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टॉम हैंक्स ने कहा,'ज़िंदगी एक चॉकलेट का डब्बा है', और ऑस्कर झटक लिया

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टॉम हैंक्स. हॉलीवुड की वो हस्ती, जिन्होंने ‘फॉरेस्ट गंप‘ में काम कर के साबित किया कि ‘उन के जैसा कोई नहीं ‘. बहुत ही डाउन टू अर्थ और बिना लाग लपेट वाले आदमी हैं, हैंक्स. बहुत से ऐतिहासिक कैरेक्टर्स किए हैं, जिनकी सदियों तक मिसाल दी जाएगी.  9 जुलाई 1956 को इस दुनिया में आने वाले हैंक्स की जिंदगी की सबसे कामयाब फिल्म फॉरेस्ट गंप के बारे में जानेंगे.

हम आपको ‘फॉरेस्ट गंप’ से जुड़ी दस बातें बताते हैं जिससे कुछ आइडिया हो जाए कि यही फ़िल्म क्यूं? –


# 1 – वो साल कमाल था –

ये फ़िल्म 1994 में रिलीज़ हुई थी. सबसे पहले इस वर्ष की ही बात कर ली जाए. 1994 को हॉलीवुड का स्वर्णिम वर्ष भी कहा जा सकता है. इस साल जहां एक तरफ आईएमडीबी में आज तक टॉप में रहने वाली ‘दी शॉशंक रिडनशन’ रिलीज़ हुई, वहीं दूसरी तरफ इंडी सिनेमा में मील का पत्थर साबित हुई क्वेंटिन टैरेंटीनो की ‘पल्प फिक्शन’ भी.

दी शॉशंक रिडनशन (तस्वीर - Castle Rock Entertainment)
दी शॉशंक रिडनशन (तस्वीर – Castle Rock Entertainment)

उसी साल आई एनिमेटेड मूवी ‘दी लायन किंग’ के टिमोन और पुंबा को आज तक कोई नहीं भूला. ये तब तक की और अगले कई सालों तक भी सबसे ज़्यादा कमाई करने वाली एनिमेटेड मूवी बनी रही. ‘फॉरेस्ट गंप’ जहां हर अवार्ड में धूम मचा रही थी वहीं ‘स्पीड’ जैसी थ्रिलर बॉक्स ऑफिस में. जिम कैरी की ‘डंब एंड डंबर’, ‘एस वेंच्यूरा’ और ‘दी मास्क’ को दर्शक उसी साल देखकर हंसते-हंसते लोटपोट हो रहे थे. और भारतीय मानकों के हिसाब से भी फैमिली मूवी की कैटेगरी में आने वाली ‘बेबीज़ डे आउट’ भी इसी साल आई थी.

हकूना मटाटा - दी लायन किंग (तस्वीर - Disney Enterprises)
हकूना मटाटा – दी लायन किंग (तस्वीर – Disney Enterprises)

इससे पिछले साल (1993 में) आई फ़िल्म ‘जुरासिक पार्क‘ भी अभी अमेरिका के थियेटरों से नहीं उतरी थी. सिनेमा के टिकट काउंटर में जाते ही लोग खुद को किसी धर्म संकट में घिरा पाते थे.


# 2 – यूं ये फ़िल्म ‘बेटर देन दी बेस्ट थी’ –

‘फॉरेस्ट गंप’ ने ढेरों अवार्ड जीते. इतनी ढेर सारी धांसू फिल्मों के बीच भी इस फ़िल्म ने ऑस्कर की अलग-अलग कैटेगरी में एक दर्जन से ज़्यादा नॉमिनेशन पाए. और इनमें से 6 अवार्ड पाए – बेस्ट फ़िल्म, स्क्रीनप्ले (एडॉप्टेड), डायरेक्टर, एक्टर, विज़ुअल इफ़ेक्ट्स, एडिटिंग. एकेडमी अवार्ड्स (ऑस्कर) के अलावा भी इस फ़िल्म ने देश विदेश में कई राष्ट्रीय, अंतराष्ट्रीय अवार्ड जीते.

