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22 बातों में जानिए 'पुष्पा' वाले सुपरस्टार अल्लू अर्जुन की पूरी कहानी

तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री आज के समय में इंडिया की सबसे बड़ी फिल्म इंडस्ट्रीज़ में से एक है. यहां हर साल 200 से ज़्यादा फिल्में बनती हैं. मगर इस इंडस्ट्री को कुछ इंफ्लूएंशियल फैमिलीज़ मिलकर कंट्रोल करती हैं. ये लोग एक्टिंग से लेकर फिल्म प्रोडक्शन और डिस्ट्रिब्यूशन हर बिज़नेस में इनवॉल्व्ड रहते हैं. खासकर दो फैमिलीज़-

# अल्लू-चिरंजीवी फैमिली
# अक्किनेनी-डग्गूबाती फैमिली

अल्लू-चिरंजीवी फैमिली के दो सबसे बड़े नाम हैं- मेगास्टार चिरंजीवी और अल्लू अर्जुन. वहीं, अक्किनेनी-डग्गूबाती परिवार को नागार्जुन और राणा डग्गूबाती के नाम से जाना जाता है. आज की हमारी बातचीत अल्लू अर्जुन के बारे में है, इसलिए फिलहाल अपना फोकस अल्लू-चिरंजीवी फैमिली के ऊपर रखते हैं. अल्लू अर्जुन को जानने से पहले हमें उनका बैकग्राउंड जानना ज़रूरी है. क्योंकि इस चीज़ ने उनके जीवन के कई फैसलों को प्रभावित किया.

1922 में पैदा हुए डॉ. अल्लू रामा लिंगय्या तेलुगु फिल्मों में एक्टर थे. उन्होंने हज़ार से ज़्यादा फिल्मो में काम किया, जिनमें से अधिकतर कॉमिक रोल्स थे. सिनेमा के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें पद्मश्री से नवाज़ा गया. रामा लिंगय्या को चार बच्चे हुए- अल्लू अरविंद, सुरेखा कोनिडेला, वसंत लक्ष्मी और नव भारती. वसंत और भारती फिल्मों से दूर रहे. मगर उनके भाई अल्लू अरविंद ने फिल्म प्रोडक्शन और डिस्ट्रिब्यूशन में कदम रखा. 1972 में उन्होंने गीता आर्ट्स नाम की प्रोडक्शन कंपनी शुरू की. इस कंपनी के तले वो पहले छोटी फिल्में प्रोड्यूस किया करते थे. आगे चलकर आमिर खान स्टारर ‘गज़नी’ समेत कई बड़े लेवल की तेलुगु फिल्में भी बनाईं. समय के साथ अरविंद तेलुगु इंडस्ट्री के प्रॉमिनेंट फिगर के तौर पर देखे जाने लगे. 1980 में अरविंद की बहन सुरेखा ने सुपरस्टार चिरंजीवी से शादी कर ली. सुरेखा ही वो कड़ी हैं, जो अल्लू और चिरंजीवी फैमिली को जोड़ती हैं.

पत्नी सुरेखा के साथ मेगास्टार चिरंजीवी.
पत्नी सुरेखा के साथ मेगास्टार चिरंजीवी.

अल्लू अरविंद और उनकी पत्नी निर्मला को तीन बच्चे हुए- वेंकटेश, अर्जुन और शिरीष. वेंकटेश और अर्जुन ने बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट अपने करियर की शुरुआत 1985 में आई फिल्म ‘विजेता’ से की थी. इस फिल्म को उनके पिता अल्लू अरविंद ने प्रोड्यूस किया था और लीड एक्टर थे, फूफा चिरंजीवी. ये इकलौती फिल्म रही, जिसमें वेंकटेश ने बतौर एक्टर काम किया. मगर अल्लू अर्जुन ने आगे उसी फील्ड में कंटिन्यू किया और आज के समय में वो तेलुगु इंडस्ट्री के बोनाफाइड सुपरस्टार माने जाते हैं.

पिछले दिनों अल्लू अर्जुन ‘पुष्पा’ नाम की फिल्म में दिखाई दिए. ये उनकी पहली फिल्म थी, जिसे हिंदी भाषा में भी रिलीज़ किया गया. इस फिल्म ने एक तरह से उन्हें तेलुगु से उठाकर पैन-इंडिया लेवल पर लॉन्च कर दिया. ऐसे में हम आपको अल्लू अर्जुन की लाइफ से जुड़ी 22 बातें बताएंगे, जिससे आपको उनकी कहानी समझने में आसानी होगी.

