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इंडिया के वो क्रिकेटर्स जिन्होंने फिल्मों में सिर्फ गेस्ट रोल नहीं बाकायदा एक्टिंग की

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1983 में क्रिकेट वर्ल्ड कप जीतने पर फिल्म बन रही है. रणवीर सिंह, एमी विर्क, हार्डी संधू और पंकज त्रिपाठी समेत 15 एक्टर्स को लेकर ’83’ नाम की ये फिल्म कबीर खान डायरेक्ट कर रहे हैं. इसी बीच 83 वर्ल्ड कप विनिंग टीम के सदस्य रहे कीर्ति आज़ाद भी अपना एक्टिंग डेब्यू करने जा रहे हैं. लेकिन कबीर वाली फिल्म से नहीं. उन्होंने अपनी अलग पिक्चर बनाई है. नाम है ‘किरकेट’. फिल्म के इस नाम के पीछे जो वजह दी गई है, वो बहुत ही ज़्यादा भौंडी है. खैर, फिल्म के ट्रेलर वगैरह आ चुके हैं.

फिल्म ‘किरकेट’ का ट्रेलर पहली नज़र में ही किसी बी- ग्रेड फिल्म टाइप लग रहा है. ये फिल्म कितनी पानी में है, इस बात अंदाज़ा इस चीज़ से लगाने की कोशिश करिए कि इसकी सबसे इंट्रेस्टिंग और बिकाऊ चीज़ खुद कीर्ति आज़ाद हैं. ‘किरकेट’ की कहानी बिहार क्रिकेट बोर्ड के बारे में हैं. एक ऐसा क्रिकेट बोर्ड जिसका बंटवारा हुआ. जिसकी रणजी क्रिकेट टीम की मान्यता रद्द कर दी गई. बिहार के क्रिकेटर्स को नेशनल लेवल पर अपना टैलेंट दिखाने के लिए भी दूसरे राज्यों का मोहताज होना पड़ता है. कीर्ति आज़ाद खुद दिल्ली की रणजी टीम की ओर से खेलते थे.

इस चीज़ के खिलाफ छिड़ी जंग में कीर्ति ने बिलाशक अहम रोल निभाया है. उन्होंने एक मीटिंग में अरुण जेटली को खुलेआम चुनौती दे दी थी. नीतजतन उन्हें बीजेपी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया. वो बिहार को क्रिकेट खेलने वाले देश के बाकी राज्यों की तरह उसका हक दिलवाने के लिए लड़े. ये फिल्म बिहार की इसी जर्नी के बारे में बात करेगी. इस फिल्म से कीर्ति आज़ाद अपना एक्टिंग डेब्यू करने जा रहा हैं. इसमें वो अपना ही किरदार निभाते नज़र आएंगे. इसमें कीर्ति के साथी क्रिकेटर्स मनिंदर सिंह, मनोज प्रभाकर और अतुल वसन भी नज़र आने वाले हैं. फिल्म ‘किरकेट’ का ट्रेलर आप यहां देख सकते हैं:

इस मौके पर हम उन क्रिकेटर्स के बारे में बात करेंगे, जिन्होंने सिनेमा के क्षेत्र में अपनी किस्मत आज़माई. और यहां उन क्रिकेटर्स की बात बिलकुल नहीं हो रही, जिन्होंने बस प्रोड्यूसर्स-एक्टर्स से दोस्ती के चक्कर में उनकी फिल्मों में गेस्ट रोल किए. ये लिस्ट उन क्रिकेटर्स की बात करेगी, जिन्होंने प्रॉपर तरीके से सिनेमा में एंट्री मारी. नोटिस किए गए. और फिर भुला दिए गए.

1) सलीम दुर्रानी (1960-73)- इंडिया के पहले क्रिकेटर जिन्हें प्रतिष्ठित अर्जुन अवॉर्ड (1961) मिला था. स्लो लेफ्ट आर्म बॉलर और बैटिंग भी बाएं हाथ से ही करते थे. जनता के बीच सलीम बहुत पॉपुलर थे. वजह- ग्राउंड के जिस भी कोने से पब्लिक सिक्सर की डिमांड करती, ये गेंद उछालकर वहां पहुंचा देते थे. क्रिकेटिंग करियर खत्म होने के बाद दुर्रानी ने फिल्मों में एक दम धांसू स्टाइल में एंट्री मारी. ‘चेतना’, ‘मान जाइए’ और ‘दूसरा बाप’ जैसी फिल्में डायरेक्ट करने वाले बी.आर ईशारा की फिल्म ‘चरित्र’ के साथ. इसी फिल्म से मशहूर एक्ट्रेस परवीन बाबी ने भी अपना सिनेमाई डेब्यू किया था. फिल्म में सलीम ने एक दरुच्चे और बिगड़ैल लड़के का रोल किया था, जो किसी और के बच्चे की मां बनने वाली लड़की (बाबी) से शादी कर उसकी ज़िंदगी बचा लेता है.

