Submit your post

Follow Us

'तेरे नाम' के बाद पंकज त्रिपाठी के लिए साथ आए सलमान खान और सतीश कौशिक

5
शेयर्स

‘तेरे नाम’ के 16 साल बाद सलमान खान एक बार फिर से सतीश कौशिक के साथ काम करने जा रहे हैं. लेकिन इस बार सलमान उनकी फिल्म में काम नहीं करेंगे, उसे प्रोड्यूस करेंगे. फिल्म का नाम है ‘कागज़’, जो असल घटनाओं से प्रेरित है. इस फिल्म के बारे में पिछले काफी समय से बात चल रही थी कि लेकिन अब जाकर कुछ कंफर्म बात बाहर आई है. क्योंकि इस बार फिल्म के डायरेक्टर ने खुद मीडिया से बात करते हुए ये सारी चीज़ें बताई हैं. क्या बात बताई? फिल्म किस बारे में है? सलमान खान फिल्म से कैसे जुड़े? कौन-कौन काम कर रहा है? जैसी तमाम बातें आप नीचे जानेंगे.

1) फिल्म ‘कागज़’ कहानी यूपी के आजमगढ़ से आने वाले एक किसान लाल बिहारी के बारे में है. लाल बिहारी को उनके रिश्तेदार ने एक करप्ट अफसर की मदद से सरकारी रिकॉर्ड में मरा हुआ डिक्लेयर करवा दिया था. ताकि वो उनकी जमीन हथिया सकें. लाल ने 1975 से 1994 तक ज़िंदा रहने के बावजूद मरे हुए आदमी की ज़िंदगी जी. इसका पता उन्हें तब चला जब उन्हें बैंक से लोन लेने के लिए आइडेंटिटी प्रूफ की ज़रूरत पड़ी. लेकिन वो हार नहीं माने लड़ते रहे. एक बार तो वो राजीव गांधी के खिलाफ चुनाव में भी खड़े हुए, जिससे ये साबित हो सके कि वो ज़िंदा हैं. 18 साल तक लड़ने के बाद लाल ने 1994 में कानूनी तौर से ये साबित कर दिया कि वो ज़िंदा हैं.

जीवन के दो अलग-अलग दौर में ओरिजिनल लाल बिहारी. लाल ने अपने नाम के आगे मृतक लगा लिया था.
जीवन के दो अलग-अलग दौर में ओरिजिनल लाल बिहारी. लाल ने अपने नाम के आगे मृतक लगा लिया था.

2) सतीश कौशिक ने मुंबई मिरर को दिए एक इंटरव्यू में बताया कि सलमान खान इस फिल्म से कैसे जुड़े. सतीश बताते हैं कि वो लोग माल्टा में फिल्म ‘भारत’ की शूटिंग कर रहे थे. इसी दौरान अच्छे सिनेमा और टैलेंट को प्रमोट करने में सलमान खान के रोल की बात हो रही थी. इसी दौरान सलमान ने सतीश के पूछा कि वो अभी किस चीज़ पर काम कर रहे हैं. सतीश ने ‘कागज़’ का आइडिया सुनाया. सलमान को ये कहानी पसंद आई. इसके बाद सतीश के कहने पर सलमान फिल्म से बतौर प्रोड्यूसर जुड़ गए.

सतीश कौशिक डायरेक्टेड फिल्म 'तेरे नाम' के एक सीन में सलमान खान और भूमिका चावला.
सतीश कौशिक डायरेक्टेड फिल्म ‘तेरे नाम’ के एक सीन में सलमान खान और भूमिका चावला.

3) फिल्म में उस किसान लाल बिहारी का रोल करेंगे पंकज त्रिपाठी. पंकज खुद बिहार के किसानों के परिवार से आते हैं. वो इस रोल में एक्सेंट, फील और एक्टिंग हर मामले में जंचेंगे. पंकज के साथ इस फिल्म में तमिल, तेलुगू और गुजराती फिल्मों में काम कर चुकी एक्ट्रेस मोनल गज्जर दिखाई देंगी. इन दोनों के साथ फिल्म में ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ और ‘कसौटी ज़िंदगी के’ जैसे टीवी शोज़ में काम कर चुके एक्टर अमर उपाध्याय भी नज़र आएंगे.

फिल्म की शूटिंग के दौरान सतीश कौशिक, मोनल गज्जर और पंकज त्रिपाठी.
फिल्म की शूटिंग के दौरान सतीश कौशिक, मोनल गज्जर और पंकज त्रिपाठी.