अपने दोनों भाइयों वेंकटेश (बाएं) और शिरीष (दाएं) के साथ अल्लू अर्जुन.
अपने दोनों भाइयों वेंकटेश (बाएं) और शिरीष (दाएं) के साथ अल्लू अर्जुन.

1) अल्लू अर्जुन का जन्म 8 अप्रैल, 1982 को चेन्नई में हुआ था. उनका बचपन वहीं गुज़रा. काफी समय के बाद वो हैदराबाद शिफ्ट हुए. तब तक उनका फिल्मों में जाने का कोई इरादा नहीं था.

2) अर्जुन बचपन से पियानो टीचर बनना चाहते थे. थोड़े बड़े हुए तो मार्शल आर्ट्स में दिलचस्पी जगी. फिर सोचा कि अमेरिकन स्पेस एजेंसी NASA में काम करना है. मगर बीतते समय के साथ इन चीज़ों का फितूर भी सिर से उतरता चला गया. फाइनल हुआ कि एनिमेशन की फील्ड में जाएंगे. इसके लिए कोर्स वगैरह किया और विज़ुअल इफेक्ट सुपरवाइज़र के तौर पर काम करने लगे.

3) वो एक ऐसी फिल्म फैमिली से आते हैं, जिसमें ऑलरेडी 12 स्टार्स हैं. इसमें चिरंजीवी और अल्लू दोनों परिवारों की नई-पुरानी दोनों जेनरेशन के लोग शामिल हैं. फिल्म कंपैनियन के लिए अनुपमा चोपड़ा को दिए इंटरव्यू में अर्जुन बताते हैं कि उन्हें लगा कि फिल्म लाइन में आना उनके लिए अच्छा ऑप्शन रहेगा. यहां उन्हें चीज़ें बिल्कुल बुनियादी लेवल से शुरू नहीं करनी पड़ेंगी. क्योंकि उनके दादा, पिता और फूफा ने एक बेस बनाकर रखा है. इसलिए वो एक्टिंग में आ गए. मगर अर्जुन बताते हैं कि जब उन्होंने कैमरे के सामने परफॉर्म करना शुरू किया, तो उन्हें अलग टाइप की फीलिंग आने लगी. बेसिकली वो उसे एंजॉय करने लगे. ‘डैडी’ फिल्म में अर्जुन की अपीयरेंस का वीडियो आप नीचे देख सकते हैं-

4) फिल्मों में डेब्यू तो वो 1985 में ही कर चुके थे. 2001 में वो चिरंजीवी की फिल्म ‘डैडी’ में एक डांसर के छोटे से रोल में भी दिखाई दिए थे. मगर जब तय हुआ कि फिल्मों में एक्टिंग ही करनी है, तो अर्जुन को मुंबई भेजा गया. किशोर नमित कपूर के यहां से उन्हें एक्टिंग की ट्रेनिंग दिलवाई गई. 2003 में पिता के प्रोडक्शन में बनी फिल्म ‘गंगोत्री’ से ऑफिशियली लॉन्च किया गया. मगर के. राघवेंद्र राव डायरेक्टेड ये फिल्म कुछ खास नहीं चली.

5) अल्लू अर्जुन के करियर की पहली सक्सेसफुल फिल्म रही सुकुमार डायरेक्टेड ‘आर्या’. 4 करोड़ रुपए के बजट में बनी इस फिल्म ने 30 करोड़ रुपए का कारोबार किया. कई फिल्ममेकर ‘आर्या’ को हिंदी में रीमेक करना चाहते थे. मगर अब तक ऐसा हो नहीं पाया है.

फिल्म 'आर्या' के एक सीन में अल्लू अर्जुन. ये डायरेक्टर सुकुमार के करियर की पहली फिल्म थी.
फिल्म ‘आर्या’ के एक सीन में अल्लू अर्जुन. ये डायरेक्टर सुकुमार के करियर की पहली फिल्म थी.

6) वो आगे अपने करियर में ‘देसामुंदुरु’, ‘वरुडू’, ‘वेदम’, ‘येवडु’ और ‘रेस गुर्रम’ जैसी कमर्शियली सक्सेसफुल फिल्मों में नज़र आए. जिससे मार्केट में अर्जुन की इमेज एक बैंकेबल स्टार की बन गई, जिसे एक्टिंग और डांस भी आता है.