फिल्म 'चरित्र' के एक सीन में परवीन बाबी के साथ सलीम दुर्रानी.
फिल्म ‘चरित्र’ के एक सीन में परवीन बाबी के साथ सलीम दुर्रानी.

2) संदीप पाटील (1980-86)- वो क्रिकेटर जो 20-20 क्रिकेट के इजाद होने से 25 साल पहले उसी तूफानी अंदाज़ में बैटिंग किया करता था. और छक्कों की तो बात ही मत करिए. लंबे सिक्सर मारने में संदीप की महारत को देखते हुए, इनके बारे में कई अफवाहें उड़ा करती थीं. उनमें से एक बहुत दिलचस्प है. कहा जाता था कि मुंबई के पारसी जिमखाना में खेलते हुए संदीप ने इतना लंबा छक्का मारा की गेंद अरब सागर में जाकर गिरी. हालांकि ये बात कितनी सही है, इसका कोई प्रमाण नहीं है. 1983 वर्ल्ड कप के बाद इंडिया में क्रिकेटर्स देवतुल्य हो गए थे. इस पीरियड में संदीप को ‘कभी अजनबी थे’ नाम की फिल्म ऑफर हुई. बताया जाता है कि संदीप ने इस फिल्म की शूटिंग के बीच में पड़ने वाली (वेस्ट-इंडीज़ के खिलाफ) सीरीज़ में खेलने से मना कर दिया था. हालांकि वो इस मामले को चोट से उबरने में लगने वाला समय बताकर कवर करते रहे हैं. इस फिल्म में उन्होंने लीड रोल किया था, जो कि एक क्रिकेटर का था.

फिल्म 'कभी अजनबी थे' के दो अलग-अलग सीन्स में एक्ट्रेस पून म ढ़िल्लौं के साथ संदीप पाटील.
फिल्म ‘कभी अजनबी थे’ के दो अलग-अलग सीन्स में एक्ट्रेस पूनम ढिल्लों के साथ संदीप पाटील.

3) सय्यद किरमानी (1976-86)- इंडिया का वो प्लेयर जिसे 1983 वर्ल्ड कप में बेस्ट विकेट-कीपर का अवॉर्ड मिला था. लोअर मिडल-ऑर्डर के भरोसेमंद बैट्समैन थे. अपने दौर के अजीबोगरीब खिलाड़ियों में गिने जाते थे. बैट्समैन-बॉलर्स की तरह इनकी विकेटकीपिंग का फॉर्म भी हर कुछ समय के बाद बिगड़ जाता था. 1979 में पाकिस्तान और वेस्ट इंडीज़ के खिलाफ विकेटों के पीछे इनकी परफॉरमेंस इतनी बुरी रही कि इन्हें 1979 वर्ल्ड कप टीम से ही ड्रॉप कर दिया गया. 1981 में इंग्लैंड के खिलाफ उन्हीं किरमानी ने 3 टेस्ट मैचों में बाय में एक रन नहीं जाने दिया. जबकि इस दौरान दोनों टीमों ने मिलकर टोटल 1964 रन बनाए. 83 वर्ल्ड कप के बाद संदीप पाटील के साथ इन्हें ‘कभी अजनबी थे’ में बतौर विलेन कास्ट किया गया. फिल्म में किरमानी ने एक अंडरवर्ल्ड गैंगस्टर का रोल किया था. फिल्म से किरमानी का एक क्लिप आप यहां देख सकते हैं:

