Submit your post

Follow Us

ये पांच चीजें 'पकवान' के नाम पर कलंक हैं, इन्हें बेचना बंद करो

ये आर्टिकल कमलेश सिंह ने DailyO  के लिए किया है.  दी लल्लनटॉप के लिए इसे आस्था ने ट्रांसलेट किया है.


डॉमिनोज के चॉको पिज़्ज़ा का ख्याल आते ही मेरे मुंह का स्वाद बदल जाता है. रॉकी और मयूर एक समय में मेरे सबसे खास भुक्खड़ दोस्त हुआ करते थे. लेकिन वो भी मेरे नज़रों में उस रोज़ गिर गए. जब मैंने उन्हें ऐसे खाने की तारीफ़ करते देखा.

मैं यकीन से कह सकता हूं कि उन्होंने ये डार्क-चॉकलेट टॉप्ड पिज़्ज़ा कभी नहीं खाया होगा. बिल्कुल वैसे ही जैसे शाहरुख़ खान ने कभी लक्स साबुन इस्तेमाल नहीं किया होगा. ये पिज़्ज़ा बहुत जल्द ही पॉपुलर हो जाएगा. क्योंकि इस देश में सारी बेकार की बातें मशहूर हो जाती हैं, ध्यान दें मशहूर तो स्वामी ओम हैं.

इंडिया में प्रीमियम टॉपिंग के साथ कचरा भी मिले तो यहां के पैसे वाले वो भी खाएंगे. खाने की ऐसी चीजों के नाम ठीक से बोलना और लिखना दोनों ही नामुमकिन के बराबर होता है. सिर्फ पैसे वाले नहीं. वो जिनके पास नहीं  हैं, वो भी ये खाएंगे क्योंकि वो भूखे हैं. हम आज़ादी से लेकर आजतक यही करते आ रहे हैं. और अब कुछ ज्यादा ही. ये वो पांच चीजें हैं जिसके पीछे भारतीयों को पागल होना बंद कर देना चाहिए.


 

मैशअप्स

mashup

हमें पीने की चीज़ों की तरह खानों को मिक्स नहीं करना चाहिए. मिक्स ड्रिंक्स से अक्सर लोगों को उल्टी की शिकायत होती है. जो खाने में बिना मिक्स किए ही टेस्टी होता है, लोगों का उसे भी मिक्स करना ज़रुरी है. उदाहरण के तौर पर चाईनीज ढोकला, पंजाबी चाऊमीन, चिल्ली पनीर, पनीर डोसा और न जाने क्या-क्या. चॉकलेट फ्राइड चिकन कम था, जो लोगों ने तंदूर मोमोज भी खोज निकाला. मैं यकीन के साथ कह सकता हूं कि लोगों को गाय का गोबर भी तंदूर से निकालकर हॉट चॉकलेट छिड़ककर खिला दो, तो खा लेंगे. बड़े आए हैं Fusion food वाले.


 

टेक्स-मेक्स

tex

मेक्सिकन और हिंदुस्तानी खाने में कोई खास फ़र्क नहीं होता. ओरिजनल मेक्सिकन तो इंसान का दिल भी खाते थे. आज भी जब वो तन-मन से भक्ति करते है तो सौ लोगों की बलि देते हैं. खैर, उनकी भक्ति-भावना को एक तरफ रखते हैं. पहले रोटी को आधी पकी सब्जी/मीट में रैप करो फिर उसे पेपर में रैप कर मेक्सिकन नाम दो. इतना करने पर उन्हें लगता है कि उन्होंने तीर मार लिया. उस एक रोटी और आधी पकी सब्जी का जो दाम वो लेते है उसका कोई मेल नहीं है.


 

डोनट

donut

जब तक इस डोनट और डनकिन ने मॉल और बाज़ारों में आतंक नहीं मचाया था तब तक हमारा देश डोनट देश नहीं था. हमारा देश मिठाइयों का देश है. जिसमें तरह-तरह के फ्लेवर हैं. हमें छप्पनभोग के लिए जाना जाता है. आपसे गुज़ारिश है कि उस गोल आकार की मिठाई को भूल जाओ जिसके बीच में एक छेद है और जो चीनी और चॉकलेट के घोल में डूबा हुआ है.


