Submit your post

Follow Us

मूवी रिव्यू: जगमे थंदीरम

नेटफ्लिक्स पर एक तमिल फिल्म रिलीज़ हुई है. ‘जगमे थंदीरम’. लीड में हैं धनुष. फिल्म की रिलीज को लेकर काफी समय से बज बना हुआ था. पहले थिएटर पर रिलीज की जानी थी. लेकिन पैंडेमिक में मेकर्स को और नुकसान ना हो, इसलिए फिल्म को डायरेक्ट ओटीटी प्लेटफार्म पर रिलीज किया गया. फिल्म को लेकर सिर्फ फैन्स ही नहीं, इंडस्ट्री से जुड़े लोग भी उत्साहित हैं. मार्वल वाले रूसो ब्रदर्स भी धनुष स्टारर फिल्म को लेकर अपनी उत्सुकता जाहिर कर चुके हैं. हमनें भी ये फिल्म देखी, यही जानने के लिए कि क्या ये इस हाईप के वर्थ है या नहीं.

# Jagame Thandhiram की कहानी क्या है?

कहानी खुलती है लंदन से. मेनली दो गैंग ऑपरेट करते हैं यहां. पहला है शिवदास का. एक तमिलियन. बंदूकों से लेकर सोने तक, सब स्मगल करता है. दूसरा है पीटर का. पीटर एक ब्रिटिशर है. रूढ़िवादी किस्म का. हार्डकोर रेसिस्ट. ऐसा लगेगा जैसे इसके किरदार को अमेरिका के एक पूर्व राष्ट्रपति पर आधारित किया गया है. क्योंकि ये बातें वैसी ही करता है. कि ब्रिटेन को फिर से महान बनाएंगे. बाहर के लोगों ने आकर यहां की संस्कृति खत्म कर दी वगैरह वगैरह. पीटर और शिवदास एक दूसरे के कट्टर दुश्मन हैं. इन दोनों के अलावा कहानी का तीसरा किरदार है सुरुली. ब्रिटेन से कोसों दूर इंडिया में रहता है.

Stylish 2
फुल ऑन मसाला फिल्म. फोटो – ट्रेलर

सुरुली. एक लोकल गैंगस्टर. लेकिन टिपिकल किस्म का नहीं. किसी चीज़ की टेंशन नहीं लेता. इतना चिल रहता है कि उसे देख सामने वाले को टेंशन होने लगे. कि यार, कोई बंदा इतना चिल कैसे रह सकता है. खैर, पीटर को कहीं से पता चलता है कि इंडिया में एक गैंगस्टर है. सुरुली नाम का. बेहद खतरनाक. वो उसे अपने पास बुला लेता है. ताकि अपने दुश्मन शिवदास का सफाया करा सके. सुरुली मान जाता है, क्योंकि उसे सिर्फ पैसे से मतलब है. सुरुली अपने मिशन में कामयाब होता है या नहीं. और क्या वाकई पीटर का उसे लंदन बुलाने का मकसद सिर्फ इतना ही है, ये सब आपको फिल्म देखकर पता चलेगा.


# वही सब दिखाया लेकिन ज़रा स्टाइल से

तमिल सिनेमा के डायरेक्टर हैं कार्तिक सुब्बाराज. इनके बारे में एक बात बड़ी खास है, कि इनका सिनेमा बड़ा स्टाइलिश होता है. बोले तो स्टाइलिश का मतलब स्विट्ज़रलैंड में गाना या ऐसा कुछ नहीं. इनका सिनेमा वही सब दिखाता है जो हम अनेकों बार देख चुके हैं. लेकिन ज़रा स्टाइल से. फिर चाहे वो म्यूज़िक के साथ थोड़ा खेलना हो. या कैमरा मूवमेंट के साथ. ‘जगमे थंदीरम’ में भी उन्होंने कुछ ऐसा ही किया है.

