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IPL 2019 के वो 7 मौके, जब अंपायरों ने मैदान पर ब्लंडर किए

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आईपीएल 2019 खत्म हो गया है. मुंबई इंडियंस की टीम ने चेन्नई सुपर को हराकर फाइनल मैच जीत लिया है. आईपीएल 2019 में कई ऐसे मौके आए जब खिलाड़ियों ने खराब बिहेवियर दिखाया. कई मैच में खराब अंपायरिंग भी की गई. आइए जानते हैं आईपीएल 2019 के कुछ खराब अंपायरिंग के फैसले –


#1 मिलर आउट थे, बॉल वाइड थी?

आईपीएल का छठा मैच. किंग्स इलेवन पंजाब और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच. दूसरी इनिंग्स में पंजाब की टीम बैटिंग कर रही थी. पहली इनिंग्स में कोलकाता ने 218 रन बोर्ड पर टांग दिए थे. बात है 16वें ओवर की. आख़िरी गेंद. गेंद थी पीयूष चावला के हाथ में. सामने थे साउथ अफ़्रीका के डेविड मिलर. डेविड लेफ़्ट हैंड से बैटिंग करते हैं और चावला ने उन्हें रॉन्ग वन फ़ेंकी. गेंद ऑफ स्टंप की लाइन में पड़ी और मिलर को छोड़ती हुई जा रही थी. मिलर ज़ोरदार शॉट मारना चाहते थे लेकिन बॉल कनेक्ट नहीं हुई. पीछे खड़े दिनेश कार्तिक ने अपील की और अंपायर ने आउट दे दिया. मिलर ने तुरंत ही रिव्यू लिया. थर्ड अम्पायर ने बताया कि आउट नहीं था. फ़ैसला बदल दिया गया.

कायदे ये इस गेंद को वाइड दिया जाना चाहिए था, लेकिन अंपायर ने इस पर ध्यान नहीं दिया (स्क्रीनशॉट: आईपीएल टी20)
कायदे ये इस गेंद को वाइड दिया जाना चाहिए था, लेकिन अंपायर ने इस पर ध्यान नहीं दिया (स्क्रीनशॉट: आईपीएल टी20)

लेकिन असली समस्या यहीं आई. तस्वीर को एक बार फिर से देखिए. बॉल जब मिलर के पास से गुज़र रही है तो वो उनसे कितनी दूर है. साफ़ तौर पर मालूम चल रहा है कि ये एक वाइड बॉल है. और चूंकि टीवी रीप्ले में ये साफ़ मालूम चल चुका था कि मिलर के बल्ले से गेंद नहीं लगी है, ऐसे में इसे वाइड दिया जाना चाहिए. लेकिन अंपायर विनीत कुलकर्णी ने इसे वाइड डिक्लेयर नहीं किया. ऐसा नहीं होना चाहिए था.

केकेआर के कप्तान कार्तिक और उथप्पा अंपायर से बात करते हुए (स्क्रीनशॉट: आईपीएल टी20)
केकेआर के कप्तान कार्तिक और उथप्पा अंपायर से बात करते हुए (स्क्रीनशॉट: आईपीएल टी20)

इसी मैच में एक वाकया ऐसा भी हुआ था जिसमें पंजाब को ओवरथ्रो के 4 रन एक्स्ट्रा मिल गए थे जबकि गेंद को नितीश राणा ने डेड हो जाने के बाद आंद्रे रसेल की तरफ़ उछाला था. जिसे वो लाइट्स के चलते देख नहीं पाए और बॉल लुढ़कती हुई बाउंड्री के पार चली गई. उस वक़्त भी अम्पायर्स केकेआर के कप्तान कार्तिक और उथप्पा की बात सुनने को राज़ी ही नहीं थे. इस मैच को कोलकाता ने 28 रन से जीता था.


#2 मलिंगा की नो बॉल

सीजन का सांतवां मैच था. रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर वर्सेज मुंबई इंडियंस. दोनों टीम इस सीजन का पहला मैच हार चुकी थी और जीत का खाता खोलने के लिए उतरी थी. मुंबई ने पहले बैटिंग करते हुए 187 रन बनाए और टारगेट का पीछा करने उतरी बैंगलोर 19.5 ओवर में 181 रन बना चुकी थी. आखिरी गेंद पर मैच जीतने के लिए बेंगलोर को 7 रन चाहिए थे. स्ट्राइक पर थे शिवम दुबे और बॉलिंग एंड पर लसिथ मलिंगा. वही शिवम जिन्हें बैंगलोर ने 5 करोड़ में खरीदा था. ऑक्शन में इनको खरीदने की कोशिश मुंबई ने भी की थी लेकिन बाजी मारी थी बैंगलोर ने. शिवम 19वें ओवर की पहली गेंद पर छक्का लगा चुके थे. कमेंटेटर्स कह रहे थे कि क्या शिवम आखिरी गेंद पर छक्का लगा मैच को सुपर ओवर तक ले जाएंगे.

