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वो देश, जहां मिलिट्री सर्विस अनिवार्य है

भारतीय सेना आम नागरिकों को आकर्षित करने के लिए तीन साल के ‘टूर ऑफ ड्यूटी’ नाम का एक प्रोग्राम लॉन्च करने को लेकर सोच-विचार कर रही है. आसान भाषा में इसका मतलब यह है कि अगर यह प्रोग्राम आता है, तो आम लोग भी तीन साल तक सेना में काम कर सकेंगे. दुनिया में कई देश ऐसे हैं, जहां लोगों को मिलिट्री के लिए एक तय वक्त तक काम करना अनिवार्य है. अभी हम जानेंगे कि किन देशों में नागरिकों को मिलिट्री सेवा देना अनिवार्य है.

इज़रायल

यहां पुरुष और महिला, दोनों के लिए मिलिट्री सर्विस अनिवार्य है. पुरुष इज़रायली रक्षा बल (IDF) में तीन साल और महिला करीब दो साल तक सेवा देती हैं. यह देश-विदेश में रह रहे इज़रायल के सभी नागरिकों पर लागू होता है. नए प्रवासी और कुछ धार्मिक समूहों को मेडिकल आधार पर छूट दी जाती है.

Israeli Army
इज़रायली सैनिक (फोटो: रॉयटर्स)

ब्राज़ील

18 से ज्यादा की उम्र के लिए मिलिट्री सेवा अनिवार्य है. यह 10-12 महीनों के लिए होता है. लोगों को सिर्फ स्वास्थ्य कारणों से लोगों को छूट मिलती है. अगर आप यूनिवर्सिटी में पढ़ रहे हैं, तो आप बाद में सेवा दे सकते हैं. कई बार सेना में संभावित भर्ती को टाल दिया जाता है, क्योंकि संबधित समय में 18 साल के बहुत से लड़के होते हैं. लड़कों को मिलिट्री जॉइन करने से पहले फिजिकल टेस्ट देना पड़ता है.

दक्षिण कोरिया

यहां राष्ट्रीय सैन्य सेवा को लेकर सख्त नियम हैं. सभी सक्षम पुरुषों को सेना में 21 महीने, नौसेना में 23 महीने और वायुसेना में 24 महीने सर्विस देनी होती है. कुछ अपवाद भी हैं, जैसे कि अगर कोई ओलंपिक या एशियन खेलों में गोल्ड मेडल जीता हो. पुलिस फोर्स, कोस्ट गार्ड, फायर सर्विस सहित कई सरकारी विभाग में भी काम करने का ऑप्शन रहता है. दक्षिण कोरिया में सबसे ज्यादा साल तक अनिवार्य सैन्य सेवा करनी होती है. पुरुषों को करीब 11 साल और महिलाओं के लिए करीब 7 साल.

तुर्की

यहां भी 20 साल से ज्यादा की उम्र के लड़कों के लिए मिलिट्री सर्विस अनिवार्य है. कुछ अपवाद हैं, जैसे कि पढ़ाई कर रहे हैं, तो बाद में सर्विस कीजिए. तुर्की के लोग, जो कम से कम तीन साल से विदेश में रहे हैं, वो एक तय फीस देकर सैन्य सेवा से छूट ले सकते हैं. महिलाएं सेना में सेवा करने को बाध्य नहीं हैं, लेकिन वह मिलिट्री ऑफिसर बन सकती हैं.

रूस

यहां 12 महीने तक सैन्य सेवा अनिवार्य है. 18-27 साल की उम्र तक. कुछ मामलों में ढील है. लोग बचने के लिए भी कई रास्ते खोजते हैं. कई लोग जान-बूझकर आगे की पढ़ाई करते रहते हैं, ताकि सर्विस से बचे रहें.

Russian Army
मार्च करते हुए रूसी सैनिक (फोटो: रॉयटर्स)

सीरिया

सभी सीरियाई पुरुषों के लिए सैन्य सेवा अनिवार्य है. मार्च 2011 में राष्ट्रपति बशर अल असद ने अनिवार्य मिलिट्री सर्विस को 21 महीने से घटाकर 18 महीने कर दिया था. सैन्य सेवाओं को टालने वाले लोगों की नौकरी तक जा सकती है. सर्विस देने से भागने वाले लोगों को जेल की सजा तक का प्रावधान है. महिलाओं के लिए ऐसा नहीं है, वह वॉलंटियर सर्विस दे सकती हैं.

स्विट्जरलैंड

यहां 18 से 34 साल के बीच के पुरुषों के लिए सैन्य सेवा अनिवार्य है. मूल सेवा करीब 5 महीने से लेकर 8 महीने तक लंबी है, इसके बाद सालाना एक्स्ट्रा ट्रेनिंग दी जाती है. महिलाएं को लिए मिलिट्री सर्विस अनिवार्य नहीं हैं. लेकिन वे स्वेच्छा से जुड़ सकती हैं.

इरीट्रिया

पूर्वी अफ्रीका का देश है इरीट्रिया. यहां युवा लड़के और अविवाहित महिलाओं को 18 महीने सैन्य सेवा में देना अनिवार्य है. कई ह्यूमन राइट्स संस्थाएं कहती हैं कि कई मामले में सर्विस को अनिश्चितकाल के लिए बढ़ाया जाता है.

चीन का केस थोड़ा पेचीदा है. तकनीकी तौर पर चीन के नागरिकों को मिलिट्री सर्विस करना अनिवार्य है, लेकिन देश में अनिवार्य सैन्य सेवा 1949 के बाद से ही लागू नहीं की गई है, क्योंकि आर्मी को लगता है कि लोग स्वेच्छा से आते ही हैं.

कंपलसरी मिलिट्री सर्विस के लिए 18-22 साल की उम्र में युवा आते हैं. दो साल की सर्विस के लिए. वॉलंटियर सर्विस के लिए कोई न्यूनतम उम्र तय नहीं है. स्पेशल एडमिनिस्ट्रेशन क्षेत्र, जैसे कि हॉन्ग कॉन्ग और मकाऊ के लोगों को सेना में शामिल होने से छूट दी गई है.

इन देशों के साथ ही ऑस्ट्रिया, म्यांमार, ईरान, यूक्रेन सहित कई देशों में लोगों के लिए सैन्य सेवा करना अनिवार्य है.

Indian Army
भारतीय सैनिक (फोटो: रॉयटर्स)

भारत, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, पाकिस्तान, इंग्लैंड, अमेरिका जैसे देशों में ऐसा कुछ अनिवार्य नहीं है कि आपको मिलिट्री सर्विस करनी ही पड़ेगी.

मौजूदा वक्त में इंडियन आर्मी में सबसे कम सेवा के लिए लोग शॉर्ट सर्विस कमीशन को चुनते रहे हैं. शार्ट सर्विस कमीशन के तहत कम से कम 10 साल तक मिलिट्री सेवा करनी होती है. अगर तीन साल का कोई प्रोग्राम आता है, तो भारत में कई लोग इससे जुड़ेंगे.


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