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यहां एक्टर बन जाते हैं CM और CM बन जाते हैं एक्टर!

मुख्यमंत्री अगर फिल्मी एक्टर बन जाए तो आप क्या कहेंगे? जिसे प्रेस कॉन्फ्रेंस करते और विरोधियों पर बयान देते देखा हो, वो थियेटर की स्क्रीन पर नाचने लगे तो कैसा लगेगा?

‘लाइट, कैमरा, एक्शन’ के माहौल से शाहरुख-सलमान तो वाकिफ होंगे, लेकिन हमारे मुख्यमंत्री नहीं होंगे. आज के दौर में कैमरा आम हो गया है और छोटे से छोटा नेता भी इसका सामना करने में घबराता नहीं है. लेकिन न्यूज चैनलों का कैमरा अलग होता है और फिल्म वालों की नक्काशियां अलग होती हैं.

इससे पहले कि आप अपने पसंदीदा मुख्यमंत्री को फिल्मी पर्दे पर इमैजिन करें, हम आपको बता दें कि भारत में ऐसा कई बार हो चुका है. तमिलनाडु के दो, कर्नाटक के दो और बिहार के एक पूर्व मुख्यमंत्री फिल्मों में बतौर एक्टर काम कर चुके हैं. बताते हैं उनके बारे में:


1

एमजी रामचंद्रन
CM, एक्टर, तमिलनाडु

MGR

तमिलनाडु के दिग्गज नेता थे ‘भारत रत्न’ एमजी रामचंद्रन (MGR). उन्हीं की विरासत को बाद में जयललिता ने संभाला. और नेता बनने से पहले वह तमिल सिनेमा के स्थापित एक्टर-डायरेक्टर-प्रोड्यूसर थे. बाद में वह राजनीति में आ गए. 1977 में वह पहली बार मुख्यमंत्री बने. तब तक वह करीब 135 फिल्मों में एक्टिंग कर चुके थे. लेकिन मुख्यमंत्री बनने के बाद उनकी पहली फिल्म आई 1978 में. नाम था ‘मधुरैयरी मीट्टा सुंदरपंडियां’. लीड रोल निभाते मुख्यमंत्री को देखने खूब पब्लिक उमड़ी. इसके बाद उन्होंने दो और फिल्में साइन कीं, लेकिन उनकी शूटिंग पूरी नहीं हो सकी. ये फिल्में थीं- ‘अवासारा पुलिस 100’ और ‘नल्लाथाई नाडु केकुम.’


2

रामकृष्ण हेगड़े
CM, एक्टर, कर्नाटक

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कर्नाटक के करिश्माई और उसूल वाले मुख्यमंत्री माने जाते थे जनता पार्टी के रामकृष्ण हेगड़े. प्रदेश के पहले गैर कांग्रेस मुख्यमंत्री ने कन्नड़ फिल्म ‘मराना मृदंगा’ में मुख्यमंत्री की ही भूमिका निभाई थी. साल 1992 था. उनकी उम्र थी 65 साल.

इस फिल्म के नाम का हिंदी अर्थ है ‘मौत का नगाड़ा.’ हेगड़े अपने सार्वजनिक जीवन में बेहद विनम्र और मीठी बोली वाले माने जाते थे. फिल्म में उन्होंने ईमानदार मुख्यमंत्री का रोल निभाया जो भ्रष्टाचारियों और बुरे लोगों से लड़ रहा है. उनकी एक्टिंग पर को-स्टार मालाश्री का कहना था, ‘वह बहुत नैचुरल हैं’. जबकि खुद हेगड़े ने कहा था, ‘मैं बस ये उम्मीद करता हूं कि अपना मजाक न बना लूं.’

हेगड़े ने अपने समय में हर कन्नड़ फिल्म को 50 हजार रुपये की सब्सिडी दी. करीब 20 साल बाद कर्नाटक सरकार ने 20 चुनिंदा फिल्मों को 10 लाख रुपये की सब्सिडी देना शुरू कर दिया.

