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हमारे पास जो भी था, हमने वो सब दिया: WC19 से बाहर होकर इमोशनल विराट ने क्या-क्या कहा

हमारे बस में जो भी था, जो भी हम कर सकते थे, वो सब हमने किया.

ये विराट कोहली ने कहा. टीम इंडिया के सपोर्टर्स को. तमाम भारतीयों को.

10 जुलाई की रात विराट कोहली ने एक ट्वीट किया. इंडियन टीम वर्ल्ड कप 2019 से बाहर हो चुकी थी. न्यू ज़ीलैंड के साथ हम अपना सेमीफाइनल 18 रनों से हार चुके थे. दुख, मायूसी, गुस्सा, नाराज़गी, अफ़सोस, निराशा. ये कलेक्टिव इमोशन था हमारा. ऐसे में विराट कोहली का ये ट्वीट आया. उन्होंने तमाम भारतीयों, इंडियन टीम को सपोर्ट कर रहे लोगों के नाम एक छोटी सी चिट्ठी भेजी थी. इसमें लिखा था-

सबसे पहले मैं हमारे सारे प्रशंसकों, सारे चाहने वालों को शुक्रिया कहना चाहता हूं. वो हमें सपोर्ट करने के लिए इतनी बड़ी तादाद में आए. आप लोगों ने इस टूर्नमेंट को हमारे लिए बेहद यादगार बना दिया. आपने टीम को जो प्यार दिया, वो हम सबने महसूस किया. हम सब निराश हैं. आप जिस तकलीफ से गुजर रहे हैं, उसी तकलीफ में हम भी हैं. हमारे बस में जो भी था, जो भी हम कर सकते थे, वो सब हमने किया. जय हिंद.

कोहली-रोहित का 1 रन पर आउट होना अलग ही दुनिया का दुख है
सेमीफाइनल में विराट कोहली से सबसे ज्यादा निराश कोई होगा, तो खुद विराट. वो एक रन बनाकर LBW हुए. मैदान से लौटते समय कोहली ने निराशा में अपना बैट उछाल दिया. तिनके का सहारा, उन्हें बस इस बात का सुकून रहेगा कि ट्रेंट बोल्ट की जिस बॉल ने उन्हें आउट किया, वो ब्रिलिएंट थी. कोहली ने रिव्यू भी लिया था. उन्हें ऐसा लग रहा था कि बॉल स्टंप के ऊपर जा रही है. मगर वो ग़लत थे. मैच के आख़िर में जब चहल आउट हुए, तो चहल ने भी रिव्यू लिया. टीवी स्क्रीन ने एक रिप्ले निपटाया और जल्दबाजी में ड्रेसिंग रूम में बैठे कोहली की तरफ घूम गया. उस पल कोहली को देखकर लगा, वो पत्थर हो गए हैं. कोई उम्मीद नहीं. गुस्सा भी नहीं. वो हार का सन्नाटा था. इस सन्नाटे में भी उन्हें अपने लिए रिव्यू और उसकी व्यर्थता याद आई होगी.

रोहित शर्मा, जिन्होंने पूरे टूर्नमेंट शानदार खेला और लगातार खेला, वो भी एक रन पर आउट हुए. हर मैच नया होता है. आप हर मैच जीतने ही उतरते हैं. कभी ये तो नहीं कहते कि बहुत जीत लिए, चलो हारने के लिए खेलते हैं आज. ऐसे में भी सेमीफाइनल जैसे नॉकआउट मुकाबले. आपने बेशक पीछे बहुत अच्छा खेला हो, मगर सेमीफाइनल में एक रन पर आउट होना बिल्कुल भी बचाव के लायक नहीं.

…और ये तो कभी न उबरने वाला दुख था
के एल राहुल, जिन्होंने श्रीलंका के साथ पिछले मैच में शतक बनाया, वो भी एक रन बनाकर आउट हुए. पांच रन पर तीन विकेट गंवाना, वो भी टॉप ऑर्डर के, उसमें भी विराट और कोहली, ये सबसे दुखने वाली बात थी. दूसरी दिल दुखने वाली बात थी धोनी को रन आउट होते हुए देखना. विकेटों के बीच उन्हें भागते हुए देखकर कौन कहेगा कि दशकों पहले भारत से चीते विलुप्त हो गए थे! 38 की उम्र में भी विकेटों के बीच दौड़ने में धोनी का हाथ कोई नहीं पकड़ सकता. मैदान पर जीवन गुज़ार दिया उन्होंने थ्रो पकड़ते, स्टंप करते. मैच के ऐसे मोमेंट पर धोनी को रन आउट होते देखना दिल फटने जैसा था. हार से दुखी होना एक जमा, समूचा भाव है. मगर मैच के इन तमाम अलग-अलग मोमेंट्स पर तक़लीफ़, वो अलग है.

पोस्ट-मैच प्रेस कॉन्फ्रेंस में हार पर क्या कहा कोहली ने?
वैसे मैच के बाद हुए प्रेस कॉनफ्रेंस में कोहली ने कहा कि जैसे फैन्स दुखी है, वैसे ही खिलाड़ी भी बहुत दुखी हैं. मगर वो टूटे नहीं हैं. खत्म नहीं हुए हैं. कोहली ने कहा-

हम दुखी हैं, मगर खत्म नहीं हुए हैं. इस टूर्नमेंट में हमने अच्छा क्रिकेट खेला. हम जानते हैं कि एक टीम के तौर पर हमने क्या ओहदा कमाया, कैसा प्रदर्शन किया. आज हमने उतना अच्छा नहीं खेला, जितना अच्छा खेलने की ज़रूरत थी. वर्ल्ड कप जैसे टूर्नमेंट का यही स्वभाव है. नॉकआउट स्टेज में एक बुरा दिन और आप टूर्नमेंट से बाहर हो जाते हैं.

कोहली ने फैन्स के लिए भी बोला था. कि जीतने पर भी ऐसा न हो कि हद से ज्यादा पार हो जाएं. इतने खुश हो जाएं इतने खुश हो जाएं कि सीमा न हो. और हार में भी इसी बात का खयाल रखें.

जाते-जाते
विराट का मेसेज इमोशनल है. इंडिया तो ख़ैर कल से ही इमोशन में बह रहा है. टीम से अभी भी मुहब्बत है. हमेशा रहेगी. मगर विराट के ट्वीट की एक लाइन से असहमति है. ये कि जो भी उनके और टीम के बस में था, वो सब उन्होंने किया. नहीं, हम जानते हैं इस सेमीफाइनल में समूची टीम ने कतई अपना बेस्ट नहीं दिया. हार-जीत से परे, मलाल बस यही है.


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