जब दूसरा ऑस्कर जीता
जब दूसरा ऑस्कर जीता

मूल फ़िल्म में टॉम हैंक्स ने ये किरदार निभाया था और उन्हें इसके लिए ऑस्कर भी मिला था. ये उनका लगातार दूसरा ऑस्कर था. आज तक केवल दो ही एक्टर हुए हैं जिन्हें लगातार दो साल बेस्ट एक्टर की कैटेगरी में ऑस्कर मिला है. दूसरे थे स्पेंसर ट्रेसी जिन्हें 1937 और 1938 में ये अवार्ड दिया गया था.


# 3 – रामानंद सागर के रामायण और फ़ॉरेस्ट गंप के बीच समानता –

एडॉप्टेड का शाब्दिक अर्थ होता है – गोद लेना. यूं स्क्रीनप्ले के साथ अगर एडॉप्टेड लिखा हो तो इसका मतलब होता है कि किसी किताब, नॉवल, कहानी या ग्रंथ को फ़िल्म में परिवर्तित करने के दौरान लिखा गया स्क्रीनप्ले है. स्पष्ट है कि मूल कहानी, फ़िल्म बनाने के लिए नहीं लिखी गई थी. भारत के संदर्भ में देखें तो रामानंद सागर का धारावाहिक ‘रामायण’ और बीआर चौपड़ा का ‘महाभारत’ एडॉप्टेड स्क्रीनप्ले था.

रामानंद सागर कृत रामायण भी एक 'एडॉप्टेड स्क्रीनप्ले' था.
रामानंद सागर कृत रामायण भी एक ‘एडॉप्टेड स्क्रीनप्ले’ था.

एडॉप्टेड स्क्रीनप्ले के अलावा दूसरा होता है ऑरिजनल स्क्रीनप्ले. ऑरिजनल स्क्रीनप्ले वो जो एक्सकल्यूज़िवली फ़िल्म के लिए लिखा जाता है. फ़िल्म के बनने से पहले उसका कोई अस्तित्व नहीं होता.

‘फॉरेस्ट गंप’ की स्क्रीनप्ले एडॉप्टेड थी. विंस्टन ग्रूम के नॉवल से. उस नॉवल का नाम भी फॉरेस्ट गंप था. 1986 में आया था.

फ़िल्म का पोस्टर और नॉवेल का मुखपृष्ठ
फ़िल्म का पोस्टर और नॉवेल का मुखपृष्ठ

फ़िल्म के रिलीज़ होने तक इस नॉवेल की केवल तीस हज़ार के लगभग प्रतियां बिकी थीं. यानी 8-9 साल में तीस हज़ार. और अगले एक साल में किताब की बिक्री बढ़कर हो गई 16 लाख.


# 4 – इमेजिन (कल्पना) –

स्पेशल इफ़ेक्ट और विज़ुअल इफ़ेक्ट्स के मामले में भी फ़िल्म काफी क्रिएटिव  थी. कई सीन में टॉम हैंक्स नामी लोगों से हाथ मिलाते या उनके साथ स्क्रीन शेयर करते हुए देखे जा सकते हैं.

जेएफके और गंप (ये 24 साल पुराने स्पेशल इफेक्ट्स हैं)
जेएफके और गंप (ये 24 साल पुराने स्पेशल इफेक्ट्स हैं)

जैसे – अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जॉन एफ. कैनेडी (जो फ़िल्म निर्माण से 30 साल पहले गुज़र चुके थे) या बीटल्स बैंड के जॉन लेनन (इनकी मृत्यु को भी तब तक 14 वर्ष हो चुके थे). फ़िल्म में दिखाया गया है कि जॉन लेनन को अपने सुपरहिट गीत ‘इमेजिन’ का आईडिया गंप से बात करते हुए ही आया. आप भी उस मशहूर गीत का मजा लीजिए –

इन दृश्यों को देखकर दर्शक आज भी रोमांचित हो जाते हैं. साथ ही वियतमान युद्ध और एल्विस प्रेस्ली वाले सीन में भी स्पेशल इफेक्ट्स तारीफ़ के क़ाबिल हैं.


