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ऋतिक की पहली फिल्म, जिसके ब्लॉकबस्टर होने की वजह से डॉन ने उनके पापा को गोली मरवा दी

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1995 में शाहरुख और सलमान को लेकर राकेश रौशन ने ‘करण अर्जुन’ बनाई थी. इसमें पहली बार ये दो सुपरस्टार्स एक साथ आए. और वो पहली फिल्म जिसमें एक्शन करने के टाइम भाई ने शर्ट उतारकर अपनी बॉडी दिखाई थी. फिल्म ब्लॉकबस्टर रही. राकेश ने अपनी अगली फिल्म में शाहरुख को रिपीट किया. फिल्म ‘कोयला’. साल 1997. इन दोनों ही फिल्मों में शाहरुख और राकेश रौशन के अलावा एक चीज़ और कॉमन थी. ऋतिक रौशन. इन फिल्मों में वो राकेश के असिस्टेंट डायरेक्टर थे. 1999 में राकेश रौशन ने एक और फिल्म प्लान की. ‘कहो ना प्यार है’. इसमें लीड रोल के लिए उनकी विशलिस्ट में फिर से शाहरुख खान ही थे. शाहरुख ने व्यस्तता का हवाला देते हुए फिल्म करने से मना कर दिया. ऋतिक ने पापा को सलाह दी कि इस फिल्म में किसी न्यूकमर को लेना चाहिए. राकेश को आइडिया ठीक लगा. थोड़ा इधर-उधर देखने के बाद उनका ध्यान अपने घर में गया. ‘कहो ना प्यार है’ बनी और 14 जनवरी, 2000 को रिलीज़ हुई. इसके बाद क्या हुआ, ये सबको पता है. लेकिन ये सब कैसे हुआ, उस इंट्रेस्टिंग प्रोसेस की कुछ मज़ेदार बातें हम आपको यहां बता रहे हैं. फिल्म ‘कहो ना प्यार है’ की मेकिंग के 5 किस्से.

#1 राकेश रौशन को अपनी फिल्म का हीरो बेटे ऋतिक में मिल गया. हीरोइन के लिए उन्होंने करीना कपूर को कास्ट कर लिया. ये करीना की पहली फिल्म होने वाली थी. शूटिंग शुरू हो गई. कुछ सीक्वेंस शिप यानी पानी वाले जहाज पर शूट होने थे. करीना ने कहा वो शिप पर शूट नहीं करना चाहतीं. करीना को मनाने के लिए राकेश उनकी मां बबीता से मिले. बबीता ने भी करीना की साइड लेते हुए शिप पर शूट करने से मना कर दिया. इसके बाद राकेश ने करीना को फिल्म से ड्रॉप कर दिया. कट टू फ्लैशबैक. राकेश के स्कूल में एक दोस्त से अमित. राकेश ने तय किया कि वो इस फिल्म से उनकी बेटी को लॉन्च करेंगे. अमित की बेटी अमीषा स्कूल खत्म करने के बाद आगे की पढ़ाई के लिए यूएस में बायोजेनेटिक इंजीयनियरिंग कर रही थीं. बीच में ही इंजीयनियरिंग छोड़कर इकोनॉमिक्स की पढ़ाई करने लगीं. और फाइनली इको में ही गोल्ड मेडल के साथ ग्रैजुएट हुईं.

गंदी क्वॉलिटी में ही सही, सबूत तो है कि करीना ने 'कहो ना प्यार है' के कुछ हिस्सों की शूटिंग की थी.
गंदी क्वॉलिटी में ही सही, सबूत तो है कि करीना ने ‘कहो ना प्यार है’ के कुछ हिस्सों की शूटिंग की थी.

