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PUBG के साथ इन गेम्स में दिलचस्पी क्यों ले रही है दिल्ली सरकार?

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“PUBG आपके बच्चों को मानसिक रोगी बना रहा है” . आपभी सोचेंगे कि इतनी बड़ी बात हम कैसे कह सकते हैं. तो इसे हम नहीं कह रहे, दिल्ली की सरकार कह रही है. दिल्ली सरकार ने बकायदा इसके लिए दिल्ली के स्कूलों को नोटिस भेजा है. लिखा है कि इस तरह के ऑनलाइन गेम्स बच्चों को मानसिक रोगी बना रहे हैं. इस लिस्ट में PUBG अकेले नहीं है, इसके साथ फोर्टनाइट है, ग्रैंड थेफ्ट ऑटो है, गॉड ऑफ वॉर है, हिटमैन है, प्लेग है और पोकेमॉन गो भी है. ये सभी गेम्स ऑनलाइन खेले जाते हैं, और इस नोटिस को जारी किया है दिल्ली सरकार की DCPCR यानी दिल्ली कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स ने.

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दिल्ली सरकार की बॉडी DCPCR ने ऐेसे गेम्स को बच्चों के लिए खतरा बताया है

इस नोटिस में ये भी कहा गया है कि ये गेम बच्चों के लिए बहुत खतरनाक हैं. ऐसे गेम्स महिला विरोधी हैं, इनमें नफरत, छल, कपट और बदला लेने की भावना कूट-कूट कर भरी होती है. बच्चे जिस उम्र में नई चीजें सीखते हैं, उस उम्र में इस तरह की गेम्स उनके जीवन और दिमाग पर निगेटिव प्रभाव डाल रहे हैं. DCPCR की सदस्य हैं रंजना प्रसाद, उन्होंने भी ऐसे गेम्स को हिंसक बताया है. आसान तरीके से कहें तो इन गेम्स की वजह से बच्चों के दिमाग की नसें हिल रही हैं.

वैसे नोटिस सिर्फ स्कूलों को ही नहीं भेजे गए हैं, बच्चों के माता पिता को भी भेजे गए हैं. नोटिस में खतरे पर विस्तार से तो लिखा है, साथ ही पैरेंट्स के लिए To Do list भी जोड़ी गई  है, ताकि वो अपने बच्चों को इन गेम्स से दूर रख सकें. गेम्स के खतरों की वजह से ही कुछ समय पहले गुजरात सरकार ने स्कूली बच्चों के लिए पबजी गेम को बैन कर दिया था. हालांकि दिल्ली सरकार ने ऐसा कोई फैसला नहीं लिया है.

क्या है PUBG गेम?
PUBG गेम एक तरह का शूटर बैटल गेम है. इस गेम में 100 प्लेयर बैटलग्राउंड में लड़ने के लिए छोड़ दिए जाते हैं. वो मरते दम तक लड़ते हैं, उन सभी प्लेयर में से जो भी आखिरी प्लेयर बचता है वो विनर होता है. ये एक तरह का ऑनलाइन मिशन गेम होता है, जिसमें टारगेट फिक्स होता है. लोग ये गेम मोबाइल और कंप्यूटर दोनों पर खेलते हैं.

फोर्टनाइट गेम के बारे में जानिए
फोर्टनाइट गेम बच्चों से लेकर बड़ों तक काफी पॉपुलर है. इस गेम ने डाउनलोडिंग के मामले में कई पॉपुलर गेम को पीछे छोड़ दिया है. इस गेम के ग्राफिक्स काफी शानदार हैं. इस गेम का इंटरफेस भी पबजी जैसा है, लेकिन सर्वाइवल स्टेज उस गेम से अलग है.

ग्रैंड थेफ्ट ऑटो नहीं GTA की बात
ये गेम GTA के नाम से ज्यादा फेमस है. इस गेम में एक नहीं, दो नहीं, बल्कि 3 हीरो होते हैं. इस गेम में अमेरिका के तीन अलग-अलग शहरों को ग्राफिक्स के ज़रिए दिखाया गया है. इन शहरों में ये तीनों खिलाड़ी अलग-अलग तरह से जाते हैं, सर्वाइवल के लिए ये चोरी करते हैं, चोरी के पैसों से सामान खरीदते हैं, कई बैंक भी लूटते हैं. इस गेम के कई स्टेज पर खूब मार-धाड़ होती है. जिसमें भरपूर गोला-बारूद का इस्तेमाल होता है. ये गेम काफी लंबा और दिलचस्प होता है. लोग खेलते वक्त इसमें खो जाते हैं.

नोटिस में गॉड ऑफ वॉर का भी ज़िक्र
इस गेम के बारे में भी जान लीजिए. ये ऑनलाइन के साथ प्ले स्टेशन पर भी खेला जाता है. पौराणिक कथाओं के थीम पर बने इस गेम में भव्य ग्राफिक्स का इस्तेमाल किया गया है. मार-धाड़ से भरपूर इस गेम को खेलने में लोगों की ज़बरदस्त रुचि होती है, जिसकी वजह से दिल्ली सरकार ने इसे भी बच्चों के लिए खतरनाक बताया है.

बाकी हिटमैन, प्लेग और पोकेमॉन गो भी हैं, जिसे लेकर सरकार ने पैरेंट्स को आगाह किया है. अभी कुछ दिन पहले ही प्रधानमंत्री दिल्ली में परीक्षा पर चर्चा पार्ट 2.0 कर रहे थे. उस वक्त भी पबजी गेम का ज़िक्र हुआ था. अब इन्हीं बातों से आप अंदाजा लगा सकते हैं कि गेम्स को लेकर लोगों में, बच्चों में दीवानगी किस कदर बढ़ती जा रही है.

बाकी एक श्लोक में है. ‘अति सर्वत्र वर्जयेत्’ यानी किसी भी चीज़ में अधिकता हमेशा बुरी होती है. आगे आप खुद ही समझदार हैं.

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Delhi government body DCPCR declares PUBG and other video games harmful for kids

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