Submit your post

Follow Us

दोस्ती और गरीबी पर सबसे अच्छी बातें विनोद खन्ना ने कही थीं

विनोद खन्ना. आज ही के दिन 1946 में पेशावर में पैदा हुए थे. गुरुदासपुर से सांसद थे. वहां से चार बार सांसद चुने गए थे. चार बच्चों के पिता थे. ऊपरवाले का दिया सब कुछ था. दौलत, शोहरत, नाम… बस बीमारी ठीक नहीं हुई. चले गए. मुंबई के रिलायंस फाउंडेशन अस्पताल में आखिरी सांस ली.

उनके जन्मदिन पर हम आपको पर्दे पर उनके ही बोले कुछ डायलॉग्स पढ़ा रहे हैं.

#1 बंटवारा 

Vinod khanna 12

#2 जनम कुंडली Vinod khanna 11#3 कोयलांचल 

Vinod khanna 10#4 सत्यमेव जयते  Vinod khanna 9#5 हलचल  Vinod khanna 8#6 क्षत्रिय 

Vinod khanna 7#7 सूर्या  Vinod khanna 6#8 मुकद्दर का सिकंदर 

Vinod khanna 5

#9 रिस्कVinod khanna 4

##10 प्लेयर्स Vinod khanna 3#11 चांदनी  Vinod khanna 2#12 मुकद्दर का सिकंदर  Vinod khanna 1



लल्लनटॉप शो आ रहा है लखनऊ, पूरी टीम, सरपंच और ख़ासम-ख़ास लोगों के साथ

ये भी पढ़ें

विनोद खन्ना के 8 किस्सेः उनके और अमिताभ बच्चन के बीच असुरक्षा का सच

3 वजहें जिनसे विनोद खन्ना की ये फिल्म किसी भी दौर की फिल्म पर भारी पड़ेगी

लीजेंड्री एक्टर विनोद खन्ना नहीं रहे, मुंबई में निधन

 

 

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

पोस्टमॉर्टम हाउस

असुर: वेब सीरीज़ रिव्यू

वो गुमनाम-सी वेब सीरीज़, जो अब इंडिया की सबसे बेहतरीन वेब सीरीज़ कही जा रही है.

फिल्म रिव्यू- अंग्रेज़ी मीडियम

ये फिल्म आपको ठठाकर हंसने का भी मौका देती है मुस्कुराते रहने का भी.

गिल्टी: मूवी रिव्यू (नेटफ्लिक्स)

#MeToo पर करण जौहर की इस डेयरिंग की तारीफ़ करनी पड़ेगी.

कामयाब: मूवी रिव्यू

एक्टिंग करने की एक्टिंग करना, बड़ा ही टफ जॉब है बॉस!

फिल्म रिव्यू- बागी 3

इस फिल्म को देख चुकने के बाद आने वाले भाव को निराशा जैसा शब्द भी खुद में नहीं समेट सकता.

देवी: शॉर्ट मूवी रिव्यू (यू ट्यूब)

एक ऐसा सस्पेंस जो जब खुलता है तो न सिर्फ आपके रोंगटे खड़े कर देता है, बल्कि आपको परेशान भी छोड़ जाता है.

ये बैले: मूवी रिव्यू (नेटफ्लिक्स)

'ये धार्मिक दंगे भाड़ में जाएं. सब जगह ऐसा ही है. इज़राइल में भी. एक मात्र एस्केप है- डांस.'

फिल्म रिव्यू- थप्पड़

'थप्पड़' का मकसद आपको थप्पड़ मारना नहीं, इस कॉन्सेप्ट में भरोसा दिलाना, याद करवाना है कि 'इट्स जस्ट अ स्लैप. पर नहीं मार सकता है'.

फिल्म रिव्यू: शुभ मंगल ज़्यादा सावधान

ये एक गे लव स्टोरी है, जो बनाई इस मक़सद से गई है कि इसे सिर्फ लव स्टोरी कहा जाए.

फिल्म रिव्यू- भूत: द हॉन्टेड शिप

डराने की कोशिश करने वाली औसत कॉमेडी फिल्म.