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मीरा कुमार: मायावती को हराकर लोकसभा पहुंचने वालीं दलित नेता

मीरा कुमार. वरिष्ठ कांग्रेस नेता, जिनकी पहली पहचान ‘जगजीवन राम की बेटी’ होना था. लेकिन 2009 में ये पहचान बदल गई, जब वो लोकसभा अध्यक्ष बनने वाली पहली महिला बनीं. आज (31 मार्च 2021) मीरा कुमार अपना 76वां जन्मदिन मना रही हैं. जानिए उनकी सभी पर्सनल बातें:


#1. बिहार के कांग्रेस नेता और नेहरू कैबिनेट के सबसे यंग मेंबर जगजीवन राम की बेटी. जगजीवन राम की पत्नी इंद्राणी देवी ने मीरा को जन्म दिया 31 मार्च 1945 को. जगह थी पटना.

बाबू जगजीवन राम
जगजीवन राम

#2. मीरा की स्कूली पढ़ाई हुई वेलहम गर्ल्स स्कूल, देहरादून और महारानी गायत्री देवी गर्ल्स पब्लिक स्कूल, जयपुर में. कुछ समय के लिए बनस्थली विद्यापीठ में भी पढ़ीं. ग्रेजुएशन और पीजी किया आईपी कॉलेज और मिरांडा से. इंग्लिश में MA के बाद LLB की पढ़ाई की.

#3. लॉ की पढ़ाई के दौरान ही उनकी मुलाकात हुई मंजुल कुमार से. मंजुल भी बिहार से थे. एक राजनीतिक परिवार से. उनकी मां सुमित्रा देवी कांग्रेस की नेता थीं. मीरा और मंजुल ने 29 नवंबर 1968 को शादी की. ये अंतरजातीय विवाह था. मंजुल बिहार की कोइरी जाति से आते हैं, जो ओबीसी में गिनी जाती है, जबकि मीरा कुमार दलित परिवार से आती हैं.

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सोनिया गांधी के साथ मीरा कुमार

#4. 1973 में मीरा कुमार ने सिविल सर्विस का एग्जाम क्लियर किया. इंडियन फॉरेन सर्विस की अफसर बनीं. पिता का रसूख ऐसा कि सिर्फ तीन जगहों पर ही 12 साल की सर्विस काट दी. स्पेन, इंग्लैंड और मॉरीशस. जब जगजीवन राम 1977 में जनता पार्टी की सरकार में देश के उपप्रधानमंत्री बने, तो मीरा कुमार को इंडियन हाई कमीशन, लंदन में पोस्टिंग मिली.

#5. पिता की सियासत खत्म होने तक मीरा कुमार एक प्रोफेशनल के तौर पर स्थापित हो चुकी थीं. उनका परिवार भी पूरा हो चुका था. पति मंजुल सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस कर रहे थे. दो बच्चे थे. बेटा, अंशुल और दो बेटियां, स्वाति और देवांगना. इन तीनों की भी शादी हो चुकी है.

#6. सत्तर के दशक के आखिर तक जगजीवन राम का राजनीतिक वारिस उनके बेटे सुरेश राम को माना जा रहा था. मीरा कुमार अपने परिवार और जॉब में रमी थीं. मगर एक सेक्स स्कैंडल ने कहानी बदल दी. सुरेश राम की डीयू की एक लड़की सुषमा चौधरी के साथ नग्न तस्वीरें छपीं. एक मैगजीन में. जिसकी एडिटर थीं इंदिरा गांधी की बहू मेनका गांधी. उस वक्त जगजीवन राम देश के उपप्रधानमंत्री थे. अंदरखाने उनकी बड़ी फजीहत हुई.

जगजीवन राम के साथ उनके बेटे सुरेश राम
जगजीवन राम के साथ उनके बेटे सुरेश राम

#7. बाद में सुरेश राम ने अपनी पहली पत्नी को छोड़ सुषमा से शादी कर ली. मगर 1986 में उनकी मौत के बाद जगजीवन राम के परिवार ने सुषमा से किनारा कर लिया.

#8. राजीव गांधी के न्यौते पर मीरा कुमार कांग्रेस में शामिल हुईं. 1985 की शुरुआत में हुए चुनाव में उन्हें यूपी की बिजनौर सुरक्षित सीट से लड़ाया गया. उन्होंने रामविलास पासवान और मायावती को हराकर पहली बार लोकसभा में प्रवेश किया. एक बरस बाद पिता की मौत हुई और उनकी बनाई पार्टी ‘कांग्रेस जे’ भी खत्म हो गई.

#9. मीरा कुमार पिता की सीट सासाराम (बिहार) पर चुनाव लड़ने पहुंचीं 1989 में. जनता दल के छेदी पासवान से हारीं. 1991 में भी यही रहा. फिर वह अपने असल घर यानी कि दिल्ली लौट आईं. अगले दो चुनाव 1996 और 1998 दिल्ली की करोल बाग सीट से लड़ीं और जीतीं. फिर 1999 में यहां हार गईं. बीजेपी की अनीता आर्या से. और एक बार फिर सासाराम लौटीं.

लोकसभा में मीरा कुमार

#10. 2004 में जब मीरा कुमार सासाराम से तीसरी बार किस्मत आजमाने पहुंचीं, तो उनके सामने थे एक रिटायर्ड ब्यूरोक्रेट और सिटिंग एमपी बीजेपी के मुन्नी लाल. वो मीरा कुमार के विरोध में लेकर आए एक लड़की मेधावी कीर्ति को. ये लड़की कोई नेता नहीं, बल्कि मीरा कुमार की भतीजी थी. मेधावी के पिता थे सुरेश राम. इन सबके बावजूद मीरा कुमार पहली बार पिता की सीट से चुनाव जीतीं. वह भी ढाई लाख के बड़े अंतर से. फिर वह मनमोहन सिंह सरकार में मंत्री भी बनीं.

#11. मीरा कुमार इतिहास में हमेशा के लिए दर्ज हुईं 2009 में. देश की पहली महिला स्पीकर. साथ ही देश की दूसरी दलित स्पीकर भी. इससे पहले टीडीपी के जीएमसी बालयोगी इस पद तक पहुंच चुके थे. मगर उनकी प्लेन क्रैश में मौत हो गई थी.

#12. मीरा कुमार को कविताएं बहुत पसंद हैं. लिखना भी और पढ़ना भी. उनकी फेवरिट बुक है कालिदास की अभिज्ञान शाकुंतलम.

#13. साड़ी में नजर आने वालीं मीरा कुमार को हैंडिक्राफ्ट और टैक्सटाइल तो पसंद है ही, इस छवि से बनते कयासों के उलट पिस्टल शूटिंग और हॉर्स राइडिंग का भी बहुत शौक है.


वीडियो: पार्टी ने टिकट नहीं दिया, तो महिला कांग्रेस अध्यक्ष ने मुंडन करवा लिया! 

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