इंडिया आने के बाद वो फिल्मों में काम करना चाहती थीं. लेकिन घरवाले मना कर रहे थे. एक दिन राकेश रौशन ने अमित की पूरी फैमिली को अपने यहां डिनर पर इनवाइट किया. 10 मिनट तक फॉर्मल बातें करने के बाद राकेश अचानक से अमीषा की ओर मुड़े और कहा- ‘अमीषा, क्या तुम मेरी फिल्म में काम करना चाहोगी?’ अमीषा ने जवाब दिया कि उसमें तो ऑलरेडी करीना काम कर रही हैं. राकेश ने कहा करीना अब इस फिल्म का हिस्सा नहीं हैं और वो उन्हें लीड रोल में अपनी फिल्म में लेना चाहते हैं. अमीषा तो एक्टिंग के लिए तैयार बैठी थीं, राकेश की बात सुनकर घरवाले भी मना नहीं कर पाए. और इस तरह से डाइनिंग टेबल पर फिल्म ‘कहो ना प्यार है’ की प्राइमरी कास्टिंग काम पूरा हुआ.

अमीषा पांच साल की उम्र से भरत नाट्यम की ट्रेनिंग ले रही थीं लेकिन उनका फिल्मों में आने का तब कोई प्लान नहीं था.
अमीषा पांच साल की उम्र से भरत नाट्यम की ट्रेनिंग ले रही थीं लेकिन उनका फिल्मों में आने का तब कोई प्लान नहीं था.

#2 फिल्म की शूटिंग शुरू होने वाली थी. लेकिन एक समस्या अब भी राकेश के सामने मुंह बाए खड़ी थी. सबको पता है कि फिल्म में ऋतिक का डबल रोल है. रोहित और राज. रोहित जहां एक भोला-भाला मिडल क्लास लड़का है, वहीं राज फुल फ्लेज्ड हीरो मटीरियल. उसकी बॉडी अच्छी होनी चाहिए थी, जो उसके लुक्स को मैच करे. लेकिन ऋतिक थे दुबले-पतले. राकेश ने ऋतिक से कहा बॉडी बनानी पड़ेगी. तब फिटनेस ट्रेनर्स का इतना चलन नहीं था. क्योंकि बॉडी बिल्डिंग फैशन का हिस्सा नहीं थी. राकेश ने ‘करण अर्जुन’ में सलमान की रिप्ड बॉडी देखी थी. उन्होंने ऋतिक को उन्हीं अंडर फिज़िकल ट्रेनिंग दिलवाने की बात कही. ऋतिक ये बात लेकर सलमान के पास पहुंचे. सलमान ने अपने पर्नसल जिम की एक्सट्रा चाबी ऋतिक के हाथों में थमा दी. कहा कि जब चाहो आकर वर्क आउट करो. बात ठीक थी. लेकिन दिक्कत तब होने लगी, जब सलमान फिल्मों की शूटिंग वगैरह निपटाकर जिम पहुंचते. वहां जाकर वो ऋतिक को फोन करते कि जिम आ जाओ साथ में वर्क आउट करते हैं. ये समय काफी ऑड होता था. जैसे कभी रात के दो बजे, कभी सुबह के चार बजे. ऋतिक वहां पहुंचते और सलमान खान के साथ बॉडी बिल्डिंग करते. फिल्म में ऋतिक की जो बॉडी दिखती है, उसका क्रेडिट जाता है सलमान खान को. और ये क्रेडिट वगैरह हम नहीं बांट रहे, ऋतिक ने खुद अपने कई इंटरव्यू में बताया है. यहीं से ऋतिक को बॉडी बिल्डिंग का चस्का लग गया.

ऋतिक के किलर बाइसेप्स दिख रहे हैं!
ऋतिक के किलर बाइसेप्स दिख रहे हैं!

