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प्यारे FOOL, एक अप्रैल को इन वजहों से भी याद रखना

एक अप्रैल को सच भी बोलो. तो कुछ को लगता है कि जैसे अप्रैल फूल बना रहे हैं. सिंपल सा लॉजिक हर कोई ठेल देता है. आज एक अप्रैल है, जरूर अप्रैल फूल बना रहे होगे. फूल भी फ्लावर वाला नहीं, बेवकूफ वाला FOOL. लेकिन सखा एंड सखी, एक अप्रैल को अप्रैल फूल की तरह याद करने से अच्छा है, कुछ और कामों के लिए याद कर लो. क्योंकि एक अप्रैल की वजह से दुनिया को बहुत कुछ मिला. ऐप्पल से लेकर आपकी जेब में पड़े रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की गारंटी वाले नोट तक.

एक अप्रैल को अप्रैल फूल की बजाय किन और वजहों से याद रखा जा सकता है. लल्लन बता रहा है:

GMAIL

साल 2004 में जीमेल दुनिया के सामने एक अप्रैल को ही आया था. जिस रोज गूगल ने इसे लॉन्च किया, सबको लगा मजाक चल रहा है. लेकिन सच आज हम सब जानते हैं. जीमेल गूगल प्ले स्टोर की पहली ऐप थी. जीमेल आज इतनी हिट है कि मई 2014 में करीब 100 करोड़ हिट के आंकड़े को छू चुकी है.

डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार

आरएसएस के संस्थापक और पहले सर संघसंचालक ‘डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार’ का जन्म 1 अप्रैल 1889 को नागपुर में हुआ था. बताते हैं कि एक बार हेडगेवार को स्कूल से सिर्फ इसलिए निकाल दिया गया, क्योंकि उन्होंने वंदेमातरम गाया था.

हैप्पी बर्थडे ऐप्पल

जन्मदिन मुबारक हो ‘ऐप्पल.’ ऐप्पल का कोई सा भी फोन आ जाए, दुकानों में खरीदने के लिए लाइन लग जाती है. ऐप्पल का हैप्पी बर्थडे भी एक अप्रैल को ही होता है. साल 1976 में स्टीव जॉब्स, स्टीव वोज्नियाक और रोनाल्ड वेन की तिकड़ी ने कैलिफ़ॉर्निया में इस कंपनी को शुरू किया था, जब पहला पर्सनल कंप्यूटर ‘एप्पल-1’ मार्केट में आया.

RBI

रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) 1 अप्रैल 1935 को शुरू हुआ था. शुरुआत में आरबीआई का ऑफिस कोलकाता हुआ करता था. बाद में 1937 में इसे मुंबई शिफ्ट कर दिया गया.

जिसने लड़ा भगत सिंह का केस

असेंबली में बम फेंकने वाले भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त का केस लड़ा था वकील असफ अली ने. फ्रीडम फाइटर थे. अमेरिका में इंडिया के पहले अंबेसडर थे. आज ही के दिन साल 1953 में असफ अली ने दुनिया को अलविदा कहा. असफ ओडिशा राज्य के गवर्नर भी रहे थे.

फौजा सिंह

धांसू दौड़ने वाले फौजा सिंह का जन्म 1 अप्रैल 1911 को हुआ था. फौजा सिंह 100 साल की उम्र में भी 8 वर्ल्ड रिकॉर्ड बना चुके हैं. दुनिया फौजा सिंह को ‘टरबंड टोरनेडो रनिंग बाबा’ के नाम से जानती है. और देख हैरान होती है.

ओडिशा

आज से 80 साल पहले साल 1936 में ओडिशा राज्य बना था. इसे ओडिसा दिवस या उत्कल दिवस के नाम से भी याद किया जाता है. 2011 में उड़ीसा का नाम बदलकर ओडिशा किया गया.

अप्रैल फूल क्यों मनाया जाता है?

क्योंकि साल 1582 तक एक अप्रैल से ही साल की शुरुआत होती थी. लेकिन बाद में नया साल एक जनवरी से मनाया जाने लगा. लेकिन ज्यादातर लोगों को इस बारे में पता ही नहीं चला. और वो एक अप्रैल को ही हैप्पी न्यू ईयर बोलते रहे. बाद में जब पता चला, तो वो कहलाए अप्रैल फूल.

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