7) मनी स्पिनर सिनेमा बनाने के बीच अल्लू अर्जुन ने एक शॉर्ट फिल्म में भी काम किया, जिसे सुकुमार ने डायरेक्ट किया था. इसका नाम था- I Am That Change. ये शॉर्ट फिल्म ये कहना चाहती थी कि हमारी की हुई छोटी-छोटी चीज़ें बड़े बदलाव का कारण बन सकती हैं. वो शॉर्ट फिल्म आप नीचे देख सकते हैं-

8)अल्लू अर्जुन उन चुनिंदा तेलुगु स्टार्स में से हैं, जिनकी फिल्में केरल में भी देखी जाती है. मलयाली फैंस उन्हें ‘मल्लू अर्जुन’ नाम से बुलाते हैं. वहां उनके सैकड़ों फैन क्लब्स चलते हैं. मलयालम में अर्जुन की इस पॉपुलैरिटी की वजह उनकी एनर्जी और डांसिंग स्किल्स बताई जाती है. उनकी फिल्में केरल में रिलीज़ करने वाले डिस्ट्रिब्यूटर्स बताते हैं कि कोई मलयालम फिल्म स्टार अल्लू अर्जुन जैसा डांस नहीं कर सकता.

9) पिछले कुछ सालों में अर्जुन ने एक के बाद एक ब्लॉकबस्टर फिल्में दी हैं. इसमें ‘S/O सत्यमूर्ति’ से लेकर ‘DJ’ और ‘अला वैकुंठपुरमुलो’ जैसी फिल्में शामिल हैं. ‘DJ’ फिल्म से उनका गाना ‘सीटीमार’ भयंकर हिट रहा. यही वजह रही कि उसे सलमान खान की फिल्म ‘राधे’ के लिए हिंदी में रीमेक किया गया. इस बात के लिए सलमान खान की बड़ी फजीहत हुई कि वो अल्लू अर्जुन के डांस स्टेप्स के आसपास भी नहीं पहुंच पाए. बाकी गाना खराब किया, सो अलग. अल्लू अर्जुन वाला ‘सीटीमार’ आप नीचे देखिए:

10) फिल्मों में काम करने वाले लोगों पर हमेशा नेपोटिज़्म यानी भाई-भतीजावाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया जाता है. जब अर्जुन से इस बारे में बात की गई, तो उन्होंने कहा-

”मैं पूरी विनम्रता के साथ ये कहना चाहूंगा कि मेरे पिता प्रोड्यूसर थे, इसिलए फिल्मों में आना मेरे लिए आसान था. इसमें कोई दो-राय नहीं है कि मेरे करियर के शुरुआती दौर में ये चीज़ मेरे लिए बहुत मददगार साबित हुई. मगर सेल्फ-मेड एक्टर्स के लिए मेरे मन में एक खास सम्मान रहता है. मगर हमारी भी अपनी स्ट्रगल है.”

11) अल्लू अर्जुन और उनकी फैमिली के एक फैन हुआ करते थे नूर मोहम्मद. वो लंबे समय से इस फैमिली को फॉलो करते आ रहे थे. 2019 में उनकी डेथ हो गई. इस मुश्किल वक्त में अर्जुन उनके घर गए. उनके परिवार के साथ समय बिताया. उनकी आर्थिक मदद की. इस घटना से एक-दो दिन बाद अल्लू अर्जुन की फिल्म ‘अला वैकुंठपुरमुलो’ का टीज़र रिलीज़ होना था. मगर नूर मोहम्मद की डेथ की वजह से अर्जुन ने टीज़र रिलीज़ इवेंट को पोस्टपोन करवा दिया. साउथ इंडियन स्टार्स और उनके फैंस के बीच अनकहा मगर बड़ा मजबूत बॉन्ड पाया जाता है. यही वजह है कि उनके यहां स्टार वर्शिपिंग का कल्चर अब तक चल रहा है. लोग स्टार्स के नाम पर भर-भरकर थिएटर्स में फिल्में देखने पहुंचते हैं.

फैमिली फैन नूर मोहम्मद के साथ अल्लू अर्जुन.
फैमिली फैन नूर मोहम्मद के साथ अल्लू अर्जुन.

