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अनिल कपूर ने JNU हिंसा पर जो कहा, वो हर हिंदुस्तानी के 'मन की बात' है!

जेएनयू. पिछले कई सालों से लगातार चर्चा में बनी हुई यूनिवर्सिटी. हालांकि ये चर्चाएं, गाहे-बगाहे सुर्ख़ियां भी बन जाती हैं. जैसे 05 जनवरी को बन गई थीं. जब शाम को मास्क लगाए कई लोग जेएनयू में घुस गए. छात्रों और टीचरों को पीटा. तीन हॉस्टलों में तोड़फोड़ की.

इससे पहले दिल्ली की एक और यूनिवर्सिटी, जामिया मिलिया इस्लामिया भी चर्चा में आई थी. सीएए के विरोध और उस दौरान हुई हिंसा के चलते. और उस वक्त की सबसे खास बात ये थी कि बॉलीवुड, जो आम तौर पर मौन रहता है, काफी मुखर हो गया था. लगभग हर एक्टर, ऐक्ट्रेस, डायरेक्टर, प्रोड्यूसर ने अपना पक्ष चुना और उसे लेकर ट्वीट पर ट्वीट किए. बात केवल सोशल मीडिया तक ही सीमित नहीं रही थी. ये अभिव्यक्ति जनसभाओं से लेकर प्रदर्शनों तक में फैलती चली गई. बल्कि कहा तो ये भी जा सकता है कि अब भी गाहे-बगाहे सीएए के विरोध (और समर्थन) के सुर मुखर हो जाते हैं. हैशटैग वायरल हो जाते हैं.

Jnu Voilence
ABVP के घायल कार्यकर्ता (फोटो: Twitter| abvpjnu)

बॉलीवुड सेलब्रिटीज़ की यही मुखरता जेएनयू में हुई हालिया हिंसा में भी दिखाई दे रही है. आलिया भट्ट से लेकर अनिल कपूर तक, जो लोग जामिया वाले मुद्दे के दौरान भी नहीं बोले थे, अभी अपने विचार व्यक्त करते नज़र आ रहे हैं.

आलिया ने जो कहा वो तो हम आपको पढ़वा ही चुके हैं. उनकी राय थी कि हमें ये स्वीकार करना चाहिए कि हम गृह युद्ध में शामिल हो चुके हैं. उन्होंने और भी बहुत कुछ कहा जिससे साफ़ था कि वो किस पक्ष के समर्थन में थीं.

अब अनिल कपूर ने भी जेएनयू हिंसा पर अपनी बात रखी है. अनिल कपूर ने जेएनयू हिंसा को शॉकिंग बताया. उन्होंने कहा-

मैं पूरी रात सो नहीं सका. हिंसा से हमें कुछ भी हासिल नहीं होने वाला.

Bollywood actor Anil Kapoor on #JNUViolence: It has to be condemned. It was quite sad & shocking what I saw, it was very disturbing. I could not sleep the whole night thinking about it. Violence is not going to get us anything and those who have done it should be punished. pic.twitter.com/YHAWWnzKid

अनिल की ये बात कि, ‘वो पूरी रात सो न सके’, हर उस भारतीय को दुःख देगी जो देश में शांति की, ‘सर्वे भवन्तुः सुखिनः’ की कामना करता है. उन्होंने इस हिंसा के दोषियों को सजा देने की भी मांग की.

JNUSU अध्यक्ष आइशी
JNUSU अध्यक्ष आइशी

उधर हर मुद्दे पर बेबाक रहने वालीं शबाना आज़मी ने जेएनयू में हुए हमले पर भी अपनी बात कही-

जेएनयू में टीचरों और छात्रों पर हुए जघन्य हमले के बाद भी अगर हम नहीं जागते, तो मुझे नहीं पता और किस चीज़ से जागेंगे.

रितेश देशमुख ने अपने ट्वीट में जेएनयू की इस घटना को सरासर क्रूरता (sheer brutality) बताया-

जेएनयू हिंसा के मामले में बॉलीवुड के अलावा कुछ क्रिकेटर्स ने भी अपने विचार ट्विटर के माध्यम से व्यक्त किए हैं.

गौतम गंभीर, जो अब बीजेपी के सांसद भी हैं, ने कहा है कि जो गुंडे कैम्पस के अंदर घुसे, उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. वहीं भारतीय टीम के पूर्व ऑल-राउंडर इरफान पठान ने इस घटना को असाधारण बताया.

राय जिसकी जो भी हो लेकिन पिछले कुछ इंसिडेंट को देखकर ये कहना अनुचित न होगा कि सेलिब्रिटीज़ जितना बेबाक होकर अब अपना ओपिनियन रख रहे हैं, उतना अतीत में कभी नहीं रखा. इस ओपिनियन पर आपका क्या ओपिनियन है, हमें ज़रूर बताइएगा.


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