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सनी देओल के बेटे करण से पहले बॉलीवुड के किन परिवारों की तीसरी पीढ़ी फिल्मों में आई?

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1973 में धर्मेंद्र की फिल्म ‘ब्लैकमेल’ का एक गाना बहुत हिट हुआ था. ‘पल पल दिल के पास’, जो आज भी खूब सुना जाता है. गाने की इसी हुकलाइन से धर्मेंद्र अपनी पोते को सिनेमा में लॉन्च कर रहे हैं. कैंडिडेट का नाम- करण देओल. परिचय- सनी देओल के बेटे. लॉन्चिंग व्हीकल- पल पल दिल के पास. करण के साथ इसमें सहर बांबा भी अपना एक्टिंग डेब्यू कर रही हैं. पांच महीने पहले जब इस फिल्म का पोस्टर आया था, तब फिल्म की रिलीज़ डेट 19 जुलाई बताई गई थी. लेकिन फिल्म के टीज़र में रिलीज़ की तारीख 20 सितंबर बताई जा रही है. टीज़र देखकर साफ समझ आता है कि बस एडवेंचरस बैकग्राउंड या माहौल में एक प्रेम कहानी घटने वाली है. फिल्म के टीज़र है में तो इतना ही नज़र आ रहा है. फिल्म की कहानी में घुसने के लिए हमें ट्रेलर का इंतज़ार करना होगा. फिल्म का टीज़र आप यहां देख सकते हैं:

‘पल पल दिल के पास’ से धर्मेंद्र की तीसरी पीढ़ी फिल्मों आ रही है. इससे पहले उनके दोनों बेटे सनी-बॉबी और बेटी ईशा देओल भी फिल्मों में काम कर चुकी हैं. करण के लॉन्च से सबसे ज़्यादा दुखी नेपोटिज़्म के खिलाफ झंडा बुलंद करने वाली कंगना रनौत होंगी. करण के डेब्यू के मौक पर इस इंडस्ट्री के जितने भी परिवार हैं, उनमें से हम कुछ खानदानों की तीसरी पीढ़ी के एक्टर्स के बारे में नीचे बता रहे हैं.

सनी देओल के साथ उनके बेटे करण देओल. दूसरी ओर धर्मेंद्र के सााथ सनी देओल और बॉबी देओल.
सनी देओल के साथ उनके बेटे करण देओल. दूसरी ओर धर्मेंद्र के सााथ सनी देओल और बॉबी देओल.

#1. कपूर फैमिली- हिंदी सिनेमा की ‘फर्स्ट फैमिली’. आज तक कपूर खानदान की पांच पीढ़ियों ने फिल्म में काम किया है और काफी सफल रही हैं. पृथ्वीराज कपूर की पहली फिल्म ‘दो धारी तलवार’ (1928) तब रिलीज़ हुई थी, जब परदे ने बोलना भी नहीं सीखा था. पृथ्वीराज कपूर के बाद उनके बेटे राज, शम्मी और शशि कपूर भी फिल्मों में आ गए. राज कपूर ने एक्टिंग के साथ-साथ कई फिल्मों का डायरेक्शन भी किया. उन्हें ‘द शोमैन’ नाम से बुलाया जाने लगा. इसके बाद राजकपूर के बच्चे रणधीर कपूर और ऋषि कपूर ने भी फिल्मों में काम करने की पारिवारिक परंपरा को अक्षुण्ण बनाए रखते हुए एक्टिंग को ही चुना. और फाइनली इसी फिल्म लाइन में भी ऋषि और रणधीर के बच्चे करिश्मा, करीना और रणबीर ने भी अपनी जगह बनाई. जहां तक बात रही पांचवीं पीढ़ी की, तो पृथ्वीराज कपूर के पिता बशेश्वर नाथ कपूर ने राज कपूर की फिल्म ‘आवारा’ (1951) में एक छोटा सा रोल किया था.

बेटे राज कपूर (दाहिने) और पोते रणधीर कपूर के साथ पृथ्वीराज कपूर (नीचे कुर्सी पर). और दूसरी ओर रणधीर और ऋषि कपूर के बच्चे करिश्मा, करीना और रणबीर कपूर.
बेटे राज कपूर (दाहिने) और पोते रणधीर कपूर के साथ पृथ्वीराज कपूर (नीचे कुर्सी पर). और दूसरी ओर रणधीर और ऋषि कपूर के बच्चे करिश्मा, करीना और रणबीर कपूर.

#2. समर्थ फैमिली- हिंदी-मराठी एक्ट्रेस शोभना समर्थ ने अपने करियर की शुरुआत 1935 में आई फिल्म ‘निगाह-ए-नफरत’ से की थी. इसके बाद वो अगले तीन दशक तक हिंदी फिल्म इंडस्ट्री की लीडिंग लेडी बनी रहीं. अपनी दोनों बेटियों नूतन और तनुजा को शोभना ने खुद लॉन्च किया. जिसमें से नूतन सुपरस्टार बनीं और तनुजा का करियर ठीक-ठाक सा रहा. नूतन के बेटे मोहनीश बहल 80 के दशक में अपने करियर की शुरुआत के बाद बहुत सी फिल्मों नज़र आए. दूसरी ओर तनुजा की बेटी काजोल और तनीषा ने भी फिल्मों में एंट्री मारी. समर्थ परिवार की तीसरी पीढ़ी काजोल जहां भारतीय सिनेमा की कई ऐतिहासिक फिल्मों का हिस्सा रहीं, वहीं तनीषा का करियर हमेशा से डगमग अवस्था में ही रहा.

