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नेहरू से लेकर नरेंद्र मोदी तकः इन 7 प्रधान मंत्रियों को आपने फिल्मों में नोटिस किया?

'एयरलिफ्ट' से लेकर 'भाग मिल्खा भाग' जैसी फिल्मों में एक्टर्स ने ये किरदार किए हैं. अब एक्स-पीएम मनमोहन सिंह पर भी एक फिल्म बन रही है.

#1. अनुपम खेर

मनमोहन सिंह (2004-14) का रोल. 13वें प्रधानमंत्री.

मनमोहन सिंह के मीडिया एडवाइजर रहे संजय बारू की बुक ‘द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ पर इसी नाम से फिल्म बन रही है जिसमें अनुपम खेर उनका रोल कर रहे हैं. उनका फर्स्ट लुक आ चुका है और वे हूबहू सिंह जैसे लग रहे हैं. ये पोलिटिकल ड्रामा 2018 में रिलीज होगी. इसकी स्क्रिप्ट हंसल मेहता लिख रहे हैं जो ‘शाहिद’, ‘अलीगढ़’, ‘सिटी लाइट्स’ जैसी फिल्में डायरेक्ट कर चुके हैं. डेब्यटेंट विजय रत्नाकर गुट्टे इसे डायरेक्ट कर रहे हैं.

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फिल्म ‘द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ के फर्स्ट लुक में अनुपम खेर.

प्रोड्यूसर सुनील बोहरा का ये भी दावा है कि उनकी ये फिल्म रिचर्ड एटनबरो की एपिक ‘गांधी’ (1982) के लेवल की होगी. हालांकि उस लेवल को हासिल कर पाना करीब-करीब असंभव है. अनुपम खेर ये रोल करते हुए बहुत उत्साहित हैं, लेकिन बहुत मुश्किल है कि खेर इस रोल को कामयाबी से निभा पाएंगे.

#2. रोशन सेठ

जवाहर लाल नेहरू (1947-64). भारत के पहले प्रधानमंत्री.

फिल्म 'गांधी' के एक दृश्य में रोशन सेठन.
फिल्म ‘गांधी’ के एक दृश्य में रोशन सेठन.

पटना में जन्मे रोशन सेठ कई ब्रिटिश और अमेरिकन फिल्म प्रोजेक्ट्स में काम कर चुके हैं और ये इंटरनेशनल प्रोजेक्ट उनकी बड़ी पहचान हैं. हालांकि ये सब शुरू ही तब हुआ जब उन्होंने पहली बार जवाहर लाल नेहरू का रोल किया जो देश के के पहले प्रधानमंत्री हुए. ये फिल्म थी 1982 में आई ‘गांधी’ जो महात्मा गांधी और भारतीय स्वतंत्रता संग्राम पर आधारित थी. फिल्म में गांधी के अलावा सबसे प्रमुख किरदारों में एक नेहरू का भी था और रोशन सेठ ने इसे बहुत यादगार ढंग से निभाया. ‘गांधी’ उनके करियर की दूसरी ही फिल्म थी.

ये अकेला मौका नहीं था जब वो नेहरू बने. इसके बाद उन्होंने 1988 में दूरदर्शन पर प्रसारित हुई ऐतिहासिक टेलीविज़न सीरीज ‘भारत एक खोज’ में सूत्रधार की भूमिका की जो जवाहर लाल नेहरू थे. ‘डिस्कवरी ऑफ इंडिया’ (1946) नाम की जिस किताब पर ये सीरीज बेस्ड थी उसे नेहरू ने ही लिखा था. सेठ ने इतने बरस बाद जब फिर से नेहरू का रोल किया तो और भी अधिकार के साथ.

फिल्म भाग मिल्खा भाग में मिल्खा सिंह बने फरहान अख्तर और नेहरू के रोल में ताहिल.
फिल्म भाग मिल्खा भाग में मिल्खा सिंह बने फरहान अख्तर और नेहरू के रोल में ताहिल.

वैसे भारत के तमाम प्रधानमंत्रियों में सबसे ज्यादा बार जो फिल्मों में नजर आता है वो है जवाहर लाल नेहरू का किरदार. रोशन सेठ के बाद कई फिल्मों में अन्य अभिनेताओं ने नेहरू का रोल किया. इनमें लेटेस्ट थे दिलीप ताहिल जो राकेश ओमप्रकाश मेहरा की ‘भाग मिल्खा भाग’ में नेहरू बने थे.