4) सलिल अंकोला– राइट आर्म फास्ट बॉलर थे. इनका टेस्ट क्रिकेट डेब्यू 1989 में पाकिस्तान के खिलाफ उसी मैच से हुआ थे, जिससे सचिन तेंडुलकर और वकार यूनूस जैसे दिग्गज क्रिकेटर्स ने अपना करियर शुरू किया था. सलिल के साथ इंजरी की भारी समस्या थी, जो इन्हें लगातार टीम से बाहर रखती थी. बाद में उन्हें 1996 में वर्ल्ड कप टीम में शामिल तो किया गया लेकिन खेलने का मौका सिर्फ एक मैच में मिला. 90 के दशक के आखिर में सलिल को बोन ट्यूमर की समस्या हुई, जिसके बाद उन्होंने रिटायरमेंट की घोषणा कर दी. और उनका पूरा फोकस शिफ्ट हो गया एक्टिंग पर. वो उन विरले क्रिकेटर्स में से थे, जिन्हें अच्छे एक्टर्स में गिना गया. उन्होंने ‘कुरुक्षेत्र’, ‘पिता’ और ‘चुरा लिया है तुमने’ जैसी फिल्मों में काम किया. इसके अलावा वो ‘चाहत और नफरत’ (1999), ‘श्श्श्श… कोई है’ (2002), ‘बिग बॉस’ (2006), ‘खतरों के खिलाड़ी’ (2007), ‘सावित्री’ (2013) और ‘कर्मफलदाता शनि’ (2016) जैसे टीवी शोज़ में भी काम कर चुके हैं.

टीवी शो 'कर्मफलदाता शनि' में सलील ने सूर्य देव का रोल किया था. दूसरी तस्वीर में फिल्म 'कुरुक्षेत्र' में पुलिसवाले के रोल में सलील.
टीवी शो ‘कर्मफलदाता शनि’ में सलिल ने सूर्य देव का रोल किया था. दूसरी तस्वीर में फिल्म ‘कुरुक्षेत्र’ में पुलिसवाले के रोल में सलिल.

5) विनोद कांबली (1991-2000)- सचिन तेंडुलकर वाले बैच से आने वाले धाकड़ बैट्समैन. कांबली ने अपना रणजी करियर डेब्यू पहली ही बॉल छक्का मारकर किया था. लगातार तीन इनिंग में तीन सेंचुरीज़ और फिर 23 साल की उम्र में टेस्ट क्रिकेट से रिटायरमेंट. लेकिन वन डे में रौला बरकरार था. जनता की मेमरीज़ में अब भी वो कांबली दर्ज है, जो 1996 वर्ल्ड कप में श्रीलंका से हारने के बाद ग्राउंड पर ही फूटकर रो पड़ा था. इस टूर्नामेंट के बाद कांबली ने कुछ 35 वन डे मैचेज़ खेले लेकिन उनमें उनकी परफॉर्मेंस औसत से भी नीचे रही. यहां से उनका क्रिकेटिंग करियर डूबता ही चला गया. 2002 में उन्होंने सिनेमा की राह पकड़ी. सुनील शेट्टी और संजय दत्त जैसे स्टार्स के साथ ‘अनर्थ’ नाम की फिल्म से डेब्यू हुआ. फिल्म में उनका रोल एक गैंगस्टर के दोस्त का था, जिसका कत्ल हो जाता है. इसके बाद वो ‘पल पल दिल के साथ’ (2009) और कन्नड़ा भाषा की फिल्म ‘बेट्टानगेरे’ (2015) में भी दिखाई दिए. टीवी पर ‘मिस इंडिया’ नाम के सीरियल में काम करने के अलावा ‘बिग बॉस’ (2009) में भी जा चुके हैं.

फिल्म 'अनर्थ' के एक सीन में जॉनी लीवर के साथ विनोद कांबली.
फिल्म ‘अनर्थ’ के एक सीन में जॉनी लीवर के साथ विनोद कांबली.

6) अजय जडेजा (1992-2000)- राइट हैंडेड मिडल ऑर्डर बैट्समैन, जिन्हें 90 के दशक में टीम का बेस्ट फिनिशर माना जाता था. साथ ही धाकड़ फील्डर भी थे. अजय का करियर मैच फिक्सिंग के आरोपों के चक्कर में बर्बाद हो गया. साल 2000 में उनके क्रिकेट खेलने पर पांच साल का बैन लगा दिया गया. तब वो अपने करियर के चरम पर थे. बैन होने से पहले अपने आखिरी मैच (2000, पेप्सी कप- पाकिस्तान के खिलाफ) में वो 93 रन बनाकर टीम के हाइएस्ट स्कोरिंग प्लेयर रहे थे. 2003 में उन पर लगा ये बैन हटा दिया गया लेकिन तब तक जडेजा का इंटरनेशनल करियर खत्म हो चुका था. साल 2003 में उनका एक्टिंग करियर शुरू हुआ. वो ‘खेल’ नाम की फिल्म में सुनील शेट्टी और सेलीना जेटली के साथ नज़र आए. फिल्म में उन्होंने लीड रोल प्ले किया था. 2009 में उन्होंने विनोद कांबली के साथ ‘पल पल दिल के साथ’ में भी काम किया. टीवी पर वो ‘झलक दिखला जा’ (2006) और ‘कॉमेडी सर्कस’ जैसे शोज़ में भी काम कर चुके हैं.

