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क्या छपाक फ़िल्म में एसिड अटैकर का नाम 'नईम' से बदलकर 'राजेश' किया गया?

दीपिका पादुकोण की फिल्म आ रही है. छपाक. 10 जनवरी को. दीपिका एसिड अटैक सर्वाइवर का रोल निभा रही हैं. फिल्म में उनका नाम मालती है. यह फिल्म लक्ष्मी अग्रवाल की लाइफ पर बनी हैं. सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि फ़िल्म में एसिड फेंकने वाले का नाम राजेश है. जबकि लक्ष्मी पर जिस आदमी ने एसिड फेंका था उसका नाम नईम खान है. लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब अटैकर मुस्लिम था तो फिल्म में उसे हिंदू नाम क्यों दिया गया है. दीपिका के जेएनयू जाने के बाद से ही उनके समर्थन और विरोध में पोस्ट हो रहे हैं. 8 जनवरी, 2020 को ये दावा होने लगा. स्वराज्य मैगज़ीन ने 8 जनवरी 2020 को 2 बजकर 4 मिनट पर यह दावा पोस्ट किया है. (आर्काइव लिंक)

वेरिफाइड ट्विटर हैंडल्स से भी ऐसा ही दावा पोस्ट किया गया है.

शेफाली वैद्य (आर्काइव लिंक)

नुपूर जे शर्मा (आर्काइव लिंक)

प्रशांत पटेल उमराव  (आर्काइव लिंक)

इन जैसे कई और ब्लू टिकधारी यूज़र्स ने ऐसा दावा पोस्ट किया है. वैसे इन लोगों के लिए ऐसी भ्रामक जानकारी शेयर करना नई बात नहीं है. ये पहले भी भ्रामक जानकारी शेयर करते रहे हैं. लेकिन ध्यान देने की बात है कि ऐसी जानकारियां दीपिका के JNU में जाने और छात्रों के साथ खड़े होने के बाद ही वायरल हो रही हैं.

हमने इस मामले में खोजबीन की. हमें कुछ और सच्चाई मिली. फिल्म में जिस किरदार ने मालती पर एसिड फेंका, उसका नाम बशीर खान उर्फ बब्बू है. राजेश नहीं. राजेश मालती के दोस्त का नाम है.

इंडिया टुडे की एक स्टोरी में साफ ज़िक्र भी मिलता है. इंडिया टुडे के मुताबिक,

राजेश मालती का दोस्त है और इस किरदार को अंकित बिष्ट ने निभाया है. यानी राजेश एसिड फेंकने वाला नहीं है.

इंडिया टुडे की स्टोरी.
इंडिया टुडे की स्टोरी.

इसके अलावा न्यूज़ एजेंसी PTI की ख़बर के मुताबिक,

डायरेक्टर मेघना गुलज़ार ने एसिड फेंकने वाले का धर्म नहीं बदला है.

PTI की स्टोरी.
PTI की स्टोरी.

कुल मिलाकर आप ये समझें कि फिल्म ‘छपाक’ में दीपिका के निभाए किरदार मालती पर एसिड राजेश नाम के किरदार ने नहीं फेंका है.

हमारे साथी श्वेतांक ने प्रेस रिव्यू के दौरान ये फिल्म देखी है. वो काफी वक्त से सिनेमा कवर कर रहे हैं. उन्होंने भी इस बात की तस्दीक की है.

स्टोरी का थोड़ा हिस्सा आपको बताएं तो ऐसा है कि

मालती के फोन में पुलिस को ढेर सारे लड़कों के नंबर्स मिलते हैं. इनमें से एक राजेश है, जो मालती को शायरियां भेजता है. वो दोनों साथ स्कूल जाते थे, और ऑलमोस्ट गर्लफ्रेंड-बॉयफ्रेंड थे. ये बात मालती कोर्ट में भी बताती है. मालती के घर के बगल में एक मुस्लिम परिवार रहता है, जिनका कपड़ा सिलाई का काम है. इस घर के बड़े लड़के का नाम है बशीर खान उर्फ बब्बू . बशीर को मालती बब्बू भैया बुलाती है.

एक दिन राजेश और मालती को साथ देखकर बब्बू चिढ़ जाता है. वो राजेश को मार-धमकाकर भगा देता है. इसके बाद मालती के साथ काफी पज़ेसिव बिहेव करने लगता है. मालती कहती है सॉरी बब्बू भइया. तो बोलता है कि मैं तेरा भैया नहीं हूं. रात को मालती को फोन करता. मालती फोन नहीं उठाती, तो बब्बू i love you का मैसेज भेजता है. मालती फोन ऑफ कर देती है. फिर वो दोबारा राजेश और मालती को साथ देखकर फ्रस्ट्रेट हो जाता है. और मालती पर एसिड फेंक देता है.

इसके पहले और बाद में क्या होता है. ये जानने के लिए आपको फिल्म देखनी होगी. लेकिन जबतक फिल्म सामने नहीं आ जाती, तब तक के लिए आपको बता दें कि जो प्रोपागैंडा सोशल मीडिया पर चल रहा है वो झूठ है. छपाक फिल्म में एसिड फेंकने वाले का धर्म नहीं बदला गया है. असल ज़िंदगी में लक्ष्मी पर एसिड फेंकने वाले का नाम नईम खान है और फिल्म में ये नाम बशीर खान रखा गया है.


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