Submit your post

Follow Us

इरफ़ान के बेटे ने ईद और राखी की छुट्टी के बहाने बड़े-बड़े सवाल खड़े कर दिए

इरफ़ान के बड़े बेटे बाबिल खान. हाल ही में उन्होंने धर्म की वजह से हो रहे भेदभाव पर खुलकर बात की. इंस्टाग्राम पर उन्होंने कई स्लाइड की स्टोरी डाली. बताया कि कैसे उनके धर्म की वजह से कुछ दोस्तों ने उनसे बात करनी बंद कर दी.

बाबिल ने लिखा,

“पावर में बैठे लोगों के बारे में मैं क्या महसूस करता हूं, उसे मैं पोस्ट भी नहीं कर सकता. मेरी पूरी टीम मुझसे कह रही है कि इससे मेरा करियर खत्म हो जाएगा. क्या आप इस पर विश्वास कर सकते हैं? मैं डरा हुआ हूं. मैं डरना नहीं चाहता. मैं बस दोबारा आज़ाद महसूस करना चाहता हूं. मैं अपने धर्म के आधार पर जज होना नहीं चाहता. मैं अपना धर्म नहीं हूं, मैं एक इंसान हूं, बिल्कुल उसी तरह, जिस तरह भारत की बाकी जनता है.”

बाबिल ने एक साथ कई सारी स्लाइड्स डालीं. अगली स्लाइड में उन्होंने लिखा,

“बिना किसी का नाम जाने या करियर खत्म होने की आशंकाओं के बिना आप शॉर्ट में स्टोरी जानना चाहेंगे?: ईद की जो अनिवार्य छुट्टी है, उसे शुक्रवार के लिए कैंसिल कर दिया गया, जबकि रक्षाबंधन की छुट्टी सोमवार को अभी भी दी जा रही है. ठीक है, कोई दिक्कत नहीं. मैं ईद तब सेलिब्रेट करूंगा, जब शनिवार को ईद नहीं रहेगी.”

Babil Khan Post 1
इस पोस्ट में बाबिल ने ईद पर छुट्टी न मिलने की दिक्कत बताई.

बाबिल ने आगे लिखा कि उन्हें पता है कि इस वक्त पूरी दुनिया में उथल-पुथल मची हुई है, लेकिन धर्मनिरपेक्ष भारत का अचानक से धर्म के हिसाब से बंट जाना डराने वाला है. बाबिल ने कहा,

“मेरे ऐसे दोस्त हैं, जिन्होंने मेरे धर्म की वजह से मुझसे बातचीत बंद कर दी. जिन दोस्तों के साथ, जब मैं 12 बरस का था, तब मैंने क्रिकेट खेला था. मुझे अपने दोस्तों की याद आती है. मेरे हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, सिख, इंसान दोस्त. मैं उन दिनों को मिस करता हूं, जब इस बात से फर्क नहीं पड़ता था कि मेरा सरनेम क्या है.”

आगे बाबिल ने लिखा कि उन्हें उन कमेंट्स का इंतज़ार है, जिनमें उनसे कहा जाएगा कि वो देशद्रोही हैं, जिहादी हैं, वो पाकिस्तान चले जाएं. उन्होंने लिखा,

“सबसे पहली बात मुझे भारत से प्यार है. और मैं ये आपको इसलिए बता रहा हूं, क्योंकि मैं लंदन में पढ़ता हूं. जब भी मैं वहां जाता हूं, मैं लौटकर घरवालों के साथ रिक्शे में घूमने का, अक्सा बीच पर पानीपुरी खाने का, कहीं भी जंगलों में, भीड़ के बीच अपनी मर्ज़ी से घूमने का इंतज़ार नहीं कर पाता. मैं भारत से प्यार करता हूं. मुझे देशद्रोही बोलने की हिम्मत भी मत करना, मैं एक बॉक्सर हूं, मैं आपकी नाक तोड़ दूंगा.”

Babi Boxer Post
इसमें बताया कैसे उनके दोस्तों ने बातचीत बंद कर दी.

बाबिल के इस पोस्ट पर एक यूज़र ने रिएक्ट किया. अपनी सहमति जताई. कहा कि वो समझती हैं कि उन्हें कैसा महसूस हो रहा होगा. इस पर बाबिल ने रिप्लाई करते हुए कहा,

“आओ और मुझे झप्पी दो. हमें झप्पियों की ज़रूरत है अभी. हर किसी को है. हर किसी को (सभी धर्म) मिलने की ज़रूरत है. हर किसी को मिलकर कल्चरल फूड और कविताओं, फिलॉसफिकल आइडियाज़ शेयर करने की ज़रूरत है. लव यू और ये बात मैं हर धर्म के हर व्यक्ति से कहता हूं. मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप कहां से आए हो. मुझे बस इस बात कि फिक्र है कि आपकी आत्मा पवित्र है या नहीं? बस इतना ही. आओ झप्पी दो.”

Shipra Babil Post
यूज़र को बाबिल ने प्यारा सा जवाब दिया.

इस पर एक यूज़र ने बाबिल को जवाब दिया. कहा कि वो थोड़े लॉजिक का इस्तेमाल करें. लिखा,

“आपको कोई एंटी-नेशनल नहीं बोल रहा. थोड़ा लॉजिक लगाओ. मंदिर में 200 लोगों की भीड़ को परमिशन है. लेकिन ज्यादातर ईद के लिए 10 हज़ार से ज्यादा लोग इकट्ठे हो जाते हैं. आप इन दोनों को कैसे कम्पेयर कर सकते हो? रक्षाबंधन में कौन-सी पब्लिक गैदरिंग होती है? हर चीज़ में एजेंडा…?”