12) मिसाल के तौर पर, अल्लू अर्जुन की ही फिल्म ‘अला वैकुंठपुरमुलो’ को ले लीजिए. ये ‘बाहुबली’ के बाद तेलुगु भाषा की सबसे ज़्यादा कमाई करने वाली फिल्म है. वो भी तब, जब इसे हिंदी में रिलीज़ नहीं किया गया था. त्रिविक्रम श्रीनिवास डायरेक्टेड इस फिल्म ने देशभर से 270 करोड़ रुपए से ज़्यादा का कारोबार किया. अब इस फिल्म को कार्तिक आर्यन के साथ हिंदी में रीमेक किया जा रहा है. ‘शहज़ादा’ नाम से बन रही इस फिल्म को रोहित धवन डायरेक्ट कर रहे हैं.

फिल्म 'अला वैकुंठपुरमुलो' के एक गाने में अल्लू अर्जुन.
फिल्म ‘अला वैकुंठपुरमुलो’ के एक गाने में अल्लू अर्जुन.

13) अल्लू अर्जुन अपनी फिल्मों के चुनाव को लेकर बड़े सजग रहते हैं. इसके लिए उन्होंने एक ट्रिक ईजाद की है. उनकी हर नई फिल्म का जॉनर, उनकी पिछली दो फिल्मों से अलग होता है. मगर इसमें भी एक कैच है. बकौल अर्जुन, उन्हें हिंदी और साउथ इंडियन सिनेमा के बीच सबसे बड़ा फर्क लगता है जॉनर स्पेसिफिक होना. यानी हिंदी फिल्में एक खास जॉनर में बंधकर बनाई जाती हैं. मगर तेलुगु या अन्य साउथ इंडियन भाषा में बनने वाली फिल्में मल्टी-जॉनर होती हैं. यानी एक ही फिल्म के एक अंदर एक्शन से लेकर फैमिली, कॉमेडी और रोमैंस सबकुछ है. इसलिए उन्हें लिए अपनी पिछली फिल्मों से अलग जॉनर की फिल्म चुनने में मुश्किल आती है.

14) अल्लू अर्जुन बताते हैं कि वो जब भी फिल्म साइन करते हैं, तो उस प्रोजेक्ट की कमर्शियल वायबलिटी देखते हैं. उनका ध्यान इस बात पर रहता है कि फिल्म टिकट खिड़की पर बढ़िया परफॉर्म करने वाली हो. प्लस फिल्म में उनके पास परफॉरमेंस का स्कोप भी हो. उनका फिल्म सेलेक्शन क्राइटिरिया यही है.

15) अल्लू अर्जुन के पिता अल्लू अरविंद खुद नामी फिल्म प्रोड्यूसर हैं. नियमित अंतराल पर बाप-बेटे किसी न किसी फिल्म पर साथ काम करते रहते हैं. एक इंटरव्यू में उनसे पूछा गया कि उनके बीच पैसों का लेन-देन कैसे होता है. ये पर्सनल तरीके से हैंडल होता है या प्रोफेशनल तरीके से? इसके जवाब में अर्जुन बताते हैं कि उनकी प्रोडक्शन कंपनी गीता आर्ट्स में एक प्रोड्यूसर हैं. वो अर्जुन और उनके पिता के बीच मीडिएटर का काम करते हैं. अर्जुन अपनी मार्केट फीस उन्हें बता देते हैं. उसके बाद उन दोनों के बीच नेगोसिएशन होता है. फिर वो रकम अल्लू अरविंद को बता दी जाती है. मगर दिक्कत वाली बात ये कि अर्जुन को अपने पिता के साथ काम करने में अप-फ्रंट फीस लेनी पड़ती है. यानी फिल्म की कमाई का कोई हिस्सा उन्हें नहीं मिलता. वो सीधे प्रोड्यूसर यानी पापा के पास चला जाता है.

एक फिल्म इवेंट के दौरान अपने पति अल्लू अरविंद के साथ अल्लू अर्जुन.
एक फिल्म इवेंट के दौरान अपने पिता अल्लू अरविंद के साथ अल्लू अर्जुन.

16) सोशल मीडिया पर महेश बाबू और अल्लू अर्जुन के फैंस के बीच काफी भिड़ंत होती रहती है. दबी जुबान में ऐसा कहा जाता है कि अल्लू अर्जुन का जितना बढ़िया रैपो बाकी स्टार्स के साथ है, वैसा महेश बाबू के साथ नहीं है. ये कॉम्पटीशन की वजह से हो सकता है. या शायद उनका कोई निजी मसला रहा हो. मगर इस बारे में दोनों में से किसी भी स्टार ने खुलकर बात नहीं की है. जब इस ‘फैन वॉर’ के बारे में अल्लू अर्जुन से पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि इसे ‘फैन वॉर’ नहीं कहा जाना चाहिए. और जब तक बात सभ्य भाषा में हो रही है, तब तक दिक्कत की कोई बात नहीं. मगर सोशल मीडिया पर जो लोग गाली-गलौज करते हैं, वो उनके फैंस नहीं हो सकते.

