Submit your post

Follow Us

Cannes 2021 में प्रीमियर होने वाली 10 कमाल की फिल्में, जिन्हें मिस करना समझदारी नहीं

कान फिल्म फेस्टिवल (Cannes Film Festival). वो फेस्टिवल जहां अपनी फिल्म स्क्रीन करना हर डायरेक्टर का सपना होता है. हर साल फ्रांस में होता है. हमारे साथी दर्पण की माने तो सिनेमा प्रेमियों के लिए फ्रांस में एफिल टावर से भी ज्यादा कान फिल्म फेस्टिवल मायने रखता है. परंपरागत ये फेस्टिवल हर साल मई में आयोजित किया जाता है. वो भी 12 दिनों के लिए. लेकिन कोरोना महामारी के चलते 2020 में ये फेस्ट कैंसल करना पड़ा था.

लेकिन अब गुड न्यूज़ ये है कि 2021 में ये फेस्टिवल फिर लौट रहा है. कोरोना महामारी की वजह से इसका आयोजन मई से डिले कर जुलाई में कर दिया गया. 74वां कान फिल्म फेस्टिवल 06 जुलाई से 17 जुलाई तक चलेगा. फेस्टिवल में दुनियभर की फिल्में स्क्रीन की जाएंगी. हाल ही में फेस्टिवल का लाइनअप भी अनाउंस किया गया. उसी लाइनअप में से हमनें 10 कमाल की फिल्में चुनी हैं. ताकि वो जब भी इंडिया में रिलीज़ हों, आप बिना वक्त गवाएं उन्हें झट से देख डालें.

Spotlight


#1. द फ्रेंच डिस्पैच
डायरेक्टर: वेस एंडरसन
भाषा: इंग्लिश

‘द दार्जिलिंग लिमिटेड’, ‘द ग्रांड बुडापेस्ट होटल’ और ‘मूनराइज़ किंगडम’ जैसी फिल्में बनाने वाले वेस एंडरसन की 10वीं फिल्म है ‘द फ्रेंच डिस्पैच’. वेस की कोई भी फिल्म देखना शुरू कीजिए. किसी रैंडम शॉट को पॉज़ करने पर भी आप पहचान जाएंगे कि ये ‘द वेस एंडरसन’ फिल्म है. उनकी फिल्में फ्रेमिंग और कॉम्पोज़िशन जैसे एलिमेंट्स के मामले में मास्टरक्लास हैं. वो अपना कमाल सिर्फ कैमरा तक ही सीमित नही रखते. स्क्रिप्ट भी उतनी ही टाइट रखते हैं. उनकी फिल्मों में आपको एक अलग दर्जे का ह्यूमर मिलेगा. ऐसा नहीं जिसे देखकर आप ROFL, LMAO हो जाएं. बल्कि ऐसा जो स्क्रीन पर चल रही टेंशन में भी आपके चेहरे के एक कोने में मुस्कान ढूंढ ले.

The French Dispatch 1
फिल्म पिछले साल रिलीज़ होनी थी, लेकिन कोरोना महामारी की वजह से डिले हो गई.

‘द फ्रेंच डिस्पैच’ का सिनॉप्सिस कहता है कि फिल्म एक लव लेटर है. 20वीं सदी की एक काल्पनिक फ्रेंच सिटी में स्थित एक अमेरिकन अखबार के पत्रकारों के नाम. वेस अमेरिकन मैगजीन ‘द न्यू यॉर्कर’ के बड़े वाले फैन रहे हैं. बताया जा रहा है कि उन्होंने अपनी ये फिल्म इसी मैगजीन के घटनाक्रमों पर आधारित की है. फिल्म की भारी-भरकम स्टारकास्ट भी एक वजह है कि क्यों आपको ये फिल्म मिस नहीं करनी चाहिए. टिलडा स्विनटन, एडरियन ब्रॉडी, लिया सेडु, बिल मर्रे, ओवेन विल्सन, फ्रांसेस मैक डोरमंड जैसे मंझे हुए कलाकार फिल्म का हिस्सा हैं.


