Submit your post

Follow Us

ट्विटर पर #MeTooMigrant ट्रेंड चलाकर कुछ लोग अपनी तुलना मजदूरों से करने लगे!

ट्विटर पर एक ट्रेंड चला #MeTooMigrant. यानी मैं भी प्रवासी. जब से मजदूरों और कामगारों ने अपने गांवों-घरों की ओर पैदल लौटना शुरू किया है, उनकी तस्वीरें वायरल हो रही हैं. महाराष्ट्र के औरंगाबाद में 8 मई को 16 मजदूरों की ट्रेन हादसे में मौत हो गई. हादसे का शिकार हुए मज़दूर यहां एसआरजी स्टील कंपनी में काम करते थे. इनकी मौत के बाद प्रवासी मजदूरों की बुरी हालत पर बहस और तेज़ हो गई है. इसी बहस के बीच इन कामगारों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए ये हैशटैग चलाया गया. कुछ ट्वीट ये रहे.

Migrant 1
इस ट्वीट में लिखा गया है- मैं भी प्रवासी हूं. पढ़ाई के लिए लखनऊ छोड़कर आई थी. आपकी कहानी क्या है?

 

Migrant 2
इस ट्वीट में एक बैंक अफसर ने अपनी बात बताई है कि वो भी घर से दूर पोस्टेड है. (तस्वीर: ट्विटर)
Migrant 3
इस ट्वीट में बताया गया है कि कैसे बार-बार ट्रांसफर किया जाता है लोगों को, तो वो भी प्रवासी हुए. (तस्वीर: ट्विटर)

लेकिन कुछ घंटों में ही इस हैशटैग की आलोचना भी शुरू हो गई. लोगों ने ट्वीट करने वालों को घसीट लिया. अधिकतर ट्वीट इस बात को लेकर किए गए कि एकजुटता दिखाने वाले लोग एक बात भूल रहे हैं. वो ये कि वो लोग समाज के ऐसे तबकों से आते हैं जिनके पास सुविधाओं की कमी नहीं है. वो गरीबी रेखा के नीचे नहीं हैं. एक आम कामगार को जो शोषण और तकलीफें झेलनी पड़ती हैं, वो उन्हें नहीं झेलनी पड़तीं. कुछ ट्वीट ये रहे:

Migrant 4
इस ट्वीट में कहा जा रहा है कि किस तरह मजबूर लोगों के प्रवास और अपने खुद के निर्णय से किए गए प्रवास में जमीन-आसमान का फर्क है. (तस्वीर: ट्विटर)

माइग्रेंट शब्द की बहस

कैम्ब्रिज डिक्शनरी के अनुसार माइग्रेंट शब्द ऐसे व्यक्ति के लिए इस्तेमाल किया जाता है जो अपने रहने की जगह छोड़कर बेहतर/सुरक्षित रहन-सहन और काम की संभावनाओं की तलाश में कहीं और जाए. इस तरह अपने घरों से दूर नौकरी कर रहे लोग भी प्रवासी ही हुए. लेकिन जिस तरह सुविधा संपन्न लोगों द्वारा मजबूर कामगारों के साथ अपनी  बराबरी ढूंढने की कोशिश की जा रही है, उस पर लोग उंगली उठा रहे हैं.

ऐसा ही वाकया कुछ समय पहले प्रियंका चोपड़ा के साथ हुआ था. उन्होंने एक ट्रैवलिंग और लाइफ स्टाइल मैगजीन के लिए एक कवर शूट करवाया था. उस शूट में उन्होंने एक टॉप पहना था जिस पर तीन चार शब्द लिखे थे-

रिफ्यूजी

इमिग्रेंट

आउटसाइडर

और इन तीनों को काटकर नीचे ट्रैवलर लिखा हुआ था.

Migrant Priyanka
प्रियंका चोपड़ा की वो तस्वीर जिस पर बवाल हुआ था. (तस्वीर; conde nast)

भारत में प्रियंका चोपड़ा एक स्टार रही हैं. हिट फिल्में देने वाली. हॉलीवुड में जाकर बड़ी-बड़ी फिल्में और प्रोजेक्ट कर रही हैं. ऐसे में दूसरे देशों से जान बचाकर भागते शरणार्थी, नौकरी की खोज में सबकुछ दांव पर लगाकर एक देश में पहुंचे प्रवासी जैसे लोगों की पहचान को दुत्कार कर यात्री शब्द का इस्तेमाल किया गया उनके टॉप पर. इस पर लोगों ने सवाल उठाए.

चलते-चलते

एक सीरीज है- ऑरेंज इज द न्यू ब्लैक. अमेरिका में किस तरह जेलें काम करती हैं, ये एक विमेंस प्रिजन (महिलाओं की जेल) के ज़रिए दिखाया गया है. इसके आखिरी सीजन में माइग्रेंट्स की बुरी हालत दिखाई गई है. इन्हीं में से एक महिला है, जो किसी तरह अपनी जान बचाकर अमेरिका आई है. लेकिन रास्ते में उसका रेप किया जाता है और वो प्रेग्नेंट हो जाती है. माइग्रेंट्स के लिए बनाए गए सेंटर में जब वो पहुंचती है, तो अपना गर्भ गिराने की कोशिश करती है. लेकिन सफल नहीं हो पाती. सेंटर मैनेज करने वाले उसे गर्भपात कराने नहीं देते. आखिर में हारकर वहां की वार्डन अपने लिए गर्भपात की गोली प्रिस्क्राइब करवाती हैं और उसे लाकर देती है.

