Submit your post

Follow Us

ऋषि कपूर ने बताया कि वो 'चिंटू' नाम से बुलाए जाने पर कितने दुखी हैं

चिंटू, पिंटू, मुन्नू, गुड्डू, लल्लू. इंडिया में जब पैरेंट्स ‘निकनेम’ रख रहे होते हैं, तो उन्हें ऐसे ही नाम याद आते हैं. पैरेंट्स तो नाम रखकर निकल जाते हैं. लेकिन बच्चों को सारी उम्र इन्हीं नामों से बुलाया जाता है. बाकी लोगों की तरह अपने फनी निक नेम से ऋषि कपूर भी काफी दुखी हैं. इसका जिक्र उन्होंने अपने एक ट्वीट में किया.

ऋषि कपूर ने अपनी एक ब्लैक एंड वाइट तस्वीर पोस्ट की, जिसमें उन्होंने एक टोपी पहन रखी है. जिसपर ‘चिंटू’ लिखा है. उन्होंने लिखा-

‘ऋषि कपूर नाम वापस पाने के लिए बहुत मेहनत की. पेरेंट्स को कभी बच्चों के निकनेम नहीं रखने चाहिए. मैंने नहीं रखा.’

ऋषि कपूर का नाम चिंटू कैसे पड़ा इसके पीछे भी एक मजेदार कहानी है. जो उन्होंने अनुपम खेर के एक शो में सुनाई थी. उन्होंने बताया था कि उनके बड़े भाई रणधीर कपूर ने बचपन में एक कविता याद की थी. उस कविता को एक दिन उन्होंने स्कूल में सुनाया. कविता थी-

छोटे से चिंटू मियां, लंबी सी पूंछ. जहां जाएं चिंटू मियां, वहां जाए पूंछ.

ऋषि कपूर तब पैदा हुए-हुए ही थे. तो घरवालों ने तय किया कि उनका नाम चिंटू ही रखा जाएगा. अपने नाम से आहत ऋषि कपूर ने एक इंटरव्यू में कहा था कि जब वो पापा बनेंगे, तो बच्चों के निकनेम नहीं रखेंगे. इसलिए रणबीर और रिद्धिमा बच गए. लेकिन सब इतने लकी नहीं होते.

कई बॉलीवुड स्टार्स, चिंटू टाइप के नामों से फेमस हैं. जानते हैं ऐसे ही कुछ अजीबोगरीब नामों वाले स्टार्स के बारे में.

करिश्मा कपूर- लोलो

करिश्मा कई इंटरव्यू में बता चुकी हैं कि उनका नाम उनकी मम्मी की देन है. और उनकी मम्मी को इस नाम की प्रेरणा एक इटेलियन एक्ट्रेस के नाम से मिली थी, जिसका नाम जीना लोलोब्रिगिडा (Gina Lollobrigida) था.

गोविंदा- चीची

गोविंदा की मम्मी निर्मला देवी ने उन्हें चीची नाम दिया था. अपने नाम के बारे में उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था- पंजाबी में चीची का मतलब छोटी उंगली होता है. भगवान कृष्ण ने अपने दोस्त के सर छुपाने के लिए पूरा पहाड़ छोटी ऊंगली पर उठा दिया था. चीची का मतलब ताकत और एकता है.

ऋतिक रोशन- डुग्गू

ऋतिक के डायरेक्टर पापा राकेश रोशन का निक नेम ‘गुड्डू’ है. जब ऋतिक पैदा हुए, तो उनका निक नेम भी सोचा गया. बहुत ज्यादा एक्सपेरिमेंट किए बिना उनका नाम डुग्गू कर दिया गया. राकेश रोशन के नाम का ठीक उल्टा.

आलिया भट्ट- आलू

बचपन में आलिया काफी गोल-मटोल सी थीं. तो उनकी मम्मी सोनी राजदान उन्हें आलू बुलाया करती थीं.

अक्षय कुमार- राजू

फिल्मों में डेब्यू करने से पहले अक्षय कुमार का नाम राजीव भाटिया हुआ करता था. इसलिए उनका परिवार और दोस्त वगैरह उन्हें राजीव के शॉर्ट फॉर्म राजू नाम से बुलाते हैं.