17) सुकुमार ने जब ‘पुष्पा’ का आइडिया कंसीव किया, तो सबसे पहले महेश बाबू के पास पहुंचे. उन्होंने ये फिल्म महेश को ऑफर की. महेश शुरुआती तौर पर फिल्म से जुड़े रहे. मगर कुछ समय के बाद क्रिएटिव डिफरेंस का हवाला देते हुए फिल्म से अलग हो गए. इसके बाद इस फिल्म में अल्लू अर्जुन ने लीड रोल किया.

अल्लू अर्जुन और महेश बाबू के फैंस के बीच सोशल मीडिया पर लड़ाई चलती रहती है. मगर उन दोनों के बीच क्या मसला है, ये साफ नहीं है.
अल्लू अर्जुन और महेश बाबू के फैंस के बीच सोशल मीडिया पर लड़ाई चलती रहती है. मगर उन दोनों के बीच क्या मसला है, ये साफ नहीं है.

18) ‘पुष्पा’ दो फिल्मों की सीरीज़ होने वाली है, जिसका पहला पार्ट ‘पुष्पा- द राइज़’ रिलीज़ हो चुका है. दूसरे पार्ट, ‘पुष्पा- द रूल’ के दिसंबर 2022 तक रिलीज़ होने की संभावना है. ये अल्लू अर्जुन की पहली फिल्म है, जिसे हिंदी में भी रिलीज़ किया गया है. इस फिल्म के लिए अल्लू अर्जुन की आवाज़ की हिंदी डबिंग एक्टर श्रेयर तलपड़े ने की है.

19) ‘पुष्पा’ के लिए विलन यानी पुलिसवाले का किरदार निभाया है फहद फासिल ने. टेक्निकली तो पुलिसवाला इस फिल्म का विलन नहीं हो सकता. क्योंकि पुष्पा राज ही फिल्म का विलन है. खैर, जब पुलिसवाले रोल के लिए एक्टर्स की तलाश चल रही थी, तब अल्लू अर्जुन का ब्रीफ काफी क्लीयर था. उन्हें इस रोल के लिए एक अच्छा एक्टर चाहिए. मगर उन्हें सिर्फ अच्छा एक्टर नहीं, ‘प्रॉपर स्टार इमेज’ वाला अच्छा एक्टर चाहिए था. इसलिए ये फिल्म मलयालम स्टार फहद फासिल को ऑफर की गई. फहद को कहानी अच्छी लगी और वो इस फिल्म में काम करने को तैयार हो गए.

फिल्म 'पुष्पा' के एक सीन में फहाद फासिल.
फिल्म ‘पुष्पा’ के एक सीन में फहद फासिल.

20)अल्लू अर्जुन कई बार कह चुके हैं कि वो बॉलीवुड फिल्मों में काम करना चाहते है. उनका कहना है कि वो लोग बचपन से हिंदी फिल्में देखकर बड़े हुए हैं. उनके लिए हिंदी फिल्म में का करना बड़ी एस्पिरेशनल चीज़ है. वो पिछले कुछ समय से हिंदी फिल्मों की स्क्रिप्ट देख रहे है. जैसे ही कुछ ठीक लगता है, वो अपना हिंदी फिल्म डेब्यू करेंगे.

21) अल्लू अर्जुन ने 2011 में स्नेहा रेड्डी से शादी की. इस शादी से उन्हें दो बच्चे हैं. बेटा अयान और बिटिया अरहा. अरहा जल्द ही समांथा रुथ प्रभु की फिल्म ‘शकुंतलम’ से अपना एक्टिंग डेब्यू करने जा रही हैं.

पत्नी स्नेहा, बेटा अयान और बिटिया अरहा के साथ अल्लू अर्जुन.
पत्नी स्नेहा, बेटा अयान और बिटिया अरहा के साथ अल्लू अर्जुन.

22) अल्लू अर्जुन ने 2016 में एक ‘800 जुबिली’ नाम का एक नाइटक्लब शुरू किया था. इसके अलावा वो एक ऐसी कंपनी से जुड़े हुए हैं, जो हाई-प्रोफाइल लोगों को लग्ज़री कारें उपलब्ध करवाती है.


वीडियो देखें: ‘पुष्पा’ के विलन फहाद फासिल की रियल कहानी

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