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'बेल बॉटम' की लारा को तो पहचान लिया, लेकिन क्या मेकअप के बाद इन 9 एक्टर्स को पहचान पाए?

लंबे समय से थिएटर बंद रहने के चलते डिले होती रही अक्षय कुमार की फिल्म ‘बेल बॉटम’ अब फाइनली थिएटर पर रिलीज़ होने जा रही है. 19 अगस्त को. फिल्म में अक्षय के अलावा वाणी कपूर, हुमा कुरेशी और लारा दत्ता जैसे एक्टर्स भी हैं.

03 अगस्त को फिल्म का ट्रेलर रिलीज़ हुआ. जहां अक्षय एक जासूस बने नज़र आ रहे हैं. जिसका कोड नेम ‘बेल बॉटम’ है. वाणी कपूर उनकी पत्नी का किरदार निभा रही हैं. साढ़े तीन मिनट का ट्रेलर खत्म हुआ. लेकिन एक सवाल दर्शकों को खटकने लगा. कास्ट में से अक्षय, हुमा, वाणी सब दिखे. लेकिन लारा दत्ता कहां हैं. क्या उन्हें जानबूझकर छुपाया गया है. लेकिन थोड़ी ही देर में मिस्ट्री सॉल्व हो गई. लारा को छुपाया नहीं था. बस वो दर्शकों की आंखों से छुप गईं. जिसमें उनकी मदद की मेकअप ने. ट्रेलर के कुछ सीन्स में इंदिरा गांधी दिखाई दे रही हैं. दर्शकों की हैरानी का ठिकाना नहीं रहा, जब पता चला कि ये इंदिरा गांधी कोई और नहीं बल्कि लारा दत्ता थीं. सोशल मीडिया पर लोग लिखने लगे कि भाई कोई इस मेकअप आर्टिस्ट को नैशनल अवॉर्ड दो.

फिल्म के ट्रेलर को आए दो दिन हो चुके हैं. लेकिन अक्षय या स्पाइ थ्रिलर स्टोरी की जगह सारा फोकस है लारा दत्ता के गेटअप पर. देखकर लग रहा है कि उनके लुक के इर्द-गिर्द बना बज़ जल्दी नहीं खत्म होने वाला. लेकिन ये पहला मौका नहीं जब इंडियन सिनेमा में किसी एक्टर ने प्रॉस्थेटिक की मदद से गेटअप चेंज कर सबको हैरानी में डाल दिया हो. ऐसे ही कुछ एक्टर्स के बारे में जानेंगे. जिन्होंने ऐसा रूप बदला कि ऑडियंस के मुंह से ‘आईला, ऊई मां’ निकल गया.

Spotlight


#1. कमल हासन
फिल्म – चाची 420, इंडियन

इंडियन सिनेमा की हिस्ट्री जब भी लिखी जाएगी, उसमें कमल हासन पर एक चैप्टर अलग से होगा. उनका योगदान ही कुछ ऐसा रहा है. फिर चाहे वो ‘नायकन’ जैसी फिल्म हो या ‘चाची 420’. किसी ने हमें एंटरटेन किया तो किसी ने सोचने पर मजबूर कर दिया. ‘चाची 420’ याद करते ही लक्ष्मी चाची याद आती है. वो चिकनी चुपड़ी चाची जिसके नामकरण वाली कहानी भी क्या गज़ब ही थी. ‘Mrs. Doubtfire’ से प्रेरित इस हिंदी फिल्म में कमल हासन ने 75 साल की औरत का किरदार निभाया. उनके मेकअप पर करीब पांच घंटे का वक्त लगता था. उस समय इतना एडवांसमेंट नहीं हुआ था. इसलिए वो मेकअप ज्यादा से ज्यादा चार-पांच घंटे ही टिक पाता था. मेकअप के दौरान उनके चेहरे पर फाउंडेशन लगाया जाता था. जिससे उन्हें ऐलर्जी की शिकायत होने लगी. एलर्जी की वजह से उनकी आंखों के नीचे झुर्रियां भी पड़ने लगी. फिर भी उन्होंने किरदार को नहीं छोड़ा.

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ऐसा क्या है जो कमल हासन नहीं कर सकते. (फोटो: ‘इंडियन’ के एक शॉट में कमल )

कमल हासन की कमिटमेंट ही कुछ ऐसी है. मेकअप और प्रॉस्थेटिक को लेकर उन्होंने ऐसा ही एक्सपेरिमेंट अपनी फिल्म ‘इंडियन’ में भी किया था. जिसे बनाया था शंकर ने. फिल्म में कमल हासन ने डबल रोल प्ले किया. एक अपना जवान वर्ज़न. और दूसरा एक बूढ़े स्वतंत्रता सेनानी का. बूढ़े सेनानी वाले लुक के लिए हॉलीवुड के मेकअप आर्टिस्टस माइकल वेस्टमोर और माइकल जोंस को बुलाया गया.


