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फिल्म रिव्यू: चिंटू का बर्थडे

ये कितनी क्रेज़ी सिचुएशन है कि बाहर बम गिर रहे हैं, लोग मर रहे हैं. और आप अपने घर में बैठकर बच्चे का बर्थडे मना रहे हैं. अगर आप ये लाइन दोबारा पढ़ेंगे, तब भी ये बात उतनी ही क्रेज़ी लगेगी. लेकिन ज़ी5 पर आई फिल्म ‘चिंटू का बर्थडे’ की ये सबसे मानवीय बात है. क्योंकि 6 साल का चिंटू अपनी मम्मी-पापा-नानी और बहन के साथ इराक़ में रहता है. बिहार से उसके पापा आर.ओ बेचने के लिए इराक़ तब गए थे, जब वहां पानी की दिक्कत थी. 2003 में अमेरिका, वेपंस ऑफ मास डिस्ट्रक्शन का बहाना बनाकर इराक़ में घुस आया. उसके बाद से वहां बमबाजी और लोगों का मरना, आम बात हो गई. ये परिवार वापस भारत आना चाहता है लेकिन कुछ टेक्निकल वजहों से ये संभव नहीं हो पा रहा. चिंटू के पापा मदन कहते हैं कि ‘इस बार जबरदस्त बर्थडे मनेगा’. अमेरिका के चक्कर में पिछले साल चिंटू का बड्डे ‘चौपट’ हो चुका है. इस बार मदन ने ठान लिया है कि चाहे जो हो जाए, बड्डे तो मनाकर ही रहेंगे. इराक़ में घुसना तो ठीक था लेकिन असली प्रॉब्लम तब शुरू होती है, जब अमरीकी सैनिक चिंटू के बर्थडे के दिन मदन के घर में घुस आते हैं. इराक़ में 6 साल के एक भारतीय बच्चे का जन्मदिन मनाने की कहानी है ‘चिंटू का बर्थडे’.

मदन बड़ा भोला और प्यारा आदमी है. दुनिया से लड़ने के लिए उसके पास एक ही हथियार है. प्रेम. इस किरदार की वजह से पूरी फिल्म पॉज़िटिविटी से भरी हुई लगती है. लेकिन इसके पीछे उसका गिल्ट छुपा हुआ है. चिंटू के पापा का ये रोल किया है विनय पाठक ने. उनकी पत्नी सुधा के रोल में हैं तिलोत्तमा शोम. होम मिनिस्टर हैं और पति-मां और बच्चों का कंट्रोल पैनल भी. लेकिन पिक्चर के स्टार है चिंटू बने वेदांत चिब्बर. ये बच्चा पूरे दुख और अफसोस के साथ बात करता है. और पूरा भाव आप तक पहुंच जाता है. चिंटू की बहन लक्ष्मी के रोल में बिशा चतुर्वेदी और नानी के रोल में सीमा पाहवा नज़र आई हैं. बिशा का स्क्रीनटाइम कम है लेकिन उतने में ही वो फिल्म को इमोशनल डेप्थ देती हैं.

फिल्म के पोस्टर पर तिलोत्तमा, वेदांत, बिशु औौर विनय पाठक (बाएं से दाएं).
फिल्म के पोस्टर पर तिलोत्तमा, वेदांत, बिशा और विनय पाठक (बाएं से दाएं).

‘चिंटू का बर्थडे’ बड़ी प्रेमी फिल्म है. यहां किसी के मन में कोई द्वेष नहीं है अमरीकी सैनिकों के मन में भी नहीं. लेकिन हम फिल्म की नीयत के लिए असलियत से समझौता नहीं कर सकते. जब आपके घर में इनसर्जेंट होने के इतने सबूत मिलें हों, फिर भी आपको अमरीकी सैनिक सिर्फ वॉर्निंग देकर चला जाए. ये थोड़ा सा अनरियल लगता है. लेकिन उसके बाद फिल्म में ज़्यादा कुछ होने को बचता नहीं है, इसलिए आप उसे क्रिएटिव लिबर्टी के नाम पर जाने देते हैं. क्योंकि इतनी सी फिल्मी चीज़ के बदले में आपको बढ़िया मात्रा में पॉज़िटिविटी मिलती है. और थोड़ा असर पर्सपेक्टिव पर भी डालती है.

बर्थडे बॉय चिंटू.
बर्थडे बॉय चिंटू.

‘चिंटू का बर्थडे’ अपने लिए कॉन्सेप्ट और उसके ट्रीटमेंट में स्कोर करती है. इतने रियल और रिलेटिव तरीके से शुरू होती है कि आप फौरन फिल्म के साथ हो लेते हैं. बिहारी फैमिली, उनका लहज़ा, पर्सनल इक्वेज़न जैसी चीज़ें उस ढर्रे से अलग हैं. वास्वविकता के ज़्यादा करीब हैं. ये वैसे तो इंसानों के अच्छे और बुरे दोनों पक्षों की बात करती है लेकिन इसका फोकस अच्छे की ओर ज़्यादा है. ये चीज़ बहुत कम देखने को मिलती है. यहां नफरत, युद्ध और अमेरिका को लेकर दबी जबान में कमेंट्री चलती रहती है लेकिन वो फिल्म पर हावी नहीं होती. ये फिल्म चिंटू के परिवार और उसके बर्थडे की ही कहानी बनी रहती है.

हमेशा खुश रहने वाले चिंटू के पापा मदन तिवारी.
हमेशा खुश रहने वाले चिंटू के पापा मदन तिवारी.

अगर फिल्म के टेक्निकल डिपार्टमेंट्स की बात करेंगे, तो कैमरा के पास कुछ खास करने को रहता नहीं है. क्योंकि वैसे तो ये कहानी इराक़ में घटती है लेकिन फिल्म को पूरी तरह से एक घर के भीतर ही शूट किया गया है. इराक़ का माहौल साउंड की मदद से तैयार किया गया है. लेकिन अच्छी बात ये कि इस फिल्म का मक़सद आपको इराक़ दिखाना नहीं, वहां रह रही एक भारतीय फैमिली की कहानी दिखाना था. और उस लेवल पर कोई दिक्कत नहीं आती. एक बड़ी सुंदर लाइन है फिल्म में जब मेहंदी का किरदार कहता है-

”घर की हेड महिलाएं होती हैं. हमने ये दुनिया पुरुषों के हवाले कर दी और देखिए वो उसके साथ क्या कर रहे हैं!”

जैसे हम कई बार बातचीत में कह देते हैं कि ‘ये दुनिया प्यार से ही जीती जा सकती है’, उस बात को ‘चिंटू का बर्थडे’ काफी सीरियसली ले लेती है. सिनेमाई तौर पर ये भले बहुत मजबूत फिल्म नहीं बन पाती. लेकिन साफ नीयत की वजह से अपने मक़सद में कामयाब होती है. अगर आप थोड़ा लीक से हटकर या स्वीट टाइप कुछ देखना चाहते हैं, तो ज़ी5 पर ‘चिंटू का बर्थडे’ देख सकते हैं. जाते-जाते चिंटू को हमारी ओर से हैप्पी बर्थडे.

‘चिंटू का बर्थडे’ का ट्रेलर आप यहां देख सकते हैं:

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