#2. एनेट
डायरेक्टर: लिओस करैस्क
भाषा: इंग्लिश

फ्रेंच डायरेक्टर लिओस करैस्क ‘एनेट’ के जरिए अंग्रेजी भाषी फिल्मों में अपना डेब्यू करने जा रहे हैं. इससे पहले उनकी फिल्म ‘होली मोटर्स’ भी कान आई थी. 2012 में. जहां फिल्म ने पाम दॉर के लिए कम्पीट किया था. अकैडमी अवॉर्ड नॉमिनी ऐडम ड्राइवर और अकैडमी अवॉर्ड विनर एक्ट्रेस मारियों कॉटियार्ड ‘एनेट’ में लीड रोल निभा रहे हैं. कहानी है एक कपल की. पति स्टैंड अप कॉमेडियन है. और पत्नी एक सिंगर. दोनों अपनी-अपनी फिल्ड में सफल हैं. लेकिन इनकी दुनिया बदल जाती है जब इनकी बेटी पैदा होती है. नाम है एनेट. यहां से कहानी एक डार्क टर्न लेती है. आगे दोनों के साथ क्या-कुछ घटता है और इससे उनके रिश्ते पर क्या असर पड़ता है, यही फिल्म का प्लॉट है.

Annette Poster
ऊपर से नॉर्मल लगने वाली कहानी बेहद डार्क है.

‘एनेट’ इस साल के कान फिल्म फेस्टिवल की ओपनिंग फिल्म भी है. अमेज़न स्टुडियोज़ ने फिल्म के डिजिटल राइट्स खरीद लिए हैं. इसका मतलब ये है कि फिल्म 20 अगस्त, 2021 से अमेज़न प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम की जा सकेगी.


#3. बेनेडेटा
डायरेक्टर: पॉल वरहोवन
भाषा: फ्रेंच और डच

पॉल वरहोवन. डच फिल्ममेकर हैं. कंट्रोवर्शियल किस्म के. अपने 40 साल से लंबे फिल्मी करियर में ‘रोबोकॉप’, ‘टोटल रिकॉल’, ‘बेसिक इंसटिंक्ट’, ‘ऐली’ और ‘हॉलो मैन’ जैसी फिल्में बना चुके हैं. जब भी उनकी फिल्म रिलीज़ होती है तो क्रिटिक्स दो पक्षों में बंट जाते हैं. कुछ उनपर स्त्री-विरोधी होने का लेबल लगते हैं. तो कुछ मानते हैं कि वो सैडिस्ट हैं. सैडिस्ट यानी ऐसा इंसान जो दूसरों की पीड़ा में अपनी खुशी ढूंढता हो. बावजूद ऐसी बातों के उनकी फिल्में फेस्टिवल्स में पसंद की जाती रही हैं. अवॉर्ड्स जीतती हैं.

Benedetta 3
पॉल अपनी फिल्मों को लेकर हमेशा कंट्रोवर्सीज़ में रहते हैं. फोटो – यूट्यूब

कान में प्रीमियर होने वाली उनकी फिल्म ‘बैनेडेट’ एक नन की बायोपिक है. नाम था बैनेडेट कार्लिनी. बैनेडेट एक लेस्बियन नन थीं. फिल्म की कहानी 17वीं शताब्दी में सेट है. बैनेडेट हाल ही में नन बनी हैं और इटली का एक कॉनवेंट जॉइन करती हैं. जहां उन्हें एक दूसरी नन से प्यार हो जाता है. उस दौर में ऐसे विचारों का तो कतई स्वागत नही था. इसलिए इसके बाद बैनेडेट के साथ जो होता है, वही पूरी फिल्म की कहानी है.


#4. फ्लैग डे
डायरेक्टर: शॉन पैन
भाषा: इंग्लिश

जेनिफर वोगल ने एक किताब लिखी थी. अपने पिता पर. नाम था ‘फ्लिम फ्लैम मैन’. ये फिल्म उसी बुक पर आधारित है. कहानी है जेनिफर के पिता जॉन वोगल की. एक ठग जो दोहरी ज़िंदगी जी रहा था. लेकिन उसकी बेटी अधिकांश ज़िंदगी अपने पिता के इस सच से दूर रही. सच सामने आया जब 52 साल की उम्र में जॉन को अरेस्ट किया गया. करीब 20 मिलियन अमेरिकन डॉलर्स की राशि के नकली नोट छापने के आरोप में. जेनिफर को ये जानकारी एक अखबार से मिली. जिस पिता के साथ बचपन से रह रही थी, उसके सबसे बड़े सच की जानकारी उसे एक अखबार से मिली. लेकिन जॉन शुरू से क्रिमिनल था. कभी बैंक लूटने के जुर्म में, तो कभी किसी की हत्या करने की कोशिश में उसके खिलाफ कार्रवाई होती रही थी.

