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अपने फेवरेट गानों को स्टूडियो में रिकॉर्ड होते देखो, बमबम हो जाओगे

सबसे फेमस कविता कौन सी होती है? जो लोगों की जुबान पर रहे. किताबों में बंद होकर एलीट क्लास तक सिमट जाए तो वो कविता थोड़ी है. हमारे पास ऐसी कविताओं का खजाना किधर है? फिल्मों में. दादा साहब फाल्के की चरण रज मिले तो माथे लगाना. उनकी वजह से हिंदुस्तान में फिल्में आईं और फिल्मों में आए गाने. गाने ऐसे जिनको रट लेने का दिल चाहे. साइकिल पर पैडल मारते हुए गुनगुनाने का दिल चाहे. हर मौसम, हर त्योहार, हर मौके के लिए हमारी फिल्मों में गाने हैं. सब एक से बढ़कर एक. ऐसा जिव्हा पर सरस्वती की तरह बैठ जाते हैं कि सारे दिन गाते रहो. अपना वक्त याद करो. लड़कों से कह रहे हैं. सुनो. जब कोई पूछता था “गुरु प्यार व्यार हुआ कि नहीं?” तब मुंह से निकलता था “ये जो मोहब्बत है, ये उनका है काम.. महबूब का जो बस लेते हुए नाम… मर जाएं मिट जाएं हो जाएं बदनाम…रहने दो छोड़ो भी जाने दो यार हम न करेंगे प्यार.” इसी वक्त मन में रहता था “काश कोई लड़की मुझे प्यार करती.” जब मोहब्बत को हालात मार जाए तो “मेरी किस्मत में तू नहीं शायद…”

ये गाने होते थे जो हमारे कानों में हर वक्त बजते थे. कभी टीवी पर रंगोली और चित्रहार में तो कभी विविधभारती पर. लेकिन एक फैंटेसी टाइप की रहती थी इन गानों को रिकॉर्ड होते देखने की. बंबई से कोई दोस्त आता तो वो भी साला हीरो हिरोइन से मिलने की बातें ऊंची ऊंची भूमिका बांधकर बताता था. लेकिन कोई ये नहीं बताइस कि हमारे प्यारे गानों की रिकॉर्डिंग ऐसे होती है. स्टूडियो के अंदर के राज़ हमेशा राज़ ही रहे. अभी यूट्यूब पर टहलते हुए वैसे कुछ नगीने मिल गए. हमने कहा कि आपको भी दिखा दें. तो देखो.

#1: मस्ती भरा है ये शमा, फिल्म- दिल है कि मानता नहीं

ये दौर कुमार शानू और अनुराधा पौडवाल का था. हर फिल्म में इनके गाने न हों तो उसका म्यूजिक हिट होने में डाउट रहता था. इनकी लेगेसी के किस्से दो छेद वाले ऑडियो कैसेट में गाने सुनने वालों से पूछो. फिलहाल इस गाने की रिकॉर्डिंग देखो.

#2: जा जा के कहां मिन्नतें फरियाद करोगे, फिल्म- प्यार का रोग

ये गाना तब लोगों की रिंगटोन हुआ करता था जब Mp3 टोन सपोर्ट करने वाले छोटे मोबाइल आने लगे थे. नोकिया सीरीज के. हर किसी की मेमोरी कार्ड में ये गाना जरूर रहता था. कुमार शानू और अलका यागनिक के गाए इस गाने की रिकॉर्डिंग देखो.

#3: साहिबां ओ साहिबां, फिल्म- साहिबां

1991 में ये फिल्म आई थी. ऋषि कपूर और माधुरी दीक्षित हीरो हिरोइन थे. उसमें ये गाना भी था. साथ ही फिल्म में कुछ शेर पढ़ने का मौका संजय दत्त को भी मिला था. उनके लिए कित्ता बड़ा चैलेंज था उस वक्त ये सुनो. बल्कि सुनो न, देखो.

#4: सारी दुनिया प्यारी, पर तू है सबसे प्यारा, फिल्म- मीरा का मोहन

मोहम्मद अजीज़ के गानों का अलग कल्ट है. अलग फैन फॉलोविंग है. आजकल याद कुछ और रहता नहीं एक बस आपकी याद आने के बाद. ये गाना मोहब्बत में पड़े नए नौजवानों के खतों में आता जाता था. उन्हीं मोहम्मद अजीज़ और अनुराधा पौडवाल ने ये गाना गाया था मीरा का मोहन फिल्म में. साल था 1990.

#5: ऐसा क्यूं, फिल्म- ऐसा क्यूं

2005 में ये फिल्म आई थी जिसमें देव कोहली का लिखा और उदित नारायण का गाया ये झिंटाक सॉन्ग था. इसकी रिकॉर्डिंग देखो.

#6: इश्क में हम तुम्हें क्या बताएं, फिल्म- बेवफा सनम

इस फिल्म से गुलशन कुमार को पब्लिक के मन में घुसने का फॉर्मूला मिल गया था. फॉर्मूला ये था कि म्यूजक मस्त बनाओ, फिल्म देखने लोग दौड़े चले आएंगे. इस फिल्म में उन्होंने अपने छोटे भाई किशन कुमार को लॉन्च किया था. और उस दौर में तेजी से उभर रहे सारे सिंगर्स ने उसमें गाना गाया था. अताउल्ला खान का ये गाना सोनू निगम ने गाकर सबकी मेमोरी में भर दिया.

#7: नाच मेरी जान फटाफट, फिल्म- मैं सुंदर हूं

अब थोड़ा और पीछे चला जाए. अपने अंकल ताऊ लोगों के जमाने में. किशोर कुमार, रफी, मन्ना डे, आशा, लता के जमाने में. मैं सुंदर हूं फिल्म का ये गाना रिकॉर्ड होते देखिए. किशोर की एनर्जी पर स्पेशल आंखें लगा के रखिएगा.

#8: मोहब्बत का हाथ जवानी का पल्ला, फिल्म- हावड़ा ब्रिज

और पीछे चलो, ब्लैक एंड व्हाइट जमाने में. तब फिल्म की रिकॉर्डिंग ही बड़ा खर्चीला काम हुआ करती थी. इस गाने की रिकॉर्डिंग को जिसने शूट किया वो पक्का दाता धर्मी शख्स रहा होगा जिसने सोचा होगा कि आगे चलकर ये फुटेज बड़ी काम आएगी.


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