प्रियंका चोपड़ा- मिमि

प्रियंका का असली बचपन का नाम तो मिठू था. लेकिन बचपन में वो अपना नाम नहीं बोल पाती थीं और मिठू की जगह मिमि कहती थीं. इसलिए नाम मिठू की जगह मिमि ही पड़ गया.

बिपाशा बसु- बोनी

अपने निक नेम के पीछे की कहानी के बारे में बताते हुए बिपाशा ने एक इंटरव्यू में कहा था कि वो बहुत गोलू-मोलू और हेल्दी पैदा हुई थीं. तो उनको देखते हुए फैमिली ने उनका नाम बोनी ही रख दिया.

ऐश्वर्या राय- गुल्लू

ऐश्वर्या राय का निक नेम गुल्लू है. इसके बारे में उनकी भाभी ने ही इंस्टाग्राम पर बताया था. श्रीमा राय से इंस्टाग्राम पर एक शख्स ने पूछा था- आप अपने बच्चों को कैसे बताती होंगी कि उनकी मामी कितनी फेमस हैं? इसपर श्रीमा ने जवाब दिया- ”मेरे घर में ये कभी भी एक विषय नहीं रहा है. घर में बच्चे उन्हें गुल्लू मामी के नाम से पुकारते हैं.”

शाहिद कपूर- शाशा

शाहिद कपूर के घर का नाम शाशा है. हालांकि इस नाम के पीछे कोई वजह नहीं है. बस उनके पेरेंट्स को ये नाम पसंद आ गया और रख दिया.

वरुण धवन- पप्पू

एक रियलिटी शो में अपने निकनेम का खुलासा करते हुए वरुण ने बताया था कि उन्हें घर पर ‘पप्पू’ बुलाया जाता है.

सुष्मिता सेन- टीटू

सुष्मिता सेन के घर का नाम टीटू है. इसके पीछे क्या कहानी है, सुष्मिता ने कभी बताया नहीं.

आपको भी स्टार्स के फनी नाम पता हैं तो कमेंट बॉक्स में बताएं.


Video : शाहरुख खान की आने वाली एक्शन-कॉमेडी मूवी की बेसिक जानकारी ले लो!

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

पोस्टमॉर्टम हाउस

कामयाब: मूवी रिव्यू

एक्टिंग करने की एक्टिंग करना, बड़ा ही टफ जॉब है बॉस!

फिल्म रिव्यू- बागी 3

इस फिल्म को देख चुकने के बाद आने वाले भाव को निराशा जैसा शब्द भी खुद में नहीं समेट सकता.

देवी: शॉर्ट मूवी रिव्यू (यू ट्यूब)

एक ऐसा सस्पेंस जो जब खुलता है तो न सिर्फ आपके रोंगटे खड़े कर देता है, बल्कि आपको परेशान भी छोड़ जाता है.

ये बैले: मूवी रिव्यू (नेटफ्लिक्स)

'ये धार्मिक दंगे भाड़ में जाएं. सब जगह ऐसा ही है. इज़राइल में भी. एक मात्र एस्केप है- डांस.'

फिल्म रिव्यू- थप्पड़

'थप्पड़' का मकसद आपको थप्पड़ मारना नहीं, इस कॉन्सेप्ट में भरोसा दिलाना, याद करवाना है कि 'इट्स जस्ट अ स्लैप. पर नहीं मार सकता है'.

फिल्म रिव्यू: शुभ मंगल ज़्यादा सावधान

ये एक गे लव स्टोरी है, जो बनाई इस मक़सद से गई है कि इसे सिर्फ लव स्टोरी कहा जाए.

फिल्म रिव्यू- भूत: द हॉन्टेड शिप

डराने की कोशिश करने वाली औसत कॉमेडी फिल्म.

फिल्म रिव्यू: लव आज कल

ये वाली 'लव आज कल' भी आज और बीते हुए कल में हुए लव की बात करती है.

शिकारा: मूवी रिव्यू

एक साहसी मूवी, जो कभी-कभी टिकट खिड़की से डरने लगती है.

फिल्म रिव्यू: मलंग

तमाम बातों के बीच में ये चीज़ भी स्वीकार करनी होगी कि बहुत अच्छी फिल्म बनने के चक्कर में 'मलंग' पूरी तरह खराब भी नहीं हुई है.