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राहुल गांधी के भाषण की वो आठ बातें, जो कांग्रेस का भविष्य तय करेंगी

16 दिसंबर. भारतीय इतिहास में ये तारीख विजय दिवस के तौर पर दर्ज है. ठीक 46 साल पहले भारतीय सेना ने पाकिस्तान पर जीत दर्ज की थी. भारत ने दुनिया के नक्शे पर एक और नए देश को जन्म दिया था. नाम था बांग्लादेश. पूरा देश आज भी उन गर्व के पलों को याद करता है, तो सेना के प्रति नजरों में सम्मान और भी बढ़ जाता है. सैन्य कार्रवाई के इतर ये एक राजनैतिक फैसला भी था, जिसे लेने की हिम्मत दिखाई थी उस वक्त की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने. सत्ता पक्ष हो या फिर विपक्ष, इंदिरा के उस फैसले के खिलाफ एक भी आवाज 46 साल बाद भी नहीं सुनाई दी है. इंदिरा गांधी ने ये फैसला बतौर प्रधानमंत्री लिया था, जो कांग्रेस पार्टी से सांसद बनकर प्रधानमंत्री बनी थीं. इसलिए सियासी तौर पर कांग्रेस के लिए भी एक गर्व का क्षण था.

rahul appointment

46 साल बाद ठीक उसी दिन कांग्रेस के पास उत्सव के लिए एक और वजह मिल गई है. वो वजह हैं राहुल गांधी, जिन्होंने कांग्रेस के अध्यक्ष पद की कमान संभाल ली है. यही वो वक्त भी है, जब सोनिया गांधी ने सियासत ने किनारा करने का भी ऐलान किया है. देश की सबसे पुरानी पार्टी की कमान अब राहुल गांधी के हाथ में है. अध्यक्ष बनने के साथ ही राहुल गांधी के तेवर में तीखापन भी दिखने लगा है. बतौर अध्यक्ष राहुल गांधी ने 16 दिसंबर को अपना पहला भाषण दिया है. उनके भाषण की ये आठ बातें बताती हैं कि राहुल कांग्रेस को कहां तक लेकर जाएंगे.

1. कांग्रेस को ग्रैंड ओल्ड और यंग पार्टी बनाएंगे.

2. बीजेपी के लोग पूरे देश में आग और हिंसा फैला रहे हैं.

3. वो तोड़ते हैं, हम जोड़ते हैं, वो आग लगाते हैं, हम बुझाते हैं. वे गुस्सा करते हैं, हम प्यार करते हैं.

4 हम देश को 21वीं सदी में ले जा रहे हैं, वो देश को पीछे धकेलना चाहते हैं.

Rahul speech
अध्य्क्ष बनने का बाद राहुल गांधी के निशाने पर सीधे तौर पर बीजेपी ही रही.

5. राजनीति लोगों की सेवा के लिए होती है. आज लोगों को दबाने की राजनीति हो रही है.

6. हम बीजेपी के लोगों को भी भाई-बहन मानते हैं. वे हमें मिटाना चाहते हैं, लेकिन हम ऐसा नहीं सोचते. हम नफरत का मुकाबला नफरत से नहीं करते, प्यार से करते हैं.

7. हम बीजेपी की विचारधारा से सहमत नहीं, पर उनसे नफरत नहीं करते.

8. हम क्रोध और गुस्से की राजनीति को हराएंगे.

राहुल गांधी को सोनिया गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की मौजूदगी में औपचारिक तौर पर पार्टी की कमान सौंपी गई. 24 अकबर रोड स्थित कांग्रेस दफ्तर में आयोजित कार्यक्रम में पार्टी के केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण के अध्यक्ष एम. रामचन्द्रन ने राहुल को अध्यक्ष पद पर निर्वाचित होने का सर्टिफिकेट सौंपा. इसके साथ ही कांग्रेस दफ्तर के बाहर नारेबाजी और पटाखों का शोर शुरू हो गया. पूरे देश से आए कांग्रेस कार्यकर्ता इस जश्न में शरीक हुए. राहुल के अध्यक्ष बनने के बाद सोनिया गांधी ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित किया और नए अध्यक्ष के बारे में बात की. सोनिया के भाषण की 8 बातें बताती हैं कि कांग्रेस को आगे किस राह पर चलना है.

sonia speech
सोनिया गांधी ने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए बीजेपी पर हमला बोला और राहुल गांधी को आशीर्वाद दिया.

1. राहुल मेरा बेटा है. मुझे राहुल की सहनशीलता पर गर्व है.

2. राजनीति में आने पर राहुल को व्यक्तिगत हमलों को सामना करना पड़ा, जिसने उसे मजबूत और निडर बनाया.

3. कांग्रेस को अंतर्मन में झांककर आगे बढ़ना पड़ेगा और खुद को भी दुरुस्त करना पड़ेगा.

4. देश में भय का माहौल है, हम डरने और झुकने वाले नहीं हैं.

5. सत्ता, स्वार्थ और शोहरत हमारा मकसद नहीं.

6. इंदिरा और राजीव के बलिदान के लिए राजनीति में आई.

7. मैं राजनीति को अलग नजरिए से देखना चाहती थी, मैं पति और बच्चों को राजनीति से दूर रखना चाहती थी.

8. 20 साल पहले जब मुझे अध्यक्ष चुना गया, तब मेरे दिल में घबराहट थी, यहां तक कि मेरे हाथ कांप रहे थे.

16 दिसंबर से कांग्रेस में राहुल युग की शुरुआत हो चुकी है. अब कांग्रेस की दशा और दिशा दोनों ही तय करने का पूरा दारोमदार राहुल गांधी के पास है. बेस्ट ऑफ लक मिस्टर कांग्रेस प्रेसिडेंट.


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