 

शिमला मिर्च 

cap

ये वो मिर्च है जो मिर्च तो है लेकिन तीखी नहीं है. इसलिए इसका नाम शिमला मिर्च है. अब तो शिमला भी हॉट हो गया है भाई. इस हरे रंग के पदार्थ में कोई टेस्ट नहीं होता. अजीब सी बदबू होने के बाद भी इसने भारत के पचास प्रतिशत किचन में डेरा बसा रखा है. हमारे ट्रेडिशनल खाने में जब-तब नज़र आता रहता है. हालत ये है की आलू से लेकर पिज़्ज़ा तक के साथ ये पाया जाता है.


 

सोया चाप 

soyachap

दिल्ली के कभी सोया रेस्टोरेंट में गए हो? सोया असल में चिकन का वेजीटेरियन फॉर्म है. इन होटल्स में चिकन की सारी डुप्लीकेट वैरायटी मिलती हैं. इसे खाने वो लोग पहुंचते है जिन्हें अपने पेरेंट्स के हिसाब से शादी करनी पड़ती है. और फिर बच्चा पैदा करना होता है. अपने स्वाद के साथ समझौता मत करो क्योंकि मीट और सोया की कोई तुल्लना नहीं है. जागो ग्राहक जागो!


ये भी पढ़े:

‘माय नेम इज खान एंड आई सप्लाई नमक इन पाकिस्तान’

व्रत में साबूदाना नहीं खाओगे, अगर ये जान जाओगे

सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पहले आतंकी हमले में सेना-सरकार फेल?

 

 

 

 

 

 

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

पोस्टमॉर्टम हाउस

वेब सीरीज़ रिव्यू- फ्लेश

एक बार इस सीरीज़ को देखना शुरू करने के बाद मजबूत क्लिफ हैंगर्स की वजह से इसे एक-दो एपिसोड के बाद बंद कर पाना मुश्किल हो जाता है.

फिल्म रिव्यू- क्लास ऑफ 83

एक खतरनाक मगर एंटरटेनिंग कॉप फिल्म.

बाबा बने बॉबी देओल की नई सीरीज़ 'आश्रम' से हिंदुओं की भावनाएं आहत हो रही हैं!

आज ट्रेलर आया और कुछ लोग ट्रेलर पर भड़क गए हैं.

करोड़ों का चूना लगाने वाले हर्षद मेहता पर बनी सीरीज़ का टीज़र उतना ही धांसू है, जितने उसके कारनामे थे

कद्दावर डायरेक्टर हंसल मेहता बनायेंगे ये वेब सीरीज़, सो लोगों की उम्मीदें आसमानी हो गई हैं.

फिल्म रिव्यू- खुदा हाफिज़

विद्युत जामवाल की पिछली फिल्मों से अलग मगर एक कॉमर्शियल बॉलीवुड फिल्म.

फ़िल्म रिव्यू: गुंजन सक्सेना - द कारगिल गर्ल

जाह्नवी कपूर और पंकज त्रिपाठी अभिनीत ये नई हिंदी फ़िल्म कैसी है? जानिए.

फिल्म रिव्यू: शकुंतला देवी

'शकुंतला देवी' को बहुत फिल्मी बता सकते हैं लेकिन ये नहीं कह सकते इसे देखकर एंटरटेन नहीं हुए.

फ़िल्म रिव्यूः रात अकेली है

नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी और राधिका आप्टे अभिनीत ये पुलिस इनवेस्टिगेशन ड्रामा आज स्ट्रीम हुई है.

फिल्म रिव्यू- यारा

'हासिल' और 'पान सिंह तोमर' वाले तिग्मांशु धूलिया की नई फिल्म 'यारा' ज़ी5 पर स्ट्रीम होनी शुरू हो चुकी है.

फिल्म रिव्यू- दिल बेचारा

सुशांत के लिए सबसे बड़ा ट्रिब्यूट ये होगा कि 'दिल बेचारा' को उनकी आखिरी फिल्म की तरह नहीं, एक आम फिल्म की तरह देखा जाए.