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PM मोदी इज़रायल क्यों गए, जानिए वो बातें जो गूगल भी नहीं बताएगा

एक साल आगे-पीछे आज़ाद हुए भारत-इज़रायल शुरुआत में दोस्ती करने से कुछ हिचके. किसी छोटे शहर के प्रेमियों की तरह छुप-छुप कर मिलते थे कि किसी को पता न चल जाए. कभी किसी मंत्री को भेज दिया, कभी किसी अफसर को. लेकिन फिर साल 1992 आया और भारत ने इज़रायल से खुल्लम-खुल्ला दोस्ती कर ली. इज़रायल में दूतावास खोल लिया. तब से लेकर भारत ने इज़रायल के साथ रक्षा, खेती और वॉटर मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में लगातार साझेदारी बढ़ाई है. इस साल साझेदारी को नई उंचाई मिली, क्योंकि जुलाई में भारत के इतिहास में पहली बार कोई प्रधानमंत्री इज़रायल की आधिकारिक यात्रा पर गया.

प्रधानमंत्री की इज़रायल यात्रा का एजेंडा तय था. वो गूगल पर उपलब्ध भी था. लेकिन दी लल्लनटॉप लेकर आया है भारत-इज़रायल के पांच वो कनेक्शन जो आप नहीं जानते होंगेः

#1. हीरा है सदा के लिए

फोटोःरॉयटर्स
फोटोःरॉयटर्स

दुनिया में हीरे के कारोबार का केंद्र एम्सटरडैम है. और एम्सटरडैम में हीरा कारोबार पर राज करते हैं यहूदी. और इस बात का इतिहास बहुत पुराना है, इज़रायल बनने से भी पुराना. इज़रायल बनने के बाद एम्सटरडैम वाले यहूदी हीरा व्यापारियों ने अपना काफी कारोबार इज़रायल में शिफ्ट किया. इज़रायल से चलने वाले हीरा व्यापार की अपने यहां के सूरत के व्यापारियों से खूब बनती है. कारोबार में साझेदारी इतनी है कि इज़रायल के सबसे बड़े हीरा मार्केट में सबसे बड़ा विदेशी बैंक है एसबीआई. माने अपने यहां का भारतीय स्टेट बैंक.

इज़रायल में एसबीआई की शाखा
इज़रायल में एसबीआई की शाखा

#2. साथ – लड़ाई में भी, पढ़ाई में भी

इज़रायल के साथ रक्षा संबंधों की बहुत बात होती है. इज़रायल कहता रहा है कि आतंक के विरुद्ध लड़ाई में वो भारत के साथ है. लेकिन इज़रायल पढ़ाई में भी भारत का उतना ही साथ देता है. इज़रायल और भारत के बीच बड़े पैमाने पर स्टूडेंट इंटरऐक्शन होता है. वहां की सरकार भारतीय छात्रों के लिए खास स्कॉलरशिप चलाती है. इसमें पढ़ने के साथ रहने खाने का भी पैसा मिलता है. इंजीनियरिंग पढ़ना चाहें या आर्ट्स, हर तरह की पढ़ाई के लिए स्कॉलरशिप मिलती है.

फोटोः इज़रायल-इंडिया बिज़नेस
फोटोः इज़रायल-इंडिया बिज़नेस

#3. यहां हिब्रू, वहां हिंदी

इज़रायल में सभी नागरिकों के लिए कम्पलसरी सैन्य सेवा होती है, जिसके बाद कुछ ही लोग फौज में टिकते हैं, बाकी लोग वापस सिविलियन ज़िंदगी में लौट जाते हैं. इतना तो सब जानते हैं. लेकिन ये कम लोग जानते हैं कि फौज में नहीं रुकने वाले लोग फिर क्या करते हैं. ये लोग दुनिया घूमने निकलते हैं. ज़्यादातर लोग या तो साउथ अफ्रीका जाते हैं, या तो भारत. भारत में इनकी फेवरेट जगहें हैं राजस्थान और हिमाचल प्रदेश. राजस्थान के पुश्कर और हिमाचल के रोहतांग में ऐसे रेस्टोरेंट मिल जाएंगे, जहां मेन्यू की एक कॉपी हिब्रू में भी होती है.

इज़रायल में भारतीय खाना खूब पसंद किया जाता है (फोटोःट्रिप एडवाइज़र)
इज़रायल में भारतीय खाना खूब पसंद किया जाता है (फोटोःट्रिप एडवाइज़र)

ये लोग जब वापस जाते हैं, तो हिंदुस्तान की यादें साथ ले जाते हैं. और नॉस्टैल्जिया को ज़ोर देखिए कि इस चलन ने इज़रायल में एक पूरी पीढ़ी तैयार कर दी है जो भारत के टीवी सीरियल देखने की आदी है. वहां हिंदी टीवी सीरियल हिब्रू सबटाइटल के साथ देखे जाते हैं.

#4. इज़रायल की इफ्तार पार्टी नखलऊ में

इज़रायल अरब देशों से घिरा हुआ है जिनसे उसकी बनती नहीं. अरब ज़्यादातर मुसलमान होते हैं. तो कहने वाले कहते हैं कि इज़रायल और दुनिया के मुसलमानों की बनती नहीं. लेकिन इज़रायल की सरकार का मानना है कि भारतीय मुसलमान दुनिया के मुसलमानों से हटकर हैं (मसलन भारत में कट्टर इस्लाम का नाम नहीं है). तो वो उन्हें रिझाने में कोई कसर नहीं छोड़ती. इज़रायल का दूतावास रमज़ान के महीने में भारत के अलग-अलग शहरों में इफ्तार पार्टियां आयोजित करता रहता है. लखनऊ, बैंगलुरु और हैदराबाद में इस तरह की इफ्तार पार्टियां होती रही हैं.

इज़रायल की इफ्तार पार्टी बैंगलोर में. (फोटोःट्विटर)
इज़रायल की इफ्तार पार्टी बैंगलोर में. (फोटोःट्विटर)

#5. वो भारतीय कबीला जो इज़रायल में बस गया

इज़रायल दुनिया भर के यहूदियों का खुले दिल से स्वागत करता है. तो भारत से भी कई यहूदी वहां जाकर बसे हैं. लेकिन मेनाशे जनजाति के जैसे किस्से दुर्लभ हैं. इस जनजाति के लोगों को इज़रायल टेन लॉस्ट ट्राइब्स में से एक मानता है. इज़रायल के चीफ रब्बी (धर्मगुरु) ने 2005 में इस दावे का ऐलान किया. तो इज़रायल की सरकार ने इन्हें वहां बसाने की पेशकश की. इज़रायल में इनहें बेई मेनाशे कहा जाता है. इज़रायल की पेशकश पर इस ट्राइब के लोग काफी संख्या में इज़रायल जाकर बस गए हैं.

इज़रायल के गृहमंत्री मेनाशे कबीले के लोगों का इज़रायल में स्वागत करते हुए
इज़रायल के गृहमंत्री मेनाशे कबीले के लोगों का इज़रायल में स्वागत करते हुए (फोटोः हारेट्ज़ डाट कॉम)

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