Submit your post

रोजाना लल्लनटॉप न्यूज चिट्ठी पाने के लिए अपना ईमेल आईडी बताएं !

Follow Us

श्रेया घोषाल के जन्मदिन पर सुनिए नशा भर देने वाले गाने

9.72 K
शेयर्स

सन् 1995-96 की बात है. टीवी पर एक शो आ रहा था. शो में 11 साल की एक लड़की ने लता मंगेश्कर का गाना शुरू किया. हिंदी सिनेमा के एक बड़े डायरेक्टर को वो गाना सुनाई पड़ा. डायरेक्टर ने सबसे पहले अपनी जान-पहचान के लोगों को फोन मिलाया और कहा, उस लड़की का पता करो. मेरी अगली फिल्म में गाना वो ही गाएगी. डायरेक्टर थे संजयलीला भंसाली और वो 11 साल की लड़की थी श्रेया घोषाल. भंसाली ने श्रेया को अपनी फिल्म देवदास के लिए सिलेक्ट किया. 12 मार्च 1984 को पैदा हुई श्रेया ने देवदास के साथ गानों का जो सफर शुरू किया उसमें कई बेहतरीन नगमें आए. 4 नैशनल अवॉर्ड मिलाकर कुल 15 अवॉर्ड जीतने वाली इस सिंगर के नाम पर 26 जून को अमेरिका के ओहायो में श्रेया घोषाल डे मनाया जाता है. आज उनके जन्मदिन पर सुनिए इस टैलेंटेड गायिका के कुछ खास गाने.

# रूठे हुए देव को मनाती पारो. पुराने रंगीन शीशों वाला घर. पर्दे पर ऐश्वर्या राय जितनी ग्लैमरस दिखती हैं. बैकग्राउंड में पहली बार प्लेबैक करती श्रेया की आवाज़ भी उतना ही नशा पैदा करती है. खासतौर पर जहां पर वो ‘इश’ आता है. इश…
वैसे श्रेया को अपने इस पहले गाने के लिए नैशनल अवॉर्ड मिला था.

# जॉन अब्राहम और बिपाशा बासू पर पिक्चराइज़ हुए इस गाने के बारे में एक ही चीज़ कही जा सकती है कि जब भी हिंदी सिनेमा के सबसे मादक गानों की लिस्ट बनेगी. जादू है नशा है उसमें ज़रूर होगा.

# फिल्म का नाम है ‘शोर’. इस शोर से ठीक उलट फील देता है ये गाना. पहले लिरिक्स पर ध्यान दीजिए. मन यह साहिबजी, जाने है सब जी फिर भी बनाए बहाने. नैना नवाबी जी, देखे हैं सब जी फिर भी न समझे इशारे. संकोच और प्रेम के इज़हार के बीच में जो इशारों का स्पेस बचता है. ये गाना उसी जगह दिल को छूता है. आप भी थोड़ा तसल्ली रख कर सुनिए.

# जब लिरिक्स की बात चली ही है तो इशकज़ादे का गाने की भी बात कर लेते हैं. जिसका आशिकों में टाइटल टाइटैनिक, मुआं मैटिनी दिखाकर के चुमा ले गया. बैकड्रॉप में लखनऊ की नवाबियत और चुहल का बहुत ही बारीक कॉम्बिनेशन. आप भी सुनिए.

# बंगाल की श्रेया के मराठी उच्चारण पर कुछ मराठा मानुसों के कान खड़े हो सकते हैं. मगर ये गाना इतनी खूबसूरती के साथ कंपोज़ किया गया है कि दिल जीत लेता है.

# उस्ताद बड़े गुलाम अली खान वो हस्ती हैं जिन्होंने मुगल-ए-आज़म के एक गाने के लिए 25,000 रुपए लिए थे. तब जब मोहम्मद रफी और लता मंगेशकर की फीस 400-500 रुपए प्रति गाना होती थी. ए. आर. रहमान ने फिल्म दिल्ली 6 के लिए टेक्नॉलजी की मदद से श्रेया की जुगल बंदी बड़े गुलाम अली खां के साथ करवाई. आप भी सुनिए.