#2. अमिताभ बच्चन
फिल्म: पा

फिल्म अपने मेकअप को लेकर कितना सीरियस थी, इसका अंदाज़ा आप इसी बात से लगा लीजिए कि टोटल बजट का 10% सिर्फ मेकअप पर खर्च हुआ था. अमिताभ बच्चन के किरदार ऑरो के मेकअप पर. फिल्म में अमिताभ ने एक 12 साल के बच्चे का रोल निभाया. जो प्रोगेरिया नामक रेयर जेनेटिक डिसॉर्डर से जूझ रहा है. किसी भी एक्टर के लिए प्रॉस्थेटिक मेकअप किसी टॉर्चर से कम नहीं. अमिताभ के लिए भी था. उनके मेकअप पर चार घंटे लगातार काम होता था. जिस दौरान वो कुछ खा, पी भी नहीं सकते थे. डायरेक्टर आर बाल्की ने मेकअप डिपार्टमेंट की जिम्मेदारी सौंपी हॉलीवुड के दो मेकअप आर्टिस्टस को. क्रिश्चियन टिन्सले, जिन्हें ‘द पैशन ऑफ द क्राइस्ट’ पर अपने काम के लिए ऑस्कर नॉमिनेशन मिला था. और दूसरी थीं डॉमिनी टिल. जिन्होंने ‘लॉर्ड ऑफ द रिंग्स’ फिल्म सीरीज़ पर काम किया था.

फिल्म पर अपने काम के लिए डॉमिनी और क्रिश्चियन को बेस्ट मेकअप आर्टिस्ट के नैशनल अवॉर्ड से सम्मानित किया गया. वहीं, अमिताभ को भी उनकी परफॉरमेंस के लिए बेस्ट एक्टर के नैशनल अवॉर्ड से सम्मानित किया गया.


#3. राजकुमार राव
फिल्म: राब्ता

राजकुमार राव. वो एक्टर जो किरदार के हर ट्रेट को अपना लेते हैं. उसकी स्किन में ढल जाते हैं. वो भी बिना किसी एफर्ट के. लेकिन ‘राब्ता’ में अपने रोल के लिए उन्हें मेहनत करनी पड़ी. प्रॉस्थेटिक की गर्मी को झेलना पड़ा. फिल्म में राजकुमार ने एक 324 साल के आदमी का किरदार निभाया. बूढ़ा, चेहरा लटका हुआ और जिसकी चाल में थकान थी. यूं तो फिल्म में राज का सिर्फ गेस्ट अपीयरेंस था, फिर भी उन्होंने अपने किरदार के लिए 16 लुक टेस्ट दिए. अंत में डायरेक्टर दिनेश विजन के साथ बैठकर एक लुक फाइनल कर डाला. लॉस एंजिल्स से एक स्पेशल टीम को बुलाया गया. जिसने प्रॉस्थेटिक आर्टिस्ट ज़ूबी जोहल के साथ मिलकर राज के लुक पर काम किया. राज ने अपने एक इंटरव्यू में बताया था कि प्रॉस्थेटिक के दौरान उन्हें पांच से छह घंटों का वक्त लगता था. प्रॉस्थेटिक मेकअप की लेयर्स की वजह से उन्हें बहुत गर्मी लगती और अंदर ही अंदर पसीने आते रहते. लेकिन उन्होंने धैर्य नहीं छोड़ा.

इतनी डेडिकेशन, वो भी सिर्फ गेस्ट अपीयरेंस के लिए. ऐसा एग्ज़ाम्पल राजकुमार राव जैसा एक्टर ही सेट कर सकता है.


#4. विक्रम
फिल्म: आई

विक्रम सिर्फ एक एक्टर नहीं, एक बहरूपिये हैं. जिन्हें लीक से हटकर किरदार चुनने का एक अलग ही चस्का है. और वो ऐसा पैसों के लिए नहीं करते. बस एक बार उन्हें कोई किरदार पसंद आ जाए. फिर कोई कसर नहीं छोड़ते. चाहे वो खुद को ही शारीरिक या मानसिक प्रताड़ना देना क्यों न हो. शंकर की ‘आई’ में भी उन्होंने ऐसा ही किया. यहां उन्होंने लिंगेसन नाम के बॉडी बिल्डर का किरदार निभाया. आगे चलकर जिसका शरीर खराब हो जाता है और वो कुबड़ा बन जाता है. बॉडीबिल्डर वाले लुक के लिए वेट बढ़ाया. फिर तुरंत कुबड़े वाले पार्ट के लिए उसे घटाया भी. जब भी उनके कुबड़े वाले मेकअप में सीन होते, तब वो सेट पर सबसे पहले आते. और सबसे आखिर में जाते. ऐसा इसलिए क्योंकि उनके मेकअप में करीब 14 घंटे का वक्त लगता था. और उसे हटाने में सात घंटे लग जाते थे.