Sean Penn
डायरेक्टर शॉन ही फिल्म में जॉन का किरदार निभा रहे हैं.

जब जॉन पुलिस से भाग रहा था, तो जेनिफर पर क्या बीत रही थी. उसका वही अनुभव इस फिल्म के जरिए दिखाने की कोशिश की गई है. डायरेक्टर शॉन पैन ही फिल्म में जॉन का किरदार भी निभा रहे हैं. शॉन इससे पहले 2007 में आई क्रिटिकली अक्लेम्ड फिल्म ‘इन टू द वाइल्ड’ भी डायरेक्ट कर चुके हैं.


#5. ले ओलिमपियाड्स
डायरेक्टर: जैक ऑडियार
भाषा: फ्रेंच

2015 में एक फिल्म आई थी. ‘दीपन’. कहानी थी तीन श्रीलंकन रेफ्यूजियों की. फिल्म ने उस साल का पाम दॉर अपने नाम किया था. जैक ऑडियार ही उस फिल्म के डायरेक्टर थे. 2009 में आई जैक की फिल्म ‘अ प्रोफेट’ भी अकैडमी अवॉर्ड्स में बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म की श्रेणी में नॉमिनेट हुई थी. अब जैक ‘ले ओलिमपियाड्स’ ला रहे हैं. जैक के अलावा एक और वजह से इस फिल्म को लेकर फेस्टिवल सर्किट में हाइप बनी हुई है. वो है इसकी को-राइटर सेलिन सियामा. जिनकी डायरेक्ट की गई क्रिटिकली अक्लेम्ड फिल्म ‘पोर्ट्रेट ऑफ अ लेडी ऑन फायर’ को कौन भूला है भला! ‘ले ओलिमपियाड्स’ की कहानी को लेकर ज्यादा डिटेल रिलीज़ नही किए गए हैं. बस इतना पता चल पाया है कि फिल्म न्यू यॉर्क के कार्टूनिस्ट एड्रियन टॉमिन के ग्राफिक नॉवल ‘किलिंग एंड डायिंग’ पर बेस्ड है. वैराइटी में छपी एक रिपोर्ट ने दावा किया है कि कहानी फीमेल किरदारों को केंद्र बिंदु बनाकर रची गई है.

Dheepan
जैक की फिल्म ‘दीपन’ पाम दॉर जीत चुकी है.

#6. अ हीरो
डायरेक्टर: असगर फरहादी
भाषा: पर्शियन

इससे पहले असगर तीन बार कान फिल्म फेस्टिवल में कम्पीट कर चुके हैं. 2013 में अपनी डेब्यू फ्रेंच फिल्म ‘द पास्ट’ से. 2016 में ‘द सेल्समैन’ से. और 2018 में ‘एवरीबडी नोज़’ से. उनकी फिल्में ‘अ सेपरेशन’ और ‘द सेल्समैन’ अकैडमी अवॉर्ड्स भी जीत चुकी हैं. ‘अ हीरो’ की कहानी को पूरी तरह सीक्रेट रखा गया है. बस इतना बताया गया है कि ये फिल्म ऑडियंस पर ‘अ सेपरेशन’ जैसा इम्पैक्ट डालेगी. कहानी चाहे कुछ भी हो लेकिन तीन एलिमेंट्स ऐसे हैं जो असगर फरहदी की फिल्म में अपनी जगह ढूंढ ही लेते हैं. सस्पेंस, ड्रामा और इमोशन. इनकी फिल्मों का सस्पेंस मेनस्ट्रीम सिनेमा जैसा नहीं. जहां टिक-टिक घड़ी चलेगी और धम से कुछ होगा. ये अपनी ऑडियंस को स्लो बर्न देते हैं. ऑडियंस को पता होता है कि उनके साथ क्या हो रहा है. कहानी कैसे चल रही है. फिर भी ये जानने को बेचैन रहते हैं कि ये कहानी खत्म कैसे होगी.