# बर्फी! हमारे दफ्तर के निखिल को लगता है कि ये गाना बहुत मासूम है. आप भी मासूमियत के साथ चुपचाप सुनिए.

# अगर तुम मिल जाओ ज़माना छोड़ देंगे हम. इमरान हाशमी का जो ऑरा एक दौर में बना. इस गाने का उसमें बड़ा हाथ है.

# 2013 में हिंदुस्तान में दो तरह के लोग हो गए. एक जिन्हें आशिकी 2 बहुतै अच्छी लगी. दूसरे वो जिनको ये कतई पसंद नहीं आई. मगर श्रेया के इस गाने को कर्ई लोगों ने पसंद किया. सुन रहा है न तू…

# जब वी मेट की गीत. और इस गीत की गीतात्मक व्याख्या करता ये गाना.

# शरदचंद्र के उपन्यास ‘परिणीता’ पर बनी फिल्म एक विज़ुअल ट्रीट है. रेट्रो कोलकाता, ग्लैमरस विद्याबालन और सिंफनी बेस्ड म्यूज़िक. हिंदुस्तानी संगीत और वॉल्ट्ज़ को मिलाकर बने पियु बोले को कभी किसी शाम को.

# ये गाना हिंदी नहीं मराठी से है. जोगवा फिल्म के जीव रंगला को तीन नैशनल अवॉर्ड मिले हैं.

# ये गाना श्रेया के प्रचलित गानों से थोड़ा अलग जाता है. शास्त्रीय संगीत का पुट लिए हुए ‘साया’ फिल्म के इस गाने को चर्च में फिल्माया गया है. जिसमें श्रेया खुद स्क्रीन पर गा रही हैं.
आखिर में श्रेया का वो वीडियो जिसमें वो प्लेबैक सिंगर श्रेया घोषाल नहीं सारेगामा (बिना पा के) की कंटेस्टेंट थीं.


 

ये स्टोरी हमारे साथ इंटर्नशिप कर रही आस्था ने की है


ये भी पढ़ें :

इस आदमी के बिना हिंदुस्तान में न मुहब्बत पूरी हो सकती है न शादी

इस शख्स के काम को बहुत लोग जानते हैं, नाम को बहुत कम

इस रॉकस्टार ने कहा था Nobody dies virgin, life f***s all और खुद को गोली मार ली!

जब मीना कुमारी की याद में डूबे कमाल अमरोही ने धर्मेंद्र का मुंह काला किया था

वो शख्स, जिसे भगवान ने सिर्फ ‘मुगल-ए-आजम’ बनाने के लिए धरती पर भेजा था

 

लल्लनटॉप न्यूज चिट्ठी पाने के लिए अपना ईमेल आईडी बताएं !

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें
Best Songs of Shreya Ghoshal on her Birthday

पोस्टमॉर्टम हाउस

पटाखा' के म्यूज़िक से गुलज़ार और विशाल भारद्वाज की जोड़ी 2018 में फिर टॉप पर पहुंच जाएगी!

'आजा नेटवर्क के भीतर, मेरे व्हाट्सएप के तीतर'

फिल्म रिव्यू: मनमर्ज़ियां

तापसी पन्नू और विकी कौशल ने कहर ढा दिया है मितरों...

फिल्म रिव्यू: लव सोनिया

ये फिल्म एक सोशल ड्रामा है, जिसमें मुद्दे से भटके बिना अपनी बात कही गई है.

एलिजाबेथ एकादशी: एक सायकल बचाने के लिए दो बच्चों का तगड़ा संघर्ष

ये स्वीट फिल्म मिस नहीं करनी चाहिए.

अक्षय कुमार के साथ रजनीकांत की फिल्म '2.0' में क्या अन्याय किया गया है?

डायरेक्टर शंकर की इस बड़ी फिल्म के टीज़र की वो बातें जो निगाह से छूट गई होंगी.

फ़िल्म रिव्यू: पलटन

मूवी चीख-चीख के कहती है कि मुझे 5 या 10 में से नहीं 'बॉर्डर' में से मार्क्स दो!

फिल्म रिव्यू: गली गुलियां

मनोज बाजपेयी की शानदार फिल्म जो मिस नहीं करनी चाहिए.

फिल्म रिव्यू: लैला मजनू

बहाना चाहे कोई भी हो ये फिल्म देखी जानी चाहिए.

फिल्म रिव्यू: हल्का

नीला माधब पांडा की 'हल्का' गंभीर विषय पर होने के बावजूद फालतू के फंडे नहीं झाड़ती है.

एशिया कप से पहले पाकिस्तान को 'पंगे वाला पड़ोसी' कह रहा है ये वीडियो

क्रिकेट को बेचने का घटिया तरीका है ये.