फैंस की सांसें अटकी हुई थी. लसिथ मलिंगा ने मिडिल में फुलटॉस बॉल डाली. शिवम ने लॉन्ग-ऑन की ओर ड्राइव लगाया और इसी के साथ बेंगलोर हार गई. लेकिन….

आख़िरी गेंद पर मलिंगा की नो बॉल (स्क्रीनशॉट: आईपीएल टी20)
आख़िरी गेंद पर मलिंगा की नो बॉल (स्क्रीनशॉट: आईपीएल टी20)

मैच की इस आखिरी गेंद पर मलिंगा का पैर क्रीज़ के बाहर था. अंपायर की नज़र इस पर नहीं पड़ी. मतलब की नो-बॉल थी. अंपायर ने अगर इसे नो बॉल दिया होता तो बेंगलोर को 1 रन मिलता और साथ ही एक फ्री हिट भी. जो कि मैच को पलट सकता था. लेकिन ऐसा कुछ हुआ ही नहीं क्योंकि अंपायर नो बॉल दिया ही नहीं.

मैच के बाद बैंगलोर के कप्तान विराट कोहली गुस्से में थे (स्क्रीनशॉट: आईपीएल टी20)
मैच के बाद बैंगलोर के कप्तान विराट कोहली गुस्से में थे (स्क्रीनशॉट: आईपीएल टी20)

मैच के बाद एंकर ने जब कोहली से पूछा, क्या आपने आखिरी में जो हुआ उसका रीप्ले देखा? कोहली ने तमतमाते हुए कहा था-

“हम आईपीएल लेवल का टूर्नामेंट खेल रहे हैं, कोई क्लब क्रिकेट नहीं. आखिरी गेंद पर यह बेतुका फैसला था. अंपायरों को अपनी आंखें खोली रखनी चाहिए. वह नो बॉल थी और करीब एक इंच की. करीबी मैचों में इस तरह के फैसले आते रहे तो मैं नहीं जानता कि क्या होगा. अंपायर को चौकस और सावधान रहना चाहिए था.”


#3 सात बॉल का ओवर

9वां मैच. मुंबई इंडियंस वर्सेज किंग्स इलेवन पंजाब. मोहाली में मुंबई इंडियंस के खिलाफ एक मैच में अंपायर की गलती के कारण किंग्स इलेवन पंजाब के कप्तान आर. अश्विन को अपने ओवर में 7 गेंदें फेंकनी पड़ी. पंजाब ने पहले बॉलिंग का फैसला लिया, जिसके बाद आर अश्विन ने पहला ओवर फेंका. इस ओवर में अंपायर के ध्यान न देने की वजह से उन्हें 7 गेंद फेंकनी पड़ी. उनकी 7वीं गेंद पर डि कॉक ने चौका जड़कर टीम के स्कोर को 7 रन तक पहुंचा दिया था.

मुंबई इंडियंस का ट्वीट देख सकते हैं.


#4 जब नो बॉल को लेकर कंफ्यूज थे अंपायर

टूर्नामेंट का 25वां मैच. चेन्नई सुपर किंग्स वर्सेज राजस्थान रॉयल्स. राजस्थान की टीम ने पहले बैटिंग करते हुए 151 रन बनाए थे. टारगेट का पीछा करते हुए चेन्नई को जीत के लिए आख़िरी 3 बॉल में 8 रन चाहिए थे. धोनी के आउट होने के बाद मिशेल सेंटनर बैटिंग को उतरे और बॉलिंग पर थे बेन स्टोक्स. आख़िरी ओवर की चौथी गेंद पर सेंटनर ने दौड़ कर 2 रन ले लिए. तभी बेन की इस बॉल को अंपायर उल्हास गांधे ने नो बॉल बता दिया लेकिन इसके बाद स्क्वेयर लेग अंपायर ब्रूस ओक्सेनफोर्ड से बातचीत करने के बाद फैसला वापस ले लिया.