#3 एक मसाला फिल्म में काम करने के लिए एक्टिंग के अलावा भी कई चीज़ें आनी ज़रूरी हैं. एक्शन करना और नाचना तो सबसे बेसिक चीज़ें हैं. ‘कहो ना प्यार है’ में कोरियोग्रफी का जिम्मा फराह खान के कंधे पर था. फराह ने जब कोरियोग्रफी शुरू की थी, उस समय किसी भी बड़े स्टार को नचाने में बड़ी मशक्कत लगती थी. क्योंकि किसी को ढंग से डांस करना नहीं आता था. वो इसी माइंडसेट के साथ राकेश की फिल्म के सेट पर भी आईं. गानों के स्टेप्स की प्रैक्टिस शुरू हुई. उन्होंने ऋतिक के लिए हल्के-फुल्के डांस स्टेप्स प्लान किए थे. वो थोडे़ नर्वस थे लेकिन कर ले रहे थे. एक बार मौज लेने के लिए फराह ने अपनी टीम से कहकर ऋतिक को कुछ कठिन स्टेप्स दिलवा दिए. जब फराह की टीम डांस कर रही थी, तो ऋतिक चुपचाप बिना किसी एक्स्प्रेशन के डांसर्स को देख रहे थे. उनका डांस खत्म हुआ और ऋतिक की बारी आई. उन्होंने वो स्टेप्स जस का तस करके फराह को दिखा दिया. फराह चौंक गईं. इसके बाद उन्हें गाने की पूरी कोरियोग्रफी चेंज करके नए और स्टाइलिश स्टेप्स तैयार करने पड़े. तब जाकर ऋतिक ने उस पर परफॉर्म किया और वो स्टेप फिल्म की रिलीज़ के बाद भयानक तरीके से वायरल हो गया. गाना था ‘इक पल का जीना’ और उसका हुक स्टेप तो आपको पता ही है. यहां देखिए वो गाना:

#4 फिल्म की शूटिंग शुरू हो चुकी थी. अब उस सीक्वेंस के शूट होने की बारी थी, जिसके चक्कर में करीना को इस फिल्म से बाहर कर दिया गया था. शिप वाला सीक्वेंस. बाद में यही सीक्वेंस ऋतिक और अमीषा की डेब्यू का हाई-पॉइंट्स में से एक साबित हुआ. इसे फिल्म में पसंद किया गया और इसकी खूब चर्चा हुई. लेकिन इसे शूट करने के लिए दुनिया का एक बड़ा स्टाइलिश शिप चुना गया था. इसका नाम था ‘स्टार फ्लायर’. शूटिंग के लिए फिल्म की कास्ट ने मुंबई से लेकर थाइलैंड तक का सफर इस शिप पर पूरा किया. इस दौरान फिल्म की शूटिंग भी होती रही. थाइलैंड पहुंचने के बाद क्राबी आइलैंड पर बीच (beach) सीक्वेंस शूट किया गया, जहां रोहित और सोनिया पार्टी के बाद गलती से पहुंच जाते हैं. 2007 में वही शिप दोबारा इंडिया आई. तब शिप (क्रूज़) के डायरेक्टर पीटर किस्नर ने बताया कि शूटिंग से इतर फिल्म की टीम ने शिप पर मौजूद गेस्ट लोगों के लिए भी डांस और म्यूज़िक प्रोग्राम किया. इससे फिल्म को तो फायदा हुआ ही, शिप का मार्केट भी मजबूत हो गया.

फिल्म के एक सीन में ऋतिक रौशन और अमीषा पटेल.
फिल्म के एक सीन में ऋतिक रौशन और अमीषा पटेल.