इसी तरह एल सल्वाडोर (एक देश का नाम है) से अपने बच्चों को लेकर अमेरिका आई एक मां को डिपोर्ट कर दिया जाता है. और उसके बच्चों के नाम अनाथालय में गोद लेने के लिए चढ़ा दिए जाते हैं.

सुविधा संपन्न लोगों का खुद को प्रवासी कहकर मजदूरों के साथ खड़ा करना वैसा ही है जैसे प्रियंका चोपड़ा का ऐसे लोगों के अनुभवों को नकार कर खुद को ट्रैवलर कहना.

सही है या गलत, ये फैसला आप खुद करिए.


वीडियो: श्रमिक स्पेशल ट्रेन के बावजूद मजदूर पैदल घर क्यों जा रहे हैं?

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

10 नंबरी

अदम गोंडवी के 20 शेर जो कुर्सी वालों को नश्तर की तरह चुभेंगे!

अदम गोंडवी के 20 शेर जो कुर्सी वालों को नश्तर की तरह चुभेंगे!

'गर गलतियां बाबर की थीं, तो जुम्मन का घर फिर क्यों जले?'

'सूरज पर मंगल भारी' ट्रेलर: मनोज बाजपेयी, वो 'शरलॉक होम्स' जो बंदूक नहीं, कैमरा चलाते हैं

'सूरज पर मंगल भारी' ट्रेलर: मनोज बाजपेयी, वो 'शरलॉक होम्स' जो बंदूक नहीं, कैमरा चलाते हैं

पहली नज़र में तो मज़ेदार है ट्रेलर!

'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे' की मेकिंग की 21 बातें जो कलेजा ठंडा कर देंगी!

'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे' की मेकिंग की 21 बातें जो कलेजा ठंडा कर देंगी!

मशहूर हॉलीवुड एक्टर करनेवाला था शाहरुख़ वाला रोल.

'लूडो' ट्रेलर: लाइफ के 'बोर्ड' पर भागते दिख रहे हैं सारे किरदार

'लूडो' ट्रेलर: लाइफ के 'बोर्ड' पर भागते दिख रहे हैं सारे किरदार

'लूडो' खेलना छोड़िए, पहले फिल्म का ट्रेलर देखिए.

ये हैं फ़्लिपकार्ट, ऐमजॉन की सबसे बढ़िया मिड-रेंज स्मार्टफ़ोन डील

ये हैं फ़्लिपकार्ट, ऐमजॉन की सबसे बढ़िया मिड-रेंज स्मार्टफ़ोन डील

15-20 हज़ार के बजट में सबसे बढ़िया मिड -रेंज स्मार्टफ़ोन डील!

बजट फ़ोन की तलाश है तो ऐमज़ॉन, फ़्लिपकार्ट की ये डील ज़रूर देखें

बजट फ़ोन की तलाश है तो ऐमज़ॉन, फ़्लिपकार्ट की ये डील ज़रूर देखें

8 हज़ार से लेकर 12 हज़ार तक के बढ़िया फ़ोन!

सनी देओल के 40 चीर देने और उठा-उठा के पटकने वाले डायलॉग!

सनी देओल के 40 चीर देने और उठा-उठा के पटकने वाले डायलॉग!

वो 64 साल के हो चुके हैं और उन्हें आज भी किसी के यहां कुत्ता बनकर रहना मंजूर नहीं!

वो इंडियन डायरेक्टर जिसने अपनी फिल्म बनाने के लिए हैरी पॉटर सीरीज़ की फिल्म ठुकरा दी

वो इंडियन डायरेक्टर जिसने अपनी फिल्म बनाने के लिए हैरी पॉटर सीरीज़ की फिल्म ठुकरा दी

मीरा नायरः जो भारत से बाहर रहकर भारतीय समाज पर फिल्में बनाती हैं.

15 अक्टूबर से खुलेंगे सिनेमाघर और फिर से रिलीज़ होंगी ये छह फिल्में!

15 अक्टूबर से खुलेंगे सिनेमाघर और फिर से रिलीज़ होंगी ये छह फिल्में!

सुशांत सिंह राजपूत की भी फिल्म है इस लिस्ट में.

अशोक कुमार की 32 मज़ेदार बातेंः इंडिया के पहले सुपरस्टार थे पर कहते थे 'भड़ुवे लोग हीरो बनते हैं'

अशोक कुमार की 32 मज़ेदार बातेंः इंडिया के पहले सुपरस्टार थे पर कहते थे 'भड़ुवे लोग हीरो बनते हैं'

महान एक्टर दिलीप कुमार उनको भैय्या कहते थे और उनसे पूछ-पूछकर सीखते थे.