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'फेमस' के ट्रेलर की 10 बातें : इसमें पंकज त्रिपाठी का एक सीन याद रहेगा

1. इस फिल्म का नाम पहले ‘बुल बुलबुल बंदूक’ था. अब ‘फेमस’ टाइटल से लाया गया है.

2. साल 2013 में ये करीब-करीब बन चुकी थी. उस साल ‘मिकी वायरस’ के सामने रिलीज भी होने की जानकारियां थीं. लेकिन उसके बाद से इस प्रोजेक्ट का कोई अता-पता नहीं था. अब पांच साल बाद ये रिलीज हो रही है.

3. ‘फेमस’ के डायरेक्टर हैं करण ललित बूटानी. बतौर डायरेक्टर ये उनकी पहली फिल्म है. इससे पहले वे तिग्मांशु धूलिया को ‘साहब बीवी और गैंगस्टर’, ‘साहब बीवी और गैंगस्टर रिटर्न्स’ और संभवतः ‘पान सिंह तोमर’ में असिस्ट कर चुके हैं.

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4. गुरुवार को फेमस का पहला ट्रेलर आया है. कहानी चंबल के बीहड़ों और शहरी इलाके में बसे कुछ पात्रों की है. सबके हाथ में बंदूक है और उसी से वे अपने-अपने मकसद पाना चाहते हैं.

5. केके मेनन के किरदार को अपराध और दबंगई के ज़रिए ताकत हासिल करनी है. उसी से साठ-गांठ है एक नेता की जिसे पंकज त्रिपाठी ने निभाया है. इस नेता को काम-वासना की बहुत भूख है. जिमी शेरगिल को प्यार की तलाश है. श्रिया सरन ने उसकी पत्नी का रोल किया है जिस पर नेता की नज़र आ जाता है और युद्ध छिड़ जाता है.

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6. कहानी में कुछ और ज़रूरी किरदार हैं. जैसे – जैकी श्रॉफ का किरदार फिर से गांव लौटा है. उसे बदला लेना है. उसके साथ पहले कोई अन्याय हुआ है और अब उसे न्याय चाहिए. माही गिल एक टीचर बनी हैं जिस पर कक्षा के कमउम्र लड़कों से लेकर नेता (पंकज त्रिपाठी) तक सबकी बुरी नज़र है. बृजेंद्र काला एक पुलिसवाले के रोल में है जो अपनी भोली बातों से हंसाता है. जैसे कि ‘पान सिंह तोमर’ में उनका अंदाज था.

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7. चंबल और बंदूकों वाले कॉन्सेप्ट के मामले में ये फिल्म नई नहीं लगती. लेकिन इसकी प्रस्तुति और डायलॉग इसे इंगेजिंग बनाए रखते हैं. कहानी तो ख़ुद करण बुटानी ने ही लिखी है लेकिन इसके डायलॉग प्रमुख रूप से पुनीत शर्मा* ने लिखे हैं.

8. डायलॉग कैसे हैं इसका नमूना पढ़ें. जेल में बंद नेता (पंकज त्रिपाठी) एक औरत के साथ सेक्स कर रहा है. उसकी आंखों में आंसू छलक आते हैं. तो वो औरत बोलती है – “क्या हुआ भाईसाब, रो का रहे थे?” उस पर पंकज के कैरेक्टर का जवाब होता है – “सेक्स करते हुए आदमी, इमोशनल नहीं हो सकतो है.. हूं?

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एक सीन में जिमी शेरगिल का कैरेक्टर कहता है – “जो भगवान भी हमारे (उसके और पत्नी के प्रेम के) बीच में आयो, तो मां कसम उसकी भक्ति छोड़ देंगे.”

उनका कैरेक्टर लास्ट में एक और डायलॉग बोलता है – “जब तक ख़ुद की सीता का हरण नहीं होता, कोई आदमी राम नहीं बनता.”

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9. करण बुटानी ने 2010 में ‘वाल्मीकि की बंदूक’ नाम से एक शॉर्ट फिल्म बनाई थी. ऐसा लगता है जैसे उसी को उन्होंने इस फीचर फिल्म के रूप में बनाया है. क्योंकि उसमें और ‘फेमस’ में कई समानताएं हैं. जैसे पंकज त्रिपाठी का किरदार दोनों फिल्मों में है. बंदूक शब्द का दोहरा अर्थ दोनों में दिखता है. दोनों में चंबल के गन कल्चर के बारे में बताया गया है.

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10. ‘फेमस’ 1 जून को रिलीज होगी. उसी दिन सोनम और करीना कपूर की ‘वीरे दी वेडिंग’ भी रिलीज हो रही है.

देखें ट्रेलरः

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