Vikram In I
विक्रम ने अपने इंटरव्यू में बताया था कि उन्हें खुद को देखकर घिन आती थी.

जब फिल्म से उनके लुक की फोटोज़ रिलीज़ हुई तो उनके फैन्स डर गए. कि विक्रम अपनी बॉडी के साथ क्या कर रहे हैं. लेकिन जुनून के पक्के विक्रम ने किरदार के अलावा किसी और बारे में नहीं सोचा और अपना बेस्ट डिलिवर किया.


#5. शाहरुख खान
फिल्म: फैन

‘फैन’. वो फिल्म जहां शाहरुख ने खुद को चैलेंज किया. अपने स्टार स्टेटस को चैलेंज किया. एक एक्सपेरिमेंट कर के. फिल्म में शाहरुख अपने ही फैन बने हैं. एक सुपरस्टार है आर्यन खन्ना. और एक है उसका फैन. 25 साल का लड़का गौरव. दोनों रोल शाहरुख ने अदा किए. फिल्म के डायरेक्टर मनीष शर्मा जानते थे कि प्रॉस्थेटिक की मदद से किसी को भी उम्रदराज बनाना ज्यादा मुश्किल काम नहीं. लेकिन तब प्रॉस्थेटिक मेकअप क्या करेगा जब किसी को उसकी आधी उम्र का बनाना हो. यही सवाल लेकर वो कई सीनियर मेकअप आर्टिस्ट के पास गए. लेकिन किसी ने उनकी नहीं सुनी.

फिर सीन में एंट्री हुई ग्रेग कैनम की. सवालों के जवाब दिए अपने काम के जरिए. ‘डर’, दीवाना’, ‘फौजी’ जैसे प्रोजेक्ट्स से शाहरुख का रेफ्रेंस लिया गया. और उसे ग्रेग ने मिक्स एंड मैच किया ब्रैड पिट के चेहरे के साथ. रिज़ल्ट सभी को पसंद आया और ऐसे मिला ‘फैन’ को अपना गौरव. गर्मी को झेलते हुए शाहरुख को अपने मेकअप के दौरान घंटों बैठना पड़ता था.


#6. नवाजुद्दीन सिद्दीकी
फिल्म: मॉम

2017 में आई ‘मॉम’ कहानी थी एक मां की. जो अपनी बेटी को ढूंढने निकली है. अपनी तलाश के दौरान उसे दयाशंकर कपूर नाम का एक अजीबोगरीब शख्स मिलता है. ऊबड़-खाबड़ दांत जो बाहर की ओर निकले हुए हैं. लंबा चमकता माथा जिसके शुरुआती हिस्से से बाल कब का वास्ता तोड़ चुके हैं. दयाशंकर कपूर यानी डीके, वो शख्स जो इंसान की राख से उसकी कुंडली निकाल ले. फिल्म में डीके का किरदार निभाया नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने. जब ये न्यूज़ आई कि नवाज़ भी फिल्म का हिस्सा हैं तो लोग उन्हें ट्रेलर में ढूंढने लगे. बाद में पता चला कि भगवान हर जगह नहीं होता, इसलिए उसने मां बनाई डायलॉग बोलकर मेट्रो में चढ़ने वाला दयाशंकर कोई और नहीं नवाज़ ही थे.

Preetisheel Singh
प्रीतिशील ने ‘नानक शाह फकीर’ पर अपने काम के लिए नैशनल अवॉर्ड भी जीता था.

नवाज़ के ट्रांसफॉर्मेशन का क्रेडिट जाता है मेकअप आर्टिस्ट प्रीतिशील सिंह को. जिन्होंने ‘पद्मावत’, ‘भावेश जोशी सुपरहीरो’ और ‘बाजीराव मस्तानी’ जैसी फिल्मों पर भी काम किया. मेकअप में अपने काम के लिए नैशनल अवॉर्ड भी जीत चुकी हैं. फिल्म ‘नानक शाह फकीर’ के लिए. ‘मॉम’ के दौरान प्रीतिशील को नवाज़ के गेटअप पर करीब चार घंटे का वक्त लगता था. लेकिन उन चार घंटों की मेहनत के बाद सेट पर किसी भी नए शख्स के लिए नवाज़ को पहचान पाना बड़ा मुश्किल होता था.