Asghar Farhadi Movies 1
असगर की फिल्में अपने सस्पेंस, ड्रामा और इमोशन के लिए जानी जाती हैं. फोटो – अ सेपरेशन की फोटो

#7. टाइटैन
डायरेक्टर: जूलिया डुकॉरनो
भाषा: फ्रेंच और बेल्जियन

2016 में एक हॉरर फिल्म आई थी. ‘रॉ’. कहानी थी एक शाकाहारी लड़की की जो पहली बार मांस चखती है. धीरे-धीरे मांस की तलब होने लगती है. आगे जो कुछ करती है, वो किसी हॉरर से कम नहीं होता. फिल्म 2016 के कान फेस्टिवल में प्रेमियर हुई थी. डायरेक्ट किया था जूलिया डुकॉरनो ने. अब जूलिया अपनी फिल्म ‘टाइटैन’ से फिर कान फेस्ट में लौट रही हैं. कहानी खुलती है एयरपोर्ट से. जहां एक लड़के की गिरफ्तारी होती है. जो बताता है कि उसका नाम एड्रियन है. वो बच्चा जो 10 साल पहले लापता हो गया था. ये खबर एड्रियन के पिता तक भी पहुंचती है. जो उसे घर ले आते हैं. इस घटना के कुछ दिन बाद उनके इलाके में मर्डर होना शुरू हो जाते हैं. आगे ये हॉरर-थ्रिलर फिल्म क्या मोड लेती है, ये फिल्म देखकर पता चलेगा.

Raw 2
जूलिया की फिल्मों में ऑडियंस को असहज करने की क्षमता है. फोटो – रॉ की फोटो

#8. द स्टोरी ऑफ माइ वाइफ
डायरेक्टर: इलडिको एनयेडी
भाषा: जर्मन, हंगरियन और इटालियन

इलडिको की पिछली फिल्म ऑडियंस और क्रिटिक्स द्वारा खूब पसंद की गई थी. फिल्म थी ‘ऑन बॉडी एंड सोल’. जिस ने बर्लिन फिल्म फेस्टिवल में गोल्डन बियर जीता. साथ ही अकैडमी अवॉर्ड के लिए भी नॉमिनेट हुई. ‘द स्टोरी ऑफ माइ वाइफ’ इसी नाम से लिखी 1942 में छपी किताब पर आधारित है. कहानी 1920 के दशक में सेट है. फिल्म का वन लाइनर है,

एक कैफे में बैठा जहाज का कप्तान अपने दोस्त से शर्त लगाता है कि कैफे में आने वाली पहली लड़की से वो शादी कर लेगा.

The Story Of My Wife
फिल्म का फर्स्ट लुक.

सुनने में बड़ा फिल्मी लगता है. लेकिन उस कप्तान की कहानी फिल्मी मोड नहीं लेती. आगे जो होता है, वो बड़ा दिलचस्प है. क्योंकि एक लड़की कैफे में आती जरूर है. फिल्म में उस कैफे वाली लड़की का रोल निभाया है लिया सेडु ने. बतौर एक्टर, सेडु 2013 में आई अपनी फिल्म ‘ब्लू इज़ द वार्मेस्ट कलर’ के लिए पाम दॉर जीत चुकी हैं.


#9. मेमोरिया
डायरेक्टर: एपिचापॉन्ग विरासेदाकुल
भाषा: विभिन्न

थाई डायरेक्टर एपिचापॉन्ग की पहली फिल्म जो उन्होंने थायलैंड से बाहर जाकर शूट की है. फिल्म सेट है कोलंबिया में. लीड रोल में हैं टिलडा स्विनटन. जो बनी हैं जेसिका. जेसिका अपने फार्म पर काम करती हैं. एक समस्या से जूझ रही है. रात को सो नहीं पाती. हर आधी रात को धम सी आवाज सुनाई देती है. इस बीच जेसिका को पता चलता है कि उसकी बहन बीमार है. बहन दूसरे शहर में रहती है. अब वो अपनी बहन से मिलने निकल पड़ती हैं. रास्ते में कुछ लोगों से मुलाकात होती है. जिन में से एक एगनेस. एक पुरातत्ववेत्ता. अपने एक प्रोजेक्ट पर काम कर रही है. और दूसरा है हर्नन. इन दोनों से मिलने के बाद जेसिका का नजरिया बदलने लगता है. अपनी लाइफ की ओर. अपनी समस्याओं की ओर. ऐसा लगता है कि सब पानी जैसा साफ हो गया है. कोई दुविधा नही बची.

Memoria Behind The Scene
टिलडा स्विनटन फिल्म की लीड रोल में नज़र आएंगी.

