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'सूरमा भोपाली' के अलावा जगदीप के वो 7 किरदार, जिन्होंने हंगामा मचा दिया था

शादी-ब्याह के घरों में अक्सर बच्चों को नाचने-गाने को कह दिया जाता है. हमारी जोड़ी-पाड़ी में मिमिक्री करने का शौक था बच्चों को. तो घर की शादी में कोई बसंती बनता, तो कोई अमिताभ बच्चन. हमें कहा जाता, तो हम बनते सलमान खान के पापा. ‘अंदाज़ अपना अपना’ वाले. फेवरेट डायलॉग था,

‘याने के जहां कैंची चला करती थी खचाखच-खचखच, अब वहां गंडासा चलेगा गटागट-गटागट-गटागट.’

और

‘सामने पुलिस स्टेशन है और श्मशान घाट है. कौन-सी मंजिल है बेटा तुम्हारी’.

बांकेलाल भोपाली टेलर शॉप के बांकेलाल की एक्टिंग छोटे बच्चों को करते हुए देख बड़े लोटपोट हो जाते. सालों बाद उनका नाम पता चला. कि ये तो जगदीप हैं. बॉलीवुड के बड़े पॉपुलर कॉमेडियन. फिर उनका काम देखा. सूरमा भोपाली उनका निकनेम बन गया था. क्योंकि 1975 में आई फिल्म शोले में उन्होंने इस नाम का किरदार निभाया था. और उनका जो डायलॉग बेहद पॉपुलर हुआ था, वो था,

‘हमारा नाम सूरमा भोपाली ऐसे ही नहीं है.’ 

हाल में ही 8 जुलाई 2020 को बांद्रा स्थित अपने घर में उनका निधन हुआ. वैसे तो उन्होंने चार सौ के करीब फिल्मों में काम किया. लेकिन कुछ कैरेक्टर उनके बेहद कमाल रहे. लोग आज भी जिनकी मिसाल देते हैं. उनमें से सात किरदार ये रहे:

1. किरदार: लालू उस्ताद

फिल्म: दो बीघा ज़मीन (1953)

इस फिल्म के डायरेक्टर बिमल रॉय को जगदीप बहुत पसंद आ गए थे. इस फिल्म के लिए उन्होंने जगदीप को 300 रुपये फीस ऑफर की थी. फिल्म में वो एक जूते पॉलिश करने वाले के रोल में थे.

2. किरदार: इलायची

फिल्म: आर पार (1954)

ये गुरुदत्त की फिल्म थी. मूवी में जगदीप के किरदार का पूरा नाम ‘इलायची सैंडो’ था. फिल्म में उन्होंने जमकर कॉमेडी की थी. इसी फिल्म का गाना ‘कभी आर कभी पार’ बाद में रीमिक्स होकर बेहद हिट हुआ था.

3. किरदार: मुरली मनोहर

फिल्म: ब्रह्मचारी (1968)

इस फिल्म से वो कॉमिक किरदार में पॉपुलर हुए. इस फिल्म में उन्होंने साड़ी भी पहनी थी. किरदार था मुरली मनोहर का. इसी फिल्म का गाना ‘आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे हर ज़बान पर’ बेहद पॉपुलर हुआ था और आज भी लोगों को बेहद पसंद है.

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ब्रह्मचारी फिल्म का एक सीन. (तस्वीर: ट्विटर)

4. किरदार: महेश

फिल्म: खिलौना (1970)

इस फिल्म में उनके किरदार के लिए उन्हें बेस्ट एक्टर इन अ कॉमिक रोल का फिल्मफेयर नॉमिनेशन मिला था. फिल्म में संजीव कुमार, मुमताज़ और जीतेंद्र लीड रोल में थे. उनके साथ ही जगदीप की कॉमेडी लोगों को खूब पसंद आई थी. किरदार संजीव कुमार के मामा का था. इस फिल्म में ही मुहम्मद रफी का गाया हुआ गाना था, ‘खिलौना जानकर तुम तो मेरा दिल तोड़ जाते हो’.

5. किरदार: चंदू उर्फ जेम्स बांड

फिल्म: एजेंट विनोद (1977)

इस फिल्म में लीड किरदार महेंद्र संधू और आशा सचदेव ने निभाये थे. इसमें महेंद्र संधू एक सीक्रेट एजेंट होते हैं. जगदीप ने उनके साथी का किरदार निभाया था जो किसी भी सिचुएशन को फ़ौरन हल्का कर सकता था.

6. किरदार: मच्छर

फिल्म: पुराना मंदिर (1984)

जगदीप हॉरर फिल्मों में भी नज़र आते थे. वो समय था रामसे ब्रदर्स का. जिन्होंने बॉलीवुड में हॉरर जोनर को इंट्रोड्यूस किया. पुराना मंदिर उनकी कुछ बेहद पॉपुलर फिल्मों में से एक मानी जाती है. इस फिल्म में जगदीप का किरदार शोले के गब्बर का एक मजाकिया रूप था.

7. किरदार: बांकेलाल भोपाली

फिल्म: अंदाज़ अपना अपना (1994)

इस फिल्म में भी जगदीप ने अपनी भोपाली वाली इमेज भुनाई थी.सूरमा भोपाली के बाद उनका सबसे ज्यादा याद किया जाने वाला कैरेक्टर यही है. सलमान खान (प्रेम) के पिता के रोल में उन्होंने जो थके-हारे बाप का किरदार निभाया, उससे कई पेरेंट्स रिलेट कर गए.


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