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इतना सैनेटाइजर लगा चुका हूं कि अल्कोहल की मात्रा देखते हुए मुझे ठेका घोषित कर देना चाहिए

1. ‘वर्क फ्रॉम होम’ करते-करते ये पता चला कि अंगूठी पहन के बर्तन धोने में समझदारी नहीं है, बाद में बहुत चिलकता है.

2. नोएडा का पानी बहुत खराब है, तीन सीटी में दाल नहीं गलती.

3. सुबह अगर मोटर चलाना भूल भी जाओ, तो सप्लाई के पानी का फोर्स इतना रहता है कि पानी खुद से टंकी में चढ़ जाता है.

4. सिंगल बीएचके ही ठीक रहता है, किराया भी कम लगता है और पोंछा भी.

5. मेरे गुड़हल में खराबी नहीं है, फूल खूब आते हैं, लेकिन पड़ोसी पूजा के लिए सुबह ही तोड़ ले जाते थे.

6. बगल वाले का लड़का पियानो बजाना सीख रहा है, उसे कोशिश भी नहीं करनी चाहिए, बहुत ही बुरा बजाता है.

7. अगर ज़्यादा घुड़दौड़ न करो, तो रोज़ झाड़ू और दो दिन में पोंछा लगाने से भी काम चल जाता है.

8. रात को बरामदे के गमले में पानी नहीं डालना था, सुबह अखबार डालने वाला आता है, पानी नहीं सूखता, पेपर गीला हो जाता है.

9. अगर खाने के साथ ही अपनी प्लेट, चम्मच और कटोरी धो लो तो बाद में बर्तन बहुत कम धोने पड़ते हैं.

10. आईटी वाले हमसे खेलते तो नहीं? घर में लैपटॉप एक भी बार हैंग क्यों नहीं होता?

11. फिल्म देख रहा था, भीड़ वाला सीन आया तो मैंने मास्क पहन लिया.

12. ड्राइंग रूम का तीन में से एक पंखा इन्वर्टर से नहीं चलता.

13. बेडरूम में गर्मी में 11 बजे तक धूप आती है. पछीती में 2 बजे तक, बरामदे में साढ़े तीन से आती है और 4 के आसपास तो किचन में भी आती है.

14. दो गली बाद जो डेयरी है, वहां सुबह 7:30 तक जाने पर टोंड, फुल क्रीम हर तरह का दूध मिल जाता है. पहले मैं 10 बजे तक सोता था.

15. मेरी वाली लाइन में कुल 27 गाड़ियां खड़ी होती हैं, जिसमें 3 लाल हैं और 8 काली.

16. इस घर में बर्तन कितने ज़्यादा हैं यार.

17. समस्या बर्तन धोने में नहीं है, ये सिंक के प्लेटफॉर्म का पानी पेट में काहे छुआ जाता है?

18. वाइपर से घर धोने में सुविधा तो रहती है, लेकिन पोंछा लगाया होता तो मैं फिसल के गिरता नहीं.

19. कोरोना ख़त्म नहीं हो रहा, किराना ख़त्म हुए जा रहा है.

20. इस वक़्त तक मैं इतना सैनेटाइजर लगा चुका हूं कि अल्कोहल की मात्रा देखते हुए मुझे ठेका घोषित कर देना चाहिए.


लॉकडाउन चल रहा है. उसके पहले वर्क फ्रॉम होम चल रहा था. इत्ते समय में घर पर रहते-रहते मुझे कई चीजें पता चलीं, कुछ तो ऐसी जिनके बारे में पहले पता ही नहीं था. आदमी घर पर रहता था, लेकिन घर के ही कई हिस्सों और कामों में इन्वॉल्व नहीं होता था. इफरात समय में मुझे मुझे घर पर रहकर जो पता लगा ये उसकी रैंडम लिस्ट है. आप भी अनुभव से निकला ज्ञान बताइए. हम लिस्ट में जोड़ेंगे.

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