Suruli 6
धनुष कहां फिट नहीं बैठ सकते. फोटो – ट्रेलर

पहला पॉइंट है फिल्म का बैकग्राउंड म्यूज़िक. जिसे कम्पोज़ किया है संतोष नारायणन ने. मतलब फिल्म के हर सीन की फील को सेट करने का काम किया है इसके बैकग्राउंड म्यूज़िक ने. दूसरा पॉइंट है सिनेमेटॉग्राफी. सिनेमेटोग्राफर श्रेयस कृष्णा के काम ने फिल्म को स्टाइलिश कैसे बनाया, अब वो बताते हैं. एक सीन है जहां पीटर और शिवदास आमने-सामने बैठे हैं. शिवदास के बगल में उसका गार्ड खड़ा है. वहीं, पीटर के बगल में है सुरुली. ये वैसा ही सीन है जहां एक पार्टी दूसरे को धोखा देने वाली होती है. और पहले एक साइड से हंसी तेज़ होती है, फिर दूसरी से. मानो हमनें तुम्हारा धोखा पकड़ लिया है. यहां शिवदास पीटर को बंदूक दिखाता है. और हंसने लगता है. कैमरा गोल घूमना शुरू हो जाता है. अब शिवदास और उसका आदमी हंस रहे हैं. पीटर और सुरुली हैरान. फिर पीटर हंसना शुरू करता है. धीरे-धीरे सुरुली भी. याद रखिए, कैमरा अभी भी गोल घूम रहा है. सिचुएशन अभी हल नहीं हुई. इसलिए रुका नहीं.

Peter Racist
फिल्म में टिपिकल कार्तिक सुब्बाराज वाला टच है. फोटो – ट्रेलर

कैमरा जब तक रुकता है तब तक पूरा गेम बदल चुका होता है. किसी टिपिकल सीन को नए अंदाज में दिखाने की कोशिश फिल्म में आपको कई जगह दिखाई देगी. लेकिन बावजूद ऐसे फैक्टर्स के, फिल्म अपनी छाप छोड़ने में बेअसर साबित होती है. और ऐसा क्यों, वही बताते हैं.


# फिल्म की लेंथ निकली दुश्मन

फिल्म एक गैंगस्टर ड्रामा है. लेकिन सिर्फ ऊपर से. फिल्म उससे गहरे सब्जेक्ट पर बात करती है. बढ़ते नस्लभेद पर. ऐसा टॉपिक जो दुर्भाग्यवश आज के समय में भी रेलेवेंट है. फिल्म का केंद्र बिंदु सुरुली, पीटर या शिवदास नहीं. फिल्म का केंद्र बिंदु हैं वो प्रवासी जिनके लिए उनकी पहचान बताने वाला कागज का टुकड़ा उनकी जान से ज्यादा कीमती है. पॉलिटिक्स की वजह से इंसानों को कैसे बांट दिया गया है, फिल्म उस पर बात करने की कोशिश करती है. लेकिन सिर्फ कोशिश करती है. सवाल नहीं उठाती. जैसे ये उसकी मंशा ही ना हो.

Pravasi 2
फिल्म प्रवासियों और उनके खिलाफ हो रहे नस्लभेद पर बात करती है लेकिन गहराई में नहीं उतरती. फोटो – ट्रेलर

फिल्म ने एंटरटेनमेंट अपील बढ़ाने के चक्कर में अपने प्रभावशाली सीन्स को चंद में सिमेट कर रख दिया. ऐसे डायलॉग्स और सीन्स को बढ़ाया जा सकता था. खासतौर पर जब आपकी फिल्म की लेंथ 2 घंटे 38 मिनट हो. फिल्म ने कुछ क्रिएटिव जुगाड़ लगाकर गैर-जरूरी सीन भी काटे. जैसे एक सीन में गुंडे सुरुली को पकड़ने की सोचते हैं. फिर अगला सीन खुलता है सुरुली से. जो गुंडों के अड्डे पर है. उसके मुंह से खून बह रहा होता है. बताने की जरूरत नहीं, लेकिन ऑडियंस समझ जाती है कि क्या हुआ होगा.

काश कार्तिक का ऐसा ही अप्रोच फिल्म की लेंथ को लेकर भी होता. क्योंकि फिल्म चाहे कितनी भी एंटरटेनिंग हो, एक पॉइंट पर आकर आपको थका देती है. और फिल्म का सबसे बड़ा नेगेटिव पॉइंट बनकर उभरती है.