#5 जब ‘कहो ना प्यार है’ अनाउंस हुई, तब राकेश रौशन को एक फोन आया. भाई की ओर से. अरे सलमान नहीं डॉन अबू सलेम का. कहा 5 करोड़ रुपए दो. राकेश ने फोन पर सुनी बात को दूसरे कान से निकाल दिया. फिल्म की रिलीज़ से दो महीने पहले राकेश का फोन एक बार फिर बजा. इस उनके पास पैसे नहीं देने का ऑप्शन था. लेकिन वो बहुत महंगा पड़ने वाला था. सलेम चाहता था कि राकेश या तो पैसे दें या अपनी फिल्म के ओवरसीज़ डिस्ट्रिब्यूशन राइट्स. यानी विदेशों में फिल्म रिलीज़ करने के राइट्स उसके बताए फिल्म डिस्ट्रिब्यूटर को दें. राकेश ने फिर से सलेम की बात अनसुनी कर दी. फिल्म बनी और रिलीज़ हुई. जबरदस्त कमाई कर रही थी. ‘कहो ना प्यार है’ की रिलीज़ के ठीक हफ्ते दिन बाद राकेश रौशन पर अटैक हुआ. वो 21 जनवरी, 2000 की शाम तिलक रोड में बने अपने ऑफिस से निकल रहे थे. जैसे ही वो अपनी कार में बैठने को हुए, पीछे से दो बंदूकधारियों  ने उन पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी. राकेश पर कुल 6 राउंड गोलियां चलाई गईं, जिनमें से दो उन्हें लगीं. एक बाजू में और दूसरी ठीक कंधे पर. ड्राइवर ने चालाकी दिखाई विंड स्क्रीन टूट चुकने के बावजूद गाड़ी को भगाकर सैंटा क्रूज़ पुलिस स्टेशन पहुंचाया. यहां से पुलिस प्रोटेक्शन के बीच राकेश को नानावटी हॉस्पिटल में एडमिट करवाया गया.

एक सीन की शूटिंग से पहले ऋतिक और अमीषा को ब्रीफ देते डायरेक्टर राकेश रौशन.
एक सीन की शूटिंग से पहले ऋतिक और अमीषा को ब्रीफ देते डायरेक्टर राकेश रौशन.

‘कहो ना प्यार है’ साल 2000 की सबसे कमाऊ फिल्म साबित हुई. साथ ही उसे अप्रीसिएशन भी मिला. ऋतिक रौशन को फिल्मफेयर का बेस्ट एक्टर और बेस्ट डेब्यू एक्टर दोनों अवॉर्ड मिले. ऋतिक ये कारनामा करने वाले इकलौते एक्टर हैं. अवॉर्ड्स के मामले में इस फिल्म ने इतिहास बना दिया था. फिल्म ने दुनियाभर से टोटल 102 अवॉर्ड्स जीते, जो एक इंडियन फीचर फिल्म के लिए रिकॉर्ड है. इस उपलब्धि के लिए फिल्म का नाम लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में शामिल किया गया. लेकिन अब इस फिल्म को रिलीज़ हुए दो दशक हो चुके हैं. हर कोई चाहता है कि उसकी बनाई चीज़ अमर हो जाए. मतलब लंबे समय तक याद रखी जाए. ‘कहो ना प्यार है’ के साथ भी ऐसा हुआ लेकिन सिर्फ बॉक्स ऑफिस और अवॉर्ड्स के मामले में. बीतते समय के साथ उसे कॉन्टेंट के लिहाज़ कोई असाधारण फिल्म नहीं माना गया. गरीब लड़का, जो अमीर लड़की के प्रेम में पड़ जाता है, जैसा घिसा हुआ प्लॉट. उस पर भी कुछ सीक्वेंस कन्नड़ा भाषा की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘रथ सप्तमी’ (Ratha Sapthami, 1986) से लिए गए थे. हां गानों ने 90 के दशक की एकरसता को तोड़ा. लकी अली को बड़ा ब्रेक और राजेश रौशन को ब्रेकथ्रू मिला. ऋतिक के स्टारडम की तुलना शाहरुख खान के साथ होने लगी. और फिर सबकुछ पहले जैसा हो गया. अगले ऋतिक और उनकी ‘कहो ना प्यार है’ के इंतज़ार में.


वीडियो देखें: सलमान खान और सूरज बड़जात्या की जोड़ी की कमबैक फिल्म ‘हम साथ साथ हैं’ की मेकिंग के किस्से

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