पहली तस्वीर में शोभना समर्थ, दूसरी फोटो में नूतन और तनुजा और तसरी पिक्चर में तनिषा और काजोल.
पहली तस्वीर में शोभना समर्थ, दूसरी फोटो में नूतन और तनुजा और तीसरी पिक्चर में तनीषा और काजोल.

#3. सेन फैमिली- इस खानदान की फिल्मी शुरुआत होती है, अपने दौर की क्रिटिकली अक्लेम्ड एक्ट्रेस सुचित्रा सेन के फिल्मों में आने से. सुचित्रा ने अपने करियर की शुरुआत बंगाली फिल्मों से की. उनकी रिलीज़ होने वाली पहली फिल्म थी 1953 में आई ‘सात नंबर कैदी’ (बांग्ला). सुचित्रा ने बाद में बिमल रॉय की ‘देवदास’ (1955) में पारो की भूमिका निभाई थी. उसके बाद उनकी बेटी मुनमुन सेन भी फिल्मों में आ गईं. मुनमुन ने अपना एक्टिंग डेब्यू मृणाल सेन की फिल्म ‘कोरस’ (बांग्ला, 1974) से किया. इसके बाद मुनमुन की बेटियां रिया और राइमा भी फिल्म बिज़नेस में ही आगे बढ़ीं.

सुचित्रा सेन, दूसरी तस्वीर में मुनमुन सेन और तीसरी तस्वीर में राइमा और रिया सेन.
सुचित्रा सेन, दूसरी तस्वीर में मुनमुन सेन और तीसरी तस्वीर में राइमा और रिया सेन.

#4. पाठक-कपूर फैमिली- मशहूर एक्ट्रेस दिना पाठक ने अपने करियर की शुरुआत ‘करियावर‘ (1948) नाम की गुजराती फिल्म से की थी. इसके बाद वो हिंदी फिल्मों में आईं और खूब तूफान मचाया. उनकी दो बेटियां सुप्रिया और रत्ना भी थिएटर से शुरुआत कर फिल्मों में पहुंची. सप्रिया पाठक (और पंकज कपूर) की बेटी सना कपूर ने सौतेले भाई शाहिद कपूर के साथ फिल्म ‘शानदार’ (2015) और रत्ना पाठक (और नसीरुद्दीन शाह) के बेटे ईमाद ने पापा नसीर के डायरेक्शन में बनी फिल्म ‘यूं होता तो क्या होता’ (2006) से अपना एक्टिंग करियर शुरू किया था. ईमाद के छोटे भाई विवान शाह ने भी प्रियंका चोपड़ा के साथ फिल्म ‘सात खून माफ’ (2011) से अपना फिल्मी डेब्यू किया था.

पहली तस्वीर में दिग्गज एक्टर दीना पाठक, दूसरी तस्वीर में सुप्रिया अपनी बेटी सना के साथ और तीसरी तस्वीर में रत्ना अपने बेटे विवान के साथ.
पहली तस्वीर में दिग्गज एक्टर दीना पाठक, दूसरी तस्वीर में सुप्रिया अपनी बेटी सना के साथ और तीसरी तस्वीर में रत्ना अपने बेटे विवान के साथ.

#5. अली फैमिली- मुमताज़ अली नाम के एक्टर ने अपने करियर की शुरुआत बतौर डांसर और कैरेक्टर आर्टिस्ट की थी. मुमताज़ ने ‘अछूत कन्या’ (1936) से अपना डेब्यू किया था. उस फिल्म में भी बतौर डांसर ही काम किया था. मुमताज़ के बेटे महमूद अली ने बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट 1943 में आई फिल्म ‘किस्मत’ अपने एक्टिंग करियर शुरुआत की थी. बाद में उन्हें दुनिया ने कॉमेडियन महमूद के नाम से पहचाना. महमूद के बेटे थे सिंगर-एक्टर लकी अली. लकी ने भी एक्टिंग की शुरुआत बचपने में ही कर दी थी. लेकिन बड़े होने के बाद उन्होंने ‘कांटे’ और ‘सुर’ (2002) जैसी सफल और सराही गई फिल्मों में काम किया.

डांसर और कैरेक्टर आर्टिस्ट मुमताज़ अली, दूसरी तस्वीर में कॉमेडियन महमूद और फोटो के आखिरी हिस्से में सिंगर-एक्टर लकी अली.
डांसर और कैरेक्टर आर्टिस्ट मुमताज़ अली, दूसरी तस्वीर में कॉमेडियन महमूद और फोटो के आखिरी हिस्से में सिंगर-एक्टर लकी अली.

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