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'सांड की आंख' टीज़र: दो बुजुर्ग शार्पशूटर्स के रोल में तापसी और भूमि को देखकर फील आ जाता है

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मनमर्ज़ियां के बाद एक बार फिर से तापसी पन्नू और अनुराग कश्यप साथ काम कर रहे हैं. लेकिन फिल्म के डायरेक्टर अनुराग नहीं हैं और तापसी फिल्म की अकेली लीड एक्ट्रेस नहीं है. फिल्म है ‘सांड की आंख’. अंग्रेजी में कहें तो ‘बुल्स आई’. ये फिल्म यूपी की दो उम्रदराज़ फीमेल शूटर्स की बायोपिक है. टाइटल को लेकर हुए विवादों के बाद फिल्म के पोस्टर लॉन्च किए गए थे, जिसे अधपका लुक कहा गया था. अब फिल्म का टीज़र आया है. फिल्म की कहानी, टीज़र, स्टारकास्ट वगैरह आप नीचे जानेंगे.

1) ‘सांड की आंख’ बेस्ड है यूपी के बागपत जिले की दो महिलाओं की लाइफ पर. ये दो महिलाएं है प्रकाशी तोमर और चंद्रा तोमर. इन्होंने 50 साल की उम्र पार करने के बाद निशानेबाज़ी शुरू. वो भी एक्सीडेंटली. दरअसल प्रकाशी की पोती शूटर बनना चाहती थी. बच्ची का एडमिशन करवाने गईं प्रकाशी ने बच्ची को नर्वस देखकर खुद ही एक निशाना साधकर दिया. लेकिन ये निशाना देखकर शूटिंग रेंज पर मौजूद कोच के कान खड़े हो गए. दोबारा निशाना लगाने को कहा. और इस बार भी ‘सांड की आंख’. यानी बोर्ड के बीचों-बीच. इसके बाद कोच की सलाह पर प्रकाशी शूटिंग की कोचिंग लेने लगीं. उनसे प्रेरित होकर देवरानी चंद्रा भी पिस्टल उठाकर रेंज पर पहुंच गई. निशाना उनका भी गज़ब. प्रकाशी और चंद्रा साथ में ट्रेनिंग लेने लगीं. लेकिन परिवार कंज़रवेटिव था. महिलाओं को इतनी आज़ादी नहीं थी. लेकिन उन चीज़ों को दरकिनार करते हुए अपनी शूटर दादियों ने कंपटीशन वगैरह में भी हिस्सा लेना शुरू कर दिया. घर में और क्लेश हुआ. लेकिन धीरे-धीरे नॉर्मल होने लगा. मेडल्स आने लगे. अब ये दोनों महिलाएं अपनी शूटिंग के साथ-साथ गांव की बच्चियों को भी शूटिंग की ट्रेनिंग देती हैं.

ओरिजिनल शूटर दादियां प्रकाशी और चंद्रा तोमर.
ओरिजिनल शूटर दादियां प्रकाशी और चंद्रा तोमर.

2) इसी कहानी पर जो फिल्म बनी है, उसका टीज़र आया है. वो महिलाएं जिन्हें बिना घूंघट के घर से बाहर कदम रखने की आज़ादी नहीं है, वो शूटिंग कर रही हैं. ये कॉन्सेप्ट अपने आप में कितना एक्साइटिंग है. लेकिन इस कहानी को असल में घटने में कितनी दिक्कत आई होगी. टीज़र भी उसी चीज़ की एक झलक दिखाता है. घर में होने वाली दिक्कत भी दिखती है लेकिन यहां मामला कुछ ज़्यादा ही गंभीर लग रहा है. घर में ही गोलियां चल रही हैं. लेकिन अगले ही सीन में वो सब खत्म होकर बात रेंज पर ही आ जाती है. बैकग्राउंड में ‘मैं उड़ता तीतर लाउंगी’ नाम का एक गाना चलता रहता है, जो टीज़र में फील के साथ पांव से पांव मिलाकर चलता है. कुछ मिलाकर ये फिल्म से जुड़ी ये क्लिप दिलचस्पी तो जगाती है.

फिल्म शूटर दादियों के रोल में तापसी पन्नू और भूमि पेडनेकर. दोनों के बीच में विनीत कुमार.
फिल्म शूटर दादियों के रोल में तापसी पन्नू और भूमि पेडनेकर. दोनों के बीच में विनीत कुमार.

3) तापसी फिल्म में प्रकाशी तोमर के रोल में दिखाई देंगी. उनकी देवरानी चंद्रा तोमर का किरदार भूमि पेडनेकर निभा रही हैं. साथ ‘मुक्काबाज़’ फेम विनीत कुमार भी हैं, जो इन दोनों शूटर्स के कोच का कैरेक्टर प्ले कर रहे हैं. ‘दामुल’, ‘गंगाजल’ और ‘राजनीति’ जैसी फिल्में डायरेक्ट कर चुके प्रकाश झा इस फिल्म में एक बार फिर से एक्टर की भूमिका में नज़र आएंगे.

टीज़र का वो सीन जब इन महिलाओं को फोटो खिंचाते समय भी धूंधट नहीं उठाने दिया जाता है.
टीज़र का वो सीन जब इन महिलाओं को फोटो खिंचाते समय भी धूंधट नहीं उठाने दिया जाता है.

4) इस फिल्म को पहले अनुराग कश्यप डायरेक्ट करने वाले थे. लेकिन व्यस्तता के कारण वो इस फिल्म को सिर्फ प्रोड्यूस कर रहे हैं. इस फिल्म को डायरेक्ट कर रहे हैं तुषार हीरानंदानी. तुषार इससे पहले ‘मैं तेरा हीरो’, ‘एनीबडी कैन डांस (एबीसीडी)’, ‘एक विलेन’, ‘हाफ गर्लफ्रेंड’ और ‘ग्रैंड मस्ती’ जैसी फिल्मों का स्क्रीनप्ले लिख चुके हैं. ‘सांड की आंख’ बतौर डायरेक्टर तुषार की पहली फिल्म होगी.

ये फिल्म सिर्फ एक कहानी नहीं कहेगी, समाज के बने-बनाए ढर्रों की धज्जियां भी उड़ाएगी.
ये फिल्म सिर्फ एक कहानी नहीं कहेगी, समाज के बने-बनाए ढर्रों की धज्जियां भी उड़ाएगी.

5) फिल्म की शूटिंग इसी साल 10 फरवरी को बागपत में शुरू हुई थी. इसके बाद हस्तिनापुर और मवाना जैसे इलाकों में भी इस फिल्म को शूट किया गया. अप्रैल में फिल्म की शूटिंग खत्म हो चुकी है. ‘सांड की आंख’ 25 अक्टूबर यानी दीवाली के मौके पर थिएटर्स में उतरेगी. इसी दिन अक्षय कुमार की ‘हाउसफुल 4’ भी रिलीज़ के लिए शेड्यूल्ड है.

फिल्म का टीज़र यहां देखिए:


वीडियो देखें: रैपिड फायर- तापसी पन्नू की फेवरेट मिठाई,डायरेक्टर,गाना, फिल्म

 

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