# 5 – अपने मुहल्ले का लौंडा –

‘फॉरेस्ट गंप’ की कहानी एक सेट पैटर्न पर नहीं चलती इसलिए इसे किसी ख़ास विधा में नहीं रखा जा सकता. इसमें राजनीति भी है और इतिहास भी, खेल भी है और युद्ध भी, प्रेम भी है और पीड़ा भी. पूरी फ़िल्म के दौरान मुख्य किरदार फ़ॉरेस्ट गंप की जीवन यात्रा देखने को मिलती है. फॉरेस्ट बचपन में ठीक से चल नहीं पाता और साथ ही कमअक्ली के चलते उसकी पढ़ाई भी ढंग से नहीं हो पाती. लेकिन पूरी फ़िल्म को इस एक लाइन संक्षिप्तीकरण नहीं किया जा सकता कि इन सभी कमियों के बावज़ूद वो ऊपर उठता चला है.

गंप का बचपन (तस्वीर IMDB)
गंप का बचपन (तस्वीर IMDB)

फ़िल्म जहां एक तरफ सच्चाई के कोसों दूर लगती है वहीं ये भी लगता है कि फ़ॉरेस्ट गंप जैसा चरित्र हमने हाल ही में कहीं देखा है. आस पास ही कहीं देखा है.


# 6 – रेफरेंस –

फ़िल्म बेशक पूर्णतया फिक्शनल है लेकिन इसके ऐतिहासिक और वास्तविक घटनाओं से लिए गए संदर्भ काफी कमाल के हैं. जैसे अमेरिका और चाइना के बीच पिंग पॉन्ग डिप्लोमेसी, वियतनाम युद्ध, और युद्ध के दौरान नेपाम का छिड़काव, एप्पल कंपनी का उदय वगैरह.

एप्पल से आया लैटर, जिसने गंप को करोड़पति बना दिया. (फोटो - IMDB)
एप्पल से आया लैटर, जिसने गंप को करोड़पति बना दिया. (फोटो – IMDB)

# 7 – ज़िंदगी क्या है? –

# फ़िल्म का एक डायलॉग सर्वकालीन बेस्ट डायलॉग में से एक माना जाता है. मुझे निजी तौर पर समझ में नहीं आया कि इसमें ऐसा क्या खास है. आप पढ़कर खुद ही निर्णय करें –

‘मेरी मां हमेशा कहती थी कि ज़िंदगी एक चॉकलेट के डब्बे की तरह है. क्या पता तुम्हें (उस डब्बे में से) क्या मिले.’

Life is like a box of chocolates. You never know what you're gonna get. (तस्वीर - You Tube Trailer)
Life is like a box of chocolates. You never know what you’re gonna get. (Photo – You Tube Trailer)

# 8 – सीक्वल 

1986 में आई किताब का सीक्वल फ़िल्म रिलीज़ होने के 2 – 3 साल के भीतर ही लिख दिया गया था. जिसके अधिकार भी पैरामाउंट्स ने खरीद लिए हैं.  पैरामाउंट्स ने ही फ़ॉरेस्ट गंप मूवी का निर्माण किया था. होने को बीच-बीच में सीक्वल के निर्माण की बातें उठती रहती हैं, लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है. सीक्वल में फ़ॉरेस्ट बर्लिन की दीवार गिरते वक्त वहां उपस्थित रहता है, बल्कि उसे गिराने में लोगों की सहायता भी करता है. और बाकी सारी बातों से अलावा तो टॉम हैंक्स से भी मिलता है.

फिल्म के इतने जिंक्र के बाद ट्रेलर देखना तो बनता ही है-

#इस फिल्म से प्रभावित होकर आमिर भी रीमेक बनाने जा रहें हैं

अंग्रेजी के न्यूज़ पोर्टल डीएनए ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि आमिर खानफॉरेस्ट गंप’ का हिंदी रीमेक बनाएंगे और इसमें ‘फॉरेस्ट गंप’ की भूमिका में खुद आमिर खान होंगे. सवाल ये उठता है कि क्या आमिर ऑस्कर विजेता हैंक्स को एक्टिंग में टक्कर दे पाएंगे या नहीं. चाहे जो भी हो लेकिन फिल्म होगी दिलचस्प.

(फोटो - रॉयटर्स)
(फोटो – रॉयटर्स)

वीडियो देखें: वो दस हिंदी फ़िल्में, जो कोरियन फिल्मों की हूबहू कॉपी थीं

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