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नेट्फ्लिक्स पर ये चार सीरीज़ आपको इसी जन्म में देख लेनी चाहिए

घर पर बैठे-बैठे बोर हो रहे हैं? ट्रेप्ड सा फील हो रहा है क्या? क्या ऐसा लग रहा है जैसे इस दुनिया में ज़ंग लग गई हो? तो घबराइए मत, मेरे पास इसको स्मूद करने के लिए कुछ ल्युब्रिकेंट्स हैं.

चार सीरीज़ हैं. चारों नेटफ्लिक्स पर. एकदम अलग-अलग टाइप की. जीवन, संभोग, प्रेम और माया. लेकिन एक बात कॉमन है. ये लाइफ को स्मूऊऊऊद कर देंगी. बस इनको बिंज वॉच की चेन में डालिए, पैडल घुमाइए और फिर देखिए जादू. ज़िंदगी डामर की रोड पर सनसनाती साइकिल हो जाएगी.

ये चार सीरीज़ देखने के बाद आप जब लॉकडाउन से बाहर निकलेंगे, तो सिर के चारों ओर प्रकाश ही प्रकाश होगा. दोस्त-रिश्तेदार सब पूछेंगे कि घर में कोई बोधि वृक्ष उगा लिया क्या? जवाब में आप बुद्ध सी मुस्कान लिए अपना स्मार्टफोन निकालेंगे और उन्हें ये लिस्ट फॉर्वर्ड कर देंगे.

तो आध्यात्मिक रास्तों के न्यू ऐज राइडर्स, पेश हैं वो चार जादुई सीरीज़.

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यहां क्लिक कीजिए और दूसरों का टेस्ट भी देखिए.

1. आर प्लानेट (Our Planet, 2019)

हमारा ग्रह (पृथ्वी). जब भी इस ग्रह में रहने वालों की कहानी सुनाई जाती है, उसमें हमेशा एक ‘ह्यूमन बायस’ होता है. लेकिन पृथ्वी पर ऐसी लाखों-करोड़ों कहानियां हैं, जो मनुष्य से आंख बचाकर घट रही हैं. आर प्लानेट उन्हीं कहानियों की सबसे बेहतरीन किताब है. मनुष्य के अलावा जो जीव धरती पर रहते हैं, उनके बारे ऐसी कहानियां कहीं और नहीं मिलेंगी.

हमें अभी एक आपदा ने घेर रखा है. बीच-बीच सवाल भी उठ रहे हैं – क्या होमो सेपियन्स अपने किए का फल भुगत रहे हैं? इस सीरीज़ को देखने का इससे सही समय नहीं होगा. आप ध्यान से देखेंगे तो इस सवाल का जवाब भी ज़रूर मिलेगा.

इस सीरीज़ की तारीफ में अगर कुछ शब्द लिखने हों तो – इंगेजिंग कॉन्टेंट. खूबसूरत नैरेशन. कैमरे का बहुत ही बारीक काम. और इस ग्रह पर रहने वाले हर इंसान के लिए मस्ट वॉच.

इस सीरीज़ की सबसे अच्छी बात ये है कि इसके हर एपिसोड में हमारे लिए कुछ ज़रूरी सुझाव हैं. हम ऐसा क्या करें कि हमारे इस प्यारे ग्रह पर जीवन यूं ही हंसता-खेलता रहे.

2. सेक्स एजुकेशन (Sex Education, 2019)

जिस देश के अधिकतर स्कूलों में Reproduction (प्रजनन) वाला चैप्टर स्किप कर दिया जाता है, वहां के वासी इसे देखें. किशोर, वयस्क और बूढ़े सभी लोग देखें. स्कूली पढ़ाई में जो चीज़ अधूरी रह गई है, ये उसे पूरा करने वाली पढ़ाई है.

इसके नाम पर मत जाइएगा. इसमें सिर्फ सेक्स एजुकेशन नहीं है. इसमें रिलेशनशिप एजुकेशन, टीनेज एजुकेशन, सोसाइटी एजुकेशन, बच्चों को बड़ा कैसे करें एजुकेशन जैसी तमाम एजुकेशन्स भरी पड़ी हैं.

इसका नाम सेक्स एजुकेशन है, इसका मतलब ये भी नहीं कि ये बोरिंग और लिंग-योनि के डायग्राम्स तक सीमित रहेगी. आपको एक बढ़िया स्टोरीलाइन मिलेगी, जिसे इतने शानदार तरीके से डिज़ाइन किया गया है कि ये लगभग सारी ज़रूरी चीज़ें कवर कर लेती है.

मेरा तो ऐसा मानना है कि ये सीरीज़ स्कूलों में 9th, 10th के बच्चों को कंपलसरिली दिखाई जानी चाहिए. जो देश हर पांचवे साल यौन अपराध और #MeToo की घटनाओं से उफन पड़ता है, वहां तो ये ज़रूर देखी जानी चाहिए. जिस समय में हमलोग जी रहे हैं, ये उससे बहुत आगे की चीज़ है.

