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इबारत : मशहूर लेखक फ्रेंज काफ़्का ने अपना लिखा ज़्यादातर जला क्यों दिया?

फ्रेंज काफ्का. एक ऐसा लेखक जिसने अपने जीते जी अपना लिखा कम ही प्रकाशित करवाया. ज़्यादातर लिखा जला दिया. क्यों? वजह ये नहीं थी कि उन्हें अपने लिखे पर भरोसा नहीं था. बल्कि वजह थी उनका सेल्फ़ डिस्ट्रक्शन की ओर लगातार बढ़ते जाना. जिसे लगातार मृत्यु से प्रेम होता है वो प्रसिद्धि और क़ामयाबी क्या सोचें?

चालीस साल की उम्र में जब काफ्का मर रहे थे तब, बचा हुआ सब साहित्य अपने दोस्त मैक्स ब्रॉड को इस प्रॉमिस के साथ दे दिया कि वो ये सब जला दे.

लेकिन जब दोस्त ने काफ्का का काम देखा तो प्रॉमिस को इग्नोर कर उसके काम को छपवाना शुरू कर दिया. कई बरसों तक दोस्त काफ्का को दुनिया के सामने लाता रहा. उधर काफ्का की अंतिम प्रेमिका डोरा के पास भी काफ्का का लिखा बहुत कुछ था. डोरा से भी प्रॉमिस लिया गया था, और डोरा ने भी नहीं माना. यूं काफ्का अपनी मृत्यु के बाद प्रसिद्धि की वो ऊंचाइयां छूते चले गए जो शायद ही कोई लेखक उनके बाद या उनसे पहले छू पाया हो.

‘जादुई यथार्थ’ लिखने वाले नोबेल प्राइज़ विनर गेब्रियल गार्सिया मार्केज़ ने एक बार काफ्का के बारे में कहा था – जब मैंने (काफ्का की) ‘द मेटामोर्फोसिस’ पढ़ी तब मैंने जाना कि ‘अलग तरह से’ भी लिखना संभव है.

कम ही लोग प्रसिद्धि के उस शिखर तक पहुंच पाते हैं जहां पर न केवल उनके नाम पर, बल्कि उनके काम को भी समर्पित, एक संग्रहालय बन पाए. और उसमें से भी कम ही लोग ऐसे होते हैं जिन्होंने लेखन के बल पर ये मुकाम हासिल किया हो. फ्रेंज काफ्का उन्हीं कुछ गिनती के लोगों में से एक थे.

काफ्का की बरसी पर उनके लिखे 10 जादूई कोट्स सुनिए आज इबारत के इस एपिसोड में-

 

# 1 – हर क्रांति भाप बन कर उड़ जाती है और पीछे एक नई नौकरशाही का कीचड़ छोड़ देती है.

 

# 2 – अपने सबसे बड़े जुनून को पूरा करने में पूरी निर्दयता बरतो.

 

# 3 – अपनी मेज़ पर बैठे रहो और सुनो. बल्कि सुनो भी मत. बस प्रतीक्षारत रहो, शांत और अकेले रहो. क़ायनात ख़ुद बेपर्दा होकर अपने को तुम्हारे सामने पेश कर देगी.

 

# 4 – पुस्तक को हमारे भीतर जमे हुए समुद्र के लिए कुल्हाड़ी का काम करना चाहिए.

 

# 5 – ईश्वर अखरोट देता है, लेकिन फोड़कर नहीं.

 

# 6 – जो सही है, उससे शुरू करो. न कि उससे, जो स्वीकार्य है.

 

# 7 – मरने की चाह ही दरअसल समझ की शुरुआत का पहला संकेत है.

 

# 8 – अगर आपके मुंह में भोजन है, तो आपने फ़िलवक्त सारे सवाल हल कर लिए हैं.

 

# 9 – तुम्हारे और दुनिया के बीच जो युद्ध हो रहा है उसमें दुनिया का साथ दो.

 

# 10 – अपने जोश की एक परत हटाओ और तुम पाओगे कि तुम बुरी तरह ऊब चुके हो.


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