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सैमसंग ने वो कर दिखाया है, जो करना सब चाहते हैं, लेकिन कर नहीं पाते!

एक बड़ा-सा टैबलेट, जो तह होकर फ़ोन जितना बन जाता है. एक फ़ोन है, जो तह होकर उसका भी आधा रह जाता है. 2020 में कोई अच्छी चीज़ हुई हो या ना हुई हो, फ़ोल्ड होने वाली डिवाइस के लिए तो ये बढ़िया साल है. पिछले साल फ़ोल्डेबल फ़ोन कॉन्सेप्ट डिवाइस की तरह आए थे. कॉन्सेप्ट था, इसलिए कमियां भी बहुत थीं. मगर इस साल लगता है कि गाड़ी पटरी पर है.

सैमसंग ने हाल में अपना नया गैलक्सी Z फोल्ड 2 (Galaxy Z Fold 2) डिवाइस लॉन्च किया. मगर हैरत की बात ये रही कि पिछला फ़ोन जितना गरियाया गया था, इस वाले के हिस्से में उतनी ही तारीफ़ें आ रही हैं. इसने काफ़ी सारी चीजों को सुधारा है. साथ ही पिछले वाले डिवाइस की तुलना में थोड़ा सस्ता भी है. इससे पहले हम गैलक्सी Z फ़ोल्ड 2 की बात शुरू करें, पहले एक नज़र अलग-अलग टाइप के मुड़ने-तुड़ने वाले फ़ोन या टैबलेट पर डाल लेते हैं.

फ़ोल्ड एक, रूप अनेक

आज के टाइम में लगभग हर फ़ोन कंपनी फ़ोल्डेबल यानी फ़ोल्ड होने वाले फ़ोन या टैबलेट बना रही है. जहां ज्यादातर अभी कॉन्सेप्ट स्टेज पर हैं, मोटोरोला और सैमसंग जैसी कंपनियों ने एक-आध फ़ोन निकाल भी दिए हैं. हां बस इनको खरीदने के लिए आपको लाख-डेढ़ लाख रुपये खर्च करने पड़ेंगे. वैसे जानकारी के लिए बता दें कि अगर आप दिल्ली में 1 लाख रुपये के आलू खरीदेंगे तो 25 क्विन्टल मिलेंगे. दिन-रात सिर्फ आलू ही खाएंगे तो लगभग 5 साल चलेंगे. इतने सारे आलू को खराब होने से कैसे बचाना है, वो आप खुद देख लें. वैसे भी कौन खुद के खाने के लिए 25 क्विन्टल आलू खरीदता है?

Royole Flexpai (रोयाल फ्लेक्सपाई)

Lt Royal Flexpie
Royole Flexpai

एक दफ़्ती लीजिए. अब इसको बीच से मोड़कर दोनों सिरे आपस में मिला दीजिए. बस बीच का हिस्सा टूटने ना पाए. अब यही लचीली दफ़्ती अगर लचीली स्क्रीन बन जाए तो आपको मिल जाएगा रोयाल फ्लेक्सपाई. कहने को तो ये दुनिया का पहला फ़ोल्डेबल डिवाइस है, मगर इसके बारे में इससे ज़्यादा और कुछ कहा भी नहीं जा सकता. क्योंकि इसको बनाने के पीछे शायद बस यही एक मक़सद था. टेक कम्यूनिटी में ये किसी को भी पसंद नहीं आया. सबने यही पूछा, “इसके होने का पॉइंट क्या है? इसको इस्तेमाल कैसे करना है? इस तरह से फ़ोल्ड होकर ना ये जेब में आएगा और ना ही इसकी स्क्रीन ज़्यादा टाइम ज़िंदा बचेगी.”

Huawei Mate X/Xs (हुआवे मेट X और मेट Xs)

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Huawei Mate Xs (फ़ोटो: हुआवे)

अगर आसानी के नजरिए से देखा जाए तो हुआवे की मेट सीरीज़ के फ़ोल्डेबल डिवाइस बड़े सटीक दिखते हैं. सीधा रखने पर ये टैबलेट जैसा दिखता है और फ़ोल्ड करने पर इसकी डिस्प्ले का एक हिस्सा पीछे चला जाता है और ये स्मार्टफ़ोन जैसा बन जाता है. इसमें फ्रन्ट और बैक कैमरा का कोई खेल ही नहीं है. जब फ़ोन बंद होता है तो इसके दोनों तरफ स्क्रीन होती है. और एक ही कैमरा सेन्सर को फ्रन्ट और बैक दोनों तरह से इस्तेमाल किया जा सकता है. हालांकि स्क्रीन हमेशा बाहर की तरफ़ होने से इसकी सेफ़्टी पर सवाल उठते हैं.