फिल्म 'खेल' के एक सीन में सनी देओल के साथ अजय. और दूसरी तस्वीर में अपने फिल्म की लीडिंग लेडी सेलिना जेटली के साथ अजय जडेजा.
फिल्म ‘खेल’ के एक सीन में सनी देओल के साथ अजय. और दूसरी तस्वीर में अपने फिल्म की लीडिंग लेडी सेलिना जेटली के साथ अजय जडेजा.

7) सदगोपन रमेश (1999-2001)- तमिल नाडु से आने वाले ऑलराउंडर. अपने वन डे करियर की पहली बॉल पर विकेट लेने वाले इंडिया के पहले प्लेयर. दो साल लंबे इंटरनेशनल करियर में टीम मैनेजमेंट को इनसे ये शिकायत थी कि ये अच्छे स्टार्ट को बड़े स्कोर में तब्दील नहीं कर पाते. लगातार मौके मिलने के बावजूद रमेश का परफॉरमेंस बेहतर नहीं हुआ. इसके बाद उन्हें टीम से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया. हालांकि उन्होंने 2008 तक डोमेस्टिक क्रिकेट खेलना ज़ारी रखा था. वो केरल और असम की रणजी टीम में खेलते थे. क्रिकेट से छूटते ही इन्होंने अपनी किस्मत साउथ इंडियन फिल्मों में आज़माई. शुरुआत हुई 2008 में आई तमिल फिल्म ‘संतोष सुब्रमण्यम’ में निभाए साइड रोल से. 2011 में आई दूसरी तमिल फिल्म ‘पोट्टा पोट्टी’ में उन्हें पहली बार लीड रोल करने का मौका मिला. हालांकि फिल्म में उन्होंने अपना ही किरदार निभाया था, जिसे किडनैप कर लिया जाता है.

तमिल स्पोर्ट्स फिल्म 'पोट्टा पोट्टी' के एक सीन में सदगोपन रमेश.
तमिल स्पोर्ट्स फिल्म ‘पोट्टा पोट्टी’ के एक सीन में सदगोपन रमेश.

8) श्रीसंत (2005-11)- सौरभ गांगुली और विराट कोहली के बीच वाले गैप में इंडियन क्रिकेट टीम का अग्रेशन कोशेंट इन्होंने बनाए रखने का काम किया था. राइट आर्म के मारक फास्ट बॉलर. लेकिन इनकंसिस्टेंट. 2007 ट्ववेंटी-20 वर्ल्ड कप फाइनल में पाकिस्तान के आखिरी बैट्समैन मिस्बाह-उल-हक का कैच इन्होंने ही लपका था. 2011 वर्ल्ड कप विनिंग टीम के भी हिस्सा रहे. लेकिन उस वर्ल्ड कप का फाइनल श्रीसंत के करियर का आखिरी मैच था. 2013 में आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले में उनके क्रिकेट खेलने पर आजीवन बैन लगा दिया गया था. हालांकि, 2019 में उन पर से बैन हटा लिया गया. लेकिन तब तक इंडियन क्रिकेट टीम आगे बढ़ चुकी थी. श्रीसंत ने 2008 से टीवी में काम करना शुरू कर दिया था. वो ‘एक खिलाड़ी एक हसीना’ (2008), ‘झलक दिखला जा’ (2014), ‘बिग बॉस’ (2018) और ‘खतरों के खिलाड़ी’ (2019) जैसे रियलिटी शोज़ का हिस्सा रह चुके हैं. 2017 में आई फिल्म ‘अक्सर 2’ से श्री ने अपना फिल्मी करियर शुरू किया. आगे वो ‘टीम 5’ (2017, मलयाली), ‘कैबरे’ और ‘केंपागोडा-2’ (2019, कन्नड़ा) जैसी फिल्मों में भी नज़र आए.

फिल्म में श्रीसंत का किरदार एक नेता का है, जो ऋचा की मदद करता है.
फिल्म ‘कैबरे’ के एक सीन में श्रीसंत. फिल्म में उन्होंने एक डॉन का किरदार निभाया था.