धोनी बहुत गुस्से में नज़र आ रहे थे. (स्क्रीनशॉट: आईपीएल टी20)
धोनी बहुत गुस्से में नज़र आ रहे थे. (स्क्रीनशॉट: आईपीएल टी20)

अंपायर ने जब नो बॉल का फैसला बदला था, तो धोनी गुस्से में मैदान में चले आए थे. ओक्सेनफोर्ड के समझाने के बाद वह मैदान से बाहर गए. चेन्नई ने इस मैच को चार विकेट से जीता था.


#5 अंपायर जेब में बॉल रखकर भूल गए और मैच रुका रहा

आईपीएल 2019 का 42वां मैच. रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर वर्सेज किंग्स इलेवन पंजाब. पहली इनिंग्स में बैंगलोर की टीम बैटिंग कर रही थी. 14वां ओवर ख़त्म हुआ था और स्ट्रेटेजिक टाइमआउट भी.

आर अश्विन ने अंकित राजपूत को बॉलिंग पर आने के लिए बोला. फ़ील्ड सेट की. बॉलिंग इंस्ट्रक्शन दे दिए. लेकिन फिर मालूम पड़ा कि किसी के भी पास बॉल ही नहीं थी. अंकित राजपूत ने पहले इधर उधर इशारे किये. फिर अश्विन को इशारा किया. अश्विन ने कहा कि बॉल उनके पास भी नहीं थी. अब बात अंपायर तक पहुंची.

बॉल मिलने के बाद मुस्कुराते हुए अंपायर ब्रूस ऑगज़ेफ़ोर्ड और शमशुद्दीन.(स्क्रीनशॉट: आईपीएल टी20)
बॉल मिलने के बाद मुस्कुराते हुए अंपायर ब्रूस ऑगज़ेफ़ोर्ड और शमशुद्दीन.(स्क्रीनशॉट: आईपीएल टी20)

अम्पायर थे शमशुद्दीन. ब्रूस ऑगज़ेफ़ोर्ड लेग अम्पायर थे. शमशुद्दीन ने ब्रूस से पूछा तो मालूम पड़ा कि बॉल उनके पास भी नहीं है. अभी तक खेल ठीक-ठाक समय के लिए रुक चुका था. जब ये पक्का हो गया कि बॉल किसी के भी पास नहीं थी तो नई बॉल लाने के लिए कहा गया. रिज़र्व अम्पायर डब्बा लेकर मैदान पर आए. इसी दौरान टीवी पर रीप्ले चला. पिछले ओवर की आख़िरी बॉल से ये देखा जाने लगा कि आख़िर बॉल कहां-कहां गई और है किसके पास. मालूम पड़ा कि ओवर ख़त्म होते ही ब्रूस ऑगज़ेनफ़ोर्डने बॉल अम्पायर शमशुद्दीन को दे दी थी क्यूंकि कायदे से अगले ओवर में उन्हें ही अम्पायरिंग करनी थी. शमशुद्दीन ने बॉल अपनी जेब में रख ली थी. बॉल वहीं थी. थर्ड अम्पायर ने टीवी पर ये सब देखा और तुरंत ही शमशुद्दीन से बात की. उन्हें बताया कि जेब चेक करें. जेब में ही बॉल मिली. ये वो मौका था जब सभी हंस रहे थे. शमशुद्दीन भी. बस उनकी हंसी में झेंप ज़्यादा मिक्स थी.

बॉल मिलने के बाद मुस्कुराते हुए अंपायर ब्रूस ऑगज़ेफ़ोर्ड और शमशुद्दीन.(स्क्रीनशॉट: आईपीएल टी20)
बॉल मिलने के बाद मुस्कुराते हुए अंपायर ब्रूस ऑगज़ेफ़ोर्ड और शमशुद्दीन.(स्क्रीनशॉट: आईपीएल टी20)

इस पूरे वाकये का वीडियो देखिये.


#6 गुस्साए अंपायर ने दरवाजे को लात मारकर तोड़ दिया

4 मई 2019. आईपीएल का 54वां मैच. मैच था रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर और सनराइज़र्स हैदराबाद के बीच. बैंगलोर की टीम पहले बॉलिंग कर रही थी. आख़िरी ओवर में पांचवीं गेंद को नाइजेल ने नो-बॉल डिक्लेयर किया. इसके बाद जब बड़ी स्क्रीन पर रीप्ले दिखाया गया तो मालूम पड़ा कि बॉलर उमेश यादव का पैर लाइन के पीछे था. यानी ये एक नो बॉल नहीं थी. जैसे ही ये रीप्ले दिखाया गया, बॉलर उमेश यादव और कप्तान विराट कोहली ने अम्पायर नाइजेल लॉन्ग से बात की. ये एक बहसनुमा बातचीत थी. अम्पायर ने अपनी नो बॉल की कॉल नहीं बदली. इसका नतीज़ा ये हुआ कि हैदराबाद को जो एक्स्ट्रा बॉल खेलने को मिली, उस पर उन्होंने चौका मार दिया. और नो बॉल का भी एक एक्स्ट्रा रन मिल ही चुका था. यानी हैदराबाद को 5 रनों का फ़ायदा हुआ.