#7. ऋतिक रोशन
फिल्म: धूम 2

‘धूम 2’ का आर्यन. वो शख्स जिसने चोरी जैसे अपराध को भी हम सबके लिए कूल बना दिया. उसका अंदाज़ ही कुछ ऐसा था. कभी मोम का पुतला बनकर, कभी बूढ़ी औरत बनकर तो कभी जैनिटर बनकर. हर बार जय और अली को चकमा दे ही देता था. जब मेनस्ट्रीम सिनेमा में प्रॉस्थेटिक मेकअप इतना कॉमन नहीं था, उस दौर में ये कमाल कर दिखाया था जेन गिलिंग्स ने. जिन्होंने आगे चलकर नेटफ्लिक्स की सीरीज़ ‘क्राउन’ पर भी काम किया.

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आर्यन, वो चोर जिसने चोरी को कूल बना दिया.

ऋतिक को किसी भी लुक में पहचान पाना मुश्किल था. फिल्म में वो इंटरनेशनल लेवल के चोर बने हैं. ऐसा मंझे हुए चोर की तैयारी किस स्तर की होनी चाहिए, इसका आइडिया उसके गेटअप से लग जाता है.


#6. विजय सेतुपति
फिल्म: सीताकादी

फिल्म में विजय सेतुपति ने एक 70 साल के आदमी का किरदार निभाया. ‘Planet of The Apes’ और ‘Driving Miss Daisy’ जैसी फिल्मों पर काम कर चुके अकैडमी अवॉर्ड विनिंग मेकअप आर्टिस्ट केविन हैनी को विजय के किरदार का मेकअप डिज़ाइन करने के लिए बुलाया गया. अब प्रॉस्थेटिक मेकअप के साथ सबसे बडी प्रॉब्लम है कि मेकअप करते वक्त अगर आप जरा सा भी हिले तो हो गई घंटों की मेहनत बेकार. शुरू से मेकअप करना पड़ जाता है. विजय के मेकअप पर करीब चार घंटे लगते थे. बाद में उसका आधा वक्त मेकअप को हटाने में जाता था. इस पूरे प्रोसेस के दौरान विजय एक मूर्ति की तरह बैठे रहते. न बेचैन होते और न ही किसी तरह की हड़बड़ाहट मचाते. मेकअप टीम को अपना काम शांति से करने देते.

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खुद को किरदार के हिसाब से ढालने में कोई कमी नहीं छोड़ते विजय सेतुपति.

#7. ऋषि कपूर
फिल्म: कपूर एंड संस

जब ‘सीताकादी’ की न्यूज़ बाहर आई तो बताया गया कि फिल्म में विजय सेतुपति मल्टीपल लुक्स में दिखेंगे. और उनके मेकअप की जिम्मेदारी दी गई है अकैडमी अवॉर्ड से सम्मानित मेकअप आर्टिस्ट ग्रेग कैनम को. लेकिन ये न्यूज़ गलत निकली. जब बाद में पता चला कि फिल्म पर ग्रेग नहीं बल्कि केविन काम कर रहे हैं. तो फिर ग्रेग कैनम कौन हैं? वो मेकअप आर्टिस्ट जिन्होंने ‘कपूर एंड संस’ पर काम किया. वो आर्टिस्ट जिन्होंने ऋषि कपूर को 90 साल का बुजुर्ग बना दिया. ऋषि जी के मेकअप पर रोज पांच घंटे लगते थे. जिसके बाद उन्हें वो मेकअप करीब 14 घंटों तक पहने रहना पड़ता था. उसी के साथ अपने सीन्स फिल्म करने होते थे.

Rishi Kapoor Makeup 2
ऋषि कपूर और ग्रेग. फोटो: ट्विटर

एक पॉइंट के बाद ये ऋषि जी के लिए इतना फ्रस्ट्रेटिंग बन गया कि उन्होंने फिल्म तक छोड़ने का मन बना लिया था. लेकिन किसी वजह से उन्होंने बैक आउट नहीं किया और डिलीवर किया. और नतीजा हम सबके सामने है. ‘कपूर एंड संस’ आने के दो साल बाद ही ग्रेग ने अपना चौथा अकैडमी अवॉर्ड जीता था. फिल्म ‘वाइस’ पर अपने काम के लिए.


वीडियो: अक्षय कुमार की बेल बॉटम के ट्रेलर के लॉन्च पर इंदिरा बनीं इस एक्ट्रेस ने क्या चैलेंज कर दिया?

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