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43 साल के वन डे इतिहास में ये सिर्फ चार बार हुआ है, तीन बार कोहली शामिल रहे

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क्रिकेट का खेल और कोहली आज के समय में एक दूसरे के पर्याय बन चुके हैं. कोई भी रिकॉर्ड बनता है, कोहली से जुड़ जाता है या जोड़ दिया जाता है. जो खबर या आंकड़ा हम आपको बता रहे हैं वो जेनुइनली कोहली से जुड़ा हुई है और भयानक तरीके से जुड़ा हुआ है. क्रिकेट के इतिहास में एक ही मैच में दोनों कप्तानों के सेंचुरी मारने वाली घटना अब तक महज़ चार बार घटी है. इन चार मौकों में से तीन दफे इसमें विराट कोहली इंवॉल्व रहे हैं. एक नजर उन चार मौकों पर.

#1. इंग्लैंड VS आयरलैंड (पोर्टरफील्ड-मॉर्गन), सितंबर, 2013

वनडे क्रिकेट की शुरुआत हुई थी 5 जनवरी, 1971 को. पहली बार ये कारनामा हुआ इसके 43 साल और 9 महीने बाद यानी सितंबर, 2013 को. एक वनडे मैच खेलने इंग्लैंड की टीम आयरलैंड गई थी. इंग्लैंड ने टॉस जीता और पहले बॉलिंग करने का फैसला किया. आयरलैंड ने अपने कप्तान विलियम पोर्टरफील्ड के 112 रनों की मदद से 50 ओवर में सात विकेट के नुकसान पर 269 रन का स्कोर खड़ा किया. आयरलैंड ने टारगेट का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम के 48 रन पर ही चार विकेट गिरा दिए. लेकिन इसके बाद क्रीज़ पर आए इंग्लैंड के रवि बोपारा (101) के साथ इयॉन मॉर्गन ने 124 रनों की कप्तानी पारी खेली. इसकी मदद से इंग्लैंड की टीम बिना कोई विकेट खोए ये मैच जीत गई. ये वनडे क्रिकेट में पहली बार हुआ था कि एक मैच में ही दोनों ही कप्तानों ने सेंचुरी लगाई हो.

विलियम पोर्टरफील्ड और इयॉन मॉर्गन (नीली जर्सी में).
विलियम पोर्टरफील्ड और इयॉन मॉर्गन (नीली जर्सी में).

#2. इंडिया VS बांग्लादेश (विराट-रहीम), फरवरी, 2014

एशिया कप का दूसरा मैच. इंडिया ने टॉस जीता और पहले बांग्लादेश को बैटिंग का न्यौता दिया. इनके दो विकेट तो जल्दी से निकल गए लेकिन इसके बाद भारतीय बॉलर्स विकेट को तरस गए. बांग्ला कप्तान मुशफिकुर रहीम ने सैंकड़ा (117) लगाते हुए टीम को पचास ओवरों में 279 के अच्छे स्कोर तक ले गए. अब बारी इंडियन टीम की थी. रोहित-धवन ने शुरुआत तो अच्छी की लेकिन विकेट जल्दी खो दिए. 12वें ओवर में धवन के आउट होने के बाद धोनी की गैरमौजूदगी में टीम की कमान संभाल रहे विराट कोहली विकेट पर आए. 46वें ओवर में जब कोहली 136 रन बनाकर आउट हुए तब टीम को जीतने के लिए सिर्फ आठ रनों की दरकार थी. भारत को इस जीत तक पहुंचाने में कोहली के अलावा अजिंक्य रहाणे ने भी 73 रनों का योगदान दिया था. एक ही मैच में दोनों टीमों के कप्तानों के सेंचुरी जड़ने का ये दूसरा मौका था.

बांग्लादेश के खिलाफ बेैटिंग करते विराट और विकेटों के पीछे रहीम.
बांग्लादेश के खिलाफ बेैटिंग करते विराट और विकेटों के पीछे रहीम.