#10. रेड रॉकेट
डायरेक्टर: शॉन बेकर
भाषा: इंग्लिश

एक कॉमेडी ड्रामा. कहानी बताती है माइकी सेबर की. एक मेल पॉर्न स्टार. बीते वक्त में शायद उसकी कोई पहचान हो. काम भी मिलता हो. लेकिन अब किसी को उससे कोई मतलब नहीं. इसलिए माइकी फैसला लेता है. सब कुछ छोड़ अपने होमटाउन लौटने का. लेकिन समस्या ये है कि जिससे पूरी दुनिया को कोई मतलब नही, उसे उसके होमटाउन वाले क्या कोई स्पेशल ट्रीटमेंट देंगे भला. वो खुद चाहते हैं कि ये बंदा यहां शिफ्ट ना हो. पीछा छुड़वाना चाहते हैं उससे.

sean baker
शॉन बेकर की फिल्म ‘द फ्लोरिडा प्रोजेक्ट’ का एक स्टिल.

शॉन बेकर की इससे पहले 2017 में एक फिल्म आई थी. ‘द फ्लोरिडा प्रोजेक्ट’. अगर आपने नहीं देखी, तो नोट कर लीजिए. फिल्म देखने लायक है. फिल्म में अपने काम के लिए विलेम डेफो को बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर के अकैडमी अवॉर्ड के लिए भी नॉमिनेट किया गया था.


वीडियो: महेश भट्ट और सुभाष घई की फिल्म ‘कर्ज’ में काम कर चुके राज किरण कहां हैं?

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

पोस्टमॉर्टम हाउस

ट्रेलर रिव्यू: हॉकआई

ट्रेलर रिव्यू: हॉकआई

कैसा है मार्वल की इस नई सीरीज़ का ट्रेलर?

फ़िल्म रिव्यू: तुगलक़ दरबार

फ़िल्म रिव्यू: तुगलक़ दरबार

कैसी है कमाल के एक्टर विजय सेतुपति की नई फ़िल्म?

फिल्म रिव्यू- थलैवी

फिल्म रिव्यू- थलैवी

'थलैवी' के पास भरपूर मौका था कि वो एक ऐसी बायोपिक बन सके, जिसकी मिसालें दी जातीं. मगर 'थलैवी' ये मौका बड़े मार्जिन से चूक जाती है.

ट्रेलर रिव्यू: कोटा फैक्ट्री सीज़न 2

ट्रेलर रिव्यू: कोटा फैक्ट्री सीज़न 2

जीतू भैया क्या नया करना वाले हैं?

ट्रेलर रिव्यू: मैट्रिक्स रिसरेक्शन्स

ट्रेलर रिव्यू: मैट्रिक्स रिसरेक्शन्स

कियानू रीव्स एक बार फ़िर नियो बनकर रेड पिल-ब्लू पिल खिलाने आ रहे हैं.

वेब सीरीज़ रिव्यू: मुंबई डायरीज़

वेब सीरीज़ रिव्यू: मुंबई डायरीज़

कैसी है मोहित रैना और कोंकणा सेन शर्मा की अमेज़न प्राइम पर रिलीज़ हुई ये सीरीज़?

वेब सीरीज रिव्यू- कैंडी

वेब सीरीज रिव्यू- कैंडी

'कैंडी' अपने होने को सार्थक बनाने के लिए हर वो चीज़ करती है, जो की जा सकती थी. जानिए कैसी है वूट पर आई नई वेब सीरीज़.

ट्रेलर रिव्यू: सेक्स एजुकेशन

ट्रेलर रिव्यू: सेक्स एजुकेशन

नेटफ्लिक्स की इस महापॉपुलर सीरीज का ट्रेलर कैसा है?

ट्रेलर रिव्यू: द गिल्टी

ट्रेलर रिव्यू: द गिल्टी

जैक जिलेनहॉल जैसे ज़बरदस्त एक्टर की फ़िल्म का ट्रेलर कैसा है?

फिल्म रिव्यू: शांग-ची एंड दी लीजेंड ऑफ दी टेन रिंग्स

फिल्म रिव्यू: शांग-ची एंड दी लीजेंड ऑफ दी टेन रिंग्स

ये फिल्म इसलिए चर्चा में है क्योंकि पहली बार किसी मार्वल की सुपरहीरो फिल्म का नायक एशियाई मूल का है. जानिए कैसी है ये फिल्म.