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'चक दे! इंडिया' की 12 मज़ेदार बातें: कैसे सलमान हॉकी कोच बनते-बनते रह गए

रिलीज के 11 साल पूरे कर रही शाहरुख ख़ान अभिनीत इस स्पोर्ट्स ड्रामा की मेकिंग से जुड़ी कुछ बातें.

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01. जयदीप साहनी को इस कहानी का आइडिया न्यूज़पेपर की एक छोटी सी स्टोरी से आया था. वे अख़बार पढ़ रहे थे और उसमें भारतीय महिला हॉकी टीम के 2002 के राष्ट्रमंडल खेलों में जीतने की बड़ी खबर को एक छोटी सी जगह में लगाया गया था जो अख़बार के पीछे के पन्नों में कहीं दबा दी गई थी. उन्हें हैरानी हुई कि कॉमनवेल्थ गेम्स जितनी बड़ी जीत को फ्रंट पेज पर जगह क्यों नहीं दी गई. यही 2004 में एशिया कप में हुआ जिसमें भारतीय महिला टीम जीती थी. यही जीतें अगर पुरुष टीमों ने हासिल की होती तो जरूर उन्हें पहले पेज पर लगाया जाता. इस गैर-बराबरी को देखने के बाद ‘चक दे! इंडिया’ का जन्म हुआ.

02. इस फिल्म के लिखे जाने की प्रक्रिया ‘बंटी और बबली’ (2005) की शूटिंग के दौरान शुरू हुई. तब फिल्म के राइटिंग सेशन खत्म हुए थे. यशराज फिल्म्स की रानी मुखर्जी और अभिषेक बच्चन स्टारर इस फिल्म को भी जयदीप साहनी ने ही लिखा था. वे प्रोड्यूसर आदित्य चोपड़ा के साथ बैठे थे कि आदि ने पूछा तुम आगे क्या करने की सोच रहे हो? तब जयदीप ने बताया कि कई बरसों से उनके दिमाग में एक कहानी है. इसमें लड़कियों की की एक हॉकी टीम होती है, उनके कोच होते हैं, उनका सपोर्ट स्टाफ होता है और कैसे बिना मोटिवेशन के खेलते-खेलते उन्हें प्रेरणा मिलती है और वे एक के बाद एक मैच जीतती जाती हैं. जयदीप ने आधे-एक घंटे में इस कहानी को सुनाया. उन्होंने कहा कि ये कहानी हर किसी को जाननी ही चाहिए. आदि ने अंत में कहा कि चलो इसे करते हैं. उन्होंने भी कहा कि ये फिल्म बननी ही चाहिए. उसके बाद जयदीप ने रिसर्च करनी शुरू की. हॉकी कैंप्स में गए. स्टेडियम्स में गए. टीमों के साथ रुके.

यशराज की फिल्म "बंटी और बबली" के पोस्टर में अमिताभ, ऐश्वर्या और अभिषेक बच्चन.
यशराज की फिल्म “बंटी और बबली” के पोस्टर में अमिताभ, ऐश्वर्या और अभिषेक बच्चन.

03. इसी दौरान हॉकी कोच का किरदार कबीर खान लिखा गया. फिल्म में शाहरुख ने इसे निभाया था. कबीर पर पाकिस्तान के खिलाफ जानबूझकर भारत को हरवाने के आरोप लगते हैं और उसकी जिदंगी तबाह हो जाती है. बहुत बरस बाद उसे लड़कियों की हॉकी टीम का कोच बनाया जाता है और वो उन्हें विनिंग टीम बनाता है. फिल्म में कबीर पर जो झूठे आरोप लगे कुछ वैसा ही असल में हॉकी प्लेयर मीर रंजन नेगी के साथ भी 1982 के एशियाई खेलों में हुआ था. इसी फिल्म में वो सलाहकार भी थे और छोटे से रोल में खुद नजर भी आए. हालांकि वे और जयदीप दोनों ही इससे इनकार करते रहे कि फिल्म में कोच का कैरेक्टर उन पर बेस्ड नहीं है.