LG G8X ThinQ

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LG G8x Thinq

फ़ोन के फ़्लिप कवर याद हैं? वही जो आपके फ़ोन को पूरा घेर लेते थे. पीछे की तरफ बैक कवर होता था और सामने एक पैनल, जो डिस्प्ले को छुपा लेता था. अब इसी सामने वाले पैनल में अगर आप एक एक्स्ट्रा स्क्रीन फिट कर दें तो आपको LG G8X ThinQ मिल जाएगा. ये फ़ोन वैसे तो फ़ोल्डेबल डिवाइस नहीं है, बस इसमें फ़्लिप कवर वाली स्क्रीन जोड़कर फ़ोल्डेबल बनाया जा सकता है.

Microsoft Surface Duo (माइक्रोसॉफ़्ट सरफ़ेस डूओ)

माइक्रोसॉफ़्ट के सरफ़ेस डूओ में ऐसा हिन्ज लगा है, जो पूरा-पूरा 360 डिग्री घूम जाता है. डिवाइस में दो पतली-पतली स्क्रीन लगी हैं, जिनको आप बंद करके रख सकते हैं, किताब की तरह खोलकर इस्तेमाल कर सकते हैं, लैपटॉप की तरह बनाकर चला सकते हैं. इसके साथ ही आप इसे टेंट की तरह बनाकर या फिर पूरा घुमाकर फ़ोन की तरह भी इस्तेमाल कर सकते हैं. जब ये पूरा घूम जाता है तो एक स्क्रीन बंद हो जाती है. मगर सरफ़ेस के कैमरा, बड़ी-सी चिन और चौड़ा साइज़ इसके नेगटिव पॉइंट हैं.

Moto Razr 2019 & 2020 (मोटो रेज़र 2019 और रेज़र 2020)

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Moto Razr 2019 (फ़ोटो: मोटोरोला)

पुराने टाइम में मोटोरोला का एक आइकॉनिक फ़्लिपफ़ोन हुआ करता था. मोटो रेज़र. बस उसी को मॉडल बनाकर मोटोरोला ने वैसा ही फ़्लिपफ़ोन बना डाला. बस इस बार ये एक स्मार्टफ़ोन था और अंदर एक फ़ोल्ड होने वाली डिस्प्ले लगी थी, जो मुड़कर बंद हो जाती थी. ये काफ़ी हद तक कॉन्सेप्ट स्मार्टफ़ोन जैसा ही था क्योंकि ना तो इसमें बेहतर प्रोसेसर था और ना ही बढ़िया कैमरा. ऊपर से बैटरी भी बहुत छोटी सी थी.

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Moto Razr 2020 (फ़ोटो: मोटोरोला)

इस साल रेज़र का नया मॉडल आया, जिसमें पहले की तुलना में बेहतर कैमरा और बेहतर हिन्ज हैं. हालांकि रिव्यू करने वालों का कहना है कि इसका कैमरा अब भी इतना बेहतर नहीं है. नए मॉडल में जो बाहरी स्क्रीन है, उसे थोड़ा बड़ा कर दिया गया है, जो काफ़ी काम का लग रहा है.

Samsung Galaxy Fold (सैमसंग गैलक्सी फ़ोल्ड)

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Samsung Galaxy Fold (फ़ोटो: सैमसंग)

सैमसंग का पहला फ़ोल्ड होने वाला डिवाइस गैलक्सी फ़ोल्ड था. ये एक टैबलेट जैसा डिवाइस था, जो बंद होकर मोटा-सा फ़ोन बन जाता था. इस डिवाइस में अंदर की तरफ़ कैमरा थे, पीछे कैमरा थे और सामने भी एक कैमरा. इसके साथ ही मोटोरोला के रेज़र की तरह बाहर की तरफ भी एक छोटी-सी स्क्रीन थी. लॉन्च होने से पहले ही फ़ोल्ड की डिस्प्ले में कुछ दिक्कत आ गई. सैमसंग ने फिर से इस पर काम किया और आखिरकार पिछले साल इसे लॉन्च किया.

Samsung Galaxy Z Flip (सैमसंग गैलक्सी Z फ़्लिप)

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Samsung Galaxy Z Flip (फ़ोटो: सैमसंग)

सैमसंग ने एक और फ़ोल्ड डिवाइस बनाया. इसका नाम था गैलक्सी Z फ़्लिप. ये काफ़ी हद तक मोटोरोला रेज़र जैसा था. गैलक्सी Z फ़्लिप एक फ़ोल्ड होने वाला स्मार्टफ़ोन है, जिसको तह करके और भी छोटा बनाया जा सकता है.

दूर की कौड़ी

इन सबके अलावा शाओमी और ऑप्पो भी काफ़ी टाइम से अपने-अपने फ़ोल्ड होने वाले डिवाइस पर काम कर रहे हैं. काफ़ी टाइम पहले शाओमी ने अपना फ़ोल्ड होने वाला फ़ोन एक टीज़र में दिखाया था. इसकी स्क्रीन दो जगह से मुड़कर पीछे की तरफ जाती है. इससे एक ऐसा फ़ोन बन जाता है, जिसमें दोनों तरफ स्क्रीन ही स्क्रीन हैं. वीडियो में ये पता चल रहा है कि ये सिर्फ अभी एक प्रोटोटाइप डिवाइस है. और इस पर अभी बहुत सारा काम होना बाक़ी है.

