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खुल गया अंडरवर्ल्ड के अजीब नामों का राज

गैंगस्टर अपने असली नामों से ज्यादा निकनेम से ही क्यों पहचाने जाते हैं? और इनके निकनेम भी इतने अजीब क्यों होते हैं कि हंसी छूटने लगती है?

दरअसल भारत में गैंगवार का सेंटर मुंबई था. वहां की ‘मुंबइया’ भाषा मुख-सुख और लापरवाही की भाषा है, जिसे  बदमाशों और टपोरियों ने भी अपनाया था. जाहिर है, हर गैंगस्टर के नामकरण की वजह अलग-अलग थी. ये नाम उनके ‘अनफॉरगेटेबल मूमेंट’, खास आदतों, पर्सनैलिटी और फिजिकल फीचर्स के हिसाब से रखे गए थे.


1

‘छोटा’ राजन

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राजेंद्र सदाशिव निखल्जे को ‘छोटा राजन’ इसलिए कहा जाता है क्योंकि वह राजन नायर उर्फ ‘बड़ा राजन’ गैंग के लिए काम करता था. निखल्जे बड़ा राजन का करीबी और भरोसेमंद था और बड़ा राजन की मौत के बाद उसी ने गैंग की कमान संभाली थी. उसके गैंग के लोग प्यार से उसे ‘छोटा राजन’ भी कहते थे.


2

सलीम ‘कुर्ला’

सलीम मुंबई के कुर्ला इलाके से ताल्लुक रखता था, इसलिए उसका नाम ही सलीम ‘कुर्ला’ पड़ गया. उसे ‘सलीम पासपोर्ट’ भी कहा जाता था क्योंकि वह विदेशी पासपोर्टों की जालसाजी का काम भी करता था.


3

दाऊद इब्राहिम ‘मुच्छड़’ 

GANGSTER DAWOOD IBRAHIM

दाऊद इब्राहिम अपने असली नाम से ही ज्यादा जाना जाता है. लेकिन बड़ी मूंछे रखने के कारण एक समय उसे ‘मुच्छड़’ कहा जाता था. उसका एक नाम ‘पाव टकला’ भी है. दाऊद के सिर का अगला हिस्सा गंजा है लेकिन केवल करीबी दोस्त ही उसे ‘गंजा’ या ‘मुच्छड़’ कहकर बुला सकते थे. छोटे कद के चलते कुछ लोग उसे ‘छोटा’ भी कहते थे.


4

इकबाल ‘मिर्ची’

Iqbal mirchi

लंदन में रहने वाले इकबाल मेमन उर्फ इकबाल मिर्ची कभी साउथ मुंबई में कीमा और मसालेदार मीट बेचा करता था. बाद में उसने पंसारी की दुकान खोल ली और लाल मिर्च का व्यापार करने लगा. इसी वजह से ‘मिर्ची’ उसका सरनेम बन गया.


5

रफीक ‘डिब्बा’

अंडरवर्ल्ड की दुनिया में कुछ गैंगस्टरों के नामों के लिए पुलिस भी जिम्मेदार है. मिसाल के तौर पर रफीक कैदियों को घर का बना खाना डिब्बों में सप्लाई करता था तो पुलिस वालों ने उसे ‘रफीक डिब्बा’ कहना शुरू कर दिया. पुलिस को भी इन नामों से गुंडों को याद रखना आसान हो जाता है.


6

शकील ‘लंबू’

मुंबई के डुंगरी इलाके में शकील नाम का बदमाश था, जबकि गैंग में पहले से ही ‘छोटा शकील’ नाम का गुंडा मौजूद था. नया शकील लंबाई में लंबा था और उसकी अलग पहचान भी बनानी थी तो उसे ‘शकील लंबू’ कहा जाने लगा. मुंबई में वह डी कंपनी के वित्तीय मामलों का प्रभारी था.


7

सलीम ‘कुत्ता’

एक गलत धारणा प्रचलित है कि डी कंपनी के सदस्य सलीम शेख को गुर्राने जैसी आवाज के चलते ‘सलीम कुत्ता’ कहा गया. सलीम दरअसल केरल के त्रिशूर स्थित कुट्टानेलूर का रहने वाला था, इसलिए उसे ‘कुट्टा’ कहा जाता था. यह धीरे-धीरे ‘कुत्ता’ के रूप में प्रचलित हो गया.


8

सलीम ‘हड्डी’

अबू सलेम गैंग के मेंबर सलीम के गले की हड्डी बहुत उभरी हुई थी, इसलिए उसे सलीम हड्डी कहने लगे. एक पुलिस मुठभेड़ में वह मारा गया.


9

‘टाइगर’ मेमन

tiger memon

1993 धमाकों का साजिशकर्ता इब्राहिम मेमल स्कूली दिनों में क्रिकेट के एक मैच में घायल होकर गिर पड़ा, लेकिन फिर भी उसने टीम को जिताने के लिए कड़ी मेहनत की. एक पुलिस अफसर ने कहा कि वह टाइगर की तरह खेला और उसी दिन से उसका नाम ‘टाइगर मेमन’ पड़ गया.


10

अरुण गवली ‘डैडी’

1980 के दशक में अडरवर्ल्ड में आने वाले नए लोगों की नजर में अरुण गवली बहुत अनुभवी गैंगस्टर था. वह उम्र में भी उनसे बड़ा था तो नए लड़के उसे ‘डैडी’ कहकर बुलाते थे.


11

ताहिर ‘टकलिया’

ताहिर मर्चेंट जिसे कुछ साल पहले यूएई से भारत डिपोर्ट किया गया, काफी कम उम्र में गंजा हो गया था. इसी वजह से लोग उसे ‘ताहिर टकलिया’ बुलाने लगे.


12

अमर नायक ‘रावण’

मुंबई के चिंचपोकली इलाके में गैंग चलाने वाले दिवंगत गैंगस्टर अमर नायक को अकसर भेस बदलकर घूमने की आदत थी. इसी आदत की वजह से उसका नाम ‘रावण’ पड़ गया.

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