4) ‘कागज़’ सतीश की कमबैक फिल्म बताई जा रही है. क्योंकि सतीश कौशिक ने अपनी पिछली फिल्म ‘गैंग्स ऑफ घोस्ट्स’ साल 2014 में डायरेक्ट की थी. सतीश इस फिल्म को बनाने के प्रयास 2012 से कर रहे थे. शुरुआत में वो इसे अनिल कपूर को लेकर बनाना चाहते थे. लेकिन वो मामला कभी फाइनल ही नहीं हो पाया. सतीश बतौर एक्टर पिछली बार सलमान खान के साथ फिल्म ‘भारत’ में नज़र आए थे. फिल्म में वो नेवी ऑफिसर के रोल में दिखाई दिए थे.

आने वाले समय में सतीश कौशिक सलमान खान की फिल्म 'भारत' में नेवी के ऑफिसर के रोल में दिखाई देंगे.
फिल्म ‘भारत’ में नेवी ऑफिसर के रोल में सतीश कौशिक और दूसरी ओर उसी फिल्म के एक सीन में सलमान खान.

5) अगस्त 2018 में ‘भारत’ के माल्टा शेड्यूल के दौरान सतीश की सलमान से ‘कागज़’ के बारे में बातचीत हुई. इसके बाद सलमान के इंडिया लौटने के फौरन बाद सतीश ने उन्हें ‘कागज़’ की पूरी स्क्रिप्ट सुना दी. सारी फॉर्मैलिटी हो जाने के बाद अक्टूबर में फिल्म की शूटिंग भी शुरू हो चुकी थी. इसे यूपी के सीतापुर में शूट किया गया है. फिलहाल इसकी रिलीज़ डेट के बारे में कोई जानकारी नहीं है.


वीडियो देखें: ‘तेरे नाम’ के डायरेक्टर साउथ की ही एक और सुपर हिट फिल्म हिंदी में बना रहे हैं

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

पोस्टमॉर्टम हाउस

गुड न्यूज़: मूवी रिव्यू

साल की सबसे बेहतरीन कॉमेडी मूवी साल खत्म होते-होते आई है!

जब एक पत्रकार ने तीखे सवाल पूछे तो नेताजी ने उसको उठवा लिया

एक रात की कहानी, जो पत्रकार पर भारी गुज़री. #चला_चित्रपट_बघूया.

दबंग 3: मूवी रिव्यू

'दबंग 3’ के क्लाइमेक्स में इंस्पेक्टर चुलबुल पांडे को किस चीज़ का अफ़सोस रह जाता है?

फिल्म रिव्यू: मर्दानी 2

ये फिल्म आपके दिमाग में बहुत कुछ सोचने-समझने के लिए छोड़ती है और अपने हालातों पर रोती हुई खत्म हो जाती है.

क्या किया उस बच्ची ने, जिसकी मां की जान मछली में थी और बच्ची को उसे बचाना ही था?

अगर मछली मर जाती, तो मां भी नहीं बचती. #चला_चित्रपट_बघूया.

इनसाइड एज 2 रिव्यू: नेताओं की सत्ता, एक्टर्स की साख पे बट्टा और क्रिकेट का सट्टा

खेल की पॉलिटिक्स और पॉलिटिक्स का खेल. जानिए क्या होता है जब पार्टनर्स, राइवल्स हो जाते हैं?

अमिताभ के रहस्यमय लुक वाली फिल्म, जिसे रिलीज़ करने के लिए वो न जाने किस-किस से हाथ जोड़ रहे हैं

'पिंक', 'विकी डोनर' और 'पीकू' जैसी फिल्मों को बनाने वाले शूजीत सरकार की बतौर डायरेक्टर ये दूसरी फिल्म थी.

फिल्म रिव्यू- पानीपत

सवाल ये है कि आशुतोष गोवारिकर की मैग्नम ओपस 'पानीपत' अपना पानी बचा पाती है या इनकी भैंस भी पानी में चली जाती है?

पति पत्नी और वो: मूवी रिव्यू

ट्रेलर देखकर कितनों को लग रहा था कि ये एक बेहद फूहड़ मूवी है? उस सबके लिए एक सरप्राइज़ है.

फिल्म रिव्यू: कमांडो 3

इस फिल्म में विद्युत का एक्शन देखकर आप टाइगर श्रॉफ पर 'किड्स' वाला जोक मारने के लिए मजबूर हो जाएंगे.