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2019 लोकसभा चुनावों के बाद अब तक इतने सांसद दुनिया को अलविदा कह चुके हैं?

मंगलवार 2 मार्च को मध्य प्रदेश के खंडवा लोकसभा सीट से बीजेपी सांसद नंदकुमार सिंह का निधन हो गया. वह 68 बरस के थे. नंदकुमार सिंह जनवरी में कोरोना पॉजिटिव होने के बाद से बीमार चल रहे थे. हाल ही में एक और सांसद की मौत की ख़बर आई थी. दादरा और नगर हवेली क्षेत्र से निर्दलीय सांसद मोहन डेलकर ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी. साल 2019 के लोकसभा चुनावों के बाद संसद ने अपने कई सदस्यों को खोया है. इस रिपोर्ट में हम उन सांसदों के बारे में जानेंगे जो 2019 लोकसभा चुनाव में जीतकर दिल्ली पहुंचे, लेकिन अब इस दुनिया में नहीं हैं.

#1 रामचंद्र पासवान

Ramchandra Paswan
समस्तीपुर के पूर्व सांसद रामचंद्र पासवान.

रामचंद्र पासवान पूर्व केंद्रीय मंत्री दिवंगत रामविलास पासवान के भाई थे. वे 2019 लोकसभा चुनाव में बिहार की समस्तीपुर सीट से लोक जन शक्ति पार्टी के टिकट पर जीते थे. इससे पहले रामचंद्र 1999 और 2004 में रोसड़ा सीट से जीते थे. परिसीमन के बाद नया समस्तीपुर लोकसभा सीट बना था. कार्डियक अरेस्ट की वजह से 21 जुलाई 2019 को रामचंद्र की दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में मौत हो गई थी. उनके जाने से समस्तीपुर की सीट खाली हुई तो अक्टूबर 2019 में उपचुनाव हुए. इसमें रामचंद्र के बेटे प्रिंस राज ने LJP के टिकट पर जीत दर्ज कर की.

#2 बैद्यनाथ प्रसाद महतो

Baidyanath Prasad Mahto
लोकसभा सांसद बनने से पहले बैद्यनाथ प्रसाद महतो बिहार सरकार में मंत्री भी रहे थे.

बैद्यनाथ प्रसाद महतो ने वाल्मीकि नगर लोकसभा सीट से जनता दल यूनाइटेड के टिकट पर जीत दर्ज की थी. 28 फ़रवरी 2020 को बैद्यनाथ ने दिल्ली के एम्स में आख़िरी सांस ली थी. वह लंबे वक्त से बीमार चल रहे थे. उन्हें सांस की समस्या थी. 2019 से पहले बैद्यनाथ 2009 में भी वाल्मीकि नगर से लोकसभा चुनाव जीते थे. 2014 में बीजेपी के सतीश चंद्र दुबे ने उन्हें हराया था. लोकसभा सांसद बनने से पहले बैद्यनाथ बिहार विधानसभा में विधायक भी रहे थे. 2005-08 के दौरान वह बिहार सरकार में मंत्री भी रहे थे.

बैद्यनाथ के निधन के बाद बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के साथ हुए वाल्मीकि नगर लोकसभा उपचुनाव में उनके बेटे सुनील कुमार जनता दल यूनाइटेड के टिकट पर विजयी हुए थे.

#3 बल्ली दुर्गा प्रसाद राव

Balli Durga Prasad Rao
बल्ली दुर्गा प्रसाद राव YSR कांग्रेस पार्टी के सांसद थे.

बल्ली दुर्गा प्रसाद 2019 चुनावों में आंध्र प्रदेश के तिरुपति सीट से YSR कांग्रेस पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़कर जीते थे. सांसद बनने से पहले बल्ली 4 बार विधायक रहे. शिक्षा मंत्री भी रहे. 28 की उम्र में पहली बार विधायकी जीते थे. सितंबर 2020 में बल्ली कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे. इसके बाद उन्हें चेन्नई के अपोलो हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था. 16 सितंबर 2020 को कार्डिक अरेस्ट के कारण उनका निधन हो गया. तिरुपति सीट पर उपचुनाव की तैयारियां चल रही हैं.

#4 सुरेश अंगड़ी

Suresh Angadi
पूर्व केंद्रीय रेल राज्य मंत्री सुरेश अंगड़ी.

सुरेश अंगड़ी 2019 लोकसभा चुनाव में कर्नाटक की बेलगाम सीट से चुने गए थे. वह 2004 से लगातार बीजेपी के टिकट पर सांसद चुने गए. रेल राज्य मंत्री बने. सितंबर 2020 में सुरेश कोरोना वायरस से संक्रमित हुए थे. इसके बाद उनका दिल्ली एम्स में इलाज चल रहा था. लेकिन 23 सितंबर 2020 को उन्होंने दम तोड़ दिया. निधन के समय उनकी उम्र 65 वर्ष थी.

#5 हरिकृष्णन वसंत कुमार

Harikrishnan Vasanthakumar
कन्याकुमारी से पूर्व सांसद हरिकृष्णन वसंत कुमार.

हरिकृष्णन वसंत कुमार ने 2019 लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर कन्याकुमारी सीट से जीत दर्ज की थी. इससे पहले हरिकृष्णन 2011 और 2016 के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में भी विजयी रहे थे. हरिकृष्णन तमिल वसंत सैटलाइट टीवी के फाउंडर और चेयरमैन रहे. तमिलनाडु के बिजनेस सेक्टर में उनका बड़ा नाम था. कोरोना वायरस के कारण अगस्त 2020 में चेन्नई के अपोलो हॉस्पिटल में उनकी मौत हो गई थी.

#6 मोहन डेलकर

Mohan Delkar
मोहन साल 1989 में पहली बार दादरा नगर हवेली से सांसद बने थे.