#3. इंडिया VS श्रीलंका (विराट-मैथ्यूज़), नवंबर, 2014

श्रीलंका की टीम इंडिया के दौरे पर पांच मैचों की वनडे सीरीज़ खेलने आई थी. पांच मैचों की इस सीरीज़ में श्रीलंका को 5-0 से पीटकर इंडिया ने उनकी लंका लगा दी थी. खैर, यादों की बारात आती जाती रहती है लेकिन हम सख्त बने रहेंगे. सीरीज़ का आखिरी मैच धोनी के घर रांची में. दुख की बात ये कि धोनी खेल नहीं रहे थे. विराट कोहली टीम के कार्यवाहक कप्तान थे. श्रीलंका सीरीज़ पहले 4-0 से हार चुकी थी बावजूद इसके इंडियन टीम में एक्साइटेड थी. मैच शुरू हुआ. श्रीलंका ने टॉस जीता और पहले बैटिंग करना तय किया. टीम कुछ ढ़ंग का खेल नहीं रही थी. बस दो बैट्समैन थे जिन्होंने कुछ कायदे का खेल दिखाया. अव्वल कप्तान एंजेलो मैथ्यूज़, जिन्होंने 139 रन की जबर पारी खेली और दूसरे थिरीमाने जिन्होंने 52 रनों की अच्छी पारी खेली. इन्हीं पारियों की मदद से श्रीलंका की टीम ने 286 रनों का सम्मानजनक स्कोर खड़ा किया.

फिर इंडिया ने बैटिंग शुरू की. रायुडू ने 59 और कप्तान कोहली ने 139 को पारी खेली. इन पारियों की मदद से भारतीय टीम ने 49वें ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर लिया. ये विश्व क्रिकेट में तीसरा और भारतीय क्रिकेट में दूसरी बार हो रहा था कि दोनों ही कप्तानों ने सेंचुरी लगाई और उनके रनों की संख्या बिल्कुल सेम थी (139).

विराट कोहली और एंजेलो मैथ्यूज़.
विराट कोहली और एंजेलो मैथ्यूज़.

#4. इंडिया VS साउथ अफ्रीका (विराट-प्लेसिस), फरवरी (2018)

भारतीय टीम तीन टेस्ट और छह वनडे और तीन टी-20 मैचों की सीरीज़ खेलने साउथ अफ्रीका पहुंची  है. टेस्ट सीरीज़ 2-1 से गंवाने के बाद वनडे सीरीज़ जीतने की कवायद शुरू हुई. पहला मैच, साउथ अफ्रीका ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग चुनी. पहला विकेट गिरने के बाद बल्लेबाजी के लिए मैदान पर टीम के कैप्टन फाफ डु प्लेसी आए. 50वें ओवर में आउट होने से पहले डु प्लेसी 120 रन बना चुके थे. मैच जीतने के लिए इंडिया को 270 रन बनाने का लक्ष्य मिला.

फाफ डु प्लेसिस और विराट कोहली.
फाफ डु प्लेसी और विराट कोहली.

बैटिंग करने उतरी इंडियन टीम का पहला विकेट सातवें ओवर में गिरा और विराट क्रीज़ पर आए. कुछ देर बाद शिखर धवन भी चलते बने. इसके बाद विराट और रहाणे की जुगलबंदी शुरू हुई. रहाणे ने 79 तो कोहली 112 रन बनाकर टीम को टार्गेट से कुछ कदम पहले छोड़कर चले गए. इसके बाद धोनी के कर-कमलों से मैच जीतने का शुभ कार्य संपन्न हुआ. ये क्रिकेट इतिहास में चौथी बार ऐसा हुआ कि दोनों ही टीम के कप्तानों ने सेंचुरी लगाई.


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Only fourth instance in one day cricket history when both the captains scored century in the same match

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