#3. विकास महांते

नरेंद्र मोदी का रोल. 14वें प्रधानमंत्री (2014 से वर्तमान)

एक छोटे बजट की फिल्म ‘मोदी का गांव’ में विकास महांते ने नरेंद्र मोदी का रोल किया है. हालांकि फिल्म में नाम को नरेंद्र की जगह नागेंद्र कर दिया गया है क्योंकि रिलीज में दिक्कत थी. फिल्म रिलीज होने वाली थी लेकिन सीबीएफसी के अध्यक्ष पहलाज निहलानी ने इसे पास करने से मना कर दिया. उन्होंने इसके निर्माता सुरेश झा से कहा कि पहले जाकर नरेंद्र मोदी से एनओसी लेकर आओ, जैसा कि उन्होंने आम आदमी पार्टी के विषय वाली डॉक्यूमेंट्री ‘एन इनसिग्निफिकेंट मैन’ के मेकर्स के साथ किया है.

‘मोदी का गांव’ का एक टीज़र आया था उसके बाद से रिलीज के कोई समाचार नहीं हैं.

नरेंद्र मोदी की एक बायोपिक और बन रही थी. उसमें मोदी का रोल परेश रावल करने वाले थे. उन्होंने इसे लेकर बहुत से बयान भी दिए थे कि उनके सिवा नरेंद्र मोदी का रोल और कोई नहीं कर सकता है. लेकिन दो बरस से इस फिल्म के मुहुर्त तक का कोई समाचार नहीं है, बनना तो दूर की बात है.

नरेंद्र मोदी से मुलाकात करते हुए परेश रावल.
नरेंद्र मोदी से मुलाकात करते हुए परेश रावल.

#4. सुरेंद्र पाल

इंद्र कुमार गुजराल (1997-98). 12वें प्रधानमंत्री.

अक्षय कुमार की ‘एयरलिफ्ट’ 26 जनवरी 2016 को रिलीज हुई थी जिसमें आई. के. गुजराल का रोल था. इराक ने 1990 में कुवैत पर हमला कर दिया था और उस युद्ध में बहुत सारे भारतीय फंस गए थे. ये कहानी कुवैत से 1.7 लाख भारतीयों को एयरलिफ्ट करके निकालने के मिशन पर आधारित थी.

'एयरलिफ्ट' में इंद्र कुमार गुजराल बने अभिनेता सुरेंद्र पाल.
‘एयरलिफ्ट’ में इंद्र कुमार गुजराल बने अभिनेता सुरेंद्र पाल.

इस मिशन को अंजाम देने वालों में भारतीय मूल के एक कारोबारी सनी मैथ्यूज़ (फिल्मी नाम रंजीत कत्याल) थे जिसमें उन्हें विदेश मंत्रालय का सहयोग मिला. तब विदेश मंत्री थे इंद्र कुमार गुजराल जो बाद में प्रधान मंत्री बने. फिल्म में हालांकि इस मिशन का पूरा श्रेय अक्षय कुमार के कैरेक्टर को दिया गया. ‘एयरलिफ्ट’ में ये दिखाया गया कि इस मिशन के समय आई. के. गुजराल के कैरेक्टर का रवैया नेगेटिव था और विदेश मंत्री ने कोई मदद नहीं की.

फिल्म रिलीज होने के बाद गुजराल के बेटे और राज्य सभा सांसद नरेश गुजराल ने आरोप लगाया कि फिल्म के मेकर्स ने बॉक्स ऑफिस पर रोकड़ा कमाने के लिए कहानी से छेड़छाड़ की है.

#5. सुप्रिया विनोद

इंदिरा गांधी (1966-77, 1980-84). तीसरी प्रधानमंत्री.

फिल्म 'इंदु सरकार' में सुप्रिया और नील नितिन मुकेश. दूसरी तस्वीर में इंदिरा गांधी और संजय गांधी.
फिल्म ‘इंदु सरकार’ में सुप्रिया और नील नितिन मुकेश. दूसरी तस्वीर में इंदिरा गांधी और संजय गांधी.

मधुर भंडारकर ने ‘इंदु सरकार’ नाम से नई फिल्म बनाई है जो इंदिरा गांधी और इमरजेंसी के दौरान की एक कहानी है. इसमें इंदिरा का रोल सुप्रिया विनोद ने निभाया है. संजय गांधी का रोल नील नितिन मुकेश ने किया है और ‘पिंक’ फेम कीर्ति कुलहरी भी एक रोल में हैं.