04. ‘चक दे इंडिया’ से पहले डायरेक्टर शिमित अमीन ने रामगोपाल वर्मा की फिल्म ‘अब तक छप्पन’ बनाई थी जिसमें नाना पाटेकर ने एनकाउंटर स्पेशलिस्ट का रोल किया था. इस फिल्म में शिमित का ट्रीटमेंट प्रोड्यूसर आदि को याद रह गया था. ऐसे में जब ‘चक दे इंडिया’ के लिए डायरेक्टर ढूंढ़ने की बात आई तो आदि ने जयदीप से कहा कि इसे तो ‘अब तक छप्पन’ वाले से ही बनवाना ठीक रहेगा. फिर शिमित फाइनल हुए. जयदीप हालांकि शिमित को पहले से जानते थे और उनके दोस्त थे.

शाहरुख से सीन डिसकस करते हुए डायरेक्टर शिमित अमीन. (फोटोः यशराज)
शाहरुख से सीन डिसकस करते हुए डायरेक्टर शिमित अमीन. (फोटोः यशराज)

05. ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में फिल्म का वर्ल्ड कप फाइनल मैच शूट किया जाना था. डायरेक्टर शिमित चाहते थे कि स्टेडियम पूरा भरा हुआ दिखे और दर्शकों की बड़ी संख्या चीयर कर रही हो. ये शूट लगातार पांच रातों तक चलना था. अब दिक्कत ये थी कि स्टेडियम भरने के लिए लोग नहीं थे. ऐसे में शाहरुख ने कहा कि स्टेडियम भरने के लिए वे उनके स्टारडम का इस्तेमाल कर सकते हैं. उसके बाद फिल्म की टीम ने सिडनी में प्रचार कर दिया कि शाहरुख वहां ओलंपिक हॉकी स्टेडियम में आने वाले हैं. लोग बड़ी संख्या में उन्हें देखने आए. और लगातार पांच रात आए. वे शाहरुख को देखने के लिए वहां आठ-आठ घंटे बैठे रहते थे. शाहरुख भी मैच के बीच-बीच में स्टे़डियम में दर्शकों के आगे चक्कर लगाते थे, दर्शकों को वेव करते थे. जब उनके दृश्यों की शूटिंग नहीं भी हो रही होती थी, तब भी वे ऐसा करते थे.

फिल्म के क्लाइमैक्स में शाहरुख.
फिल्म के क्लाइमैक्स में शाहरुख.

06. वर्ष 2008 में ‘स्लमडॉग मिलियनेयर’ जैसी ऑस्कर विनिंग फिल्म से डेब्यू करने वाली फ्रीडा पिंटो ने भी ‘चक दे! इंडिया’ में एक हॉकी प्लेयर के रोल के लिए ऑडिशन दिया था. लेकिन उनका सलेक्शन नहीं हुआ.

फिल्म 'स्लमडॉग मिलियनेयर' में फ्रीडा.
फिल्म ‘स्लमडॉग मिलियनेयर’ में फ्रीडा.

07. फिल्म में अंत में भारतीय महिला हॉकी टीम वर्ल्ड कप जीत जाती है. लेकिन जब जयदीप साहनी इसकी स्क्रिप्ट लिख रहे थे तो एकदम आखिर तक उन्होंने तय नहीं किया था कि उनकी कहानी में क्या भारतीय लड़कियां जीतेंगी या नहीं! उन्हें सूझ ही नहीं रहा था. वे जीतने-हारने के बजाय कहानी को आगे बढ़ाते गए और ऐसा करते-करते कहानी अंत में वहां पहुंच जाती है जहां शूटआउट से फैसला होता है.

'चक दे इंडिया' के एक सीन में प्लेयर लड़कियों को गेम समझाते हुए कोच कबीर खान. (फोटोः य़शराज फिल्म्स)
‘चक दे इंडिया’ के एक सीन में प्लेयर लड़कियों को गेम समझाते हुए कोच कबीर खान. (फोटोः य़शराज फिल्म्स)

08. रिलीज से पहले मेकर्स ने एक वीडियो बनाया था जिसमें फिल्म की हॉकी टीम वाली लड़कियों को दिखाया जाता है जिन्हें शाहरुख का कैरेक्टर ट्रेनिंग देता है. इस वीडियो में वो गाना भी रखा गया – “एक हॉकी दूंगी मैं रख के”. लोगों का रिएक्शन लेने के लिए इस वीडियो को मल्टीप्लेक्स वालों के यहां भेजा गया. साथ ही मेकर्स ने अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को भी दिखाया. मल्टीप्लेक्स वालों ने ये वीडियो वापस भेज दिया और कहा कि थियेटर में लोग इसे देखकर हूटिंग कर रहे हैं और इस गाने में लड़कियों की मजाक उड़ा रहे हैं. प्रदर्शकों का फीडबैक था कि इस गाने को चलाना बंद कर दो नहीं तो ये फिल्म देखने कोई नहीं आएगा. जयदीप साहनी का मानना था कि लोगों ने इस वीडियो को पसंद इसलिए नहीं किया क्योंकि वे ये स्वीकार नहीं कर पा रहे थे कि शाहरुख खान की प्लेयर लड़कियां ऐसी कैसी हो सकती हैं. उनके मन में ग्लैमरस हीरोइन्स की कल्पना थी. हालांकि कुछ महीनों बाद जब फिल्म रिलीज हुई तो उन्हीं सब दर्शकों ने इन्हीं सब लड़कियों को बहुत ज्यादा पसंद किया.