इसके आगे मुंबई गणपति विसर्जन और नवरात्रि के गरबा का ज़िक्र किया. जवाब में बाबिल ने लिखा,

“मेरे भाई, मेरी जान, मेरे दोस्त. सुन मेरी बात. लॉजिक की बात तो है ही, इसलिए तो मैं कह रहा हूं पब्लिक गैदरिंग मत करने दो, लेकिन ईद की स्कूल से छुट्टी तो बनती है न यार? पब्लिक लॉकडाउन कर दो, लेकिन एक छुट्टी तो दे दो, ताकि वो लोग जो इस फेस्टिवल को सेलिब्रेट करते हैं, वो अपने परिवार के साथ कुछ कर सकें. स्कूल क्यों खुला है ईद के दिन, जब आज तक हर ईद पर छुट्टी मिलती है? मेरे भाई, अगर आज हम दोनों के बीच दीवार खड़ी हो गई, तो ये सबसे बड़ा पाप होगा. मेरी लड़ाई किसी पॉलिटिकल एजेंडे के लिए नहीं है. मेरी लड़ाई आपके दिल में जो मेरे लिए धर्म और राजनीति पर बेस्ड एक हल्की सी नफरत पड़ी हुई है, बस उसी नफरत से लड़ाई है. तू आ मुझे गले लगा ले.”

Babil Gale Post
बाएं से दाएं: यूज़र का पोस्ट. बाबिल का जवाब.

इसके आगे बाबिल ने ‘नाक तोड़ने वाली’ बात के लिए माफी मांगी. कहा कि वो किसी की नाक नहीं तोड़ेंगे, वो बस इमोशनल हो गए थे, क्योंकि वो भारत से सच में प्यार करते हैं और इस वक्त उन्हें एंटी-नेशनलिस्ट वाले मैसेज आ रहे हैं, जिससे वो चिढ़ गए थे.

Babil Last Slide
आखिरी में नाक तोड़ने वाली बात पर माफी मांगी.

आखिरी में बाबिल ने उन सभी लोगों को थैंक्यू कहा, जिन्होंने उनके प्रति प्यार जताया, और जिन्होंने उनसे देश छोड़ने को कहा, उन्हें बाबिल ने भांड़ में जाने को बोला. हालांकि आखिरी में उन्होंने ये भी कहा कि वो मज़ाक था. अगर वो लोग (नफरत भरे मैसेज करने वाले) चाहते हैं, तो बात हो सकती है, और असल दिक्कत क्या है, इस पर चर्चा की जा सकती है.


वीडियो देखें: एक्टर इरफ़ान के बेटे बाबिल का नेपोटिज्म पर जवाब पाकर यूज़र शांत हो गया

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

10 नंबरी

रफाल तो अब आया, इससे पहले भारत किन-किन फाइटर प्लेन से दुश्मनों का दिल दहलाता था

'इंडियन एयरफोर्स कोई चुन्नु-मुन्नु की सेना नहीं है.'

टेलीग्राम ने 2GB फ़ाइल शेयर करने का ऑप्शन शुरू किया, साथ में वॉट्सऐप के मज़े भी ले लिए

वॉट्सऐप तो बस 16MB की फ़ाइल पर सरेंडर कर देता है

15,000 रुपए के अंदर 32 इंची स्मार्ट टीवी के कितने बेहतर ऑप्शन मौजूद हैं

अब तो टीवी भी बहुत स्मार्ट हो चला है.

कोरोना काल में भी रेलवे ने ये 'तीसमार खां' टाइप काम कर डाले

क्या रेलवे के दिन फिर जाएंगे?

विकास दुबे एनकाउंटर मामले की जांच करने वाले पैनल के तीन सदस्य कौन हैं?

योगी सरकार में एनकाउंटर की जांच को लेकर सवाल उठते रहे हैं.

'इक कुड़ी जिदा नां मुहब्बत' वाले शिव बटालवी ने बताया कि हम सब 'स्लो सुसाइड' के प्रोसेस में हैं

इन्होंने अपनी प्रेमिका के लिए जो 'इश्तेहार' लिखा, वो आज दुनिया गाती है

इस महीने कौन-कौन से फोन लॉन्च हुए, क्या-क्या नया आने वाला है

जुलाई में फ़ोन तो बरसाती मेढक की तरह फुदक रहे हैं!

वो इंडियन फिल्म स्टार्स, जो एक्टर से पहले डॉक्टर हैं

पीएचडी वाले डॉक्टर नहीं, प्रॉपर इलाज करने वाले डॉक्टर.

नेल्सन मंडेला के वो 10 कोट्स, जो समझ आ जाएं तो ज़िंदगी बन जाएगी

'अफ्रीका के गांधी' कहे जाते हैं नेल्सन मंडेला (18 जुलाई, 1918 – 5 दिसंबर, 2013)!

कोरोना की जिन वैक्सीनों ने उम्मीद जगाई है, वो अभी किस स्टेज में हैं?

कोरोना के थानोस को मारने के लिए वैक्सीन के एवेंजर्स का आना ज़रूरी है.