हेगड़े काबिल चीफ मिनिस्टर माने जाते हैं. उन पर कई आरोप भी लगे, वह कई विवादों में घिरे. वह संभवत: इकलौते मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने दो बार इस्तीफा दिया और दोनों बार फिर से मुख्यमंत्री चुने गए.

फिल्म की शूटिंग के दौरान भी जब उनसे पूछा गया कि फिल्म में इस्तीफा तो नहीं देंगे, वह हंसे और बोले- ‘नहीं. एक बार सबके लिए ये फिल्म पूरी कर रहा हूं, बस.’


3

आर. गुंडू राव
CM, एक्टर, कर्नाटक

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गुंडू राव कर्नाटक के दूसरे पूर्व मुख्यमंत्री थे जिन्होंने फिल्म में रोल निभाया. 1980 से 1983 तक सीएम रहे गुंडू राव अपने चमकते धूपचश्मे के लिए मशहूर थे. उन्होंने एन ए सुब्रमण्यम की फिल्म ‘सावी नेनापुगलू’ में एक्टिंग में हाथ आजमाया था. फिल्म से पहले उनका दावा भी दिलचस्प था कि, ‘मेरी फिल्म देखने के बाद लोग नेताओं को अछूत मानना छोड़ देंगे.’

हेगड़े के बाद जब गुंडु राव भी फिल्मों में हाथ आजमाने चले तो कुछ अखबारों ने शंका जाहिर की कि ऐसा न हो कि कर्नाटक में नेताओं का अकाल पड़ जाए. खैर, 1993 में लंदन में ल्यूकीमिया से उनकी मौत हो गई. उनकी राजनीतिक विरासत अब बेटे दिनेश गुंडू राव संभाल रहे हैं.


4

लालू प्रसाद यादव
CM, बिहार
एक्टर, बॉलीवुड

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हिंदी पट्टी के सबसे ‘मनोरंजक’ नेता लालू प्रसाद यादव भी बॉलीवुड की एक फिल्म में काम कर चुके हैं. बल्कि फिल्म के नाम में ही लालू का नाम था. फिल्म थी- ‘पद्मश्री लालू प्रसाद यादव.’

2005 में रिलीज हुई इस फिल्म का लीड रोल निभाया था सुनील शेट्टी ने. साथ में थे जॉनी लीवर, महेश मांजरेकर, गुलशन ग्रोवर और किम शर्मा सरीखे एक्टर. प्लॉट ये था कि लालू, प्रसाद और यादव नाम के तीन लड़के थे जो पद्मश्री नाम की एक कन्या को लुभाने में लगे थे. आखिर में असली लालू की एंट्री थी एक लाठी के साथ. महेश मांजरेकर के डायरेक्शन में बनी यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर नाकाम रही थी. फिल्म उसी साल रिलीज हुई थी जिस साल बिहार में विधानसभा चुनाव होने थे. विपक्ष में बैठे लालू नीतीश को कुर्सी से हटाकर वापस सत्ता पाने का ख्वाब देख रहे थे. लेकिन नतीजे इसके उलट आए. फिल्म हर तरह से बेअसर रही.

हालांकि वे लोग जो लालू की राजनीति के समर्थक नहीं थे, वे भी फिल्म में उनकी ‘छोटी’ भूमिका पर मलाल करते रहे. थोड़ा और रोल होता तो आनंद आता.


5

जयललिता
CM, एक्टर, तमिलनाडु

Jayalalitha

ये तो सब जानते हैं कि राजनीति में आने से पहले जयललिता मशहूर तमिल एक्ट्रेस थीं. उन्होंने कुल 140 फिल्मों में काम किया, लेकिन मुख्यमंत्री बनने के बाद वह सिर्फ एक फिल्म में नजर आईं. फिल्म थी, ‘नींगा नल्ला इरुक्कणम.’ 1991 में जयललिता पहली बार मुख्यमंत्री बनी थीं और इसके 1992 में यह फिल्म रिलीज हुई. फिल्म तमिलनाडु सरकार की ओर से स्पॉन्सर की गई पहली फिल्म थी. फिल्म में जयललिता अपनी ही छोटी सी भूमिका में नजर आई थीं.

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