09. जब फिल्म रिलीज हुई तो राइटर जयदीप अमेरिका के ऐले में थे क्योंकि वहां भी उसकी स्क्रीनिंग हो रहे थी. उन्होंने ओपनिंग के दिन मुंबई में प्रोड्यूसर यश चोपड़ा को फोन किया. यश जी ने धीमे स्वर में कहा, “बेटा कोई आया ही नहीं.” यानी कि फिल्म देखने लोग नहीं आ रहे. फोन के दूसरी तरफ जयदीप चुप हो गए. यश चोपड़ा ने फिर उनसे कहा कि फिल्म को चाहे एक आदमी भी न देखने आए लेकिन मुझे इस पर गर्व है कि मेरे स्टूडियो का नाम ऐसी फिल्म के साथ जुड़ा हुआ है. हालांकि दूसरे दिन फिल्म हाउसफुल हो गई और लोगों में इसका क्रेज़ बहुत बढ़ गया.

यश चोपड़ा, आदित्य चोपड़ा और जयदीप साहनी. (फोटोः यशराज फिल्म्स व अन्य)
यश चोपड़ा, आदित्य चोपड़ा और जयदीप साहनी. (फोटोः यशराज फिल्म्स व अन्य)

10. बताया जाता है कि इस फिल्म की रिलीज के बाद देश में हॉकी स्टिक्स की बिक्री 30 परसेंट तक बढ़ गई थी.

11. सलमान खान को भी इस फिल्म में कबीर खान का लीड रोल ऑफर किया गया था. दरअसल जब स्क्रिप्ट लिखी जा रही थी तब प्रोड्यूसर आदित्य चोपड़ा, डायरेक्टर शिमित और राइटर जयदीप के बीच चर्चा होती चल रही थी और उनके ज़ेहन में हॉकी कोच के रोल में शाहरुख खान ही थे. लेकिन पहला ड्राफ्ट लिखने के बाद जब शाहरुख को अप्रोच किया गया तो उन्होंने कहा कि उनके पास डेट्स नहीं हैं और वो ये प्रोजेक्ट नहीं कर पाएंगे. ऐसे में प्रोड्यूसर आदि ने सलमान खान के साथ इस रोल के लिए मीटिंग की थी. हालांकि आखिर वो रोल सलमान ने नहीं किया. बाद में शाहरुख ने फिल्म साइन कर ली.

फिल्म 'सुल्तान' में रेस्लर के रोल में सलमान खान.
फिल्म ‘सुल्तान’ में रेस्लर के रोल में सलमान खान.

12. ‘चक दे इंडिया एंथम’ को भी सोच-समझकर बनाया गया था. प्रोड्यूसर आदित्य चोपड़ा की अपने डायरेक्टर और कंपोजर्स से मांग थी कि वे एक ऐसा गाना जरूर बनाएं जो स्पोर्ट्स एंथम बन जाए क्योंकि भारत में राष्ट्रगान तो है लेकिन स्पोर्ट्स एंथम नहीं है. बाद में ऐसा ही हुआ. “चक दे इंडिया” हॉकी ही क्या भारत के बाकी खेलों में खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाने के लिए प्रमुख गाना बन गया. भारतीय क्रिकेट टीम ने जब 2011 में वर्ल्ड कप जीता तो विराट कोहली ने दर्शकों के सामने इसे गाया. जब 2015 के वर्ल्ड कप में भारत ने साउथ अफ्रीका को हराया तो दर्शक ‘चक दे इंडिया’ के नारे लगा रहे थे. इसके अलावा क्रिकेट और बाकी मैचों में ये अनिवार्य रूप से बजता ही है.

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