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पड़तालः क्या कमलेश तिवारी के आरोपियों को सिर्फ 10 घंटे में सूरत से लखनऊ पकड़ लाई UP पुलिस

दावा

सोशल मीडिया पर कमलेश तिवारी हत्याकांड को लेकर तमाम दावे किए जा रहे हैं. हाल ही में एक दावा वायरल हुआ है जिसमें कहा जा रहा है कि लखनऊ पुलिस 10 घंटे में सूरत से तीन अभियुक्तों को पकड़ लाई, जबकि सूरत से लखनऊ पहुंचने के लिए क़रीब 24 घंटे लगते हैं. हम दावे में बिना भाषाई बदलाव किए, ज्यों का त्यों लिख रहे हैं.

लखनऊ में KamleshTiwari का मर्डर हुआ 4 बजे और सूरत के लिये आखरी ट्रेन रात 12 बजे है!!!💁‍♂
UP पुलिस 10 घंटे बाद सूरत से 3 हत्यारे पकड़ लाई, लखनऊ से सूरत की दूरी लगभग 1400 किमी और समय लगता है 24 घंटे, है न कमाल की पटकथा???

यूपी पुलिस की कार्रवाई को स्क्रिप्ट बताया जा रहा है. तौफ़िक सिद्दीकी नाम के यूज़र ने फेसबुक पर ये दावा किया है. इसे अबतक 352 से ज़्यादा यूज़र्स शेयर कर चुके हैं. उनके अलावा तमाम यूज़र्स ने ये दावा शेयर किया है. (आर्काइव लिंक)

पड़ताल
हमारी पड़ताल में ये दावा भ्रामक निकला. कमलेश तिवारी हत्याकांड में सूरत से धरे गए तीन अभियुक्तों को लखनऊ पुलिस ने नहीं, बल्कि यूपी पुलिस की ओर से मुहैया कराई गई प्राथमिक जानकारी के आधार पर गुजरात की जॉइंट टीम ने पकड़ा था. पकड़ने के बाद उन्हें लखनऊ नहीं लाया गया था. कमलेश तिवारी की हत्या शुक्रवार, 18 अक्टूबर 2019 को हुई थी. पुलिस ने रात तक ही आरोपियों को पकड़ लिया था. लेकिन उन्हें 21 अक्टूबर 2019 को सुबह 10 बजे फ़्लाइट से लखनऊ लाया गया. इसे मीडिया ने बड़े स्तर पर रिपोर्ट किया है.

अभियुक्तों की सीसीटीवी फुटेज से ली गई तस्वीर.
तस्वीर में दिख रहे दोनों लोगों पर कमलेश तिवारी की हत्या का आरोप है. इन्हें अभी पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई है. साजिश रचने वालों को गुजरात से गिरफ्तार किया गया है.

यूपी के डीजीपी ओ.पी सिंह ने क़रीब 15 मिनट लंबी चली प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी इसका ज़िक्र किया था. डीजीपी ने बताया कि यूपी पुलिस और गुजरात पुलिस के संयुक्त प्रयासों से अभियुक्तों को पकड़ा गया है.

गूगल मैप्स पर लखनऊ और सूरत के बीच की दूरी क़रीब 1300 किलोमीटर दिख रही है और अनुमानित समय क़रीब 23 घंटे दिखाया जा रहा है.

कमलेश तिवारी के केस में यूपी पुलिस ने गुजरात पुलिस के अधिकार क्षेत्र में आने वाली जगह पर कार्रवाई करने के लिए उनकी मदद मांगी थी. लेकिन समान्य प्रक्रिया है. दूसरे प्रदेश में कार्रवाई करने के लिए किसी को भी स्थानीय पुलिस की मदद और अनुमति लेनी होती है. कमलेश तिवारी के केस में भी यही हुआ.

नतीजा
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा दावा भ्रामक है. कमलेश तिवारी हत्याकांड के आरोपियों को गुजरात के सूरत से गुजरात और उत्तर प्रदेश पुलिस की जॉइंट टीम ने पकड़ा था. अभियुक्तों को हत्या के दिन यानी 18 अक्टूबर की रात में ही पकड़ लिया था. लेकिन उन्हें उसी वक्त लखनऊ नहीं लाया गया. उन्हें 21 अक्टूबर, 2019 को सुबह क़रीब 10.20 बजे लखनऊ लाया गया.

अगर आपको किसी ख़बर पर शक हो तो हमें लिखें- padtaalmail@gmail.com पर. हम दावे की पड़ताल करेंगी और आप तक सच्चाई पहुंचाएंगे.


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