इसके बाद इनिंग्स ख़त्म हुई और नाइजेल लॉन्ग अम्पायर्स रूम में आए. यहीं उन्होंने कमरे के दरवाज़े पर ज़ोर से लात मारी. दरवाज़े पर निशान आए और वो चिटक गया. हालांकि उसमें ऊपर के हिस्से में लगा हुआ कांच नहीं टूटा. इसके बाद कर्नाटक स्टेट क्रिकेट असोसिएशन के ऑफिशियल्स ने सबसे पहले तो मैच रेफ़री वी नारायण कुट्टी से बात की और फिर मामला कमिटी ऑफ़ एड्मिनिस्ट्रेटर्स तक पहुंचा दिया. नाइजेल लॉन्ग ने मंगलवार 7 मई को हर्जाना दिया है. उन्होंने तोड़-फोड़ के एवज में 5 हज़ार रुपये भरे. उन्हें पैसे भरने के लिए कहा गया था. कर्नाटक स्टेट क्रिकेट असोसिएशन के सेक्रेटरी आर सुधाकर राव ने ये सारी बातें ईएसपीएन क्रिकइन्फो को बताईं.

4 मई को बेंगलोर और हैदराबाद के बीच मैच के दौरान ये घटना हुई. (स्क्रीनशॉट: आईपीएल टी20)
4 मई को बेंगलोर और हैदराबाद के बीच मैच के दौरान ये घटना हुई. (स्क्रीनशॉट: आईपीएल टी20)

नाइजेल लॉन्ग अच्छे भले एक्सपीरियंस्ड अम्पायर हैं. उन्होंने 32 टी-20 इंटरनेशनल मैचों में, 53 टेस्ट और 123 वन-डे मैचों में अम्पायरिंग की है लेकिन यहां गलती कर बैठे.


#7 वाइड बॉल को देखते रहे अंपायर

आईपीएल का फाइनल मैच. महामुकाबला. चेन्नई सुपर किंग्स वर्सेज मुंबई इंडियंस. इस मैच की पहली पारी के आख़िरी ओवर में अंपायर की गलती फिर देखी गई. 20वां ओवर करने आए ड्वेन ब्रावो और स्ट्राइक पर थे कीरन पोलार्ड. इस ओवर की दूसरी गेंद ब्रावो ने वाइड लाइन के पार डाली लेकिन पोलार्ड गेंद को खेलने के लिए बॉल तक पहुंचे थे इसलिए इसे लीगल डिलीवरी माना गया. इसी ओवर की तीसरी गेंद पर ब्रावो ने फिर से वाइड लेंथ के पार गेंद डाली. पोलार्ड इस गेंद को खेलने आए लेकिन दूर जा रही बॉल को देख बैट वापस मोड़ लिया. अंपायर ने इस गेंद को भी लीगल डिलीवरी दिया. नियमों के मुताबिक इस गेंद को वाइड दिया जाना चाहिए था लेकिन अंपायर नितिन मेनन ने इस गेंद को लीगल डिलीवरी बताया.

इसी गेंद को वाइड नहीं देने पर हुआ था बवाल. (स्क्रीनशॉट: आईपीएल टी20)
इसी गेंद को वाइड नहीं देने पर हुआ था बवाल. (स्क्रीनशॉट: आईपीएल टी20)

इस वाकए का वीडियो देख सकते हैं.

कई क्रिकेट एक्सपर्ट ने अंपायर के इस फैसले पर हैरानी जताई है. सोशल मीडिया पर कई लोग कह रहे हैं कि अगर वह बॉल को वाइड दिया जाता तो मुंबई का स्कोर और भी अधिक हो सकता था.


ऐसा नहीं है कि हरेक गलती हार या जीत की वजह बनी लेकिन कई मैच में ऐसा हुआ भी. बीसीसीआई को इस बात का ख्याल रखना चाहिए कि इस तरह की गलतियां आगे से न हो. जब इतनी नई-नई टेक्नोलॉजी आ गई है, तो ऐसे में  इतने बड़े लेवल पर ऐसी गलतियां अखरती हैं.


वीडियो- कोहली से भिड़ने के बाद गुस्साए अंपायर ने दरवाजे को लात मारकर तोड़ दिया

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