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जब 'परदेस' वाली महिमा का एक्सीडेंट हुआ और मीडिया ने घिनौनेपन की हद पार कर दी

1999 में एक फिल्म आई थी, ‘दिल क्या करे’. अजय देवगन, काजोल और महिमा चौधरी. इस फिल्म की शूटिंग के दौरान महिमा के साथ बड़ा हादसा हो गया था. हाल ही में बॉलीवुड बबल को दिए इंटरव्यू में महिमा ने अपने उस एक्सीडेंट और उसके बाद के ट्रॉमा पर खुलकर बात की. एक्सीडेंट के बाद महिमा ने अपनी फिल्म की शूटिंग जारी रखी थी. इस दौरान मीडिया के साथ हुए एक वाकये पर उन्होंने कहा,

जब मेरा एक्सीडेंट हुआ, उसके बाद किसी को भी सेट पर आने की इजाज़त नहीं थी. फिर भी मीडिया वहां पहुंच गई. एक्सीडेंट की वजह से मेरे चेहरे पर एक निशान था. उन्होंने दूर से ही उस हालत में मेरे चेहरे की फोटो खींच ली. ये फोटो स्टारडस्ट में छपी. और साथ में लिखा गया, आखिरकार हम महिमा को ‘स्कारफेस’ बुला सकते हैं. आप इतने घिनौने कैसे हो सकते हो?

Dil Kya Kare
एक्सीडेंट के दौरान महिमा ‘दिल क्या करे’ की शूटिंग कर रही थीं.

‘स्कारफेस’ का लिटरल मीनिंग हुआ ज़ख्मी चेहरे वाली. ये टर्म 1983 में आई अल पचीनो की फिल्म ‘स्कारफेस’ से लिया गया है. उस फिल्म में अल पचीनो के किरदार के चेहरे पर एक बड़ा चोट का निशान था. मीडिया में महिमा को लेकर तरह-तरह की बातें उठने लगी. ऐसे वक्त पर महिमा के लिए स्टैंड लिया अजय देवगन और काजोल ने. जो ‘दिल क्या करे’ के प्रड्यूसर्स भी थे. दोनों ने पूरी कोशिश की कि महिमा की इंजरी की बात ज़्यादा फैले नहीं. वर्ना इससे उनके करियर को खतरा था. इस पर महिमा बताती हैं,

मुझे लगा कि मैं अब कभी कमबैक नहीं कर पाऊंगी. ये कभी सही नहीं होगा. मैं कभी नॉर्मल नहीं दिख पाऊंगी. पर अजय ने कहा कि मुझे ऐसे ज़ख्म के निशान अक्सर पड़ते रहते हैं. मुझे लगा कि अजय मुझे सिर्फ अच्छा महसूस करवाने के लिए ऐसा कह रहे हैं. पर वो सही थे. अजय एक दिलदार प्रड्यूसर थे. उन्होंने हर बात का ध्यान रखा.

महिमा ने ये भी बताया कि एक्सीडेंट हुआ कैसे था. वो बैंगलोर में शूट कर रही थीं. शूट का आखिरी दिन था. अपने सीन्स की शूटिंग के लिए उन्हें एक स्कूल जाना था. सुबह के करीब 5:30 बजे थे. महिमा को सेट पर सुबह 7 बजे तक पहुंचना था. अक्सर एक्टर्स अपने स्टाफ की गाड़ी से पहले या थोड़ी देर बाद निकलते हैं. महिमा ने अपने स्टाफ को बुलाया. उन्हें खुद से पहले निकलने को कहा. इसके बाद वो अपनी गाड़ी से निकलीं. आगे महिमा बताती हैं,

एक दूध वाला ट्रक रॉंग साइड से आ रहा था. हमें घूमकर जाना था. इस दौरान वो ट्रक आया और सीधा हमारी गाड़ी में घुस गया. कांच के टुकड़े गोली की तरह मेरे चेहरे पर आकर लगे. उन कांच के टुकड़ों ने मुझे कहीं और क्षति नहीं पहुंचाई. ना ही मेरी कोई हड्डी टूटी. वो बस मेरे चेहरे पर आकर लगे.

बॉलीवुड बबल ने एक्सीडेंट के बाद आई दिक्कतों के बारे में पूछा. कि कैमरा का सामना करने में क्या परेशानियां आईं. इस पर भी महिमा ने एक वाकया शेयर किया. बताया,

जब एक्सीडेंट के बाद मैंने पहली बार कैमरा फेस किया तो वो एक गेस्ट अपीयरेंस के लिए था. यहां भी मेरे साथ अजय थे. हालांकि, डायरेक्टर को मेरी चोट के बारे में नहीं पता था. मैंने उन्हें सब बता दिया. और कहा कि क्या आप मेरे लॉन्ग शॉट (दूर से लिए जाने वाले कैमरा शॉट) ले सकते हैं. वो मान गए. मैं अपने लॉन्ग शॉट दे रही थी. तभी देखा कि अचानक से कैमरा मेरे चेहरे के पास आता जा रहा है. देखकर बहुत तकलीफ हुई. ऐसी ही चीज़ें आपके साथ रह जाती हैं.

महिमा ने उस एक्सीडेंट को खुद के करियर पर फुल स्टॉप नहीं लगाने दिया. वो कमजोर जरूर पड़ीं. लेकिन इससे उभरकर निकलीं. आगे जाकर ‘कुरुक्षेत्र’, ‘दाग: दी फायर’, ‘लज्जा’ और ‘ज़मीर’ जैसी फिल्मों में काम किया.


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