# दी लल्लनटॉप टेक

फुल ऑन इंटरटेनमेंट है. मसाले की कमी नहीं. और दांतों के बीच जीभ मोड़कर गोलियां चलाने वाला धनुष तो खुश कर देगा. सब कुछ सही होकर भी यहां एक लेकिन है. वो है फिल्म की लेंथ. फिल्म का रनटाइम झेलने पर ही फिल्म इंजॉय कर पाएंगे.

Suruli Chill
धनुष कुछ भी करें, उन्हें स्क्रीन पर देखना डिलाइट था. फोटो – ट्रेलर

वीडियो: विद्या बालन की ‘शेरनी’ में क्या ख़ास है?

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

10 नंबरी

वो 10 एक्टर्स, जिन्होंने पिछले एक साल में थिएटर्स बंद होने का गम भुला दिया

वो 10 एक्टर्स, जिन्होंने पिछले एक साल में थिएटर्स बंद होने का गम भुला दिया

'पाताल लोक' वाले जयदीप अहलावत से लेकर 'स्कैम 1992' वाले प्रतीक गांधी, सभी का शुक्रिया.

ये चीज ना सीख पाए तो नोवाक जोकोविच के मैच देखना ही बेकार है!

ये चीज ना सीख पाए तो नोवाक जोकोविच के मैच देखना ही बेकार है!

Djoko से ये सीख लिया तो जीवन सफल समझो.

सुशांत सिंह राजपूत के फैन्स ने इन 6 लोगों पर हत्या और उकसावे के आरोप लगाए थे

सुशांत सिंह राजपूत के फैन्स ने इन 6 लोगों पर हत्या और उकसावे के आरोप लगाए थे

आखिर सुशांत सिंह राजपूत को क्यों मारना चाहेंगे, सलमान खान, करण जौहर और महेश भट्ट?

सुशांत सिंह राजपूत की बरसी पर पढ़िए उनके 16 बेहतरीन डायलॉग्स

सुशांत सिंह राजपूत की बरसी पर पढ़िए उनके 16 बेहतरीन डायलॉग्स

जो हमें ज़िंदगी जीने का तरीका समझाते हैं.

सुशांत सिंह राजपूत केस में कब, क्या और कैसे हुआ? जांच कहां तक पहुंची?

सुशांत सिंह राजपूत केस में कब, क्या और कैसे हुआ? जांच कहां तक पहुंची?

सुशांत को गुज़रे एक साल हो गया, केस में क्या-क्या हुआ?

डेथ से पहले इन 5 प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे थे सुशांत सिंह राजपूत

डेथ से पहले इन 5 प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे थे सुशांत सिंह राजपूत

आज सुशांत सिंह राजपूत की पहली पुण्यतिथि है.

सुशांत सिंह राजपूत के 50 ख्वाब, जो उन्होंने पर्चियों में लिख रखे थे

सुशांत सिंह राजपूत के 50 ख्वाब, जो उन्होंने पर्चियों में लिख रखे थे

उनके ख्वाबों की लिस्ट में उनके व्यक्तित्व का सार छुपा हुआ है.

EMS नंबूदिरीपाद, वो शख्स जिसने भारत में लेफ्ट की पहली चुनी हुई सरकार बनाई

EMS नंबूदिरीपाद, वो शख्स जिसने भारत में लेफ्ट की पहली चुनी हुई सरकार बनाई

जन्मदिन पर 10 पॉइंट्स में जानिए नंबूदिरीपाद की कहानी.

श्रीकांत और राजी तो ठीक, लेकिन 'द फैमिली मैन' के इन 5 किरदारों ने शो को इतना शानदार बनाया है

श्रीकांत और राजी तो ठीक, लेकिन 'द फैमिली मैन' के इन 5 किरदारों ने शो को इतना शानदार बनाया है

मनोज बाजपेयी के अपने बॉस को थप्पड़ लगाने वाले सीन के पीछे की कहानी तो कुछ और ही निकली.

Cannes 2021 में प्रीमियर होने वाली 10 कमाल की फिल्में, जिन्हें मिस करना समझदारी नहीं

Cannes 2021 में प्रीमियर होने वाली 10 कमाल की फिल्में, जिन्हें मिस करना समझदारी नहीं

वो फेस्ट, जहां अपनी फिल्म स्क्रीन करना हर डायरेक्टर का सपना होता है.