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काटने वाले सांप से उसका ज़हर वापस चुसवाने जैसे रामबाण फ़िल्मी इलाज

एक होते हैं डॉक्टर. दूसरे होते हैं सफ़ेद कोट पहनने वाले नामाकूल जो कहते हैं कि ‘अब इन्हें कोई मिरेकल ही बचा सकता है.’ या ‘अब इन्हें दवाओं नहीं, दुआओं की ज़रूरत है.’ ये दूसरी वाली नस्ल फिल्मों  में पाई जाती है. और जानते हैं फिल्मों में क्या पाया जाता है? मेडिकल चमत्कार.

कैसे कैसे? ऐसे ऐसे.

1. सांप से चुसवाकर ज़हर निकलवाना 

फ़िल्म: ‘बिल्ला नंबर 786’

फिल्मों के मुताबिक़ नाग हमारे दैनिक जीवन का हिस्सा होते हैं. सांप से कटवाना और परिवार के बेटे से नागिन की शादी हो जाना तो आम है. नौकरी आदि छोड़कर मणि खोजना हमारी हॉबी है. इसलिए कोई नाग अगर काट ले. तो घबराएं नहीं. उससे रिक्वेस्ट करें कि प्लीज अपना जहर वापस चूस लो. या उसको हिप्नोटाइज़ करके ऐसा करने पर मजबूर कर दें.  स्वैग लेवल 100+.


2. देशभक्ति से हार्ट अटैक ठीक करना

फिल्म: ‘क्लर्क’

फ़िल्मी पापा को हार्ट अटैक आ रहा हो और एक डॉक्टर ज्यादा पैसे मांगे तो क्या करें. दूसरे डॉक्टर के पास जाएं? नहीं. किसी से पैसे उधार मांगकर इलाज  करवाएं. नहीं? अपने दोस्तों को कॉल करके दूसरे डॉक्टर से संपर्क करें. नहीं? अरे तो क्या करें?

शांत हो जाएं. बाज़ार से बैटरी यानी सेल खरीद लाएं. टेप रिकॉर्डर में लगाएं. गाना बजाएं. सब ठीक होगा. और अगर रील न अटकी तो अगले तीन मिनट में पापा दौड़ने लगेंगे.


3. माइक्रोवेव से दिमाग निकालर लगाना 

फिल्म: ‘दिया और तूफ़ान’

जीवन में कभी ऐसा हो जाए, कि किसी का सिर्फ दिमाग मर जाए. और शरीर जिंदा रहे. तो उसको किसी ऐसे का दिमाग लगे. जो खुद मर चुका हो, मगर दिमाग जिंदा हो. कन्फ्यूज हो गए?

मिथुन को देखिए.


4. अगल बगल लेटकर टुल्लू पंप द्वारा खून चढ़ाना

फिल्म: ‘अमर अकबर एंथनी’

देश में जबतक ऐसे सेक्युलर बेटे रहेंगे, तबतक माता और भारत माता को कुछ नहीं होगा.


 

5. साईं बाबा से नेत्र ज्योति मिलना

फिल्म: ‘अमर अकबर एंथनी’

आपने लेज़र से आंखों का ऑपरेशन होने की बात सुनी होगी. लेकिन क्या आपने ब्लूटूथ से ऑपरेशन होने की बात सुनी है? इस फिल्म में तमाम और चमत्कारों के अलावा एक ये भी हुआ था. कि साईं बाबा की आंखों से निकली ज्योति बिना जीपीएस ट्रेवल करते हुए मूवी मम्मी निरूपा रॉय की आंखों में गई.


 

5. डांस करके दूसरे व्यक्ति की टांगें ठीक करना

फिल्म: ‘दाग द फायर’

चंद्रचूड़ सिंह वैसे ही एक दुर्लभ व्यक्ति हैं. उनके ऐसे सीन और भी दुर्लभ हैं. कुछ  हो गया, कुछ हो गया, कुछ हो गया मेरे यार. जो हुआ, उसे शास्त्रों में कूचि-कू कहा गया है.


 

6. शरीर की गर्मी से सर्दी ठीक करना

फिल्म: ‘गंगा जमुना सरस्वती’

इस सीन को  लास्ट में लिखने की एक वजह है. वजह ये है कि ये ट्रीटमेंट मेरा फेवरेट है. मैं भी कभी ऐसे ही बीमार पड़ना चाहती हूं कि उस वक़्त के अमिताभ जैसे किसी अनजान और हैंडसम लड़के को शरीर की गर्मी देनी पड़े.


वीडियो देखें:

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