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गूगल के इन नए फीचर्स से 'क्रोमवीरों' का दिल गार्डन-गार्डन हो जाएगा

कुछ होते हैं कर्मवीर और कुछ क्रोमवीर. मतलब ऐसे इंटरनेट सर्फर, जो हमेशा क्रोम ब्राउजर पर ही सर्फ करते हैं. ऐसे क्रोमवीरों की संख्या इतनी ज्यादा है कि दुनिया की तकरीबन 65 फीसदी इंटरनेट यूजर जनता क्रोम ब्राउजर ही इस्तेमाल करती है. आजकल वर्क फ्रॉम होम के चलते गूगल ने अपने डेस्कटॉप ब्राउजर में कई ऐसे बदलाव किए हैं, जिससे क्रोमवीरों को काफी सहूलियत मिलने वाली है. आइए जानते हैं, क्रोम ब्राउजर में आए नए बदलावों के बारे में.

असंख्य टैब खोलने वालों को सबसे बड़ी राहत

Google को पता है कि ऐसे भी क्रोमवीर हैं, जो एकसाथ सैकड़ों टैब खोलकर काम करते हैं. इसके चलते कई बार हाल ये हो जाता है कि टैब एकदूसरे से इतने चिपक जाते हैं कि टैब टाइटल देखना भी मुश्किल हो जाता है. इसके लिए क्रोम ब्राउजर एक नया टैब मैनेजमेंट सिस्टम लाया है. इसका नाम ‘Tab Group’ है. इसमें आप काम के टैब को अलग ग्रुप में रख सकते हैं और बेकाम के टैब को अलग ग्रुप में डाल सकते हैं. इस तरह से टैब के कई ग्रुप बना सकते हैं. जैसे वर्क, गेम, मूवीज आदि. इन सभी को अलग-अलग रंग भी दिया जा सकता है. गूगल का दावा है कि इससे टैब के लोड होने में 10 फीसदी तक तेजी आएगी.

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ढेर सारे टैब खोलकर काम करने वालों के लिए काफी आसानी हो जाएगी.

कैसे होगा सबसे पहले तो आप ब्राउजर में जाकर राइट क्लिक करके रंग का सेलेक्शन करके एक टैब ग्रुप बना सकते हैं. उसके बाद जिस टैब को किसी खास ग्रुप में जोड़ना हो उसे Add tab to group ऑप्शन पर जाकर जोड़ते जाइए.

पहले से खुला टैब खोजना हुआ आसान

कई बार ऐसा होता है कि जब लैपटॉप या कंप्यूटर में ढेर सारे टैब खुले होते हैं तो हम जान ही नहीं पाते कि हमारे काम का टैब कहां गया. इसका कारण होता है कि घंटों के काम और टैब के महासागर में उस टैब का गुम हो जाना. इसके बाद हम फिर से नया टैब खोलते हैं और उसमें कीवर्ड टाइप करते हैं. अब ऐसा नहीं करना होगा. इसे खोजना काफी आसान बनाया गया है.

कैसे होगा डेस्कटॉप पर आप जैसे ही नए टैब में कुछ टाइप करेंगे, वह आपको सजेशन दिखाने लगेगा कि पहले से ऐसा एक टैब खुला हुआ है. आप मनमुताबिक ऑप्शन चुन सकते हैं. चाहें तो नया टैब खोलें या फिर पहले से खुले टैब पर ही चले जाएं.

लिंक शेयर करना और भी आसान

किसी के साथ लिंक शेयर करने के लिए आपको हमेशा पूरा यूआरएल कॉपी करके उसे दूसरी जगह पेस्ट करना होता है. यह बहुत ही झंझट भरा काम लगता है.

कैसे होगा – नए फीचर्स के तहत सिर्फ एक क्लिक से ही यूआरएल कॉपी होगा और साथ ही अलग-अलग जगहों पर शेयर करने का ऑप्शन भी दिखाई देगा. इससे आप कोई भी यूआरएल किसी भी दूसरे प्लेटफॉर्म जैसे वॉट्सऐप या फेसबुक आदि पर आराम से और जल्दी शेयर कर सकेंगे.

QR कोड से खुलेगी टैब

क्रोम के नए फीचर में क्यूआर कोड जेनरेट करने का ऑप्शन भी होगा. इसके जरिए किसी भी पेज को प्रिंट करना या उसके लिए एक क्यूआर कोड जेनरेट करना आसान हो जाएगा. क्यूआर कोड के जरिए पेज को स्कैन या डाउनलोड किया जा सकता है. अभी तक क्यूआर कोड के ऑप्शन के लिए एक्सटेंशन डाउनलोड करना पड़ता था लेकिन अब यह ब्राउजर के साथ ही आएगा.

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पेज लिंक को क्यूआर कोड में बदलने की सहूलियत प्रिंट करने और स्कैन करने में काफी आराम देगी.

कैसे होगा – क्रोम के डेस्कटॉप वर्जन में आपको अड्रेस बार में एक क्यूआर का आइकन दिखेगा. जैसे ही आप उस पर क्लिक करेंगे, खुले हुए पेज के लिए क्यूआर कोड जेनरेट हो जाएगा. इस कोड को आप किसी को भेज सकते हैं, जो इस पेज का प्रिंट या स्कैन आराम से कर सकेगा.

PDF की मुसीबत भी कम होगी

पीडीएफ लेकर भी नए फीचर्स लाने की घोषणा हुई है. इसके जरिए क्रोम में खुलने वाले पीडीएफ को ज्यादा सहूलियत भरा बनाया गया है. खासतौर पर पीडीएफ फॉर्म को लेकर दिक्कतों को हल किया गया है.

कैसे होगा – अब तक कोई भी पीडीएफ फॉर्म ब्राउजर के जरिए नहीं भरा जा सकता था. इसे डाउनलोड करके प्रिंट निकालकर भरना पड़ता था. अब पीडीएफ फॉर्म को भरने का ऑप्शन डायरेक्ट क्रोम ब्राउजर में ही दिया जाएगा. आपको सिर्फ उस पर क्लिक करना है और फॉर्म में दी गई जगहों पर एडिट करने का ऑप्शन दिखने लगेगा. अभी तक ऐसा हम वर्ड फॉर्मेट वाले डॉक्युमेंट्स में ही कर पाते थे.

फिलहाल ये फीचर्स बीटा वर्जन पर जारी किए गए हैं. गूगल का कहना है कि 2 हफ्ते के भीतर ही इसे यूजर्स के लिए जारी करना शुरू कर दिया जाएगा. लॉन्च के बाद इस फीचर्स पर ताजा जानकारी फिर से आपके लिए लेकर आएंगे.

वीडियो – इंटरनेट एक्सप्लोरर की तरह क्या मोज़िला फ़ायरफ़ॉक्स भी खात्मे की तरफ बढ़ रहा है?

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