इससे पहले डायरेक्टर जब्बार पटेल की फिल्म ‘यशवंतराव चव्हाण’ (2014) में भी सुप्रिया ने प्रधानमंत्री इंदिरा का रोल अदा किया था.

फिल्म 'यशवंतराव चव्हाण' में सुप्रिया.
फिल्म ‘यशवंतराव चव्हाण’ में सुप्रिया.

#6. अखिलेश जैन

लाल बहादुर शास्त्री (1964-66). दूसरे प्रधानमंत्री.

कम बजट और बिना किसी बड़े सितारे की मौजूदगी वाली फिल्म ‘जय जवान जय किसान’ (2015) लाल बहादुर शास्त्री के जीवन पर आधारित है. फिल्म का टाइटल शास्त्री के ही दिए मशहूर नारे से लिया गया है. जाने-पहचाने एक्टर्स के नाम पर फिल्म में ओम पुरी और प्रेम चोपड़ा जैसे दिग्गज एक्टर्स नजर आते हैं. शास्त्री का रोल भोपाल के थियेटर आर्टिस्ट अखिलेश जैन ने किया है. उनके लुक्स भी काफी मिलते हैं. उनके अलावा कई स्वतंत्रता सेनानियों के किरदार भी फिल्म में हैं क्योंकि इसमें आजादी से पहले और बाद के, दोनों काल को कवर किया गया है.

शास्त्री की जिंदगी पर वैसे एक और फिल्म बनने जा रही है. उसे डायरेक्ट करेंगे विवेक अग्निहोत्री जिन्होंने इससे पहले ‘बुद्धा इन अ ट्रैफिक जैम’ बनाई थी. विवेक के मुताबिक इस फिल्म के निर्माण के लिए धन लोगों की मदद से जुटाया जाएगा. वे इस फिल्म का प्रचार अभी से कर रहे हैं कि शास्त्री की मृत्यु के पीछे रहस्य क्या था? 1966 में ताशकंद संधि पर हस्ताक्षर करने के कुछ घंटों बाद उनकी मृत्यु हो गई थी. ये फिल्म टटोलने की कोशिश करेगी कि शास्त्री की मृत्यु सामान्य थी या हत्या?

#7. संजय गुरबक्सानी

राजीव गांधी (1984-89). छठे प्रधानमंत्री.

'मद्रास कैफे' में राजीव गांधी पर आधारित किरदार.
‘मद्रास कैफे’ में राजीव गांधी पर आधारित किरदार.

डायरेक्टर शूजीत सरकार की फिल्म ‘मद्रास कैफे’ में जॉन अब्राहम ने मेजर विक्रम सिंह का रोल निभाया था जिसे रॉ की तरफ से श्रीलंका भेजा जाता है. तब श्रीलंका में गृह युद्ध चल रहा होता है और वहां भारतीय प्रधानमंत्री शांति सेनाएं भेजते हैं जिन्हें वापस बुला लिया जाता है. बाद में उग्रवादी संगठन लिट्टे के किसी मिशन का अंदेशा होता है. ये मिशन भारतीय प्रधानमंत्री की हत्या का होता है.

जाहिर है ये एक सच्ची कहानी थी जिसे कुछ बदलकर लाया गया. फिल्म में संजय गुरबक्सानी ने प्रधानमंत्री राजीव गांधी का रोल किया. था. वे एक थियेटर एक्टर हैं और चरित्र भूमिकाएं करते रहते हैं.

शॉर्ट फिल्म 'इजाज़त' में राजीव गांधी और सोनिया के रोल में प्रिया बैनर्जी.
शॉर्ट फिल्म ‘इजाज़त’ में राजीव गांधी और सोनिया के रोल में प्रिया बैनर्जी.

वैसे राजीव गांधी के किरदार वाली एक और फिल्म ‘इजाज़त’ आने वाली है. टीवी एक्टर करणवीर बोहरा ने इस शॉर्ट फिल्म को प्रोड्यूस किया है. ये राजीव और सोनिया गांधी के प्यार की कहानी कहती है. कैसे दोनों मिलते हैं, प्यार करने लगते हैं, कैसे राजीव अपनी प्रधानमंत्री मां से इस रिश्ते की मंजूरी लेने जाते हैं. ‘इजाज़त’ में राजीव गांधी का रोल करणवीर ने किया है. फिल्म का एक लुक भी सामने आया है जिसमें राजीव और सोनिया गांधी के किरदार इंडिया गेट पर खड़े होकर आइसक्रीम एंजॉय कर रहे हैं.

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