शाओमी की तरह ऑप्पो ने भी अभी सिर्फ अपने फ़ोल्ड फ़ोन का प्रोटोटाइप ही दिखाया है. इसने जो पेटेंट फाइल किये हैं, उनमें भी इसके फ़ोल्ड फोन का डिजाइन नज़र आया है. ये कुछ-कुछ हुआवे मेट X जैसा ही दिख रहा है.

TCL नाम की कंपनी ने भी दो-दो कॉन्सेप्ट दिखाए हैं, जिनमें से एक स्लाइडिंग स्क्रीन वाला फ़ोन है. इसमें दोनों तरफ से खींचकर स्क्रीन बढ़ाई जा सकती है. इस्तेमाल करने के बाद खिसकाकर वापस अंदर कर सकते हैं. वैसे ही जैसे, दुकान का शटर काम करता है. TCL का दूसरा कॉन्सेप्ट ट्राइफ़ोल्ड डिवाइस का है, जिसमें फ़ोन दो जगह से मुड़ सकता है. ये तो बिल्कुल तीन तह वाले जेंट्स वॉलेट जैसा हो गया.

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TCL sliding phone. (फ़ोटो: TCL)

सैमसंग गैलक्सी Z फ़ोल्ड 2

अब आते हैं सैमसंग गैलक्सी Z फ़ोल्ड 2 पर. तो पहला फ़ोल्ड 1,64,999 रुपये का था. नया वाला भी लाख के ऊपर ही है, लेकिन कीमत 1,49,999 रुपये है. भरी जेब वाले लोग इसको आज, यानी 14 सितंबर से प्री-ऑर्डर कर सकते हैं. सैमसंग ने ये तो नहीं बताया कि कब से ये मार्केट में आएगा, मगर हमें इसकी बिक्री में नहीं, इसने क्या-क्या इम्प्रूव्मेन्ट किये हैं, इसमें इंट्रेस्ट है.

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Samsung Galaxy Z Fold 2 (फ़ोटो: सैमसंग)

एक फ़ोल्डेबल डिवाइस में सबसे अहम चीजें कौन-सी होती हैं? उसकी फ़ोल्ड होने वाली स्क्रीन और उसका हिन्ज. हिन्ज यानी वो सिर, जहां से डिवाइस मुड़ता है. दरवाज़े का किवाड़ भी हिन्ज के सहारे ही खुलता और बंद होता है. पहले तो बात करते हैं स्क्रीन की. पहले गैलक्सी फ़ोल्ड की स्क्रीन में सैमसंग ने एक पतली पॉलीमर की लेयर इस्तेमाल की थी. यानी डिस्प्ले प्लास्टिक जैसी फ़ील होती थी. मगर नए वाले फ़ोल्ड में अल्ट्रा-थिन ग्लास का इस्तेमाल हुआ है. मतलब एक बहुत ही पतला सा ग्लास. इतना पतला कि बीच से मुड़ जाता है, मगर टूटता नहीं.

अब तक जितने भी रिव्यू गैलक्सी Z फ़ोल्ड 2 के आए हैं, उनके मुताबिक़ नए फ़ोल्ड में जो हिन्ज लगा है, वो पहले वाले डिवाइस से कई कदम आगे है. एक तो ये अब किसी भी ऐंगल पर रुक जाता है. दूसरी बात ये कि इसका मेकनिज़्म पिछले वाले की तुलना में ज़्यादा मज़बूत लग रहा है. अगर पहले वाले को ऑटो रिक्शा मान लें तो नया वाला हॉन्डा सिटी लगेगा.

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Galaxy Z Fold 2 (फ़ोटो: सैमसंग)

इसके साथ ही बाहर वाली स्क्रीन नए फ़ोल्ड में काफ़ी बड़ी है. इसको एक नॉर्मल फ़ोन की स्क्रीन की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है. अंदर वाली स्क्रीन पर भारी नॉच नहीं है. बस एक पंचहोल कैमरा वाला छेद है. और हां ये वाली स्क्रीन 120 Hz रिफ्रेश रेट के साथ आती है. फ़ोन का मॉडल भी काफ़ी कुछ गैलक्सी नोट 20 सीरीज़ जैसा है. फ़ोल्ड 2 के कैमरा को भी अच्छा रेस्पॉन्स मिला है.

अगर सारी चीजों का निचोड़ निकाला जाए तो साफ़ सीधी बात ये निकलती है कि सैमसंग का Z फ़ोल्ड 2 लगभग वैसा ही डिवाइस बनने के कगार पर है, जैसा सारी कंपनियां बनाना चाह रही हैं. रही बात हमारी राय की, तो वो तब ही आएगी, जब गैलक्सी Z फ़ोल्ड 2 लल्लनटॉप के अंगने में आएगा.


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