Submit your post

Follow Us

गिरीश कर्नाड और विजय तेंडुलकर के लिखे वो 15 डायलॉग, जो ख़ज़ाने से कम नहीं!

विजय तेंडुलकर और गिरीश कर्नाड. ये वो दो नाम हैं, जिन्होंने थिएटर के लिए कालजयी नाटक लिखे. इनके लिखे नाटक आज भी थिएटर के कलाकार खेलते हैं और जनता उतने ही चाव से देखती है. गिरीश कर्नाड के लिखे नाटक ‘तुगलक’, ‘हयवदन’ और ‘ययाति’ अमर होने में समय से होड़ ले रखी है. विजय तेंडुलकर के लिखे ‘सखाराम बाइंडर’ और ‘घासीराम कोतवाल’ भी जैसे नाटक भी ताज़ातरीन रहने का वरदान पा गए हों जैसे. आज गिरीश कर्नाड का जन्मदिन और विजय तेंडुलकर की बरसी है. इन दोनों के लिखे नाटकों में से ये रहीं वो 15 बातें, जो हम-आप कभी नहीं भूलेंगे –

‘सिर सलामत, तो पगड़ी पचास’

-घासीराम कोतवाल (विजय तेंडुलकर)

Tendulkar 01

‘अच्छा, बुरा, सही, ग़लत…जब आप चीज़ों को ऐसे देखते हैं, तो आप पूरा सच नहीं देख पाते’

– विजय तेंडुलकर

Tendulkar 05

एक हत्यारा भी एक प्यार करने वाला पिता हो सकता है, इसलिए दुनियावी परिभाषाएं बहुत काम की नहीं होतीं.

– सखाराम बाइंडर (विजय तेंडुलकर)

Tendulkar 04

‘जवानी वापस नहीं आएगी. इसके रहते इसका इस्तेमाल करना चाहिए. तुम मेरे लिए बेटी की तरह हो – किसी और की’

– घासीराम कोतवाल (विजय तेंडुलकर)

Tendulkar 02

इंसान को अपना होंठ चबाकर, अपना ही खून चखने में मज़ा क्यों आता है?

– घासीराम कोतवाल (विजय तेंडुलकर)

Tendulkar 03

गीत में क्या रखा है? असली ख़ूबसूरती तो बच्चे की हंसी में है.

– हयवदन (गिरीश कर्नाड)

Girish 01

पानी पर लकीर नहीं खींची जा सकती, तभी तो नदी को स्मृति का भय नहीं होता.

– हयवदन (गिरीश कर्नाड)

Girish 02

एक शरीर से ही प्रेम क्यों हो ? जब भौंरा कई फूलों का रस पी सकता है तो उसे एक फूल के साथ क्यों बांधा जाए?

– हयवदन (गिरीश कर्नाड)

Girish 03

जादू में मेरी बहुत रुचि थी, काश कि मैं जादूगर बन पाता.

– गिरीश कर्नाड

Girish 05

इंसान को जीवन में एक बार अपराध ज़रूर करना चाहिए, इससे सदाचार का मूल्य पता चलता है

– तुगलक़ (गिरीश कर्नाड)

Girish 04 Copy

अब सुनहरा दौर इस दुनिया में कभी क़ायम नहीं हो सकता, वरनी. यहां हैं चंद लम्हे जो हम जी रहे हैं ! बस, इन पर से हमारी गिरफ़्त ढीली ना पड़े

– तुगलक़ (गिरीश कर्नाड)

Girish 06

मगर जब इंसान की पैदा की हुई गंदगी को साफ़ करना है, तो अल्लाह का नाम लेकर क्यों चीखूं?

– तुगलक़ (गिरीश कर्नाड)

Girish 07

आओ हम चिराग़ बनकर ज़िंदगी को रौशनी दें, रात बनकर धरती की तमाम सरहदों को मिटा दें.

– तुगलक़ (गिरीश कर्नाड)

Girish 08

चाहे तांबा हो या चांदी, उसकी क़ीमत उसके अदा करने वाले पर मुनहसिर होती है. लोग तो पत्थर के टुकड़े को भी अक़ीदत की नज़र से देखते हैं.

– तुगलक़ (गिरीश कर्नाड)

Girish 09

ईमान की बात, माने ख़ुदा की बात…उसे कहने में डर लगे, तो समझो वो बे-ईमानी की बात है.

– तुगलक़ (गिरीश कर्नाड)

Girish 10


ये वीडियो भी देखें:

इरफ़ान की असली कहानी: रियलस्टिक एक्टिंग करने की ज़िद, जिसे उन्होंने ताकत बनाया

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

पोस्टमॉर्टम हाउस

पाताल लोक: वेब सीरीज़ रिव्यू

'वैसे तो ये शास्त्रों में लिखा हुआ है लेकिन मैंने वॉट्सऐप पे पढ़ा था.‘

इरफ़ान के ये विचार आपको ज़िंदगी के बारे में सोचने पर मजबूर कर देंगे

उनकी टीचर ने नीले आसमान का ऐसा सच बताया कि उनके पैरों की ज़मीन खिसक गई.

'पैरासाइट' को बोरिंग बताने वाले बाहुबली फेम राजामौली क्या विदेशी फिल्मों की नकल करते हैं?

ऐसा क्यों लगता है कि आरोप सही हैं.

रामायण में 'त्रिजटा' का रोल आयुष्मान खुराना की सास ने किया था?

रामायण की सीता, दीपिका चिखालिया ने किए 'त्रिजटा' से जुड़े भयानक खुलासे.

क्या दूरदर्शन ने 'रामायण' मामले में वाकई दर्शकों के साथ धोखा किया है?

क्योंकि प्रसार भारती के सीईओ ने जो कहा, वो पूरी तरह सही नहीं है. आपको टीवी पर जो सीन्स नहीं दिखे, वो यहां हैं.

शी- नेटफ्लिक्स वेब सीरीज़ रिव्यू

किसी महिला को संबोधित करने के लिए जिस सर्वनाम का इस्तेमाल किया जाता है, उसी के ऊपर इस सीरीज़ का नाम रखा गया है 'शी'.

असुर: वेब सीरीज़ रिव्यू

वो गुमनाम-सी वेब सीरीज़, जो अब इंडिया की सबसे बेहतरीन वेब सीरीज़ कही जा रही है.

फिल्म रिव्यू- अंग्रेज़ी मीडियम

ये फिल्म आपको ठठाकर हंसने का भी मौका देती है मुस्कुराते रहने का भी.

गिल्टी: मूवी रिव्यू (नेटफ्लिक्स)

#MeToo पर करण जौहर की इस डेयरिंग की तारीफ़ करनी पड़ेगी.

कामयाब: मूवी रिव्यू

एक्टिंग करने की एक्टिंग करना, बड़ा ही टफ जॉब है बॉस!