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गेम ऑफ़ थ्रोन्स सीज़न 8 एपिसोड 3 - रिव्यू

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आर आर मार्टिन का शाहकार – गेम ऑफ़ थ्रोन्स. इसके लास्ट सीज़न के पहले और दूसरे एपिसोड का रिव्यू हम कर चुके हैं. और साथ ही में इससे जुड़ी कुछ बेसिक जानकारियां भी दे चुके हैं.

पढ़िए- गेम ऑफ़ थ्रोन्स सीज़न 8 एपिसोड 1 - रिव्यू

पढ़िए- गेम ऑफ़ थ्रोन्स सीज़न 8 एपिसोड 2 - रिव्यू

29 अप्रैल, 2019 को भारतीय समयानुसार सुबह 6:30 बजे भारत में इसके आठवें सीज़न के तीसरे एपिसोड (S8E3), दी लॉन्ग नाईट (एक लंबी रात) प्रीमियर किया गया. हॉटस्टार पे. और 80 मिनट के लगभग के इस मैराथन एपिसोड को मैं गेम ऑफ़ थ्रोन्स के अब तक के सारे एपिसोड, सारे सीज़न का सबसे ग्रैंड सबसे बड़ा एपिसोड कहना चाहूंगा. वो होते हैं न – महाएपिसोड, वही. चलिए बिना किसी स्पॉइलर के तीसरे एपिसोड की बात करते हैं.

सवाल-

# क्या वाइट वॉकर्स और नेड टीम की लड़ाई होती है या टल जाती है?

# कितने लोग मारे जाते हैं, कितने लोग बच जाते हैं?

ये तो दो छोटे सवाल थे, अन्यथा S8E3 आपको इतने ढेर सवालों के जवाब देता है कि आपको संतुष्ट छोड़ जाता है. इसलिए इन 80 मिनट में एक-एक सेकंड वर्थ इट है. जिस तरह हमने एपिसोड 2 को मोस्ट पॉजिटिव एपिसोड कहा था, उसी तरह ये वाला मोस्ट सेटिस्फाइंग एपिसोड कहा जा सकता है. इसके बाद जीओटी के 3 और एपिसोड बचते हैं और उससे पहले ही कई ‘लूज़ एंड’ समाप्त कर देना तीन और एपिसोड्स के लिए बहुत ढेर सारा मसाला उपलब्ध करवाती है.

तीसरे एपिसोड के खत्म होते-होते आपको पता चल जाता है कि GOT में मुख्य किरदार तो कई हैं लेकिन, सबसे मुख्य ये दो हैं.
तीसरे एपिसोड के खत्म होते-होते आपको पता चल जाता है कि GOT में मुख्य किरदार तो कई हैं लेकिन, सबसे मुख्य ये दो हैं.

न केवल ये, बल्कि कई और चीज़ों और कई और रिश्तों को एक मंज़िल और एक मुकाम तक पहुंचाने का समय देती है. इस एपिसोड की सबसे सरप्राइज़िंग बात ये है कि ये आपको कहीं पर भी सरप्राइज़ नहीं करता. अगर ये ‘गेम ऑफ़ थ्रोन्स’ नहीं होता तो शायद आप इस एपिसोड से वही अपेक्षा करते जो-जो इसमें होता है. लेकिन गेम ऑफ़ थ्रोन्स में ऐसा कुछ होना भी सरप्राइज़िंग है. तो कहानी के हिसाब से तो इतना कुछ सरप्राइज़िंग नहीं है लेकिन घटनाएं आपको सरप्राइज़ ज़रूर करती हैं.

अंत के पंद्रह मिनट का बैकग्राउंड म्यूज़िक जिसमें वायलन की एक उदास धुन सबसे प्रॉमिनेंट है, बता देती है कि हम कहां जा रहे हैं. और यही वो पंद्रह मिनट हैं जिसमें एक इंफिनिटी वॉर, एंडगेम में बदल जाती है.

शायद ये पहला पूरा एपिसोड होगा जिसमें सारी घटनाएं एक ही जगह घटती हैं. और वैसे भी सरसी लेनेस्टर वाली कहानी ही अलग है वरना पिछले एपिसोड तक तो सभी लोग एक जगह इकट्ठा हो चुके थे.

तीसरे एपिसोड को शायद इससे अच्छी तरह से कोई और तस्वीर रिप्रेजेंट नहीं करती.
तीसरे एपिसोड को शायद इससे अच्छी तरह से कोई और तस्वीर रिप्रेजेंट नहीं करती.

निजी तौर पर मुझे जीओटी पसंद आता है उसमें करैक्टर की साइकोलॉजी, उनके बीच के उलझे हुए रिश्तों, उसकी फिलॉसोफी और क्रिस्प वन लाइनर्स की वजह से. इसलिए ये एपिसोड बेहतरीन तो था लेकिन मेरा फेवरेट नहीं. क्यूंकि इसमें ये सब बहुत कम था. हां ये इस मायने में अच्छा है कि बाकी के बचे तीन एपिसोड्स में इसके लिए एक स्पेस एक वैक्यूम ज़रूर बन गया. लेकिन जिन्हें स्पेशल इफेक्ट्स और ‘300’ जैसी फ़िल्में पसंद है, उन्हें एपिसोड 3 बहुत पसंद आएगा.

और इस एपिसोड की एक और अच्छी बात ये रही कि इसने कई कॉन्सपीरेसी थ्योरीज़ और फैन थ्योरीज़ को विराम दे दिया. क्यूंकि इसको देख चुकने के बाद, जैसा कि मैंने पहले भी कहा, कई ‘शायद’, ‘निश्चित’ में बदल जाते हैं.


जाते जाते इस एपिसोड का एक वन लाइनर (वैसे इसमें ज़्यादा हैं नहीं) –

इस वक्त सबसे वीरतापूर्ण काम यही किया जा सकता है कि सच को आंख से आंख मिलाकर देखें.


वीडियो देखें –

धोनी और दूसरे क्रिकेटर्स के फेवरेट मेरठ वाले क्रिकेट बैट बनते देखिए –

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