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रेमडेसिविर की कालाबाजारी करने वाले ने शिवराज सरकार के मंत्री का नाम क्यों ले दिया?

कोरोना संकट के बीच कुछ दवाओं की लगातार कमी देखी जा रही है. लोग इनके लिए भटक रहे हैं. सोशल मीडिया से लेकर अपने आसपास वालों तक से मदद मांग रहे हैं. इस बीच बहुत से लोग ऐसे भी हैं, जिन्होंने इन दवाइयों को मुनाफाखोरी का जरिया बना लिया है. मध्य प्रदेश पुलिस ने 18 मई को एक ऐसे ही शख्स को पकड़ा. उस पर नकली  रेमडेसिविर इंजेक्शन (Remdesivir injection) की कालाबाजारी का आरोप है. पकड़े जाने के बाद आरोपी ने हैरान करने वाला खुलासा किया. उसने दावा किया कि ये इंजेक्शन उसे मध्य प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री तुलसीराम सिलावट की पत्नी के कार ड्राइवर से मिले हैं. आरोपी का वीडियो वायरल हो रहा है.

मंत्री की पत्नी के ड्राइवर का नाम आया

इंदौर पुलिस का कहना है कि मुख्य आरोपी 27 साल का पुनीत अग्रवाल नकली रेमेडिसविर इंजेक्शन बेचते हुए पकड़ा गया था. उसने पूछताछ के दौरान दावा किया है कि उसे कुछ इंजेक्शन गोविंद राजपूत नाम के शख्स से मिले थे. गोविंद कैबिनेट मंत्री तुलसी सिलावट की पत्नी का कार ड्राइवर है. पुलिस ने कहा है कि गोविंद से पूछताछ की जाएगी क्योंकि मुख्य आरोपी के दावे को क्रॉस चेक करके सच्चाई का पता लगाने की जरूरत है. पुनीत और गोविंद दोनों एक ही ट्रैवल कंपनी Impetus के लिए काम करते हैं. ये एजेंसी कई सरकारी विभागों को ड्राइवरों और वाहनों की आपूर्ति करती है.

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में आरोपी को यह कहते साफ सुना जा सकता है कि उसने 14-14 हजार में दो इंजेक्शन गोविंद राजपूत से लिए थे. गोविंद कैबिनेट मंत्री तुलसीराम सिलावट की पत्नी की कार का ड्राइवर है. उसने बताया कि ये इंजेक्शन एक पुलिसवाले को देने जा रहा था. पहले भी कई लोगों को रेमडेसिविर इंजेक्शन दे चुका है.

इसे लेकर अब राजनीति भी गरमा गई है. कांग्रेस ने वीडियो पोस्ट करके शिवराज सिंह चौहान सरकार से सवाल पूछे हैं.

मंत्री ने आरोप नकारे

आरोपों के बाद 19 मई को मंत्री तुलसीराम सिलावट की प्रतिक्रिया सामने आई. उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी की कार को कई ड्राइवर चलाते हैं. हमारा इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है. इधर, विजय नगर पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर तहजीब काज़ी ने कहा कि लगता है पुनीत अग्रवाल पुलिस का ध्यान भटकाने के लिए बेबुनियाद दावे कर रहा है. काज़ी ने इंडियन एक्सप्रेस अखबार को बताया कि असल में गोविंद राजपूत ने पुनीत से अपने इलाज के लिए 2 रेमडेसिविर इंजेक्शन खरीदे थे. जब इंजेक्शन उसके काम नहीं आए तो उसने पुनीत को वापस कर दिए. पुनीत इंजेक्शन को लेकर जो कहानी बता रहा है, वह पूरी तरह से गलत है.

एक दूसरे घटनाक्रम में मध्य प्रदेश की जबलपुर पुलिस ने नकली इंजेक्शन बेचने से जुड़े मामले में विश्व हिंदू परिषद के नेता सरबजीत सिंह मोखा की पत्नी को गिरफ्तार किया है. उन पर सबूत छिपाने की कोशिश का आरोप है. जबलपुर के अतिरिक्त एसपी रोहित कासवानी ने बताया कि मोखा को पहले अपने अस्पताल में मरीजों को नकली इंजेक्शन बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया जा चुका है. सरबजीत की पत्नी जसमीत मोखा और उनके अस्पताल के प्रशासक सोनिया खत्री को अदालत के आदेश के बाद गिरफ्तार किया गया है.


वीडियो – मध्य प्रदेश: नकली डॉक्टर्स कोरोना पेशेंट का मदरसे में इलाज कर रहे थे

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