ज़रूर देखिए. मज़ा आएगा. फील गुड होगा. इमोशन्स हिलोरे लेंगे. दोबारा स्कूल जाने का मन करेगा. बहुत कुछ सीखने को मिलेगा. और बोनस – इसमें एक बहुत अच्छी प्रेम कहानी भी है.

3. लिटिल थिंग्स (Little Things, 2016-19, तीन सीज़न)

शुरू में लगेगा टिपिकल मॉडर्न इंडियन रोमेंस. एक लड़का है. एक लड़की है. दोनों प्यार करते हैं. और लिव-इन रिलेशनशिप में हैं. लेकिन जैसे-जैसे आप आगे बढ़ेंगे, आपको लगेगा मॉडर्न इंडियन बट नॉट अ टिपिकल रोमेंस.

पहले आप ध्रुव और काव्या की ‘छोटी-छोटी बातों’ में उलझेंगे. फिर सुलझेंगे. और इनके साथ सुलझेगा आपका थॉट प्रोसेस. ये उन गिनी-चुनी इंडियन सीरीज़ में से है जिन्हें तबीयत से लिखा गया है. अगर कोई एक बड़ा फैक्टर है जिसने इसे मेरी लिस्ट में पहुंचाया है तो वो है इसका राइटिंग पार्ट. मैं और हमारे संपादक सौरभ द्विवेदी इसके बारे में बात कर रहे थे. उन्होंने भी इसके बारे में सबसे पहली चीज़ यही कही. एक्टिंग में भी राइटिंग के साथ जस्टिस हुआ है. शायद ऐसा इसलिए कि इसके राइटर ध्रुव गुप्ता ने दो प्रोटेगॉनिस्ट में से एक ध्रुव का कैरेक्टर प्ले किया है.

आपके पास नेट्फ्लिक्स नहीं है, कोई बात नहीं. इसका पहला सीज़न यूट्यूब पर फ्री में मिल जाएगा. पहला सीज़न डाइस मीडिया ने बनाया था. फिर नेट्फ्लिक्स वालों को ये पसंद आई तो इसका दूसरा और तीसरा सीज़न नेटफ्लिक्स ने बनाया. वैसे नेटफ्लिक्स को पहला सीज़न पसंद आना भी अपने आप में एक रेटिंग है. तो देखिए और गौर से देखिए ध्रुव और काव्या के जीवन की ‘लिटिल थिंग्स’.

4. रिक एंड मॉर्टी (Rick and Morty, 2013-20, चार सीज़न)

सब माया है. ऐसा नहीं लगता है, तो इसे देखने के बाद लगने लगेगा. ये सीरीज़ संत लोगों के लिए है. ओल्ड मॉन्क नहीं, न्यू मॉन्क. निहिलिज़्म की फिलॉसफी को डार्क कॉमेडी और साइंस फिक्शन में ऐसे पिरोया गया है कि पूछिए मत.

रिक सैंचेज़ नाम के एक बूढ़े नाना हैं. और मॉर्टी नाम का उनका नाती है. आप सोच रहे होंगे कि नाना सुस्त होंगे और नाती चंट? ऐसा ज़रूर होगा, मगर किसी पैरेलल यूनिवर्स में. यहां नाना हैं साइंटिस्ट. और नाती है एकदम भोला. नाना ऐसे-वैसे साइंटिस्ट नहीं हैं. ये शराबी साइंटिस्ट हैं. रिश्तेदारों से अड़ जाते हैं. एलियन्स से लड़ जाते हैं. और कभी-कभी बिना बात के अचार बन सड़ जाते हैं. ‘पिकल रिक’, मेरे फेवरेट एपिसोड्स में से एक.
** केवल वयस्कों के लिए. इसे हैडफोन लगाकर देखें.

जोक्स अपार्ट. ये अडल्ट कॉमेडी की दुनिया का मास्टरपीस है. इसमें सिर्फ कस वर्ड्स नहीं हैं, बल्की कस वर्ड्स के साथ बहुत गहरे, विचारोत्तेजक और एग्ज़िस्टेंशियल सवाल भरे पड़े हैं. ये सीरीज़ देखकर आपको समझ आएगा कि एनिमेशन कितना पावरफुल  है. और ये भी लगेगा कि एनिमेशन न होता, तो अभिव्यक्ति कितनी सीमित रह जाती.

कोशिश कीजिए कि इसे अकेले देखें. वयस्क दोस्तों, भाइयों-बहनों या मम्मी-पापा के साथ देख सकते हैं. डिपेंड्स ऑन योर इक्वेशन. लेकिन फिर आपको पॉज़ करके सोचने का मौका नहीं मिलेगा. विश्वास मानिए इसमें ऐसे बहुत मौके आते हैं किओ भाई! ये इसने क्या कह दिया?.


तो ये चार सीरीज़ देखिए. और देखने बाद कुछ कहने-सुनने को रह जाए, तो यहां पहुंचिए –lallantopayush@gmail.com


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