मोहन डेलकर दादरा नगर हवेली लोकसभा सीट से निर्दलीय चुनाव जीतकर दिल्ली पहुंचे थे. 22 फ़रवरी को इनकी बॉडी मुंबई के एक होटल में मिली थी पुलिस ने शुरुआती जांच के बाद आत्महत्या का मामला बताया था. मोहन डेलकर 68 साल के थे.

2009 और 2014 के आम चुनाव मोहन हार गए थे. इससे पहले 2004 के चुनावों में मोहन भारतीय नवशक्ति पार्टी के टिकट पर जीते थे. वे इस पार्टी के फाउंडर थे. 2004 के लोकसभा चुनावों के बाद पार्टी ने कांग्रेस को बाहर से समर्थन दिया था. वहीं, 2009 चुनावों से पहले पार्टी का कांग्रेस में विलय हो गया था. मोहन साल 1989 में पहली बार दादरा नगर हवेली से सांसद बने थे. अपने राजनीतिक कार्यकाल में मोहन कांग्रेस, बीजेपी, जदयू पार्टी आदि के साथ रहे.

#7 नंदकुमार सिंह चौहान

Nand Kumar Singh Chauhan
कोरोना वायरस से नंदकुमार सिंह चौहान की मौत हो गई.

नंदकुमार सिंह चौहान मध्य प्रदेश की खंडवा सीट से बीजेपी के टिकट पर 2019 में लोकसभा का चुनाव जीते थे. बतौर लोकसभा चुनाव के उम्मीदवार यह उनकी छठवीं जीत थी. इससे पहले नंद 1996, 1998, 1999, 2004 और 2014 में लोकसभा चुनाव में जीते थे. 2009 का चुनाव वे कांग्रेस के अरुण यादव से हार गए थे. 1996 में सांसद बनने से पहले नंद दो दफ़ा विधायक भी रहे. कोरोना वायरस के कारण 2 मार्च 2021 को गुरुग्राम के मेदांता हॉस्पिटल में उनकी मौत हो गई थी.

अब राज्यसभा सांसदों की बात

#1 अशोक गस्ती

Ashok Gasti
कोरोना वायरस के कारण अशोक गस्ती की मौत सितंबर 2020 में हुई थी.

अशोक गस्ती कर्नाटक से बीजेपी राज्यसभा सांसद थे. 22 जुलाई को उन्होंने पद की शपथ ली थी. लेकिन दो महीने बाद ही 17 सितंबर 2020 को उनकी मौत कोरोना वायरस की वजह से हो गई. वे 55 साल के थे.

#2 रामविलास पासवान

Ram Vilas Paswan
पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान.

बिहार से LJP की तरफ से पूर्व राज्यसभा सांसद और केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान का 8 अक्टूबर 2020 को 74 साल की उम्र में निधन हो गया था. वह लंबे वक्त से बीमार चल रहे थे. रामविलास 9 बार लोकसभा और 2 बार राज्यसभा सांसद रहे. पॉलिटिकल एक्सपर्ट्स उन्हें ‘मौसम वैज्ञानिक’ कहा करते थे, क्योंकि वह भांप जाते थे कि चुनावों में किस पार्टी का पलड़ा भारी रहने वाला है. रामविलास को इमरजेंसी से निकले नेताओं में गिना जाता था. वे उस दौरान जेल भी गए. बाद में कांग्रेस की यूपीए सरकार में मंत्री रहे. वे कभी बीजेपी की नीतियों का विरोध करते थे. लेकिन बाद में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार में मंत्री भी बने.

#3 अभय भारद्वाज

Abhay Bharadwaj
अभय भारद्वाज गुजरात से बीजेपी सांसद थे.

अभय भारद्वाज का निधन 1 दिसंबर 2020 को कोरोना वायरस की वजह से हुआ. वह गुजरात से बीजेपी के राज्यसभा सांसद थे. 22 जुलाई 2020 को अभय ने राज्यसभा सांसद पद की शपथ ली थी. अभय युगांडा में पैदा हुए थे. लेकिन 1969 में वहां गृहयुद्ध छिड़ने के बाद उनका परिवार भारत लौट आया था.

#4 अमर सिंह

Amar Singh
अमर सिंह किडनी को सालों से किडनी की समस्या थी.

पूर्व समाजवादी पार्टी के नेता और राज्यसभा सांसद अमर सिंह का निधन 1 अगस्त 2020 को हो गया था. वह लगातार किडनी से संबंधित बीमारी से जूझ रहे थे. अमर सिंह उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ से ताल्लुक रखते थे. 1996 में अमर पहली बार राज्यसभा के लिए चुने गए थे. आख़िरी बार जुलाई 2016 में वह राज्यसभा के लिए चुने गए. अमर सिंह कभी सपा नेता मुलायम सिंह के ख़ास हुआ करते थे. लेकिन 2010 में पार्टी ने उन्हें निकाल दिया था. बाद के दिनों में अमर सिंह का झुकाव बीजेपी की तरफ देखा गया.

#5 अहमद पटेल

Ahmad Patel
पूर्व कांग्रेस नेता अहमद पटेल.

कांग्रेस के दिग्गज नेता अहमद पटेल का निधन 25 नवंबर 2020 को हुआ था. अहमद कोरोना वायरस से पीड़ित थे. इसके चलते उनकी तबीयत लगातार ख़राब चल रही थी. 71 बरस की उम्र में उनका निधन हुआ. अहमद अपने पॉलिटिकल करियर में 3 बार लोकसभा सांसद और 5 बार राज्यसभा सांसद चुने गए. 26 साल की उम्र में पहली बार भरूच सीट से लोकसभा चुनाव जीतकर अहमद दिल्ली पहुंचे थे.


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