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Fact Check: पुलवामा हमले में शहीद के अंतिम संस्कार को ऊंची जाति वालों ने रोका?

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पुलवामा हमला. 40 से ज्यादा जवान शहीद हुए. जब इन शहीदों के पार्थिव शरीर इनके घर पहुंचते हैं तो लोगों का हुजूम इनके सम्मान में खड़ा मिलता है. हजारों लाखों लोग. नारे लगाते हुए. मेजर विभूति अमर रहें. मेजर चित्रेश अमर रहें. पर इन नारों की गूंज के बीच कुछ लोग नफरत का खेल खेलना ज्यादा पसंद करते हैं. कैसे. झूठी खबरें फैलाकर. ऐसी ही एक खबर सोशल मीडिया के कई अकाउंट्स से शेयर हो रही है जिसमें कहा जा रहा है –

उत्तर प्रदेश के शिकोहाबाद में जाति देखकर रोका शहीद का अंतिम संस्कार, प्रशासन की दखल से सुलझा मामला.

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बताया जा रहा है कि पुलवामा हमले में शहीद हुए जवान वीर सिंह का शव जब शिकोहाबाद स्थित उनके गांव पहुंचा तो ऊंची जाति के दबंग लोगों ने उनके अंतिम संस्कार को रोक दिया. क्योंकि वो दलित थे. इस जानकारी के साथ ही इस पोस्ट में एक खबर का स्क्रीन शॉट शेयर किया जा रहा है. ये स्क्रीनशॉट आजतक की वेबसाइट का है. इसकी हेडिंग है –

जाति देखकर रोका शहीद का अंतिम संस्कार, प्रशासन की दखल से सुलझा मामला.

खबर का स्क्रीनशॉट देखिए –

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सच क्या है?

तो ये तो हो गया जो वायरल है. सच क्या है. हमने ये जानने के लिए इस खबर को ढूंढा. खबर मिली. ये घटना सही निकली. मगर इसको जिस तरह से इस्तेमाल किया जा रहा है वो गलत है. वो ऐसे कि ये घटना 27 जून 2016 की है. लगभग 32 महीने पुरानी, जबकि अभी इसे पुलवामा की घटना बताकर शेयर किया जा रहा है. बताया जा रहा है पुलवामा हमले के शहीद का अंतिम संस्कार रोका. जबकि ये खबर पुरानी है, इस बात की पुष्टि इस खबर को खोलते ही इसकी तारीख देखकर हो जाती है.

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इसे वैसे ही इस्तेमाल किया जा रहा है जैसे कहीं दंगा फसाद हो जाने पर बरसों पुराने मार-पिटाई वाले वीडियो वायरल किए जाते हैं. रही बात घटना की तो वो टाइम्स ऑफ इंडिया के हवाले से सही बताई जा रही है. पर इसका इस्तेमाल गलत है.

कुल मिलाकर हमारी पड़ताल में ये खबर झूठी निकली. न इस घटना का पुलवामा अटैक से कोई कनेक्शन है. और न ही ये हालिया खबर है. एक पुरानी खबर को गलत तरह से इस्तेमाल कर लोगों को भड़काने की कोशिश की जा रही है. जोकि बेहद गलत है. रही बात इस घटना की तो ये भले 2016 की है, उसकी घोर आलोचना होनी चाहिए. आज जिन शहीदों के लिए देश गुस्से में है. एकजुट दिख रहा है. ये उस भावना पर तमाचा है.

अगर आपके पास भी ऐसा कोई पोस्ट हो, फोटो हो, वीडियो हो जिसके दावों पर आपको शक हो, तो उसकी पड़ताल के लिए भेजे padtaalmail@gmail.com पर. हम उसकी सत्यता की जांच करेंगे.


लल्लनटॉप वीडियो देखें-

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Fact Check: Truth of viral news that Upper Caste people stopped cremation of Pulwama martyr in Uttar Pradesh

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