9) योगराज सिंह (1980-86)- युवराज सिंह के पापा होने के अलावा इंडियन क्रिकेटर भी हैं. लगातार लगने वाली चोट और उससे उबरने में लगने वाले समय में उनका पूरा करियर खर्च हो गया. 6 साल लंबे करियर में उन्हें सिर्फ 1 टेस्ट और 6 वन डे मैचों में खेलने का मौका मिला. इसके बाद योगराज ने पंजाबी फिल्मों का रुख कर लिया. उनका एक्टिंग करियर उसी साल शुरू हुआ, जिस साल इंडिया ने अपना पहला क्रिकेट वर्ल्ड कप जीता था. 1983 में वो पहली बार ‘बंटवारा’ नाम की पंजाबी फिल्म में नज़र आए. अब तक 60 से ज़्यादा पंजाबी फिल्मों में काम कर चुके हैं. उनका हिंदी फिल्म डेब्यू हुआ 2011 में आई फिल्म ‘तीन थे भाई’ से. आगे वो फिल्म ‘भाग मिल्खा भाग’ में मिल्खा सिंह के कोच के रोल में दिखाई दिए. 2015 में आई अक्षय कुमार की फिल्म ‘सिंह इज़ ब्लिंग’ में उन्होंने अक्षय के पिता का रोल किया था. वो आखिरी बार पंजाबी फिल्म ‘अरदास करां’ (2019) में नज़र आए थे.

फिल्म 'भाग मिल्खा भाग' के एक सीन में फरहान अख्तर के साथ योगराज सिंह. योगराज ने फिल्म में मिल्खा के कोच का रोल प्ले किया था.
फिल्म ‘भाग मिल्खा भाग’ के एक सीन में फरहान अख्तर के साथ योगराज सिंह. योगराज ने फिल्म में मिल्खा सिंह के कोच का रोल प्ले किया था.

10) कपिल देव (1978-94)- इंडिया को पहला वर्ल्ड कप दिलाने वाले कप्तान. इन्हें इतिहास नहीं भुला सकता, तो हमारा कहां ही सवाल उठता है. इंडिया के दिग्गज ऑलराउंडर. 83 वर्ल्ड कप में ज़िंबाब्वे के खिलाफ खेली गई उनकी 175 रन की पारी को क्रिकेट इतिहास की महानतम पारियों में गिना जाता है. जब रिटायर हुए तब टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज़्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड इन्हीं के नाम था, जिसे साल 2000 में वेस्ट-इंडीज़ के कर्टनी वॉल्श ने तोड़ दिया. 1994 में कपिल पहली बार किसी फिल्म में नज़र आए. फिल्म थी ‘दिल्लगी… ये दिल्लगी’. हालांकि ये कोई बहुत बड़ा रोल नहीं था. उन्हें बस फिल्म के एक गाने में दिखना था. हालांकि, इस लिस्ट में कपिल को जगह इसलिए मिली है क्योंकि वो नियमित अंतराल पर अपने ही किरदार में सही लेकिन बॉलीवुड फिल्मों में दिखते रहे हैं. ‘दिल्लगी…’ के बाद वो ‘इकबाल’ (2005), ‘चैन खुली की मैन खुली’ (2007) और सलमान खान-अक्षय कुमार की फिल्म ‘मुझसे शादी करोगी’ (2004) में भी दिखाई दिए थे. कबीर खान की आने वाली फिल्म ’83’ में कपिल का रोल रणवीर सिंह कर रहे हैं.

फिल्म 'इकबाल' के एक सीन में नसीरुद्दीन शाह और श्रेयस तलपड़े के साथ कपिल देव. कपिल ने फिल्म में खुद का ही रोल किया था.
फिल्म ‘इकबाल’ के एक सीन में नसीरुद्दीन शाह और श्रेयस तलपड़े के साथ कपिल देव. कपिल ने फिल्म में खुद का ही रोल किया था.

ये तो हो गए वो क्रिकेटर्स, जिन्होंने फिल्मों में बाकायदा एक्टिंग की है. इनके अलावा उन क्रिकेटर्स की एक अलग लिस्ट है, जिन्होंने कई फिल्मों में कैमियो अपीयरेंस किए है. इस लिस्ट में हरभजन सिंह, युवराज सिंह, पार्थिव पटेल और वीवीएस लक्ष्मण जैसे तमाम पॉपुलर नाम शामिल हैं. युवराज ने तो पंजाबी फिल्मों में बतौर चाइल्ड एक्टर भी काम किया है. लेकिन इस बारे में फिर कभी बात करेंगे.


वीडियो देखें: इंडियन क्रिकेट टीम के साथ 15 और लोगों की टीम इंग्लैंड गई है, जो एक ही वर्ल्ड कप दोबारा जीतेगी

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