्सेना. वो इस फ़िल्म में साथी अफ़सर का रोल निभा रहे हैं, जो मेल ईगो से भरा हुआ गुमानी व्यक्ति है. इस रोल के लिए शरत जी की कास्टिंग अच्छी है. यही समय है उन्हें विलन के राइट हैण्ड, या पिता, ताया के रोल से निकल कर इस तरीके के किरदार करने चाहिए. इन्हीं के साथ ट्रेलर में दिखते हैं पिछली बार ‘पाताल लोक’ में दिखे नीरज कबी. फ़िल्म में विजय राज भी हैं. जो ट्रेलर से लग रहा है शायद गांव वाले के किरदार में हैं. इनके अलावा गोपाल दत्त, ब्रिजेन्द्र काला, ईला अरुण जैसे उम्दा कलाकारों की भी ट्रेलर में झलक मिलती है.

बड़े टाइम बाद एक ही फ़िल्म में इतने सारे धुरंधर एक साथ देखने को मिलेंगे.
बड़े टाइम बाद एक ही फ़िल्म में इतने सारे धुरंधर एक साथ देखने को मिलेंगे.

#राइटर-डायरेक्टर

‘शेरनी’ की स्क्रिप्ट लिखी है आस्था टिकू ने. और डायलाग हैं यशस्वी मिश्रा के. ये फ़िल्म इन दोनों का पहला राइटिंग प्रोजेक्ट है. इससे पहले यशस्वी ‘संदीप और पिंकी फ़रार’, ‘लस्ट स्टोरीज़’ जैसी फिल्मों में बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर काम कर चुके हैं. ‘शेरनी’ को डायरेक्ट किया है भारत की ओर से ऑस्कर के लिए भेजी गई ‘न्यूटन’ के लेखक और निर्माता अमित मसुरकर ने. ‘शेरनी’ को एडिट किया है दीपिका कालरा ने. दीपिका इससे पहले ‘उड़ान’, ‘लुटेरा’ जैसी फ़िल्मों में शानदार एडिटिंग का नमूना दिखा चुकी हैं.

वैसे तो फ़िल्म को काल्पनिक बताया जा रहा है. लेकिन फ़िल्म 2018 में अवनि (टी1) नाम की शेरनी के हत्याकांड से प्रेरित लगती है. इस शेरनी पर महाराष्ट्र के जंगल के पास के 13 गांव वालों को मारने का आरोप लगा था. जिसके बाद सुप्रीमकोर्ट ने शेरनी को मारने के आदेश दे दिए थे. 2018 में अवनि शेरनी को उसके 10 महीने के छोटे कब्स के सामने मार गिराया गया था. इस हत्या का एनिमल वेलफेयर और कुछ नेताओं ने कड़ा विरोध किया था. उनके अनुसार अवनि को सिर्फ इनाम और प्रमोशन के लालच में मारा गया था. अवनि के पोस्टमार्टम में पेट में इंसानी गोश्त का कोई नामोनिशान नहीं मिला था.

#कब और कहां आएगी Sherni

‘शेरनी’ 18 जून को अमेज़न के जंगलों में यानी प्राइम वीडियो पर आ जाएगी. फ़िल्म हिंदी भाषा में होगी. गैरहिंदी भाषी लोगों के लिए अंग्रेज़ी सबटाइटल्स के साथ उपलब्ध रहेगी.


ये स्टोरी दी लल्लनटॉप में इंटर्नशिप कर रहे शुभम ने लिखी है.


वीडियो:’ये रिश्ता क्या कहलाता है’ के एक्टर करन मेहरा पर पत्नी निशा रावल ने क्या संगीन आरोप लगाए?

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

10 नंबरी

इबारत : जवाहर लाल नेहरू की वो 15 बातें, जो देश को कभी नहीं भूलनी चाहिए

इबारत : जवाहर लाल नेहरू की वो 15 बातें, जो देश को कभी नहीं भूलनी चाहिए

'दीवारों से तस्वीरें बदलकर इतिहास नहीं बदला जा सकता'.

मई-जून में आने वाली इन 13 फिल्मों और वेब सीरीज़ पर नज़र रखिएगा!

मई-जून में आने वाली इन 13 फिल्मों और वेब सीरीज़ पर नज़र रखिएगा!

काफी डिले के बाद 'द फैमिली मैन' का दूसरा सीज़न भी रिलीज़ हो रहा है.

शरद जोशी की वो 10 बातें, जिनके बिना व्यंग्य अधूरा है

शरद जोशी की वो 10 बातें, जिनके बिना व्यंग्य अधूरा है

आज शरद जोशी का जन्मदिन है.

जूनियर एनटीआर की 10 जाबड़ फिल्में, जिन्होंने बॉक्स ऑफिस पर गदर मचा दिया

जूनियर एनटीआर की 10 जाबड़ फिल्में, जिन्होंने बॉक्स ऑफिस पर गदर मचा दिया

आज यानी 20 मई को जूनियर एनटीआर का 38वां जन्मदिन है.

अंतिम संस्कार जैसे सब्जेक्ट पर बनी ये 7 कमाल की फिल्में, जो आपको जरूर देखनी चाहिए

अंतिम संस्कार जैसे सब्जेक्ट पर बनी ये 7 कमाल की फिल्में, जो आपको जरूर देखनी चाहिए

सत्यजीत राय से लेकर मृणाल सेन जैसे दिग्गजों की फिल्में शामिल हैं.

आर.के. नारायण, जिनका 'मालगुडी डेज़' देख मन में अलग धुन बजने लगती थी

आर.के. नारायण, जिनका 'मालगुडी डेज़' देख मन में अलग धुन बजने लगती थी

स्वामी और उसके दोस्तों को देखते ही बचपन याद आता है.

TVF Aspirants के पांचों किरदारों की वो बातें, जो सीरीज़ में दिखीं पर आप नोटिस न कर पाए

TVF Aspirants के पांचों किरदारों की वो बातें, जो सीरीज़ में दिखीं पर आप नोटिस न कर पाए

SK, अभिलाष और गुरी तो ठीक हैं, मगर असली कहर संदीप भैया ने बरपाया है.

मंटो की वो 15 बातें, जो ज़िंदगी भर काम आएंगी

मंटो की वो 15 बातें, जो ज़िंदगी भर काम आएंगी

धर्म से लेकर इंसानियत तक, सब पर सब कुछ कहा है मंटो ने.

महाराणा प्रताप के 7 किस्से: जब वफादार मुसलमान ने बचाई उनकी जान

महाराणा प्रताप के 7 किस्से: जब वफादार मुसलमान ने बचाई उनकी जान

9 मई, 1540 को पैदा होने वाले महाराणा प्रताप की मौत 29 जनवरी, 1597 को हुई.

आपकी मम्मी का फेवरेट डायलॉग कौन सा है?

आपकी मम्मी का फेवरेट डायलॉग कौन सा है?

आने दो पापा को या आग लगे इस मोबाइल को?