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विदेशी मीडिया को क्यों लगता है कि भारत-चीन सीमा पर हालात बेकाबू हो सकते हैं?

भारत और चीन के बीच सीमा पर हालात खराब हैं. 15 जून को हिंसक झड़प में भारत के 20 जवान शहीद हो गए. यह घटना लद्दाख की गलवान घाटी में हई. चीनी सेना को भी नुकसान होने की खबरें हैं. दोनों देशों के बीच पिछले 50 साल में यह सबसे हिंसक झड़प है. इसके चलते दोनों देशों की रिश्तों में तनातनी बढ़ गई है. साथ ही दुनियाभर में हलचल मच गई है. सभी देश इस मामले पर करीबी नज़र रखे हुए हैं. दुनियाभर के अखबारों और मीडिया ने लद्दाख में हुई झड़प को कवर किया है.

न्यूयॉर्क टाइम्स

न्यूयॉर्क टाइम्स में भारत-चीन विवाद पर कवरेज.
न्यूयॉर्क टाइम्स में भारत-चीन विवाद पर कवरेज.

अमेरिकी अखबार का शीर्षक है- विवादित भारत-चीन सीमा पर पिछले कुछ दशकों की सबसे बुरी झड़प में 20 भारतीय सैनिक मारे गए

अखबार ने भारतीय अधिकारियों के हवाले से लिखा है कि कई सैनिक चीन की पकड़ में हैं. मई में हुए झगड़ों के हिसाब से 15 जून को हुई झड़प में मारे जाने वालों की संख्या बढ़ सकती है. मई में सीमा पर कई जगह टकराव हुए थे लेकिन उन्हें शुरू में नजरअंदाज किया गया था. बाद में बताया गया कि दोनों ओर के सैनिक बुरी तरह से घायल हुए थे.

साथ ही लिखा है कि भारत के पीएम नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग की छवि राष्ट्रवादी नेता की है. दोनों ने अभी तक जिस तरह के कदम उठाए हैं, उनसे हालात बेकाबू होने का खतरा है.

वॉशिंगटन पोस्ट

वॉशिंगटन पोस्ट की कवरेज.
वॉशिंगटन पोस्ट की कवरेज.

खबर की हेडिंग है- 45 साल में चीनी सैनिकों के साथ पहली हिंसक झड़प में 20 भारतीय सैनिक मारे गए

अखबार लिखता है कि आबादी के लिहाज से दुनिया के दो सबसे बड़े देश चीन और भारत, दोनों उभरती हुईं शक्तियां हैं. लेकिन दोनों एक दूसरे को सावधानी से देखते हैं. 1962 की जंग के अलावा, दोनों देश सीमा पर होने वाले विवादों को बातचीत से सुलझाते रहे हैं. लेकिन हालिया दिनों में दोनों देशों में तनाव बढ़ा है. चीन में भारत की राजदूत रहीं निरुपमा राव ने अखबार को बताया कि चीन अभी जो रवैया अपना रहा है, वह दूसरों को दबा रहा है, अपने हितों और दावों पर आगे बढ़ रहा है, यह कई देशों के लिए चिंता की बात है.

बीबीसी

न
बीबीसी की कवरेज

खबर का शीर्षक- भारत-चीन झड़प: पत्थरों और डंडों के जरिए असाधारण रूप से तनाव बढ़ा

बीबीसी ने लिखा कि दोनों परमाणु संपन्न पड़ोसियों का इतिहास टकराव और एक दूसरे की जमीन पर दावों का रहा है. 3440 किलोमीटर लंबी लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल दोनों देशों को अलग करती है लेकिन विवाद इस लाइन पर भी है. सीमा पर गश्त को जाने वाले सैनिक अक्सर एकदूसरे के इलाके में घुस जाते हैं. इसके चलते झगड़े होते हैं. लेकिन पिछले 40 साल में एक भी गोली नहीं चली. इसी वजह से 15 जून को जो झड़प हुई उसने कई लोगों को चौंका दिया.

गार्डियन

गार्डियन की खबर.
गार्डियन की खबर.

ब्रिटिश अखबार की हेडिंग है- भारत और चीन के टकराव के चलते हिमालय में हालात काबू से बाहर हो सकते हैं

अखबार ने लिखा है कि दो परमाणु संपन्न देशों के बीच दुनिया की सबसे मुश्किल जगहों पर पत्थरों और डंडों से टकराव हुआ. यह खूनी घटना विस्तारवादी राष्ट्रवाद के खतरों को हाईलाइट करती है.

अल जजीरा

अल जजीरा.
अल जजीरा.

खबर की हेडिंग- भारत ने कहा, चीन से सीमा पर झड़प में 20 जवान मारे गए

अल जजीरा ने लिखा है कि भारत-चीन के बीच जो भी हो रहा है, वह चिंताजनक है. इस बारे में भारत के पीएम नरेंद्र मोदी अमेरिका से मदद मांग सकते हैं. इस समय चीन-अमेरिका में भी तनाव है. ऐसे में मोदी के पास राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के रूप में मजबूत साथी है.

आगे लिखा है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जब भी भारत पर फिजिकली या पॉलिटिकली कोई हमला होता है तो भारतीय जनता प्रधानमंत्री के साथ जुड़ जाती है. इसलिए सरकार जो भी करती है उसे जनता और मीडिया का पूरा सहयोग मिलता है.

द टेलीग्राफ

द टेलीग्राफ की रिपोर्ट.
द टेलीग्राफ की रिपोर्ट.

ब्रिटिश वेबसाइट का शीर्षक है- चीनी सेना पर झड़प में कम से कम 20 भारतीय सैनिकों की मौत

टेलीग्राफ को भारतीय सेना के एक पूर्व अफसर ने कहा कि दोनों तरफ से विरोधाभाषी बयान आ रहे हैं. ऐसे में किसी पर दोष मढ़ना मुश्किल है. चीन लगातार आक्रामक बयान दे रहा है जबकि भारत का रुख नरम है. सैनिक कैसे मारे गए, इस बारे में किसी को नहीं पता क्योंकि कई विरोधाभासी बयान आ रहे हैं.

डॉन

डॉन.

पाकिस्तानी अखबार की शीर्षक है- चीन ने सीमा पर हिंसक झड़प के लिए भारतीय सेना को दोषी ठहराया

अखबार ने लिखा है कि गलवान घाटी में हिंसक झड़प के लिए चीन ने भारत को दोषी ठहराया है. उसका कहना है कि भारतीय सैनिक उसकी जमीन में घुस आए. हालांकि चीन ने अपने सैनिकों को हुए नुकसान के बारे में जानकारी नहीं दी है. वहीं भारत ने कहा है कि झड़प में 20 सैनिक शहीद हुए हैं. अखबार ने जानकारों के हवाले से इस वाकये को चिंताजनक बताया है.


Video: लद्दाख में अचानक क्या हुआ कि चीनी सेना के साथ झड़प में जवान शहीद हो गए?

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